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क्या हो रहा है वायरल : सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। एक पुरुष लिफ्ट में घुसकर महिला की बेरहमी से पिटाई करता दिख रहा है। दावा किया जा रहा है कि वीडियो दिल्ली का है।
वीडियो के साथ कैप्शन शेयर किया जा रहा है- दिल्ली मेट्रो की लिफ्ट के अंदर देखिए कैसे दरिंदे ने महिला पर जानलेवा हमला कर दिया! @ArvindKejriwal जी और @narendramodi जी आपके महिला सुरक्षा के झूठे दावों का दिल्ली में क्या हाल है देखें!
दिल्ली यूथ कांग्रेस के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से वीडियो इसी दावे के साथ शेयर किया गया।
वीडियो के स्क्रीनशॉट को गूगल पर रिवर्स सर्च करने से मलेशिया की 1 साल पुरानी कुछ मीडिया रिपोर्ट हमारे सामने आईँ।
Straitstimes वेबसाइट पर 17 फरवरी, 2019 के आर्टिकल में इस वायरल वीडियो के बारे में बताया गया है। इस आर्टिकल के मुताबिक घटना मलेशिया की है।
Straitstimes की ही एक अन्य खबर से ये पुष्टि होती है कि मामला मलेशिया का ही है। महिला से मारपीट करने वाला 26 वर्षीय ड्रग एडिक्ट ‘डटुक सेरी मजलान’ नाम का आदतन अपराधी है। जिसे पुलिस गिरफ्तार भी कर चुकी है। CNA INSIDER वेबसाइट पर भी इस मामले की खबर है।
साफ है कि दिल्ली यूथ कांग्रेस के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से जिस वीडियो को दिल्ली का बताकर शेयर किया गया। वह असल में 1 साल पुरानी मलेशिया की घटना का है।
भारतीय वैज्ञानिकों ने गठिया के मरीजों को दवा के साइड इफेक्ट से बचाने का नया तरीका खोजा है। दवा को सीधे दर्द और सूजन वाली जगह इंजेक्ट करने पर मरीजों में उल्टी, सिरदर्द जैसे साइड इफेक्ट नजर नहीं आए। साथ ही इसका असर भी लंबे समय तक रहा।
पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर भूपिंदर कपूर ने इस पर रिसर्च की है। वो कहते हैं कि गठिया में आमतौर पर मरीजों को सल्फापायरीडाइन दवा दी जाती है। इसके कई साइडइफेक्ट होते हैं। दवा इंजेक्ट करने से वो सीधे दर्द वाले हिस्से तक पहुंचती है और यह तरीका सुरक्षित है।
उन्होंने बताया," सल्फापायरीडाइन गठिया की तीसरी सबसे पुरानी दवा है। लंबे समय तक इस दवा को लेने से चक्कर आना, पेट में दर्द, उल्टी होना, जी मिचलाना और स्किन पर चकत्ते पड़ने जैसे साइडइफेक्ट नजर आते हैं। दर्द वाली जगह पर दवा इंजेक्ट करने से यह शरीर में फैले बिना प्रभावित हिस्से को फायदा पहुंचाती है।इस नए तरीके का ट्रायल भी किया जा चुका है।"
असर नजर आया,सूजन कम हुई
रिसर्च के दौरान आर्थराइटिस से जूझ रहे चूहे को जब यह दवा नए तरीके से दी गई तो उसमें सूजन कम हुई। पता चला कि पुराने तरीके से दवा दिए जाने पर मेटाबॉलिज्म पर भी असर पड़ता है। मैटेरियल साइंस एंड इंजीनियरिंग-सी जर्नल में पब्लिश रिसर्च कहती है कि सल्फापायरीडाइन के मॉलीक्यूल शरीर में घुलने में काफी समय लेते हैं। इसलिए वैज्ञानिकों ने इस दवा को इंजेक्शन की फॉर्म में तैयार किया। चूहे पर इसके इस्तेमाल से पता चला कि दवा का असर भी ज्यादा वक्त तक रहा और साइड इफेक्ट भी नजर नहीं आए।
रिसर्च टीम के मुताबिक, टीम ने इसका पेटेंट फाइल किया है। दवा का प्री-क्लीनिकल ट्रायल पूरा हो चुका है। ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया से मंजूरी मिलने पर यह दवा लोगों के लिए उपलब्ध कराई जा सकेगी। यह रिसर्च लुधियाना के फॉर्टिस हॉस्पिटल और जेएसएस कॉलेज ऑफ फार्मेसी, तमिलनाडु के साथ मिलकर की गई।
क्या होता है गठिया
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आदित्य पटेल के मुताबिक, गठिया दो तरह का होता है। पहला, ऑस्टियो आर्थराइटिस और दूसरा, रुमेटॉयड आर्थराइटिस। ऑस्टियो आर्थराइटिस बढ़ती उम्र वालों में ज्यादा होता है, जबकि रुमेटॉयड आर्थराइटिस कम उम्र में भी हो जाता है, यह अनुवांशिक होता है। करीब 20% यंगस्टर्स भी इससे परेशान हैं। घंटों एक ही स्थिति में बैठकर काम करना, बढ़ती धूम्रपान की आदत और तनाव इसकी बड़ी वजह हैं।
जोड़ों में अकड़न व सूजन, तेज दर्द, जोड़ों से तेज आवाज आना, उंगलियों या दूसरे हिस्से का मुड़ने लगना जैसे लक्षण दिखने पर अलर्ट हो जाएं। बीमारी की शुरुआत में जोड़ों में अकड़न के साथ दर्द होना शुरू होता है। कुछ समय बाद जोड़ों में तेज दर्द होने लगता है और सूजन आने लगती है।
30 अक्टूबर को शरद ऋतु में आने वाली अश्विन महीने की पूर्णिमा है। इसलिए इस दिन शरद पूर्णिमा पर्व मनाया जाएगा। माना जाता है समुद्र मंथन के दौरान शरद पूर्णिमा पर ही देवी लक्ष्मी प्रकट हुई थी। इसलिए इसे लक्ष्मीजी के प्राकट्य दिवस के रूप में भी मनाया जाता है और इस दिन मां लक्ष्मी की विशेष पूजा भी की जाती है।
इस बार शुक्रवार को शरद पूर्णिमा का योग बन रहा है। काशी के ज्योतिषाचार्य पं. गणेश मिश्र का कहना है कि 7 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है। इससे पहले 18 अक्टूबर 2013 में शुक्रवार को ये पर्व मनाया गया था। अब 13 साल बाद यानी 7 अक्टूबर 2033 को ये संयोग बनेगा। शुक्रवार को पूर्णिमा के होने से इसका शुभ फल और बढ़ जाएगा। साथ ही इस बार शरद पूर्णिमा का चंद्रोदय सर्वार्थसिद्धि और लक्ष्मी योग में हो रहा है, जिससे इस दिन लक्ष्मी पूजा का विशेष महत्व रहेगा।
30 को शरद पूर्णिमा, 31 को व्रत और स्नान-दान
ज्योतिषाचार्य पं. मिश्र बताते हैं कि देशभर के महत्वपूर्ण पंचांगों के मुताबिक, अश्विन महीने की पूर्णिमा तिथि 30 अक्टूबर को शाम करीब पौने 6 बजे से शुरू हो जाएगी और रातभर पूर्णिमा तिथि रहेगी। इसलिए शुक्रवार की रात को शरद पूर्णिमा पर्व मनाया जाएगा। पूर्णिमा तिथि अगले दिन यानी 31 अक्टूबर को पूरे दिन रहेगी और रात को करीब 8 बजे खत्म हो जाएगी। इसलिए शनिवार को पूर्णिमा व्रत, पूजा, तीर्थ स्नान और दान किया जाना चाहिए।
5 शुभ योगों में उदय होगा चंद्रमा
इस साल शरद पूर्णिमा के चंद्रमा का उदय 5 शुभ योगों में होगा। जिनके प्रभाव से अच्छी सेहत और धन लाभ होगा। पं. मिश्र बताते हैं कि पूर्णिमा पर तिथि, वार और नक्षत्र से मिलकर सर्वार्थसिद्धि योग बन रहा है। इस योग में किए गए सभी काम सिद्ध होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। साथ ही लक्ष्मी, शंख, महाभाग्य और शश नाम के 4 राजयोग योग बनने से ये दिन और भी खास रहेगा। इस पर्व पर बृहस्पति और शनि का अपनी-अपनी राशियों में होना भी शुभ संयोग है।
खरीदारी का शुभ मुहूर्त
30 अक्टूबर, शुक्रवार को प्रॉपर्टी खरीदी के लिए विशेष शुभ मुहूर्त बन रहा है। शरद पूर्णिमा पर सर्वार्थसिद्धि योग होने से इलेक्ट्रॉनिक सामान, ज्वेलरी, फर्नीचर, व्हीकल और सुख-सुविधा देने वाले अन्य सामानों की खरीदारी की जा सकती है। इस दिन रवियोग और अमृतसिद्धि योग दोपहर 3 बजे तक रहेंगे। इसलिए इससे पहले खरीदारी करना ज्यादा शुभ है। हालांकि, सर्वार्थसिद्धि योग पूरे दिन और रात तक रहेगा।
शरद पूर्णिमा: श्रीकृष्ण का महारास और लक्ष्मीजी का प्राकट्य
1. महारास: इसी दिन श्रीकृष्ण महारास करते हैं। ये एक यौगिक क्रिया है। इसमें भगवान कृष्ण की ही शक्ति के अंश गोपिकाओं के रूप में घूमते हुए एक जगह इकट्ठा होते हैं। चंद्रमा की रोशनी के जरिये प्रकृति में ऊर्जा फैलाने के लिए ऐसा होता है। देवी भागवत महापुराण में महारास के बारे में बताया गया है।
2. लक्ष्मी प्राकट्य दिवस: कहा जाता है। जब समुद्र मंथन हो रहा था तब, अश्विन महीने की पूर्णिमा पर मंथन से महालक्ष्मी प्रकट हुईं। देवी लक्ष्मी के प्रकट होने से इस दिन को पर्व कहा गया है। इस दिन लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है और कौमुदी व्रत रखा जाता है।
3. औषधीय महत्व: शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से अमृत बरसाता है। इस रात में औषधियां चंद्रमा की रोशनी के जरिये तेजी से खुद में अमृत सोखतीं हैं। इसलिए इस दिन चंद्रमा के प्रभाव वाली चीज यानी दूध से खीर बनाई जाती है और चांदी के बर्तन में चंद्रमा की रोशनी में रखी जाती है। ऐसा करने से उसमें औषधीय गुण आ जाते हैं। माना जाता है उस खीर को खाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। जिससे कई तरह की बीमारियों से राहत मिलती है।
क्रिकेट के छोटे फॉर्मेट यानी टी-20 ने कैच पकड़ो, रन रोको और मैच जीतो वाली बात को सही साबित किया है। इस सीजन में पंजाब के निकोलस पूरन ने बाउंड्री पर एक सिक्स जाती बॉल को रोकने के लिए शानदार फील्डिंग की। बाउंड्री पर उनकी छलांग को दुनिया के सबसे बेहतरीन फील्डर और पंजाब के फील्डिंग कोच जोंटी रोड्स ने भी सलाम किया। वहीं, पंजाब के ही मयंक अग्रवाल ने सुपर ओवर में छक्का रोककर मुंबई से जीत छीन ली और अपनी टीम को प्ले-ऑफ की रेस में बनाए रखा। आइए देखते हैं कि इस सीजन की 5 सबसे बेहतरीन फील्डिंग...
पंजाब के निकोलस पूरन की शानदार फील्डिंग देखकर फील्डिंग कोच जोंटी रोड्स खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने दोनों हाथ उठाकर पूरन की तारीफ की।
1. पूरन की कमाल की फील्डिंग (KXIP vs RR, मैच नंबर- 9)
राजस्थान रॉयल्स और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच खेले गए 9वें मैच में पंजाब के निकोलस पूरन ने अपनी फील्डिंग से सभी का दिल जीत लिया। पूरन ने अपनी फील्डिंग से छक्के को दो रन में बदला। राजस्थान की पारी के 8वें ओवर की तीसरी गेंद पर संजू सैमसन ने एक लंबा शॉट खेला। जिसे लॉन्ग ऑन पर फील्डिंग कर रहे पूरन ने हवा में उड़ते हुए बाउंड्री के लगभग चार फीट अंदर जाकर बड़े सफाई से गेंद को मैदान के अंदर फेंक दिया। पूरन की फील्डिंग पर जोंटी रोड्स ने पहले तो खड़े होकर तालियां बजाईं, उसके बाद झुककर पूरन का अभिवादन भी किया। वहीं, सचिन तेंदुलकर ने ट्वीट किया कि इससे बेहतरीन सेव उन्होंने अपनी जिंदगी में नहीं देखा।
मुंबई के खिलाफ दूसरे सुपर ओवर में पंजाब के मयंक ने बाउंड्री पर कीरोन पोलार्ड के सिक्स को रोककर टीम के लिए 4 रन बचाए।
2. मयंक ने मुंबई से जीत छीना (KXIP vs MI, मैच नंबर- 36)
पंजाब और मुंबई इंडियंस के बीच खेला गया 36वां मैच का फैसला डबल सुपर ओवर में निकला था। दूसरे सुपर ओवर में मुंबई के कीरोन पोलार्ड ने लॉन्ग ऑन की तरफ लंबा शॉट लगाया। ऐसा लग रहा था कि बॉल बाउंड्री लाइन को पार कर जाएगी। तभी मयंक अग्रवाल ने जमीन से लगभग 2-3 फीट ऊंची छलांग लगाकर बॉल को बाउंड्री से दूर फेंक दिया। उन्होंने अपनी टीम के लिए चार रन भी बचाए। इसकी बदौलत दूसरे सुपर ओवर में मुंबई ने 12 रन का टारगेट दिया, जिसे पंजाब ने 4 बॉल में हासिल कर लिया।
राजस्थान के खिलाफ अजिंक्य रहाणे ने मैच के आखिरी ओवर की पहली बॉल पर शानदार तरीके से छक्का रोका। शॉट राहुल तेवतिया ने लगाया था। इस समय राजस्थान को जीत के लिए 6 बॉल पर 22 रन की जरूरत थी।
3. रहाणे ने छक्के को 1 रन में बदला, मैच जिताया (DC vs RR, मैच नंबर- 30)
राजस्थान रॉयल्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेले गए 30वें मैच में दिल्ली ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए राजस्थान को 162 रन का टारगेट दिया था। जवाब में राजस्थान को आखिरी ओवर में 22 रन की जरूरत थी। आखिरी ओवर की पहली बॉल पर दिल्ली के अजिंक्य रहाणे ने शानदार तरीके से छक्का रोका और सिर्फ एक रन दिया। जिसकी बदौलत दिल्ली ने यह मैच जीत लिया था। शॉट राहुल तेवतिया ने लगाया था। रहाणे ने बाउंड्री पर पहले तो कैच पकड़ा। फिर जब उन्हें लगा कि वे बाउंड्री पार कर जाएंगे, तो उन्होंने बॉल मैदान के अंदर फेंक दी। दिल्ली ने राजस्थान को 13 रन से हरा दिया था।
जोफ्रा आर्चर ने ईशान किशन का बाउंड्री पर एक हाथ से कैच लिया। ईशान ने यह शॉट कार्तिक त्यागी की बॉल पर मारा था।
4. आर्चर ने छलांग लगाकर एक हाथ से कैच पकड़ा (RR vs MI, मैच नंबर- 45)
सीजन के 45वें मैच में राजस्थान रॉयल्स के जोफ्रा आर्चर ने एक दमदार कैच से सभी खिलाड़ियों को हैरत में डाल दिया। मुंबई की पारी के 11वें ओवर की चौथी बॉल पर जोफ्रा आर्चर ने मुंबई के ईशान किशन के हवा में खेले गए तेज शॉट को एक हाथ से कैच कर लिया। इस कैच ने साथी खिलाड़ी समेत फैंस को भी हैरत में डाल दिया। सचिन तेंदुलकर ने ट्वीट में लिखा, 'कैच देखकर ऐसा लगा, जैसे जोफ्रा आर्चर घर का बल्ब बदल रहा है।' मैच में राजस्थान ने मुंबई को 8 विकेट से हरा दिया था।
पंजाब के विकेटकीपर लोकेश राहुल ने मुंबई के क्विंटन डिकॉक को रनआउट कर पहला सुपर ओवर टाई पर रोका।
5. केएल राहुल ने टाली हार (KXIP vs MI, मैच नंबर- 36)
पंजाब और मुंबई के बीच खेले गए 36वें मैच में सुपर ओवर भी टाई हो गया था। इसके बाद मैच का नतीजा दूसरे सुपर ओवर में आया था। पहले सुपर ओवर में पंजाब ने 5 रन बनाए। जवाब में मुंबई को 1 बॉल पर 2 रन की जरूरत थी। अंतिम बॉल पर डिकॉक ने 2 रन लेने की कोशिश की, लेकिन क्रिस जॉर्डन के थ्रो पर लोकेश राहुल ने विकेट के आगे से बॉल कलेक्ट कर स्टंप पर शानदार थ्रो मारा। राहुल के इस अटैंप्ट से डिकॉक आउट हुए। मैच डबल सुपर ओवर में गया और पंजाब ने यह मैच जीत लिया।
IPL के 13वें सीजन का 48वां मैच मुंबई इंडियंस (MI) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच आज अबु धाबी में खेला जाएगा। दोनों टीमें 14-14 पॉइंट्स के साथ टॉप-2 में हैं। ऐसे में एक जीत प्ले-ऑफ में उनकी जगह पक्की कर सकती है।
वहीं, चोट की वजह से ऑस्ट्रेलिया दौरे पर नहीं जा रहे रोहित शर्मा के खेलने पर भी सस्पेंस बना हुआ है। हालांकि, टीम के ऐलान के थोड़ी ही देर बाद मुंबई इंडियंस के ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया गया, जिसमें रोहित प्रैक्टिस करते नजर आ रहे थे।
पिछली बार सुपर ओवर में हुआ था फैसला
सीजन में पिछली बार जब दोनों टीमें आमने-सामने हुईं थीं, तो नतीजा सुपर ओवर में निकला था। दुबई में खेले गए सीजन के 10वें मैच में बेंगलुरु ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 3 विकेट पर 201 रन बनाए थे। जवाब में मुंबई ने भी 5 विकेट के नुकसान पर 201 रन बनाए थे। अंत में बेंगलुरु ने सुपर ओवर में मैच अपने नाम किया था।
दोनों टीमें टॉप-2 में
मुंबई और बेंगलुरु 14-14 पॉइंट्स के साथ पॉइंट्स टेबल के टॉप-2 में हैं। दोनों टीमों ने सीजन में 11-11 मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 7-7 मैच जीते और 4-4 मैच हारे हैं। दोनों ही टीमें अपने पिछले मुकाबले हार कर आ रहीं हैं। मुंबई को राजस्थान और बेंगलुरु को चेन्नई ने हराया था।
डिकॉक-किशन मुंबई के टॉप स्कोरर
मुंबई के ओपनर क्विंटन डिकॉक ने सीजन में अब तक सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। डिकॉक ने 11 मैचों में 4 फिफ्टी समेत 374 रन बनाए हैं। वहीं, ईशान किशन 298 रन के साथ दूसरे स्थान पर हैं।
विराट कोहली के नाम सीजन में 400+ रन
बेंगलुरु के कप्तान विराट कोहली ने सीजन में अब तक 415 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 3 फिफ्टी भी लगाई। कोहली के अलावा देवदत्त पडिक्कल 343 रन के साथ दूसरे नंबर पर हैं।
बुमराह-बोल्ट फॉर्म में
मुंबई के गेंदबाज शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। जसप्रीत बुमराह ने अपनी टीम के लिए सबसे ज्यादा 17 और ट्रेंट बोल्ट ने 16 विकेट लिए हैं। राहुल चाहर 13 विकेट के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
सीजन में टॉप-5 बॉलर्स में चहल इकलौते स्पिनर
सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में बेंगलुरु के युजवेंद्र चहल टॉप-5 में इकलौते स्पिनर हैं। चहल ने सीजन में अब तक 16 बल्लेबाजों को आउट किया है। इसके अलावा क्रिस मॉरिस ने 10 और इसुरु उडाना ने 7 विकेट लिए हैं।
दोनों टीम के महंगे खिलाड़ी
मुंबई में कप्तान रोहित शर्मा सबसे महंगे खिलाड़ी हैं। टीम उन्हें एक सीजन का 15 करोड़ रुपए देगी। उनके बाद टीम में हार्दिक पंड्या का नंबर आता है, उन्हें सीजन के 11 करोड़ रुपए मिलेंगे। वहीं RCB में कप्तान कोहली सबसे महंगे खिलाड़ी हैं। टीम उन्हें एक सीजन के 17 करोड़ रुपए देगी। उनके बाद टीम में एबी डिविलियर्स का नाम है, जिन्हें इस सीजन में 11 करोड़ रुपए मिलेंगे।
मौसम और पिच रिपोर्ट
अबु धाबी में मैच के दौरान आसमान साफ रहेगा। तापमान 23 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। यहां स्लो विकेट होने के कारण स्पिनर्स को भी काफी मदद मिलेगी। टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद करेगी। इस IPL से पहले यहां हुए पिछले 44 टी-20 में पहले गेंदबाजी करने वाली टीम की जीत का सक्सेस रेट 56.81% रहा है।
इस मैदान पर हुए कुल टी-20: 44
पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती: 19
पहले गेंदबाजी करने वाली टीम जीती: 25
पहली पारी में टीम का औसत स्कोर: 137
दूसरी पारी में टीम का औसत स्कोर: 128
मुंबई ने सबसे ज्यादा 4 बार खिताब जीता
IPL इतिहास में मुंबई ने सबसे ज्यादा 4 बार (2019, 2017, 2015, 2013) खिताब जीता है। पिछली बार उसने फाइनल में चेन्नई को 1 रन से हराया था। मुंबई ने अब तक 5 बार फाइनल खेला है। वहीं, बेंगलुरु ने अब तक 3 बार फाइनल (2009, 2011, 16) खेला और तीनों बार खिताब नहीं जीत सकी।
मुंबई का IPL में सक्सेस रेट बेंगलुरु से ज्यादा
मुंबई इंडियंस ने लीग में अब तक 198 मैच खेले, जिसमें 116 जीते और 82 हारे हैं। वहीं, बेंगलुरु ने अब तक 192 में से 91 मैच जीते और 97 हारे हैं। 4 मुकाबले बेनतीजा रहे हैं। मुंबई का सक्सेस रेट 58.58% और बेंगलुरु का 48.13% रहा।
एक नौ साल का लड़का अपनी बहन का जूता मोची के पास लेकर गया। जूता फटा-पुराना था मगर सिलवाने के अलावा कोई चारा नहीं था क्योंकि घर में पैसों की तंगी थी। मोची के हाथ के कमाल से जूता ठीक तो हो गया, पर घर लौटते वक्त लड़के ने सब्जी खरीदी और जूतों का थैला दुकान के बाहर रख दिया। गलती से चलता-फिरता कबाड़ी वाला उस थैले को उठाकर ले गया।
अब जूते गायब, लड़का परेशान। जब बहन को पता चला तो खूब रोई। एक ही जूता था मेरे पास, अब स्कूल कैसे जाऊंगी? भाई बोला, चिंता मत कर। मेरे पास भी तो एक जोड़ी है। तेरा स्कूल सुबह लगता है, और मेरा दोपहर में। तो एक ही जूता हम दोनों शेयर कर सकते हैं। बस, घर पर किसी को मत बताना, यूं ही मां और पिताजी परेशान होंगे।
तो यहां से शुरू होती है एक सुंदर कहानी। रोज स्कूल के बाद, बहन भाग-भागकर भाई को जूते लाकर देती है। भाई जल्दी से वो जूते पहनकर अपनी क्लास के लिए दौड़ लगाता है। इस सिलसिले में कई छोटे-मोटे हादसे भी हो जाते हैं। जैसे कि बहन के पैर से ओवर-साइज जूता स्लिप होकर गटर में गिर जाता है, बड़ी मुश्किल से वापस मिलता है।
उस दिन भाई गीला जूता पहनकर स्कूल पहुंचता है और वो भी देर से। हेडमास्टर आगबबूला, लड़के को बर्खास्त करना चाहता है। मगर टीचर दरख्वास्त करता है, बच्चा होशियार है, सो उनके कहने पर लड़के को माफ कर दिया। ऐसी कई छोटी-बड़ी विपत्तियां आती हैं, बच्चे उनसे जूझते हैं। मगर गलत रास्ते की तरफ आकर्षित नहीं होते हैं।
ये कहानी है फिल्म ‘चिल्ड्रन ऑफ हेवन’ की जो ईरान के जाने-माने डायरेक्टर माजिद मजीदी की कल्पना थी। वर्ष 1998 में इस पिक्चर को ऑस्कर अवॉर्ड के लिए भी नॉमीनेट किया गया। हालांकि जीत नहीं मिली, मगर हजारों का दिल जरूर जीता। मैंने दो-चार दिन पहले जब देखी तो आंखें नम हो गईं। और लगा, फिल्म ईरान में बनी पर अपने देश की भी यही कहानी है।
आज पेपर में पढ़ा कि कोविड के कारण कितने लोग पैसों की तंगी से जूझ रहे हैं। कोई मॉल में काम कर रहा था, कोई फैक्टरी में। अब उनकी नौकरी नहीं रही। कोई टेलरिंग का काम कर रहा था, कोई शादी में मेहंदी लगाने का। आजकल डिमांड बहुत कम है। किसी तरह घर चल रहा है, और सबसे बड़ी परेशानी, बच्चों की पढ़ाई की।
फीस जमा करने के लिए, मम्मी अपने गहने गिरवी रखवा कर आईं। बस्ती में ज्वेलर की दुकान पर तीन सौ मंगलसूत्र जमा हैं, साहूकार ने ब्याज की दर भी बढ़ा दी है। पता नहीं वो ज़ेवर कभी वापस मिलेंगे या नहीं। आश्चर्य की बात यह है कि मुश्किल हालात के बावजूद शहर में चोरी-डकैती की कोई न्यूज नहीं।
मजीदी की फिल्म में एक सीन है, जहां मस्जिद के बाहर हजारों जूते बिखरे हुए हैं। उनमें से वो बच्चे अपने लिए एक-एक जूता ले लेते तो उनकी प्रॉब्लम खत्म हो जाती। वहां न सीसीटीवी था, न वॉचमैन। लेकिन उन्होंने मौके का फायदा नहीं उठाया। जब कोई नहीं देख रहा है और आप फिर भी सच्चाई का साथ दे रहे हों… इसे कहते हैं कैरेक्टर का असली इम्तिहान।
ज्यादातर लोग ईश्वर के प्रकोप से डरते हैं। उनका मानना है कि ऊपर से कोई ‘हमें देख रहा है’, हमारे पापों का हिसाब-किताब रख रहा है। इसका कोई प्रूफ नहीं, ये विश्वास की बात है। और उसी पर हमारा समाज कायम है। कानून भी हैं, और कोर्ट कचहरी भी। मगर वहां तक केस पहुंचता नहीं। क्योंकि आपका ज़मीर पहरेदार है।
रोज़ ज़िंदगी हमारी परीक्षा लेती है। बात सिर्फ ईमानदार होने की नहीं, उन बच्चों की संवेदना भी तो देखो। मां-बाप गरीबी के बोझ से दबे हुए हैं, तो उन्हें और परेशानी न हो। इसलिए वो एक ही जोड़ी जूते से काम चला लेते हैं। दूसरी तरफ वो बच्चे जिनके पास सबकुछ है, मगर फिर भी अपने मम्मी-पापा से खुश नहीं हैं।
क्योंकि हर रिश्ते में लेन-देन की भावना आ गई है। आज हमारे ज्यादातर परिवार उस टूटे हुए जूते की तरह हैं, जिसे प्यार और समझदारी के धागे से सिलने की सख्त जरूरत है। (ये लेखिका के अपने विचार हैं)
भारत और अमेरिका के बीच जो सामरिक समझौता हुआ है, वह स्वागत योग्य है, क्योंकि उसके तहत भारत को शत्रु-राष्ट्रों की समस्त गुप्त गतिविधियों की तकनीकी जानकारी मिलती रहेगी। भारत अब वह यह भी जान सकेगा कि कौन-सा देश उसके विरुद्ध जल, थल, नभ और अंतरिक्ष में क्या-क्या षड्यंत्र कर रहा है। यह समझौता यदि सालभर पहले हो गया होता तो गलवान घाटी में चीन की घुसपैठ का पता भारत को कब का लग गया होता।
इस समझौते के लिए अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और रक्षा मंत्री कार्ल एस्पर्स भारत आए हैं। लेकिन यहां यह प्रश्न स्वाभाविक है कि अमेरिका में राष्ट्रपति के चुनाव के ठीक एक हफ्ते पहले ही यह समझौता क्यों हो रहा है? अगर ट्रम्प हारे और जो बाइडेन जीते तो क्या यह समझौता टिक पाएगा? क्योंकि 2016 में जब अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव हो रहे थे, तब भी ओबामा सरकार के साथ भारत ने पेरिस के जलवायु समझौते पर हामी भरी थी लेकिन ट्रम्प जीत गए और डेमोक्रेट हिलेरी क्लिंटन हार गईं। ट्रम्प ने राष्ट्रपति बनते ही उक्त समझौते का बहिष्कार कर दिया। भारत देखता रह गया। यदि अमेरिका समझौते पर टिका रहता तो भारत को 100 अरब डाॅलर की राशि का बड़ा हिस्सा मिलता।
ऐन राष्ट्रपति-चुनाव के वक्त यह समझौता करने के लिए अमेरिका इसलिए भी उत्साहित है कि ट्रम्प को भारतीय मूल के 19 लाख वोटरों को रिझाना है। भारतीय मूल के लोगों के लिए सबसे सम्मोहक उम्मीदवार कमला हैरिस हैं, जो डेमोक्रेट हैं और बाइडेन के साथ उप-राष्ट्रपति पद के लिए लड़ रही हैं।
अमेरिका में चल रहे चुनाव-पूर्व सर्वेक्षणों के मुताबिक 70% से भी अधिक भारतीय मतदाता बाइडेन व कमला को वोट देने का विचार कर रहे हैं। जाहिर है, इस समझौते से भारतीय मूल के वोटरों पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ने वाला। इधर ट्रम्प ने प्रदूषण की समस्या पर बोलते हुए भारत को ‘गंदा देश’ बता दिया। उनके इन शब्दों का प्रभाव भारतीय मूल के मतदाताओं पर क्या होगा, यह बताने की जरूरत नहीं है।
अभी गलवान घाटी में भारत-चीन के बीच काफी तनाव है। ट्रम्प इस घटना-क्रम का भी फायदा उठाना चाहते हैं। चीन और अमेरिका के बीच आजकल वैसा ही शीतयुद्ध चल रहा है, जैसा कभी सोवियत रूस और अमेरिका के बीच चलता था। अमेरिका चाहता है कि वह चीन की घेराबंदी कर ले ताकि वह सामरिक, व्यापारिक और राजनयिक मामलों में अमेरिका के सामने घुटने टेक दे।
ट्रम्प की नजरों में इस लक्ष्य के लिए भारत सबसे बड़ा मोहरा सिद्ध हो सकता है। इसीलिए टोक्यो में तीन हफ्ते पहले जो क्वाड (भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका) की बैठक हुई, उसमें अमेरिकी विदेश मंत्री ने खुलकर चीन-विरोधी बयान दिए। वहीं भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर ने किसी भी देश के विरुद्ध कुछ नहीं बोला।
अब भी हमारे रक्षा और विदेश मंत्रियों ने दोनों अमेरिकी मंत्रियों से बात करते समय काफी सावधानी बरती है। न उन्होंने ऐसी कोई बात की, जैसी ह्यूस्टन और अहमदाबाद में मोदी ने ट्रम्प को रिझाने की कोशिश की थी और न ही उन्होंने भारतीय मूल के वोटरों को ट्रम्प के पक्ष में झुकाने के लिए कोई इशारा किया। यह अच्छा है कि अमेरिका की आंतरिक राजनीति से इस बार भारत स्वयं को तटस्थ रख रहा है। यों भी ट्रम्प सरकार घोर राष्ट्रवादी और उग्र स्वार्थी रही है। उसने व्यापार के मामले में भारत के साथ सख्ती बरती, भारतीयों के वीजा में अडंगा लगाया और रूसी प्रक्षेपास्त्रों की खरीद पर प्रतिबंध नहीं हटाया।
भारतीय मंत्रियों, प्रधानमंत्री और अफसरों ने यह भी सावधानी बरती कि उन्होंने अमेरिका को खुश करने की खातिर चीन के खिलाफ कुछ भी बोलना ठीक नहीं समझा। चीन से भारत खुद निपटेगा लेकिन उससे निपटने के लिए वह किसी का मोहरा नहीं बनेगा। अमेरिकी मंत्री चीन के खिलाफ घेराबंदी के लिए ही अब श्रीलंका और मालदीव रवाना हो गए हैं।
उन्हें इन छोटे देशों की सुध क्यों लेनी पड़ रही है, क्योंकि जापान, कोरिया, ताइवान, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड वगैरह के साथ-साथ इन देशों में भी चीन का वर्चस्व उन्हें बढ़ता हुआ दिखाई पड़ रहा है। अब तिब्बत पर भी उन्होंने नया मोर्चा खोल दिया है। ट्रम्प यदि जीत भी गए तो उनका कुछ भरोसा नहीं। वे चीन के साथ दुबारा पींगे बढ़ा सकते हैं। वैसे भी चीन के प्रति डेमोक्रेटिक पार्टी का रवैया वह नहीं है, जो ट्रम्प का है।
जहां तक भारत का सवाल है, डेमोक्रेटिक पार्टी का रवैया भारत के प्रति काफी मैत्रीपूर्ण है। अमेरिकी मंत्रियों से बातचीत में भारतीय मंत्रियों ने पारस्परिक सहयोग के कई मुद्दे उठाए हैं। उनमें अफगानिस्तान भी प्रमुख रहा है। यह अच्छी बात है कि भारत ने दोहा-वार्ता में भाग लिया और विभिन्न अफगान-गुटों के प्रतिनिधि भारत आकर उनसे मिल रहे हैं, लेकिन आश्चर्य है कि तालिबान से भारत का कोई सीधा संपर्क नहीं है।
अमेरिका का तालिबान और पाकिस्तान से सीधा संपर्क है। इसीलिए आजकल वह आतंकवाद के बारे में चुप रहता है लेकिन अमेरिकियों के साथ भारत को आतंकवाद का मुद्दा तो उठाना ही चाहिए और संपूर्ण दक्षिण एशिया में यूरोपीय संघ की तरह एक महासंघ खड़ा करने की पहल भी करनी चाहिए। (ये लेखक के अपने विचार हैं)
सरकार ने मंगलवार को कहा कि अनलॉक-5 के लिए जारी की गई गाइडलाइन ही 30 नवंबर तक लागू रहेगी। इस दौरान कंटेनमेंट जोन्स में लॉकडाउन सख्ती से लागू होगा। वहीं, NASA ने दावा किया कि उसे चंद्रमा पर पर्याप्त पानी मिला है। बहरहाल, शुरू करते हैं मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ...
सबसे पहले देखते हैं, बाजार क्या कह रहा है…
BSE का मार्केट कैप 159 लाख करोड़ रुपए रहा। करीब 44% कंपनियों के शेयरों में बढ़त रही।
2,835 कंपनियों के शेयरों में ट्रेडिंग हुई। 1,255 कंपनियों के शेयर बढ़े और 1,399 कंपनियों के गिरे।
आज इन इवेंट्स पर रहेगी नजर
बिहार में आज प्रधानमंत्री मोदी की तीन रैलियां। मोदी सुबह 11 बजे दरभंगा, 12.35 बजे मुजफ्फरपुर और दोपहर ढाई बजे पटना में होंगे।
बिहार चुनाव की कुल 243 सीटों में से पहले चरण में 71 सीटों पर आज मतदान। पहले चरण में 2.14 करोड़ मतदाता।
बिहार में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी आज दो रैलियां करेंगे। पहली रैली पश्चिमी चंपारण और दूसरी दरभंगा में होगी।
IPL में आज मुंबई और बेंगलुरु का मैच अबु धाबी में शाम साढ़े 7 बजे शुरू होगा।
मुंबई में फेक TRP केस में गिरफ्तार तीन आरोपियों की पुलिस रिमांड 28 अक्टूबर को खत्म हो रही है। इनकी कस्टडी और जमानत याचिका पर कोर्ट में आज सुनवाई।
देश-विदेश
हरियाणा में मर्डर, लव जिहाद का मामला
फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में लव जिहाद का मामला सामने आया। यहां नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब आलम के चचेरे भाई तौसीफ ने लड़की की गोली मारकर हत्या कर दी। लड़की के पिता का कहना है कि तौसीफ मेरी बेटी पर धर्म बदलने के लिए दबाव बना रहा था। पुलिस ने तौसीफ और उसके साथी रेहान को गिरफ्तार कर लिया है।
नीतीश की गलत बात, तेजस्वी ने बताई आशीर्वाद
बिहार में आज 71 सीटों के लिए पहले चरण का मतदान है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को महनार की सभा में लालू प्रसाद यादव का नाम लिए बिना कहा कि लोग आठ-नौ बच्चा पैदा करता है। बेटियों पर भरोसा ही नहीं था। कई बेटियां हो गईं, तब बाद में बेटा हुआ। हालांकि, तेजस्वी ने नीतीश की बातों को आशीर्वचन बताया।
गलवान के शहीदों को अमेरिकी विदेश मंत्री की श्रद्धांजलि
भारत और अमेरिका के विदेश और रक्षा मंत्रियों के बीच तीसरी 2+2 बैठक दिल्ली के हैदराबाद हाउस में हुई। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा कि हम उन वीर जवानों को श्रद्धांजलि देते हैं, जिन्होंने गलवान में भारत के लिए अपनी जान दी। भारत अपनी अखंडता के लिए लड़ रहा है। हम भारत के साथ खड़े हैं।
कश्मीर-लद्दाख में कोई भी भारतीय जमीन खरीद सकेगा
केंद्र सरकार ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए भूमि कानून से जुड़ा नोटिफिकेशन जारी किया। अब कश्मीर और लद्दाख में कोई भी भारतीय जमीन खरीद सकेगा। दोनों केंद्र शासित राज्यों में यह कानून तत्काल लागू होगा। केंद्र ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन के तहत यह आदेश जारी किया है।
पाकिस्तान में IED ब्लास्ट; 8 की मौत, 120 से ज्यादा घायल
पाकिस्तान में पेशावर के एक मदरसे में मंगलवार सुबह IED ब्लास्ट हुआ। इसमें आठ बच्चों की मौत हो गई। वहीं, 120 से ज्यादा लोग जख्मी हुए। घटना सुबह 8.30 बजे हुई। पुलिस ने बताया कि दिर कॉलोनी स्थित जामिया जुबेरिया मदरसे में कोई व्यक्ति एक बैग छोड़कर गया था और उसके कुछ देर बाद ही धमाका हो गया।
अब भाजपा सांसद नारायण राणे ने कहा- सुशांत का मर्डर हुआ
सुशांत सिंह राजपूत की मौत को 4 महीने से ज्यादा हो चुके हैं। अभी भी सुशांत को लेकर नए-नए दावे किए जा रहे हैं। अब भाजपा सांसद नारायण राणे ने कहा, "सुशांत ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उनका मर्डर हुआ था। उस वक्त सुशांत के घर में एक मंत्री भी मौजूद था। मेरे पास सबूत हैं, जो मैं सिर्फ CBI को दूंगा।"
ओरिजिनल
1. 'पंडित को पता चले कि वाल्मिकी हैं तो हमारा प्रसाद भी नहीं चढ़ाता'
गाजियाबाद के करहेड़ा गांव में घुसते ही LIU यानी लोकल इंटेलीजेंस यूनिट के एजेंट नजर आते हैं जो यहां आने-जाने वाले हर व्यक्ति का ब्यौरा दर्ज कर रहे हैं। हालांकि, यहां कोई धर्म परिवर्तन के बारे में नहीं बोलता। दबी जुबान में ग्रामीण यह जरूर बताते हैं कि पंडित को पता चले कि वाल्मिकी हैं तो हमारा प्रसाद भी नहीं चढ़ाता।
2. 1 रु. वाले मटर के पैकेट का बिजनेस किया, दूसरे महीने कमाई 50 हजार
राजस्थान के टोंक जिले में रहने वाले अंशुल गोयल ने यूं तो इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है, लेकिन काम स्नैक्स बेचने का कर रहे हैं। घरवालों के कहने पर डेढ़ साल सरकारी नौकरी की तैयारी की, लेकिन फिर बंद कर दी। अब बिजनेस में एक से डेढ़ लाख रुपए तक की मंथली इनकम पर पहुंच चुके हैं।
कोरोना की वजह से फ्लाइट्स ऑपरेशंस में जो रुकावट आई थी, वह धीरे-धीरे हटती दिख रही है। लॉकडाउन से पहले रोज चार से साढ़े चार लाख तक पैसेंजर घरेलू फ्लाइट्स में उड़ान भर रहे थे। 24 अक्टूबर को खत्म हुए हफ्ते तक के आंकड़ों को देखें तो अब करीब 1.65 लाख लोग रोज उड़ान भर रहे हैं। जुलाई में प्रति फ्लाइट पैसेंजर 85 थे, जो अब बढ़कर 100 पैसेंजर प्रति फ्लाइट हो गया है।
1. ‘गो कोरोना गो’ कहने वाले केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। अठावले ने एक दिन पहले एक्ट्रेस पायल घोष को पार्टी जॉइन करवाई थी, जहां उनका मास्क ठीक से नहीं लगा था।
2. चेन्नई सुपर किंग्स के सीईओ काशी विश्वनाथन ने कहा कि 2021 में महेंद्र सिंह धोनी ही टीम के कप्तान होंगे। एक खराब सीजन का मतलब यह नहीं है कि हम सब कुछ बदल दें।
3. ICMR ने कहा कि फेस्टिव सीजन में केरल, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, कर्नाटक और दिल्ली में कोरोना केस बढ़े हैं। सभी को सतर्क रहना होगा। कोविड-19 के नियमों का पालन करना होगा।
from Dainik Bhaskar /national/news/water-found-on-the-moon-new-story-in-sushant-case-now-kashmir-has-become-everyone-explosion-in-pakistan-127857201.html
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आज का दिन बेहद खास है। एक तो दुनिया की सबसे बड़ी पर्सनल कंप्यूटर सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स का जन्मदिन है। दूसरा, अमेरिका और फ्रांस की दोस्ती के प्रतीक के तौर पर न्यूयॉर्क में स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी लोगों के लिए खोला गया।
सबसे पहले बात करते हैं बिल गेट्स की, जिनका पूरा नाम विलियम हेनरी गेट्स हैं। 13 साल की उम्र में पहला सॉफ्टवेयर प्रोग्राम लिखने वाले गेट्स का जन्म सिएटल में 28 अक्टूबर 1955 को हुआ था। हाईस्कूल में पढ़ाई के दौरान स्कूल के पेरोल सिस्टम बना रहे प्रोग्रामर्स के एक ग्रुप की मदद की और ट्रैफ-ओ-डेटा (Traf-O-Data) बनाई, जिसने लोकल गवर्नमेंट्स को ट्रैफिक-काउंटिंग सिस्टम्स बेचे।
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान पॉल जी. एलन जैसा दोस्त मिला और उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट की नींव रखी। इंटरनेशनल बिजनेस मशीन्स (IBM) कॉर्पोरेशन के लिए MS-DOS बनाया और कंपनी हिट हो गई। 1990 के दशक की शुरुआत तक तो पीसी इंडस्ट्री में माइक्रोसॉफ्ट अल्टिमेट किंगमेकर बन चुकी थी।
1986 में गेट्स अरबपतियों की सूची में शामिल हो गए थे। 1995 में दुनिया के सबसे रईस व्यक्ति बने और कई वर्षों तक बने रहे। पिछले तीन साल से गेट्स और अमेजन के जेफ बेजोस में दुनिया के सबसे रईस व्यक्ति के लिए प्रतिस्पर्धा चल रही है। फोर्ब्स की लिस्ट में इस समय बेजोस नंबर एक और गेट्स दूसरे नंबर पर हैं।
कई बरसों तक दुनिया के सबसे रईस व्यक्ति भी रहे। जब लोकप्रियता बढ़ी तो एंटीट्रस्ट मुकदमे का सामना भी किया। जून 2008 में गेट्स ने माइक्रोसॉफ्ट की रोजमर्रा के कामकाज से खुद को अलग किया ताकि वो बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन को ज्यादा वक्त दे सकें। फरवरी 2014 में उन्होंने चेयरमैन की पोस्ट भी छोड़ दी।
अमेरिका-फ्रांस की दोस्ती का प्रतीकः स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी
न्यूयॉर्क के लिबर्टी आइलैंड पर खड़ी स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी का लोकार्पण 28 अक्टूबर 1886 को प्रेसिडेंट ग्रोवर क्लीवलैंड ने किया था। यह अमेरिका और फ्रांस की दोस्ती का प्रतीक है। यह स्टैच्यू जुलाई 1884 में फ्रांस में बना था। फ्रांस से अमेरिका लाने के लिए इसके 350 टुकड़े किए गए और 214 बक्सों में पैक किया था।
स्टैच्यू को पेरिस से न्यूयॉर्क पहुंचने में 4 महीने का समय लगा थाl मूर्ति के मुकुट पर 7 किरण हैं, जो दुनिया के 7 महाद्वीपों और 7 महासागरों का प्रतीक है। 1986 में मरम्मत के दौरान नई मशाल को 24 कैरेट सोने की पतली चादर से घेरा गया। मूर्ति के बाएं हाथ में नोटबुक या टेबलेट है, जिस पर JULY IV MDCCLXXVI लिखा है, जो 4 जुलाई, 1776 यानी अमेरिका की आजादी की तारीख दिखाता है। 1984 में यूनेस्को ने इसे ग्लोबल हेरिटेज साइट बनाया था।
इतिहास में आज के दिन को इन घटनाओं के लिए भी याद किया जाता हैः
1492: क्रिस्टोफर कोलम्बस ने क्यूबा के पूर्वी तट की खोज की, जिसके बाद स्पेन की सेनाएं इस क्षेत्र में पहुंची थीं।
1627ः अकबर के बेटे जहांगीर का निधन हुआ।
1851ः बंगाल मे ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन की स्थापना हुई।
1863ः जिनेवा में कॉन्फ्रेंस के तहत इंटरनेशनल रेडक्रॉस कमेटी का गठन हुआ।
1867: स्वामी विवेकानंद की शिष्या सिस्टर निवेदिता का आयरलैंड में जन्म हुआ।
1891: जापान में 1891 को आए भूकंप से 7300 लोगों की मौत।
1913: जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा की स्थापना हुई।
1914: पोलियो का पहला सेफ वैक्सीन बनाने वाले अमेरिकी फिजीशियन और मेडिकल रिसर्चर जोनास साल्क का जन्म।
1918: ऑस्ट्रिया और हंगरी के अलग होने के बाद चेकोस्लोवाकिया स्वतंत्र हुआ।
1922ः इटली में रोम मार्च के जरिए फासिस्ट शक्तियों ने सत्ता पर अधिकार किया और मुसोलनी प्रधानमंत्री बना।
1929: अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट धराशायी हुआ। बाजार 24% तक गिर गया। इसे अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट कहा जाता है।
1967: अमेरिकी एक्ट्रेस जुलिया रॉबर्ट्स का जन्म। 1990 के दशक में हॉलीवुड की हाइएस्ट-पेड एक्ट्रेस।
1971: ग्रेट ब्रिटेन ने अपना पहला अर्थ सैटेलाइट प्रॉस्पेरो लॉन्च किया।
2004ः बीजिंग में 4000 वर्ष पुराने मकबरों का पता चला।
2005: चेकोस्लोवाकिया ने अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की।
2007: अर्जेंटीना ने क्रिस्टीना फर्नांडीज डी क्रिचनर को देश की पहली महिला राष्ट्रपति चुना।
2009ः पाकिस्तान के पेशावर में बम धमाके से 117 मरे, 213 घायल।
2017: स्पेन में कैटालोनिया की संसद ने स्वतंत्र क्षेत्र घोषित करने के पक्ष में वोटिंग की।
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केरल देश का पहला राज्य बन गया है, जहां किसानों के लिए फल-सब्जियों के न्यूनतम दाम (एमएसपी) तय किए गए हैं। दाम उत्पादन लागत से 20% ज्यादा होगा। फिलहाल सरकार ने 16 फल-सब्जियों के दाम तय किए हैं। इसके अलावा खाने-पीने की 21 चीजों पर एमएसपी तय की गई है। योजना 1 नवंबर से लागू होगी और तब तक राज्य में उत्पादित सभी सब्जियों के दाम तय कर दिए जाएंगे।
इस योजना से 15 एकड़ तक में खेती करने वाले किसानों को फायदा होगा। राज्य में इसे बेचने के लिए एक हजार स्टोर भी खोले जाएंगे। केरल की इस पहल के बाद पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक जैसे राज्यों में भी किसान इस तरह की योजना को लागू करने की मांग करने लगे हैं।
बाजार मूल्य नीचे गया तो उपज को बनाया जाएगा आधार
केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने मंगलवार को कहा कि यह योजना किसानों को आर्थिक तौर पर और ज्यादा मजबूत बनाएगी। सब्जियों का आधार मूल्य उनकी उत्पादन लागत से 20% अधिक होगा। अगर बाजार मूल्य इससे नीचे चला जाता है, तो किसानों से उनकी उपज को आधार मूल्य पर खरीदा जाएगा। सब्जियों को क्वालिटी के अनुसार बांटा जाएगा और आधार मूल्य उसी के हिसाब से तय किया जाएगा। केरल में पिछले साढ़े चार साल में सब्जी उत्पादन 7 लाख टन से बढ़कर 14.72 लाख टन हो गया है।
महाराष्ट्र में भी अब ऐसी योजना की मांग उठ रही है। महाराष्ट्र में किसान अंगूर, टमाटर, प्याज जैसी फसलों को लेकर काफी परेशान हैं। तीन साल पहले यहां किसानों को अंगूर 10 रुपए किलो में बेचना पड़ गया था, जबकि उसकी लागत 40 रुपए किलो तक आ रही थी। पंजाब के किसान संगठन भी सब्जियों और फलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने की मांग कर रहे हैं।
केरल के कृषि विशेषज्ञ जी. जनार्दन का कहना है कि ‘एमएसपी तय करने से यहां के किसान फल-सब्जियां उगाने के लिए प्रेरित होंगे। उन्हें यह भरोसा मिलेगा कि वे अपनी उपज का एक निश्चित मूल्य हासिल करेंगे।
from Dainik Bhaskar /national/news/here-the-government-has-fixed-the-minimum-price-of-vegetables-potato-lady-finger-20-tomato-8-and-bitter-gourd-will-be-rs-30-127857164.html
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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने दावा किया है कि उसे चंद्रमा पर पर्याप्त रूप से पानी मिला है। यह पृथ्वी से दिखने वाले साउथ पोल के एक गड्ढे में अणुओं के रूप में नजर आया है। इस खोज से वैज्ञानिकों को भविष्य में चांद पर इंसानी बस्ती बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISRO का चंद्रयान-1 ग्यारह साल पहले 2009 मे ही चंद्रमा पर पानी होने के सबूत दे चुका है।
चांद पर पानी की ताजा खोज NASA की स्ट्रैटोस्फीयर ऑब्जरवेटरी फॉर इंफ्रारेड एस्ट्रोनॉमी (SOFIA) ने की है। यह पानी सूरज की किरणें पड़ने वाले इलाके में मौजूद क्लेवियस क्रेटर में मिला है।
NASA ने कहा- पहले पुष्टि नहीं हुई थी
NASA के मुताबिक चांद की सतह के पिछले परीक्षणों के दौरान हाइड्रोजन की मौजूदगी का पता चला था, लेकिन तब हाइड्रोजन और पानी के निर्माण के लिए जरूरी अवयव हाइड्रॉक्सिल (OH) की गुत्थी नहीं सुलझा पाए थे। अब पानी मौजूद होने की पुष्टि हो चुकी है। NASA ने अपनी खोज के नतीजे नेचर एस्ट्रोनॉमी के नए अंक में जारी किए हैं।
सहारा रेगिस्तान से 100 गुना कम पानी
SOFIA ने चंद्रमा की सतह पर जितना पानी खोजा है उसकी मात्रा अफ्रीका के सहारा रेगिस्तान में मौजूद पानी से 100 गुना कम है। चांद पर पानी कम मात्रा में होने के बावजूद सवाल उठ रहे हैं कि चांद पर वायुमंडल नहीं है फिर भी पानी कैसे बना?
ISRO के चंद्रयान ने पहले ही खोज लिया था पानी
22 अक्टूबर 2008 को लॉन्च किए गए भारतीय मिशन चंद्रयान-1 ने भी चांद पर पानी होने के सबूत दिए थे। यह पानी चंद्रयान-1 पर मौजूद मून इंपैक्ट प्रोब ने तलाशा था। इसे ऑर्बिटर के जरिए नवंबर 2008 में चंद्रमा के साउथ पोल पर गिराया गया था। सितंबर 2009 में ISRO ने बताया कि चांद की सतह पर पानी चट्टान और धूलकणों में भाप के रूप में फंसा है, यानी पानी काफी कम है।
मून इंपैक्ट प्रोब पूर्व राष्ट्रपति डॉ. कलाम का आइडिया था
चंद्रयान-1 के साथ मून इंपैक्ट प्रोब भेजने का आइडिया पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने दिया था। उनका कहना था कि जब चंद्रयान ऑर्बिटर चांद के इतने करीब जा ही रहा है कि तो क्यों न इसके साथ एक इम्पैक्टर भी भेजा जाए। इससे चांद के बारे में हमारी खोज को विस्तार दिया जा सकेगा।
देश में कोरोना के एक्टिव केस, यानी इलाज करा रहे मरीजों की संख्या में तेजी से गिरावट आ रही है। सोमवार को इसमें 28 हजार 132 की कमी आई। यह अब तक की दूसरी सबसे बड़ी गिरावट है। इससे पहले 21 सितंबर को सबसे अधिक 28 हजार 653 एक्टिव केस कम हुए थे।
कुल संक्रमितों की बात करें तो यह आंकड़ा 79 लाख 44 हजार 128 हो गया है। सोमवार को 35 हजार 932 मामले सामने आए। 98 दिन बाद ऐसा है, जब 40 हजार से कम केस रिपोर्ट हुए। इससे पहले 21 जुलाई को 39 हजार 170 लोग संक्रमित पाए गए थे। अच्छी बात यह है कि अब तक 71 लाख 98 हजार 660 लोग ठीक भी हो चुके हैं।
सोमवार को 482 मरीजों की मौत हुई। 113 दिन में दूसरी बार मौत का आंकड़ा 500 से कम रहा। इससे पहले 5 जुलाई को 421 मौतें दर्ज की गई थीं। देश में कोरोना से अब तक 1 लाख 19 हजार 535 मरीजों की मौत हो चुकी है।
टॉप-5 संक्रमित देशों में भारत का रिकवरी रेट सबसे अच्छा
रिकवरी के मामले में भारत दुनिया के पांच सबसे संक्रमित देशों में टॉप पर है। भारत में रिकवरी रेट 90% से ज्यादा है। मतलब हर 100 मरीज में 90 लोग ठीक हो रहे हैं। बेहतर रिकवरी के मामले में ब्राजील दूसरे नंबर पर है। यहां का रिकवरी रेट 89.65% और रूस का 74.84% है। सबसे खराब हालत फ्रांस की है। यहां अब तक 9.69% मरीज ही रिकवर हो पाए हैं।
कोरोना अपडेट्स
भारत बायोटेक ने सोमवार से कोवैक्सीन का फाइनल ट्रायल भुवनेश्वर में शुरू कर दिया। इसके लिए द इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (IMS) , SMU समेत देश के 21 अस्पतालों को चुना गया है। इन्हीं अस्पतालों में वैक्सीन का फाइनल ट्रायल होगा।
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में हुई एक स्टडी के अनुसार, वायु प्रदूषण के चलते देश में कोरोना से चल रही लड़ाई कमजोर पड़ सकती है। वैज्ञानिकों को कोविड-19 और प्रदूषण के बीच कोई सीधा कनेक्शन तो नहीं मिला, लेकिन उनका कहना है कि लंबे समय तक अधिक प्रदूषण में रहने से फेफड़ों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
मिजोरम सरकार ने राजधानी आइजोल में मंगलवार सुबह 4:30 से 3 नवंबर की सुबह 4:30 बजे तक लॉकडाउन लगा दिया है। इस दौरान जरूरी सेवाएं जारी रहेंगी। मिजोरम में 284 एक्टिव केस हैं। इनमें से 215 आइजोल में हैं।
देश में बीते एक हफ्ते में रिकॉर्ड 1.18 लाख एक्टिव केस कम हुए हैं। हर रोज औसतन 12 हजार एक्टिव केस घट रहे हैं।
पांच राज्यों का हाल
1. मध्यप्रदेश
राज्य में सोमवार को 720 नए मरीज मिले, 1095 लोग रिकवर हुए और 5 मरीजों की मौत हो गई। अब तक 1 लाख 67 हजार 969 लोग संक्रमित पाए जा चुके हैं। इनमें 10 हजार 857 संक्रमितों का अभी इलाज चल रहा है, जबकि 1 लाख 54 हजार 222 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण से अब तक 2890 लोगों की मौत हो चुकी है।
2. राजस्थान
पिछले 24 घंटे में 1805 लोग संक्रमित पाए गए, 2226 लोग रिकवर हुए और 14 मरीजों की मौत हो गई। संक्रमितों का आंकड़ा अब 1 लाख 88 हजार 48 हो गया है। इनमें 16 हजार 233 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 1 लाख 69 हजार 962 लोग ठीक हो चुके हैं। कोरोना ने अब तक 1853 लोगों की जान ले ली है।
3. बिहार
राज्य में सोमवार को 513 कोरोना संक्रमित मिले। 1087 लोग रिकवर हुए और 9 मरीजों की मौत हो गई। अब तक 2 लाख 12 हजार 705 लोग संक्रमित पाए जा चुके हैं। इनमें 9 हजार 639 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 2 लाख 2 हजार 7 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है। संक्रमण के चलते अब तक 1058 मरीजों की मौत हो चुकी है।
4. महाराष्ट्र
राज्य में पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड मरीजों की संख्या में गिरावट देखी गई। 3645 लोग संक्रमित पाए गए, जबकि 9905 लोग रिकवर हुए। 84 मरीजों की मौत हुई। 16 लाख 48 हजार 665 लोग अब तक संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 1 लाख 34 हजार 137 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 14 लाख 70 हजार 660 लोग ठीक हो चुके हैं। 43 हजार 348 मरीजों की अब तक मौत हो चुकी है।
5. उत्तरप्रदेश
राज्य में मरीजों का आंकड़ा 4 लाख 72 हजार 68 हो गया है। पिछले 24 घंटे में 1798 नए मरीज मिले। 2441 लोग ठीक हुए और 20 मरीजों की मौत हो गई। अभी 26 हजार 654 मरीज ऐसे हैं जिनका इलाज चल रहा है, जबकि 4 लाख 38 हजार 512 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण के चलते अब तक 6902 मरीजों की मौत हो चुकी है।
पटना में बायपास रोड पर ढाबे वाली चाय की दुकान। टेलीविजन के पर्दे पर नीतीश कुमार बोल रहे हैं और लिए हुए हैं लालू प्रसाद के बेटों को निशाने पर। नीतीश बोल रहे हैं कि ‘उन लोगों’ को बस अपने परिवार की चिंता रहती है...।
बड़ी देर से पर्दे पर नजरें गड़ाए राजू ने कहा- ‘ठीके त कह रहे हैं नीतीश कुमार।’ प्रकाश ने भी हामी में सिर हिलाया, लेकिन विनय ने दखल देते हुए कहा, ‘छोड़ ना... लालू प्रसाद पहले ही कह दिए हैं कि हमरा बेटा सब लालटेने उठाएगा। तीर, कमल के साथ कभीओ नहीं जाएगा।’ प्रकाश बोला- ‘हां, छुपाछिपी नहीं करते थे लालू प्रसाद। एक बार तो सत्ता जाने लगी तो पत्नी को ही मुख्यमंत्री बनवा दिए थे।’
विनय ने कहा- ई सब से क्या होता है। सबसे बड़ी पार्टी बिहार में कौन है? जानते हो कि नहीं। सब एक स्वर में बोले- राजद।
विनय ने बात को और ज्यादा साफ करते हुए कहा, ‘लोकतंत्र संख्या बल से चलता है। यहां वोट देने की परंपरा है। जिसको ज्यादा वोट, उसकी सरकार। बिहार में जो जाति में ज्यादा, उसको ज्यादा वोट।’
प्रकाश बोला- ‘हां, लेकिन गठबंधन की राजनीति ने इसको ध्वस्त कर दिया। सबसे बड़ी पार्टी कोई और, सरकार किसी और की। इसलिए गठबंधन में बड़ा जोर है गुरु।’ तीनों चाय की चुस्की के साथ राजनीति का मजा भी ले रहे थे।
विनय ने सवाल दागा- ‘इस बार पुष्पम प्रिया जैसी नई नवेली कंडिडेट भी हैं, जो एक दिन एकाएक अखबार के फ्रंट पेज से बिहार की राजनीति में प्रवेश करती हैं, और पहली राजनीतिक घोषणा भी करती हैं कि वह बिहार की मुख्यमंत्री पद की दावेदार हैं। ई बिहारे में न हो सकता है।’
राजू बोला- ‘हां, इस बार का चुनाव बिहार में गजब का है। एक तो महामारी ऐसी नहीं देखी आज तक और ऊपर से मास्क के साथ वोटिंग कराने की जिद है।’
प्रकाश ने कहा, ‘पता नहीं चुनाव के बाद कोरोना का क्या होगा, और फैल गया तो बवाले हो जाएगा। छह महीना बढ़ाइए देते समय तो क्या घट जाता। चुनाव ड्यूटी में आए जवानों में भी फैल गया तो क्या होगा, किसी को फिकर है?’
राजू ने बीच में रोकते हुए कहा- ‘लोकतंत्र की परिभाषा जानते हो कि नहीं! नहीं जानते हो तो सुन लो- यह जनता के लिए, जनता के द्वारा, जनता का शासन है’।
प्रकाश ने कहा, ‘लेकिन हम तो यही जानते हैं कि यह मूर्खों का शासन है।’
विनय ने कहा, ‘हम बताते हैं ई ऐसे काहे बोल रहा है। ई कहना चाहता है कि अनपढ़ों का शासन है लोकतंत्र।’ प्रकाश ने कहा, ‘देखो कई बार ऐसा होता है राजनीति में कि बहुत पढ़ा-लिखा भी बेईमान हो जाता है और कोई बहुत कम पढ़ा-लिखा भी जनतंत्र का बहुत बड़ा पहरेदार। इसलिए भी राजनीति में चुनाव जीतने के लिए पढ़ाई वाली डिग्री की बाध्यता नहीं है।’
तीनों दोस्तों के पास चाय की लगभग अंतिम चुस्की बची थी। अब बात समेटने की बारी थी। वह भी खत्म हो गई। पैसे देने की बारी आई तो राजू ने पैसे दिए।
दुकानदार सुकेश ने सवाल किया- ‘आप तीनों देखते रहिएगा... ई बेर चुनाव का परिणाम हिला देगा सब को। माहौल टाइट है सरकार का। आप ही लोग बताइए- दो-चार साल में जनता जितनी परेशान हुई, उतनी कभी हुई थी क्या? कोरोना त सब कसर ही पूरा कर दिहिस।’
राजू, प्रकाश और विनय कुछ कहना चाहते थे तभी सुकेश ने तेज आवाज में कहा, 'जो नौकरी देगा, वही वोट लेगा, बाकी हम कुछ नहीं जानते हैं। पैसा कहां से लाइएगा, ई हम सब का टेंशन है क्या?' तीनों दोस्त चुप हो गए। इनकी चाय तो खत्म हो चुकी था, लेकिन बहस शायद आगे बढ़ने को थी।
पीछे से आवाज आई- ‘कहावत सुने हैं न...नाऊ-नाऊ केतना बाल...। त देखते रहिए, अब तो वोटिंग भी शुरू होइए रहा है...10-12 दिन में नतीजो आ जायेगा...20-25 दिन में सरकारो बनिए जाएगी। त देख लेते हैं कौन और केकरा वादा में केतना दम बा...।’ हम इस अंतहीन बहस की इस लाइन को पीछे छोड़ आगे बढ़ गए हैं।
देश में कोरोना के एक्टिव केस, यानी इलाज करा रहे मरीजों की संख्या में तेजी से गिरावट आ रही है। सोमवार को इसमें 28 हजार 132 की कमी आई। यह अब तक की दूसरी सबसे बड़ी गिरावट है। इससे पहले 21 सितंबर को सबसे अधिक 28 हजार 653 एक्टिव केस कम हुए थे।
कुल संक्रमितों की बात करें तो यह आंकड़ा 79 लाख 44 हजार 128 हो गया है। सोमवार को 35 हजार 932 मामले सामने आए। 98 दिन बाद ऐसा है, जब 40 हजार से कम केस रिपोर्ट हुए। इससे पहले 21 जुलाई को 39 हजार 170 लोग संक्रमित पाए गए थे। अच्छी बात यह है कि अब तक 71 लाख 98 हजार 660 लोग ठीक भी हो चुके हैं।
सोमवार को 482 मरीजों की मौत हुई। 113 दिन में दूसरी बार मौत का आंकड़ा 500 से कम रहा। इससे पहले 5 जुलाई को 421 मौतें दर्ज की गई थीं। देश में कोरोना से अब तक 1 लाख 19 हजार 535 मरीजों की मौत हो चुकी है।
टॉप-5 संक्रमित देशों में भारत का रिकवरी रेट सबसे अच्छा
रिकवरी के मामले में भारत दुनिया के पांच सबसे संक्रमित देशों में टॉप पर है। भारत में रिकवरी रेट 90% से ज्यादा है। मतलब हर 100 मरीज में 90 लोग ठीक हो रहे हैं। बेहतर रिकवरी के मामले में ब्राजील दूसरे नंबर पर है। यहां का रिकवरी रेट 89.65% और रूस का 74.84% है। सबसे खराब हालत फ्रांस की है। यहां अब तक 9.69% मरीज ही रिकवर हो पाए हैं।
कोरोना अपडेट्स
भारत बायोटेक ने सोमवार से कोवैक्सीन का फाइनल ट्रायल भुवनेश्वर में शुरू कर दिया। इसके लिए द इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (IMS) , SMU समेत देश के 21 अस्पतालों को चुना गया है। इन्हीं अस्पतालों में वैक्सीन का फाइनल ट्रायल होगा।
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में हुई एक स्टडी के अनुसार, वायु प्रदूषण के चलते देश में कोरोना से चल रही लड़ाई कमजोर पड़ सकती है। वैज्ञानिकों को कोविड-19 और प्रदूषण के बीच कोई सीधा कनेक्शन तो नहीं मिला, लेकिन उनका कहना है कि लंबे समय तक अधिक प्रदूषण में रहने से फेफड़ों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
मिजोरम सरकार ने राजधानी आइजोल में मंगलवार सुबह 4:30 से 3 नवंबर की सुबह 4:30 बजे तक लॉकडाउन लगा दिया है। इस दौरान जरूरी सेवाएं जारी रहेंगी। मिजोरम में 284 एक्टिव केस हैं। इनमें से 215 आइजोल में हैं।
देश में बीते एक हफ्ते में रिकॉर्ड 1.18 लाख एक्टिव केस कम हुए हैं। हर रोज औसतन 12 हजार एक्टिव केस घट रहे हैं।
पांच राज्यों का हाल
1. मध्यप्रदेश
राज्य में सोमवार को 720 नए मरीज मिले, 1095 लोग रिकवर हुए और 5 मरीजों की मौत हो गई। अब तक 1 लाख 67 हजार 969 लोग संक्रमित पाए जा चुके हैं। इनमें 10 हजार 857 संक्रमितों का अभी इलाज चल रहा है, जबकि 1 लाख 54 हजार 222 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण से अब तक 2890 लोगों की मौत हो चुकी है।
2. राजस्थान
पिछले 24 घंटे में 1805 लोग संक्रमित पाए गए, 2226 लोग रिकवर हुए और 14 मरीजों की मौत हो गई। संक्रमितों का आंकड़ा अब 1 लाख 88 हजार 48 हो गया है। इनमें 16 हजार 233 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 1 लाख 69 हजार 962 लोग ठीक हो चुके हैं। कोरोना ने अब तक 1853 लोगों की जान ले ली है।
3. बिहार
राज्य में सोमवार को 513 कोरोना संक्रमित मिले। 1087 लोग रिकवर हुए और 9 मरीजों की मौत हो गई। अब तक 2 लाख 12 हजार 705 लोग संक्रमित पाए जा चुके हैं। इनमें 9 हजार 639 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 2 लाख 2 हजार 7 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है। संक्रमण के चलते अब तक 1058 मरीजों की मौत हो चुकी है।
4. महाराष्ट्र
राज्य में पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड मरीजों की संख्या में गिरावट देखी गई। 3645 लोग संक्रमित पाए गए, जबकि 9905 लोग रिकवर हुए। 84 मरीजों की मौत हुई। 16 लाख 48 हजार 665 लोग अब तक संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 1 लाख 34 हजार 137 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 14 लाख 70 हजार 660 लोग ठीक हो चुके हैं। 43 हजार 348 मरीजों की अब तक मौत हो चुकी है।
5. उत्तरप्रदेश
राज्य में मरीजों का आंकड़ा 4 लाख 72 हजार 68 हो गया है। पिछले 24 घंटे में 1798 नए मरीज मिले। 2441 लोग ठीक हुए और 20 मरीजों की मौत हो गई। अभी 26 हजार 654 मरीज ऐसे हैं जिनका इलाज चल रहा है, जबकि 4 लाख 38 हजार 512 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण के चलते अब तक 6902 मरीजों की मौत हो चुकी है।
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले वहां के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और रक्षा मंत्री मार्क एस्पर सोमवार को दिल्ली पहुंचे। वे मंगलवार को तीसरी 2+2 मंत्री बैठक में हिस्सा लेंगे, जिसमें भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह शामिल होंगे। इससे पहले सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ ने एस्पर से हैदराबाद हाउस में मुलाकात की।
मुलाकात के बाद राजनाथ ने संतुष्टि जताते हुए कहा कि यह सफल रही। उन्होंने कहा कि यह बैठक दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को व्यापक स्तर पर ले जाने के उद्देश्य से हुई है। 2+2 वार्ता पहले से तय थी। लेकिन, भारत-चीन और अमेरिका-चीन की बीच पैदा हुई ताजा कड़वाहट को देखते हुए इसे चीन की घेराबंदी के तौर पर देखा जा रहा है। सोमवार को राजनाथ सिंह और एस्पर की बैठक के बाद एस. जयशंकर और पोम्पियो के बीच बैठक हुई। जयशंकर ने कहा कि बैठक में दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों की मतबूती पर बात हुई।
2+2 वार्ता क्या? यह दो देशों के रक्षा और विदेश मंत्रालयों में होती है। पहले भी 2 बैठकें हो चुकी हैं।
एजेंडा क्या? प्रशांत क्षेत्र में चीन की दखलंदाजी और लद्दाख में उसका आक्रामक व्यवहार वार्ता में शामिल होंगे। इसे देखते हुए बेका समझौता हो सकता है।
बेका क्या?: बेसिक एक्सचेंज एंड कोऑपरेशन एग्रीमेंट (बेका) से भारत मिसाइल हमले के लिए विशेष अमेरिकी डेटा का इस्तेमाल कर सकेगा। इसमें किसी भी क्षेत्र की सटीक भौगोलिक लोकेशन होती है।
बेका एग्रीमेंट के लिए यही सबसे अनुकूल समय, चीन पर साफ बात करनी होगी
इस बार बेका पर आगे बढ़ने की संभावना है। चीन के साथ हमारे रिश्ते जिस मोड़ पर आ चुके हैं, उसमें बेका समझौता काफी अहम हो जाता है। इसीलिए 2+2 वार्ता के केंद्र में बेका है। समझौता हुआ तो दोनों देश जियोस्पेशियल क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे। करगिल युद्ध के समय अमेरिका ने यह कहकर हमारे जीपीएस बंद कर दिए थे कि यह करार शांतिकाल के लिए था। हालांकि, उसके बाद रक्षा क्षेत्र में हम दो समझौते लेमोआ और कोमकासा कर चुके हैं।
अब हमारे मंत्रियों को यह ध्यान रखना होगा कि समझौता युद्धकाल के लिए भी लागू हो। अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव हैं, इसलिए केवल सैद्धांतिक सहमति बनने से मामला लटक सकता है। जॉर्ज बुश के राष्ट्रपति रहते हुए भी एक बार ऐसी स्थिति बनी थी। लेकिन, तब विपक्षी पार्टियों ने कहा था कि हम चीन के साथ चलना चाहते हैं। आज बदले हालात में हमें अमेरिका को साफ कहना होगा कि ईरान के मसले पर चीन को बाहर रखना जरूरी है, वर्ना भारत बुरी तरह से घिर जाएगा। क्योंकि, चीन पाकिस्तान, अफगानिस्तान और नेपाल में जड़े जमाने की पुरजोर कोशिश कर रहा है।
नमस्कार!
जैसे-जैसे कोरोना के एक्टिव मामले रोज घटते जा रहे हैं, फ्री वैक्सीन के वादे बढ़ते जा रहे हैं। बिहार के बाद अब मोदी सरकार के एक मंत्री ने पूरे देश के लिए भी फ्री वैक्सीन का वादा कर दिया है। बहरहाल, शुरू करते हैं मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ...
सबसे पहले देखते हैं, बाजार क्या कह रहा है…
BSE का मार्केट कैप 158.60 लाख करोड़ रुपए रहा। 59% कंपनियों के शेयरों में गिरावट।
2,860 कंपनियों के शेयरों में ट्रेडिंग हुई। 990 कंपनियों के शेयर बढ़े और 1,698 कंपनियों के गिरे।
आज इन इवेंट्स पर रहेगी नजर
प्रधानमंत्री मोदी ‘स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि स्कीम’ के तहत उत्तर प्रदेश के स्ट्रीट वेंडर्स से बातचीत करेंगे। 3 लाख वेंडर्स को कर्ज दिया जाएगा।
IPL में हैदराबाद और दिल्ली के बीच शाम साढ़े सात बजे से मैच।
मोदी शाम 4:45 बजे नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन विजिलेंस एंड एंटी करप्शन को संबोधित करेंगे।
आर्मी कमांडर्स की कॉन्फ्रेंस में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह संबोधित करेंगे।
देश-विदेश
पूरे देश के लिए बिहार जैसा वादा
केंद्रीय मंत्री प्रताप सारंगी का कहना है कि देश के सभी लोगों को कोरोना की वैक्सीन फ्री दी जाएगी। सारंगी ने ओडिशा के बालासोर में चुनावी सभा के बाद यह बात कही। यहां 3 नवंबर को विधानसभा उपचुनाव हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री देश के सभी लोगों को फ्री वैक्सीन का ऐलान कर चुके हैं। हर आदमी पर करीब 500 रुपए का खर्च आएगा।
इस वादे के मायने: सरकार ने वैक्सीन के लिए 50 हजार करोड़ रुपए का फंड रखने का फैसला किया है। स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. हर्षवर्धन भी कह चुके हैं कि जुलाई 2021 तक 20-25 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी, लेकिन सारंगी जो दावा कर रहे हैं, प्रधानमंत्री मोदी ने सीधे तौर पर ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। सारंगी के बयान पर सरकार भी चुप है।
मध्य प्रदेश में रैलियां हो सकेंगी
मध्य प्रदेश में उपचुनाव के दौरान 9 जिलों में रैलियां हो सकेंगी। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने पिछले दिनों राज्य में फिजिकल रैलियों पर रोक लगा दी थी और वर्चुअल रैली कराने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने इसी आदेश पर सोमवार को स्टे लगा दिया। साथ ही रैलियों में भीड़ बढ़ने पर राजनीतिक दलों को फटकार भी लगाई कि आपको खुद से यह सवाल पूछना चाहिए कि इस हालात के लिए जिम्मेदार कौन है?
चिराग को बिहार में भाजपा पर भरोसा
कोरोना के बीच हो रहा बिहार चुनाव शायद इतना दिलचस्प नहीं होता, अगर चिराग पासवान एनडीए से अलग नहीं होते। भास्कर को दिए इंटरव्यू में चिराग कह रहे हैं कि बिहार में भाजपा-लोजपा की सरकार बनेगी और 100% बनेगी। भाजपा के सीएम को उनकी पार्टी सपोर्ट करेगी। तेजस्वी के बारे में चिराग ने कहा कि उन पर कभी वर्क ही नहीं किया तो उनके बारे में क्या बोलूं?
भाजपा के लिए उम्मीदों के चिराग: चिराग ने पहले खुद को मोदी का हनुमान बताया। अब कह रहे हैं कि वे भाजपा के साथ सरकार बना सकते हैं। यानी सीधे तौर पर मैसेज दे रहे हैं कि चुनाव के बाद अगर जदयू को सीटें कम मिलीं और नीतीश को छोड़कर भाजपा सरकार बनाने की स्थिति में आ गई तो लोजपा उसका साथ देगी।
कंगना vs उद्धव
महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने रविवार को दशहरा रैली के संबोधन में कंगना का नाम लिए बिना कहा था कि आप यहां रोजगार के लिए आते हैं और मुंबई को बदनाम करते हैं। इस पर कंगना ने कहा- उद्धव ठाकरे! तुमने कल अपने भाषण में मुझे गाली दी। मुझे नमक हराम कहा। नारी सशक्तीकरण के ठेकेदारों ने भी कुछ नहीं कहा। आपकी बातों से पता चलता है कि एक सेल्फ मेड सिंगल वुमन से आप कैसे बात करते हैं। मुख्यमंत्री, आप नेपोटिज्म (भाई-भतीजावाद) के खराब प्रोडक्ट हैं।
US में रिकॉर्ड प्री-पोल वोटिंग
कोरोना ने अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव के लिए होने वाली वोटिंग का ट्रेंड भी बदल दिया है। वोटर भीड़ भरे पोलिंग बूथ पर जाने से बचना चाह रहे हैं। यही वजह है कि प्री-पोल वोटिंग ने इस बार नया रिकॉर्ड बना दिया है। चुनाव के 9 दिन पहले ही 5.9 करोड़ वोट डाले जा चुके हैं, जबकि 2016 में कुल प्री-पोल बैलट्स ही 5.7 करोड़ थे।
ओरिजिनल
पॉजिटिव खबर
दिल्ली की रहने वाली सुप्रिया दलाल सरकारी स्कूल में टीचर हैं। डेढ़ साल पहले उन्होंने ऑर्गेनिक सब्जियों की खेती शुरू की। अब 5 एकड़ जमीन पर 17 तरह की सब्जियां उगा रही हैं। 300 से ज्यादा कस्टमर्स हैं। हर महीने 3 लाख रुपए की आमदनी भी हो रही है।
लखीसराय के नजदीक एक गांव है लाखोचक। यहां 1925 में दो समुदायों के बीच संघर्ष हुआ था। यह दो दिन तक चला था। गोलियां चली थीं। कोई कहता है कि इस संघर्ष में 8 लोग मारे गए, कोई कहता है कि 80 लोग मारे गए। माना जाता है कि इसी घटना ने बिहार के जातीय समीकरणों पर असर डाला।
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से दो हफ्ते पहले रूस पर हैकिंग और साइबर हमलों के आरोप लग रहे हैं। सवाल यह उठ रहे हैं कि क्या वाकई में रूस हैकिंग के जरिए अमेरिकी चुनाव में छेड़छाड़ कर रहा है और कोई देश किसी दूसरे देश की चुनाव प्रक्रिया को कैसे प्रभावित कर सकता है?
सुर्खियों में और क्या है...
1. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने लोकप्रियता बनाए रखने के लिए अब इस्लामोफोबिया का सहारा लिया है। उन्होंने इस्लाम के प्रति नफरत को मुद्दा बनाकर फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग को एक चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने इस्लामोफोबिया से जुड़ी पोस्ट हटाने की मांग की है। 2. पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे दूसरी शादी करने जा रहे हैं। वे जून में पहली पत्नी मीनाक्षी साल्वे से कानूनी रूप से अलग हो गए थे। 65 साल के साल्वे 56 साल की कैरोलिन ब्रोसार्ड से 28 अक्टूबर को शादी करेंगे। कैरोलिन लंदन में रहती हैं और आर्टिस्ट हैं। 3. बिजनेस टायकून कुमार मंगलम बिड़ला की बेटी और गायिका अनन्या बिड़ला अमेरिका में नस्लभेद का शिकार हुई हैं। अनन्या और उनके परिवार को वॉशिंगटन के स्कोपा इटैलियन रूट्स रेस्त्रां ने परिवार समेत बाहर निकाल दिया। रेस्त्रां के वेटर ने अनन्या और उनकी मां से बदसलूकी की।
कासगंज का एक छोटा सा गांव हैं निजामपुर। आसपास के गांवों के ही बहुत से लोगों को इसका नाम तक नहीं पता। हां, ये सबको पता है कि यहां एक दलित दूल्हा घोड़ी पर चढ़कर बारात लेकर आया था। वहां जाने का रास्ता बताते हुए पड़ोस के गांव की एक अम्मा कहती हैं, 'अच्छा वो घोड़ी वाले दूल्हा की बारात जहां आई थी, अरे तब तो पुलिस ही पुलिस थी।'
गांव की तरफ जा रही एक पतली सड़क से लगे खेत में सतपाल सिंह अपने परिवार के साथ बाजरे की फसल काटते हुए मिले। दो साल पहले जुलाई 2018 में जब उनकी बेटी की बारात आनी थी तो गांव के ठाकुरों ने दलितों के खेतों का पानी बंद कर दिया था। तब उनकी फसलें सूख गईं थीं। उनके दामाद संजय जाटव ने घोड़ी पर चढ़कर बारात लाने की जिद पकड़ ली थी, जिसे ठाकुरों ने अपनी आन-बान के खिलाफ मान लिया था। अदालत के दखल के बाद संजय जाटव पुलिस सुरक्षा में घोड़ी पर चढ़कर बारात लेकर आए। उस दिन कई ठाकुर गांव से ही चले गए थे।
सतपाल सिंह कहते हैं, 'तब तो बंदी कर दी थी। खेतों में पानी भी नहीं दिया था। गांव के ठाकुर कहते थे, घोड़ी पर बारात चढ़ने नहीं देंगे। ना पहले कभी चढ़ी है, ना आगे चढ़ेगी और अगर बारात घोड़ी पर चढ़ी तो मारा तोड़ी होगी। सरकार ने बारात चढ़वाई और हमारा सहयोग भी किया। एक साल तक हमारे लिए गांव में सुरक्षा भी रही।'
गांव की महिलाएं भी पुरुषों के साथ खेतों में काम करती हैं।
सतपाल का बेटा बिट्टू जाटव कहता है, 'हमारा ज्यादा बोलना सही नहीं है। अब गांव में सब शांति है, किसी तरह का कोई तनाव या विवाद नहीं है। सभी प्यार से रह रहे हैं।' तो क्या इसके बाद गांव में कुछ बदला? इस पर बिट्टू जाटव कहते हैं, 'बड़े-बड़े अधिकारी गांव आए, लेकिन जिस तरह का विकास होना था, नहीं हुआ। कई लोगों के पास रहने लायक घर नहीं है। शौचालय नहीं है। पक्की सड़कें नहीं हैं। ये सब काम गांव में होने चाहिए थे।'
गांव में घुसते ही दलितों के 10-12 घर हैं। कुछ कच्चे हैं और कुछ बस बिना प्लास्टर की पक्की दीवारों पर छत डालकर बना लिए गए हैं। एक घर के बाहर एक दुबली-पतली महिला गोद में कुपोषित बच्चा लिए खड़ी है। मुझे देखते ही औरतें घरों से बाहर निकल आती हैं। अब माहौल कैसा है, इस पर एक दलित महिला कहती है, 'पहले ठाकुर शराब पीकर आते थे, चमरा-पमरा कहते थे। अब कुछ नहीं कहते हैं, बढ़िया तरह से रहते हैं। जब से बारात चढ़ी है हमारी, पहले जैसी परेशानी नहीं है।'
वो कहती हैं, 'पहले तो रास्ते में मारते थे, घर में मारते थे, बालक-बच्चे खेत में मिल जाते थे तो वहां घेर लेते थे, थप्पड़ भी मार देते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। हम साफ कहते हैं, अब जाटव भी कमजोर नहीं हैं। अगर अब वो मारेंगे तो खुद भी थप्पड़ खाएंगे। अब पहले वाली बात नहीं है। कुएं से आवाज कुआं जैसी ही आएगी। अब पुराने बुड्ढे नहीं हैं, नए लड़के हैं। अगर यहां नहीं रहने देंगे, कहीं और जाकर खा-कमा लेंगे, लेकिन अब झुकेंगे नहीं।'
यही वो संजय जाटव हैं, जिन्होंने घोड़ी पर चढ़ने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक की लड़ाई लड़ी।
दलितों के छोटे घरों के बगल ठाकुरों के बड़े घर और भी बड़े लगते हैं। जब मैं यहां पहुंची तो ठाकुर समुदाय में एक जवान व्यक्ति की बीमारी से मौत हो गई थी। गांव में गम का माहौल था, जिसमें दलित भी शामिल थे। जैसे-जैसे मौत की खबर गांव में फैलती है, लोग अपने काम-धंधे बंद कर देते हैं। खेतों में काम कर रही दलित महिलाएं भी गांव लौट आती हैं।
दलितों के मोहल्ले में एक कमरे के एक छोटे से घर में बाहर टीन पड़ी है। बरामदे में पड़ी चारपाई में चादर के झूले में एक दुधमुंहा बच्चा झूल रहा है। इस घर में रहने वाली सुनीता कहती हैं, 'सरकार की ओर से गैस सिलेंडर मिला है। शौचालय भी जैसा-तैसा ही सही, पर बना है, लेकिन घर नहीं मिला। कई बार लिखा-पढ़ी हुई, लेकिन कुछ हुआ नहीं।'
बारात को लेकर हुए विवाद गांव की प्रधान कांति देवी कहती हैं, 'कुछ लोगों ने विरोध किया था, लेकिन प्रशासन के दखल के बाद समझाकर मामला शांत करा दिया गया था। बेटी चाहे दलित की हो या ठाकुर की, सभी बेटियां बराबर हैं और जिसके जैसे दिल चाहे, वो वैसे अपनी बारात निकाले। जाटव हो या मेहतर, सबकी बारात धूमधाम से निकले।'
गांव के माहौल के बारे में बात करते हुए कांति देवी कहती हैं, 'जब विवाद था, तब था, अब सब बढ़िया है। ठाकुरों के बिना दलितों का काम नहीं चल सकता और दलितों के बिना ठाकुरों का। सब एक-दूसरे पर निर्भर हैं। हमें तो सब बढ़िया दिख रहा है, लेकिन किसी के दिल में कुछ और हो तो कह नहीं सकते।'
यहां से करीब 30 किलोमीटर दूर हाथरस जिले में संजय जाटव का गांव है। दलित दूल्हे के नाम से चर्चित संजय जाटव को अब सब जानते हैं। स्थानीय राजनीति में सक्रिय संजय इन दिनों अपने गांव बसई में आंबेडकर पार्क का उद्घाटन कराने में जुटे हैं।
गांवों में बच्चों के लिए इसी तरह के पालने बनाए जाते हैं। किसी कपड़े के दोनों छोर को बांधकर उसके अंदर बच्चे को रख दिया जाता है।
आंबेडकर की मूर्ति के नीचे खड़े होकर वो कहते हैं, 'आजादी के बाद से कोई दलित कासगंज के निजामपुर में घोड़ी पर बैठकर बारात लेकर नहीं गया था। जब मैंने बारात चढ़ाने की बात कही तो ठाकुरों ने विरोध किया। मैंने भी घोड़ी चढ़ने की जिद पकड़ ली और घोड़ी चढ़ने के लिए जिला प्रशासन से लेकर जिला अदालत और सुप्रीम कोर्ट तक गया। 6 महीने के संघर्ष के बाद मैं घोड़ी चढ़ा। अब बहुत कुछ बदल गया है।' संजय जब बोल रहे थे, गांव के बच्चे और बूढ़े उन्हें बड़ी गौर से देख रहे थे। मानों कोई नेता बोल रहा हो। वो संविधान और उसमें सभी को मिले बराबरी के अधिकार की बात कर रहे थे।
बसई गांव में संजय जाटव का मोहल्ला भी किसी दूसरे दलित मोहल्ले जैसा ही है। टेढ़ी-मेढ़ी खरंजे की सड़क। खुली बह रहीं गंदी नालियों से लगे छोटे-छोटे घर। कई घरों की तो चारदीवारी तक नहीं है। मैं जब संजय के साथ उनके घर की ओर बढ़ रही थीं, औरतें-बच्चे घरों से झांक-झांक कर देख रहे थे। संजय के चाचा कहते हैं, 'इसने अपना बहुत नाम बना लिया है।' क्या उन्हें संजय के घोड़ी चढ़ने के बाद से किसी तरह का डर लगता है? इस पर वो कहते हैं, 'अब डर नहीं लगता। जो करना था कर लिया, आगे जो होगा देखा जाएगा।'
गांव का एक ठाकुर युवक, जिसके छोटे भाई ने संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या कर ली थी, इंसाफ की लड़ाई में मदद मांगने के लिए संजय के घर आया है। संजय उसकी मांग को हर स्तर पर उठाने का भरोसा देते हैं। मैं उस ठाकुर से पूछती हूं, क्या गांव में दलित-ठाकुर अब सब बराबर हैं। वो संजय की ओर देखकर हिचकते हुए कहता है, 'हां, अब सब बराबर ही हैं।'