शुक्रवार, 1 जनवरी 2021

प्रेरित युवा ही राष्ट्र की शक्ति है, हमें प्रेरणा और प्रयत्नों काे सहेजने पर ध्यान देना होगाः टाटा

नए साल पर टाटा ग्रुप के चेयरमैन एमेरिटस रतन टाटा ने भास्कर के पाठकों के लिए विशेष संदेश दिया है। दैनिक भास्कर के रितेश शुक्ल से एक घंटे से भी ज्यादा लंबी बातचीत में उन्होंने 2021 की उम्मीदों, हमारी ताकत और चिंताओं पर अपने विचार रखे। इस बातचीत का सार एक आर्टिकल के रूप पेश है...

नए वर्ष में दूसरों के विचारों के प्रति समझ और सहिष्णुता हमारी ताकत

कोविड काल की शुरुआत में ऐसा लगा कि ईश्वर ने आराम का अवसर दिया है लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया स्थितियां बदलती गईं। हमें अपने काम से मिलने वाली संतुष्टि का स्तर हर दिन घटता गया क्योंकि हफ्ते के सारे दिन और सारे हफ्ते एक जैसे दिखने लगे। रविवार और सोमवार का फर्क कर पाना मुश्किल हो गया। हर रात को नींद आने से पहले बीते दिन के बारे में सोचो तो यही लगता कि हम जितना कर सकते थे, उतना नहीं कर पाए।

यह स्थिति कब बदलेगी

सच पूछिए तो इस प्रश्न का उत्तर मेरे पास नहीं है। अगर कोई कहता है कि वह उत्तर जानता है तो वह संभवत: सच नहीं बोल रहा है। साल बदल रहा है और अगर आप मुझसे पूछें तो मैं नए साल में खुद के लिए दूसरों के विचार समझने की बेहतर बुद्धि ईश्वर से मांगूंगा। दूसरों के दृष्टिकोण समझना और उनके प्रति सहिष्णुता ही हमारी ताकत है।

महामारी ऐसी ताकत है जिसका सम्मान करते हुए सामना करना होगा

मुझे लगता है कि दुनिया में अलग-अलग चक्र चलते रहते हैं। बिजनेस का चक्र, स्वास्थ्य का चक्र...महामारी का चक्र। समय-समय पर कोई चक्र ऊपर उठता है तो लगता है कि वह दूसरे सभी चक्रों पर हावी हो गया है, मगर यह हमेशा नहीं रहता। एक समय था जब लग रहा था कि एचआईवी मानव जाति को लील जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मुझे लगता है कि कोविड के प्रश्न का भी हम ऐसा कोई उत्तर ढूंढ पाएंगे जो कम से कम इस वायरस की मारक क्षमता को बहुत हद तक कम कर देगा। संभव है आप विपरीत तर्क दें और आप सही भी हो सकते हैं। आखिर यूके और यूरोप में लोगों ने कोविड के असर को नकार दिया था लेकिन आज वहां लॉकडाउन दोबारा लागू है। मैं न तो बहुत आशावादी या निराशावादी प्रतीत होना चाहूंगा। मै सतर्क रहना चाहूंगा ताकि साफ-सफाई रहे, मास्क का उपयोग होता रहे। हमें विनम्र होने की आवश्यकता है ताकि हम एहसास कर सकें कि यह वायरस बहुत ताकतवर है। इसका मतलब यह नहीं है कि हम अंधविश्वासी हो जाएं। मैं सिर्फ इतना ही कहूंगा कि हमें इस परिस्थिति का आदर करते हुए सामना करने की जरूरत है।

प्रेरित युवा ही राष्ट्र की शक्ति

हमें कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न उठाने कि जरूरत है। आखिर क्यों आज दुनिया कि टॉप कंपनियों का नेतृत्व भारतवंशी कर रहे हैं। दूसरा सवाल यह कि इन चुनिंदा लोगों के बाद हमें भारतवंशियों की संख्या ज्यादा क्यों नहीं दिखती? जबकि टॉप तक पहुंचे कई लोगों ने उसी संस्थान में निचले स्तर से काम शुरू किया था। वजह शायद यह है कि शीर्ष पर अवसर कम हैं। वहीं क्या वजह है कि इतनी बड़ी तादाद में भारत के लोग रोजगार पाने में भी असमर्थ हो रहे हैं? इतिहास गवाह है कि जो लोग नए समय में उत्पन्न हुई आवश्यकताओं को पूरा करने कि कोशिश करते हैं वे आगे बढ़ जाते हैं। ऐसे में हमें इस बात पर गौर करने कि आवश्यकता है कि क्या हमारे पास ऐसी व्यवस्था और वातावरण है जो रचनात्मकता को बढ़ावा दे सके? क्या युवाओं के लिए ऐसा माहौल है जिसमें अगर वो नवाचार के बारे में सोच सकते हों तो उन्हें क्रियान्वयन का भी साहस और सहयोग प्राप्त हो सके? आखिरकार जब यह महसूस होने लगा कि प्रदूषण समस्या है तब बैटरी से चलने वाले वाहनों की कल्पना हुई और आज साकार हो पा रही है। सफलता-असफलता से आगे जा कर जब तक रचना शैली, प्रयत्नशीलता और जुझारूपन को तवज्जो नहीं मिलेगी तब तक युवा नवाचार की राह पर कैसे चल पाएगा? मुझे लगता है कि प्रेरित युवा ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। प्रेरणा और प्रयत्न को संरक्षित करना ही हमारा लक्ष्य होना चाहिए बाकी सब ईश्वर पर छोड़ देना चाहिए।

कौशल से दूर होगी बेरोजगारी

आम तौर पर यह माना जाता है कि जॉब मार्केट में अनस्किल्ड, सेमीस्किल्ड और हाईली स्किल्ड लोग हैं। लेकिन ऑटोमेशन की वजह से एक ऐसा क्षेत्र उभरा है जिसके लिए उपयोगी कौशल, किसी डिग्री या डिप्लोमा पर निर्भरता नहीं है। मेरा मानना है कि वो जिन्हें हम प्रवासी मजदूर कहते हैं उनके पास भी विशिष्ट किस्म का कौशल है, लेकिन वे ऐसे दूषित वातावरण में हैं कि उनका श्रम सुरक्षित नहीं है। दूसरे विश्वयुद्ध में अमेरिका जब शामिल हुआ तब सैन्य उपकरण उद्योग को वहां की गृहिणियों ने संभाला। 1970 के दशक में जब तकनीक का चरम इलेक्ट्रॉनिक सर्किट हुआ करता था, तब चीन की महिलाओं ने माइक्रोस्कोप में देखते हुए तेजी से सर्किट जोड़े और तब तक जोड़ती रहीं जबतक वही काम रोबोट ने 10 गुना तेजी से करना शुरू नहीं कर दिया। पूछने योग्य प्रश्न यह है कि असल में बेरोजगारी है कहां? जहां कौशल को अवसर नहीं मिलता वहीं बेरोजगारी होती है। हमें ऐसा नेतृत्व चाहिए जो यह संकल्प लेकर मैदान में उतरे कि काम की आवश्यकता अनुसार लोगों के कुछ हिस्सों को प्रशिक्षित किया जा सके। आज सरकार कौशल विकास की दिशा में बेहद गंभीर है लेकिन बड़ा प्रश्न यह भी है कि कौशल प्राप्त करने बाद लोग देश में रहेंगे या मध्य एशिया या धरती के अन्य हिस्सों में जा बसेंगे? आखिर नर्सिंग और मेडिकल लैबोरेटरी टेक्नीशियन के क्षेत्र में यही तो हो रहा है। हमें असफलताओं में भी निवेश करने की हिम्मत रखनी होगी।

अगर कुछ चुनिंदा लोग ही हों जिनसे हम महत्वपूर्ण प्रश्नों का उत्तर मांगें तो हम बहुत कुछ हासिल नहीं कर पाएंगे। एक समय था जब टाटा या बिड़ला या अन्य ऐसे बड़े औद्योगिक घराने थे जिनकी कार्यप्रणाली का अनुसरण करना बेहद मुश्किल था। आज ऐसे लोगों के उदाहरण बहुतायत में उपलब्ध हैं जिनके पास एक आइडिया था जिसे जमीन पर उतारकर उन्होंने संपन्नता हासिल की। उदाहरण के तौर पर मैं एक स्टार्टअप के साथ काम कर रहा हूं। मुझे बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है। लेकिन क्या मैं अपने अर्जित ज्ञान को कैटेलॉग कर पा रहा हूं? नहीं, मैं नहीं कर पा रहा हूं। जब हम ऐसा नहीं कर पाते हैं तो अपनी असफलताओं से सीखने का अवसर खो देते हैं। अपनी असफलताओं को हमें सफलता के मार्ग में मील के पत्थरों के रूप में देखना होगा। भारत में एक ऐसा माहौल बनाना होगा जहां किसी नवाचार को यह जानते हुए भी लागू किया जा सके कि यह असफल हो सकता है। इन्हीं असफलताओं से मिला ज्ञान हमें सफलता तक पहुंचाएगा।

टेक्नोलॉजी को क्लाइमेट चेंज पर भी सोचना होगा

मुझे बड़ी प्रसन्नता है कि आज हम क्लाइमेट चेंज को गंभीरता से ले रहे हैं। कुछ दशकों पहले लोगों के लिए यह सोचना भी अजीब था कि समय और पैसे खर्च किए जाएं ताकि हमें साफ-सुथरा नीला आकाश देखने को मिल सके। सांस लेने के लिए प्रदूषण रहित वायु उपलब्ध हो। हम अपनी अगली पीढ़ी को क्या देने जा रहे हैं, इस बात को नजरअंदाज कर रहे थे। आज भी कुछ लोग कह सकते हैं कि हमें जलवायु पर ध्यान देने से ज्यादा भोजन की उपलब्धता पर समय और पैसा खर्च करने की जरूरत है। लेकिन अब देर करना घातक साबित हो सकता है। कुछ जगहों पर तो पहले से ही देर हो चुकी है। मुझे लगता है कि जब भी हमें अपनी जेब में हाथ डालना पड़ता है उस खर्च के लिए जिसका तात्कालिक लाभ न हो तो उस खर्च का विरोध स्वाभाविक है। लेकिन आज हम ग्लेशियर के पिघलने, मछलियों के लुप्त हो जाने और प्रदूषित हो रहे जल, भोजन और वायु को नजरअंदाज नहीं कर सकते। हमेशा कुछ लोग ऐसे होंगे जो कहेंगे कि हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन हम मानें या ना मानें फर्क तो पड़ेगा ही। टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल अगर इस समस्या को सुलझाने में नहीं किया गया तो टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने वाले ही नहीं बचेंगे।



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नए साल पर टाटा ग्रुप के चेयरमैन एमेरिटस रतन टाटा ने भास्कर के पाठकों के लिए विशेष संदेश दिया है।


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वैज्ञानिकों ने बनाया हू-ब-हू कोरोना जैसा पर्टिकल; ये महामारी फैलाएगा नहीं, उसे मार देगा

आखिर 2020 विदा हो ही गया। पूरी दुनिया 2021 को उम्मीदों भरी निगाहों से ताक रही है। सबसे बड़ी आस कोरोना वैक्सीन से है। और हो भी क्यों न। आखिर पूरा 2020 कोरोना को झेलते ही तो बीता है।

(2021 इस सदी के लिए उम्मीदों का सबसे बड़ा साल है। वजह- जिस कोरोना ने देश के एक करोड़ से ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में लिया, उसी से बचाने वाली वैक्सीन से नए साल की शुरुआत होगी। इसलिए 2021 के माथे पर यह उम्मीदों का टीका है।)

दुनियाभर के लोग पूरे साल जानलेवा कोरोनावायरस की लाल तस्वीर देखते रहे। वैज्ञानिकों ने इसे Severe Acute Respiratory Syndrome Coronavirus-2 यानी SARS-CoV-2 नाम दिया है। तो आइये नए साल के पहले दिन देखते हैं उस अनोखे पार्टिकल की तस्वीर जो हू-ब-हू कोरोनावायरस की तरह दिखता है। इसके चारों ओर भी कोरोनावायरस की तरह स्पाइक्स हैं। लेकिन, यह एकदम उलटा काम करता है। यह कोरोना फैलाता नहीं, बल्कि उसके वायरस को मारता चलता है।

यह तस्वीर है- कोरोना के VLP (Virus like particle) यानी कोरोनावायरस जैसे पार्टिकल की। इसे प्रकृति ने नहीं बल्कि कोरोना की काट तलाश रहे वैज्ञानिकों ने बनाया है।

वायरस लाइक पार्टिकल (VLP) की तस्वीर वैज्ञानिकों ने कंप्यूटराइज्ड 3डी तकनीक से तैयार की है। कोरोना वायरस से अलग दिखाने के लिए इसका रंग हरा रखा गया है।

कहते हैं न कि दुश्मन को मारने के लिए उसके जैसे वेष में ही उसकी सेना में घुस जाओ। ठीक उसी अंदाज में VLP को भी हू-ब-हू कोरोनावायरस की तरह प्रोटीन से बनाया गया है। इन पार्टिकल्स से दुनिया भर में कोरोना की कई वैक्सीन तैयार की जा रही हैं। इनमें कई वैक्सीन्स के क्लिनिकल ट्रायल चल रहे हैं।

माइक्रोस्कोप से ऐसा दिखता है VLP, एकदम कोरोनावायरस की तरह

कनाडा की फार्मा कंपनी मेडिकागो की ओर से जारी VLP की तस्वीर।
पहली तस्वीर कोरोना वायरस की है और दूसरी उसकी तरह दिखने वाले VLP की।

VLP को शरीर कोरोना वायरस समझेगा और उन्हें मारने की ताकत जुटा लेगा

आइडिया यह है कि वैक्सीन के जरिए जैसे ही VLP इंसानी शरीर में पहुंचेंगे तो वह धोखा खा जाएगा। हमारे शरीर को लगेगा कि कोरोनावायरस आ गया है और वह इसे मारने के लिए अपनी प्रतिरोधक तंत्र को सक्रिय कर देगा।

हमारे शरीर में कोरोना के खिलाफ एंटी-बॉडीज बनना शुरू हो जाएंगे। वह भी इतनी तादाद में कि कई महीनों या साल तक अगर हमारे शरीर का सामना असली कोरोनावायरस से होता है तो पहले से तैयार एंटी-बॉडीज उसे मार देंगे।

इस वैक्सीन से कोरोना होने का कोई डर नहीं

दूसरी तकनीकों से बनने वाली कई वैक्सीन्स की तरह इन पार्टिकल से बनने वाली वैक्सीन से कोरोना होने का बिल्कुल भी डर नहीं। दरअसल, इनमें किसी भी वायरस की जान, यानी जेनेटिक मेटेरियल ही नहीं है। यह पार्टिकल्स कोरोनावायरस की तरह होने के बावजूद अपनी संख्या बढ़ा नहीं सकते।

कनाडा की कंपनी पौधों से बनाई सस्ती वैक्सीन, भारत में भी कवायद

दुनिया की कई कंपनियां इस नई टेक्नोलॉजी से वैक्सीन बनाने में जुटी हैं। अब तक स्तनधारियों से लिए गए प्रोटीन के जरिए यह पार्टिकल बनाए जा रहे थे, लेकिन कनाडा की बायोटेक्नोलॉजी कंपनी Medicago ने मात्र 20 दिनों में पौधों के प्रोटीन से कोरोना के VLP बना लिए हैं।

कंपनी का दावा है इस टेक्नोलॉजी से तैयार वैक्सीन बेहद सस्ती, कम समय और कम जगह में तैयार होगी। कंपनी ने इस आधार पर कोरोना वैक्सीन विकसित कर ट्रायल जुलाई में ट्रायल शुरू किए। इस तकनीक से वैक्सीन तैयार करने में एंटीजन की बेहद कम मात्रा में जरूरत होती है। ऐसे में कम खर्च में वैक्सीन से ज्यादा डोज तैयार की जा सकती हैं।

भारत में हैदराबाद की जीनोम वैली में स्थित फार्मा कंपनी बायोलाजिकल E ने VLP आधारित कोरोना वैक्सीन तैयार की है। जिसके phase-1 और phase-2 के क्लीनिकल ट्रायल चल रहे हैं।

पौधों को बायो-रिएक्टर बनाकर तैयार होता है वैक्सीन का कच्चा माल

परंपरागत रूप से वैक्सीन के लिए एंटीजन बनाने के लिए जीवित वायरस को मारकर विभाजित किया जाता है। इसके लिए भारी संख्या में वायरस की जरूरत होती है। इसके काम में आमतौर पर मुर्गी के चूजों के भ्रूण या निषेचित अंडों को बायो-रिएक्टर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। मतलब अनुकूल वातावरण बनाकर इनमें ही भारी संख्या में वायरस पैदा किए जाते हैं।

जबकि, VLP वाली वैक्सीन में वायरस जैसे पार्टिकल्स को भारी संख्या में बनाने के लिए पौधों को बायो-रिएक्टर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इस तरह वैक्सीन बनाने का कच्चा माल यानी एंटीजन न केवल कम समय में बल्कि बेहद कम लागत से तैयार हो जाता है। इससे वैक्सीन भी सस्ती और तेजी से तैयार की जा सकती है।



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Coronavirus; First Image Of Virus-Like Particle (VLP) COVID Vaccine


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गुरुवार, 31 दिसंबर 2020

न्यू इयर को देखते हुए दिल्ली में 2 दिन का नाइट कर्फ्यू, गोवा में सेलिब्रेशन के लिए करीब 45 लाख सैलानी पहुंचे

दिल्ली में नए साल पर कोरोना गाइडलाइन टूटने की आशंका को देखते हुए दो दिन का नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है। इस दौरान सार्वजनिक स्थानों पर पांच से ज्यादा लोग इकट्‌ठा नहीं हो सकेंगे। नए साल का कोई जश्न नहीं मनेगा। ये पाबंदियां आज रात 11 बजे से 1 जनवरी सुबह 6 बजे तक और 1 जनवरी रात 11 बजे से 2 जनवरी की सुबह 6 बजे तक लागू रहेंगी। उधर, गोवा में नए साल का जश्न मनाने के लिए करीब 45 लाख लोग पहुंच चुके हैं।

देश में बीते 24 घंटे में 21 हजार 944 केस आए और 26 हजार 406 मरीज ठीक हो गए। 299 संक्रमितों की मौत हो गई। इस तरह एक्टिव केस यानी इलाज करा रहे मरीजों की संख्या में 4776 की कमी आई। अब तक कुल 1.02 करोड़ केस आ चुके हैं। इनमें से 98.59 लाख मरीज ठीक हो चुके हैं। 1.48 लाख लोग इस महामारी से जान गंवा चुके हैं। ये आंकड़े covid19india.org से लिए गए हैं।

कोरोना अपडेट्स

  • AIIMS दिल्ली के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कोरोना के हालात पर बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि संभव है कि ब्रिटेन में मिला कोरोना का नया स्ट्रेन भारत में नवंबर या दिसंबर की शुरुआत में ही आ गया हो। उन्होंने कहा कि यह तेजी से फैलता है, फिर भी भारत में पिछले कई हफ्तों से कोरोना के मामलों में इजाफा नहीं हुआ है। हालांकि, उन्होंने फिर भी ज्यादा सतर्कता बरतने को कहा है।
  • पंजाब सरकार ने राज्य में 1 जनवरी से नाइट कर्फ्यू हटाने का फैसला किया है। सबसे बड़ी राहत होटल, रेस्टोरेंट को दी गई है। अब इनडोर में 200 और आउटडोर में 500 लोग इकट्ठा हो सकते हैं। हालांकि, 31 दिसंबर तक पाबंदियां पहले जैसी ही रहेंगी।
  • गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बुधवार को बताया कि राज्य में न्यू इयर सेलिब्रेशन के लिए 40-45 लाख सैलानी आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि हम कोरोना के सभी प्रोटोकॉल लागू कर रहे हैं ताकि लोग इसके महत्व को लेकर जागरूक हो सकें।
  • ओडिशा सरकार ने कोरोना गाइडलाइन जारी की है। यह 1 से 31 जनवरी तक लागू रहेगी। इस दौरान सिनेमाहॉल और थियेटर 50% कैपेसिटी के साथ खोलने की इजाजत रहेगी। सामाजिक, धार्मिक, मनोरंजक, खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा 200 लोग इकट्‌ठा हो सकते हैं।
  • कर्नाटक के बेंगलुरु में नए साल की वजह से 31 दिसंबर दोपहर 12 बजे से 1 जनवरी की सुबह 6 बजे तक धारा 144 लागू की गई है।

5 राज्यों का हाल
1. दिल्ली

यहां मंगलवार को 677 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। 940 लोग ठीक हुए और 21 की मौत हो गई। अब तक संक्रमण के 6.24 लाख केस आ चुके हैं। इनमें से 6.08 लाख मरीज ठीक हो चुके हैं। 10 हजार 523 मरीजों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 हजार 838 मरीजों का इलाज चल रहा है।

2. मध्यप्रदेश
यहां पिछले 24 घंटे में 865 नए संक्रमितों की पहचान हुई। 1060 मरीज ठीक हुए और 13 की मौत हो गई। यहां अब तक कोरोना संक्रमण के 2.40 लाख केस आ चुके हैं। इनमें से 2.27 लाख मरीज ठीक हो चुके हैं और 3595 की मौत हो चुकी है। अब 9387 संक्रमितों का इलाज चल रहा है।

3. गुजरात
यहां बुधवार को 799 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 834 मरीज ठीक हुए और सात की मौत हो गई। अब तक संक्रमण के 2.44 लाख केस आ चुके हैं। इनमें से 2.30 लाख मरीज ठीक हो चुके हैं। 4302 ने जान गंवाई है, जबकि 9879 का इलाज चल रहा है।

4. राजस्थान
यहां पिछले 24 घंटे में 770 कोरोना संक्रमितों की पहचान हुई। 1142 मरीज ठीक हुए। 6 की मौत हो गई। अब तक 3.07 लाख लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 2.95 लाख मरीज ठीक हो चुके हैं। 2689 की मौत हो चुकी है, जबकि 9 हजार 835 मरीजों का इलाज चल रहा है।

5. महाराष्ट्र
यहां बुधवार को 3537 लोग संक्रमित पाए गए। 4913 लोग ठीक हुए और 90 की मौत हो गई। अब तक 19.28 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 18.24 लाख मरीज ठीक हो चुके। 49 हजार 463 की मौत हुई, जबकि 53 हजार 66 मरीजों का इलाज चल रहा है।



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दिल्ली में कर्फ्यू की पाबंदियां आज रात 11 बजे से 1 जनवरी सुबह 6 बजे तक और 1 जनवरी रात 11 बजे से 2 जनवरी की सुबह 6 बजे तक लागू रहेंगी। -फाइल फोटो


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राजस्थान के चार जिलों में पारा शून्य से नीचे, MP में दतिया सबसे ठंडा; चंडीगढ़ में विजिबिलिटी घटकर हुई 20 मीटर

बर्फीली हवा के कारण साल का आखिरी दिन भी शीतलहर का असर बना हुआ है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पारा गिरकर 7 डिग्री पर पहुंच गया तो राजस्थान के चार जिलों का तापमान शून्य से भी नीचे चला गया। इन चारों जिलों में जमाव की स्थिति बन गई है। चंडीगढ़ में कोहरे के बाद विजिबिलिटी घटकर 20 मीटर हो गई, जिसके बाद लोगों को कहीं आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।

राजस्थान के चुरू में सर्दी ने तोड़ा 9 साल का रिकॉर्ड

राजस्थान के चार शहरों में तापमान अब भी जमाव बिंदु से नीचे है। 15 शहरों में पारा 5 डिग्री से भी नीचे चला गया। माउंट आबू में पहली बार दिसंबर में लगातार दूसरे दिन तापमान माइनस 4 डिग्री दर्ज हुआ। फतेहपुर में माइनस 3, चूरू में माइनस 1.5 और जोबनेर में माइनस 1.4 डिग्री रहा। आबू में सर्दी किस कदर कहर ढा रही है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि तीन दिन से यहां पारा शून्य से नीचे है, जबकि लगातार 17 दिन से सुबह बर्फ जम रही है।

यह तापमान बुधवार का है।

चूरू में सर्दी ने 9 साल का रिकॉर्ड तोड़ा। साल 2011 में यहां पारा माइनस 1.4 पर था। चूरू में दिसंबर में अब तक सबसे कम तापमान 28 दिसंबर 1973 को माइनस 4.6 डिग्री रहा था। झालावाड़ के सुनेल स्थित जोनपुर गांव में खेत पर सिंचाई कर रहे किसान हरिश्चंद्र (32) की ठंड लगने से मौत हो गई।

ठंड से ठिठुरा मध्य प्रदेश, 2.9 डिग्री के साथ दतिया सबसे ठंडा रहा

मप्र कड़ाके की ठंड से ठिठुर गया है। बुधवार का दिन भोपाल में प्रदेश भर में सबसे ठंडा रहा। यहां दिन का तापमान सामान्य से 7 डिग्री कम यानी 18 डिग्री दर्ज किया गया। हालांकि, रात में पारा 2.2 डिग्री उछलकर 10.1 डिग्री पर पहुंच गया।

भोपाल की मनुआभान टेकरी से क्लिक किया गया फोटो।

दतिया प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के 16 जिलों में सीवियर कोल्ड डे व कोल्ड डे रहा। दतिया, धार व ग्वालियर जिले शीतलहर की चपेट में रहे।
भोपाल के अलावा उज्जैन, इंदौर, धार, और राजगढ़ में सीवियर कोल्ड डे रहा। छतरपुर जिले के खजुराहो, सागर, दमोह, गुना, नौगांव, खंडवा, खरगोन, रतलाम, शाजापुर जिलों में कोल्ड डे रहा।

चंडीगढ़ में रहा सीजन का सबसे ठंडा दिन, विजिबिलिटी 50 मीटर

बुधवार को सीजन का सबसे ठंडा दिन रिकॉर्ड किया गया। पारा सामान्य से 9 डिग्री कम रहा। दिन का अधिकतम तापमान 11.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 9 डिग्री कम रहा। यहां विजिबिलिटी सुबह 8:30 बजे 50 मीटर रही जो बाद में 20 मीटर तक हो गई थी।

चंडीगढ़ में कोहरे के कारण विजिबिलिटी घटकर 20 मीटर रह गई।

छत्तीसगढ़ में शीतलहर पड़ी धीमी, सुबह जम रही ओस

प्रदेश की राजधानी रायपुर में हवा की दिशा बदलने के कारण ठंड कम हो गई है। इससे शीतलहर धीमी पड़ गई है। रात तथा दिन का तापमान दो से तीन डिग्री तक बढ़ गया है। तापमान बढ़ने के कारण गर्म हवा के भीतर छिपा हुआ वाष्पीकृत पानी ठंडी सतहों से टकराकर सुबह-सुबह ओस के रूप में नजर आने लगा है।

नया रायपुर में घास पर जमी ओस की फोटो।

पंजाब में पाला जमने और कोहरा बढ़ने के बाद अमृतसर सबसे ठंडा

कड़ाके की सर्दी पड़ने से पंजाब का अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री नीचे आ चुका है, इससे सूबे के सभी जिले कोल्ड डे बन चुके हैं। बुधवार को राज्य के पांच जिलों का तापमान 5 डिग्री गिरकर 13 डिग्री के आसपास पहुंच गया। इसमें पठानकोट, अमृतसर, जालंधर, लुधियाना और पटियाला शामिल हैं। अमृतसर में न्यूनतम पारा सबसे कम 1.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

हिमाचल में घना कोहरा छाने के बाद येलो अलर्ट जारी

हिमाचल के शिमला में भी बुधवार सीजन का सबसे ठंडा दिन रिकॉर्ड किया गया। इसके बाद मौलम विभाग ने 4 मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा में येलो अलर्ट जारी कर दिया। विभाग ने चार जनवरी से पूरे प्रदेश में बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान भी लगाया है।

शिमला में अब भी जारी है बर्फबारी।


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जयपुर के अमरसर में खेतों की फेंसिंग पर जमी बर्फ।


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मोदी 11 बजे राजकोट AIIMS की आधारशिला रखेंगे, प्रोजेक्ट 2022 तक पूरा होने की उम्मीद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजकोट में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) की आधारशिला रखेंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 11 बजे ये प्रोग्राम होगा। इसमें गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे भी जुड़ेंगे। मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा है कि इस प्रोजेक्ट से गुजरात में हेल्थकेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार होगा।

750 बेड वाले AIIMS पर 1195 करोड़ खर्च होंगे
राजकोट AIIMS के लिए सरकार ने 201 एकड़ जमीन की मंजूरी दी है। इसे बनाने में 1195 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। 2022 के मध्य तक इसके पूरे होने की उम्मीद है। 750 बेड वाले AIIMS में 30 बेड वाला आयुष ब्लॉक भी होगा। इसमें 125 MBBS की सीटें और 60 नर्सिंग सीटें होंगी।



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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि राजकोट में AIIMS बनने से गुजरात में हेल्थकेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार होगा।- फाइल फोटो।


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केंद्र ने किसानों की आधी मांगें मानी, बिहार में MLA तोड़ने पर तकरार और अब नई तारीख तक भरें ITR

नमस्कार!
कर्मचारियों को EPF पर 8.5% का एकमुश्त ब्याज मिलेगा। कोरोना के नए स्ट्रेन के खतरे के बीच ब्रिटेन से लौटे कई लोग गायब हैं। यमन में एयरपोर्ट पर ताकतवर ब्लास्ट हुआ। बहरहाल शुरू करते हैं न्यूज ब्रीफ।

सबसे पहले देख लेते हैं मार्केट क्या कह रहा है -

  • BSE का मार्केट कैप 187.98 लाख करोड़ रुपए रहा। 52% कंपनियों के शेयरों में बढ़त रही।
  • 3,134 कंपनियों के शेयरों में ट्रेडिंग हुई। 1,650 कंपनियों के शेयर बढ़े और 1,313 के शेयर गिरे।

आज इन इवेंट्स पर रहेगी नजर

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजकोट में वीडियो कॉन्फ्रंसिंग के जरिए AIIMS की नींव रखेंगे।
  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक CBSE बोर्ड परीक्षा की तारीखों का ऐलान करेंगे।

देश-विदेश
थोड़ी सरकार झुकी, थोड़ा किसान

किसान आंदोलन के 35वें दिन सरकार और किसानों के बीच 36 का आंकड़ा खत्म होता दिखा। कृषि कानूनों पर किसान संगठनों और केंद्र के बीच बुधवार को विज्ञान भवन में सातवें दौर की बैठक हुई। पांच घंटे तक चली मीटिंग में सरकार थोड़ी झुकी, तो किसान भी थोड़े नरम पड़े। सरकार ने किसानों की चार में से दो मांगें मान लीं। बाकी दो मांगों पर बातचीत के लिए 4 जनवरी की तारीख तय की गई है। पराली जलाने और इलेक्ट्रिसिटी एक्ट को लेकर केंद्र और किसान रजामंद हो गए। वहीं, MSP को कानून का दर्जा देने पर अगली बैठक में चर्चा होगी।

ITR फाइल करने की तारीख बढ़ी
सरकार ने इनकम टैक्स फाइल करने का समय बढ़ा दिया है। अब 10 जनवरी तक इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल किया जा सकता है। जानकारी के मुताबिक, 28 दिसंबर तक कुल 4.37 करोड़ ITR भरे गए थे। वे व्यक्तिगत इनकम टैक्स भरने वाले जिनके खातों के ऑडिट की जरूरत नहीं है, वे 10 जनवरी तक रिटर्न फाइल कर सकते हैं। वहीं, जो लोग टैक्स देते हैं और उनका खाता ऑडिट होता है और वे लोग जिन्हें इंटरनेशनल फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन की रिपोर्ट देनी होती है, उनके लिए ITR का समय 15 फरवरी तक बढ़ाया गया है। इसी के साथ सरकार ने टैक्स ऑडिट रिपोर्ट की आखिरी तारीख बढ़ाकर 15 जनवरी 2021 कर दी है।

कर्मचारियों के लिए खुशखबरी
सरकार की तरफ से कर्मचारियों के लिए नए साल से पहले बड़ी खुशखबरी है। सरकार ने 2019-20 के लिए एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) पर 8.5% का एकमुश्त ब्याज देने का प्रस्ताव मान लिया है। मुमकिन है कि ब्याज की यह रकम 31 दिसंबर 2020 तक कर्मचारियों के खाते में पहुंच जाए। सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि ब्याज दर से जुड़े प्रस्ताव पर इसी हफ्ते श्रम और वित्त मंत्रालय की बैठक हुई थी। इसी बैठक में EPFO को एकमुश्त 8.5% ब्याज देने की इजाजत मिली।

नए साल में ब्रिटेन की फ्लाइट्स पर ब्रेक
देश में ब्रिटेन में मिले ज्यादा खतरनाक कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। बुधवार को 13 नए मरीज मिले। इस बीच सरकार ने ब्रिटेन जाने-आने वाली उड़ानों पर रोक 7 जनवरी तक बढ़ा दी है। पहले 22 दिसंबर की आधी रात से 31 दिसंबर तक यह रोक लगाई गई थी। इसके अलावा सरकार ने सभी इंटरनेशनल कमर्शियल फ्लाइट्स पर लगा प्रतिबंध 31 जनवरी तक बढ़ा दिया है। स्पेशल और कार्गो फ्लाइट्स पर प्रतिबंध लागू नहीं होगा।

कोरोना के नए स्ट्रेन से देश में स्ट्रेस
कोरोना के नए स्ट्रेन के खतरे के बीच देश में एक महीने में ब्रिटेन से लौटे करीब 33 हजार लोगों ने सरकार की परेशानी बढ़ा दी है। बिहार, पंजाब और महाराष्ट्र जैसे कई राज्यों में UK से आए लोगों की ट्रेसिंग नहीं हो पा रही है। कई यात्रियों ने पता और नंबर गलत बताया है, जिससे ट्रेसिंग में दिक्कत आ रही है। पंजाब में सबसे ज्यादा 3 हजार 426 लोग ब्रिटेन से लौटे, इनमें से 2 हजार 426 ट्रेस नहीं हुए। वहीं, महाराष्ट्र में 1200 से लोग लौटे, जिनमें पुणे के 109 लोग लापता हैं।

बिहार में बयानवीरों का दंगल
बिहार में RJD और JDU के बीच एक-दूसरे के विधायकों को तोड़ने के मुद्दे पर लगातार बयानबाजी हो रही है। RJD नेता श्याम रजक ने JDU के 17 विधायक तोड़ने का दावा किया, तो सत्तारूढ़ JDU के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा है कि श्याम रजक मुगालते में हैं। उनके तीन दर्जन विधायक JDU के संपर्क में हैं। वे कभी भी RJD छोड़कर JDU में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, CM नीतीश कुमार ने कहा है कि ऐसे दावों में कोई दम नहीं है।

एक्सप्लेनर
सर्दी भगाने के लिए शराब है खराब

मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिन तक उत्तर भारत के कई राज्यों में कड़ाके की ठंड पड़ने की चेतावनी जारी की है। अगले कुछ दिनों तक हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। इन राज्यों में अधिकतम तापमान 3 से 5 डिग्री तक गिर सकता है। इसके साथ ही IMD ने एक एडवाइजरी भी जारी की है। इसमें कहा गया है कि ठंड से बचने के लिए लोग शराब का सेवन नहीं करें। सर्दी में शराब कैसे बन सकती है खतरा, यहां पढ़िए..

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पॉजिटिव खबर
अंजीर की खेती से 1.5 करोड़ का टर्नओवर

आज की कहानी महाराष्ट्र के दौंड के रहने वाले समीर डॉम्बे की। समीर ने 2013 में इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। एक मल्टीनेशनल कंपनी में कैंपस प्लेसमेंट भी हो गया। सैलरी भी बढ़िया थी। लेकिन, जॉब सैटिस्फेक्शन नहीं था। वो कुछ इनोवेटिव करना चाहते थे। 2014 में उन्होंने नौकरी छोड़कर अंजीर की खेती करने का फैसला किया। आज देशभर में उनके प्रोडक्ट बिकते हैं। सालाना 1.5 करोड़ उनका टर्नओवर है।
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फिर सुर्खियों में शाहीन बाग
नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान गोली चलाने वाले कपिल गुर्जर ने बुधवार को भाजपा (BJP) जॉइन कर ली। इस दौरान उसने कहा कि हम भाजपा के साथ हैं। मैं RSS के साथ भी जुड़ा हूं। कपिल गुर्जर ने दिन में भाजपा ज्वाइन की, शाम तक उसके शाहीन बाग केस में शामिल होने की बात सुर्खियां बन गई। इसके बाद भाजपा ने उसकी मेंबरशिप कैंसिल कर दी। उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह को इस मामले में सफाई देनी पड़ी।

यमन में एयरपोर्ट पर धमाका
अरब देश यमन के अदन एयरपोर्ट पर बुधवार को बड़ा धमाका हुआ। ब्लास्ट से ठीक पहले देश की नई कैबिनेट के मंत्रियों को लेकर एक विमान लैंड हुआ था। विमान के उतरते ही उसके पास यह धमाका हुआ। ब्लास्ट में 22 लोगों के मारे जाने की खबर हैं। हालांकि, ब्लास्ट की तीव्रता को देखते हुए यह आंकड़ा बढ़ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, विमान में प्रधानमंत्री मीन अब्दुल मलिक सईद भी मौजूद थे। किसी मंत्री के घायल होने की सूचना नहीं है।

सुर्खियों में और क्या है

  • रणथंभौर जा रहे भारतीय टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन की कार का सवाईमाधोपुर के पास एक्सीडेंट हो गया। हालांकि एयरबैग खुल जाने से उन्हें चोट नहीं आई।
  • पंजाब सरकार ने 1 जनवरी से नाइट कर्फ्यू हटाने का फैसला किया है। राहत होटल, रेस्टोरेंट को बड़ी राहत मिली है। अब इनडोर में 200 और आउटडोर में 500 लोग जमा हो सकते हैं।
  • फाइजर की वैक्सीन लगवाने के आठ दिन बाद अमेरिका के एक हेल्थ वर्कर की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। कैलिफोर्निया में रहने वाले इस शख्स का नाम मैथ्यू डब्ल्यू है।


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कोरोना ने रोका PM का वर्ल्ड टूर तो टीवी पर नजर आए भरपूर



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हमेशा सच बोलना चाहिए, ये बात तो सभी जानते हैं, लेकिन इसका पालन करना आसान नहीं

कहानी- रामायण के समय एक दिन वशिष्ठ ऋषि ने भरत से कहा था कि तुम्हारे पिता राजा दशरथ की तरह कोई दूसरा सत्यवादी न हुआ है और ना ही भविष्य में कभी होगा।

इस संबंध में आज के विद्वान चर्चा करते हैं कि वशिष्ठ ने ऐसा क्यों कहा? क्या केवल राजा दशरथ सत्यवादी थे? या वे श्रीराम के पिता थे इसलिए उन्हें सत्यवादी माना जाता है? तो क्या श्रीकृष्ण के पिता वसुदेव सत्यवादी नहीं थे?

वशिष्ठ ने राजा दशरथ को सबसे बड़ा सत्यवादी बताया, इसकी एक वजह है। जीवन में सत्य के लिए बड़ा दृढ़ संकल्प चाहिए। राजा दशरथ के सामने स्थिति ये थी कि अगर वे सत्य को बचाते तो राम वनवास चले जाते और अगर वे राम को बचाते तो उनका सत्यव्रत टूट जाता। उस समय दशरथ ने सत्य को बचाया और राम को वनवास भेज दिया।

ठीक इसी तरह की स्थिति वसुदेव के साथ भी बनी थी। वसुदेव ने कंस को वचन दिया था कि हम हमारी आठों संतान तुम्हें सौंप देंगे। लेकिन, जब आठवीं संतान का जन्म हुआ तो वे उस बच्चे को मथुरा से गोकुल छोड़ आए। यहां वसुदेव ने कृष्ण को बचा लिया, लेकिन सत्य को छोड़ दिया।

दशरथ इसीलिए महान माने गए हैं, क्योंकि उन्होंने सत्य को बचाया और पुत्र वियोग में अपने प्राण भी त्याग दिए। हमारे लिए प्राण त्यागने का अर्थ ये नहीं है कि हम भी सत्य के लिए अपना जीवन खत्म कर लें, बल्कि सच को बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक देनी चाहिए।

सीख- अगर हम सच का पालन करना चाहते हैं तो ये काम आसान नहीं है। सत्यव्रत का पालन करना है तो हमारे लिए दृढ़ संकल्प जरूरी है। थोड़े बहुत संघर्ष से सच को बचाया नहीं जा सकता है, इसके लिए हमें पूरी ताकत लगाने की जरूरत होती है।



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aaj ka jeevan mantra by pandit vijayshankar mehta, significance of the truth, facts about raja dashrath


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मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी छोड़ अंजीर की खेती और प्रोसेसिंग शुरू की, सालाना 1.5 करोड़ टर्नओवर

आज की कहानी महाराष्ट्र के दौंड के रहने वाले समीर डॉम्बे की। समीर ने 2013 में इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। एक मल्टीनेशनल कंपनी में कैंपस प्लेसमेंट भी हो गया। सैलरी भी बढ़िया थी। लेकिन, जॉब सैटिस्फेक्शन नहीं था। वे कुछ इनोवेटिव करना चाहते थे। 2014 में उन्होंने नौकरी छोड़कर अंजीर की खेती करने का फैसला किया। आज देशभर में उनके प्रोडक्ट बिकते हैं। सालाना टर्नओवर 1.5 करोड़ है।

समीर कहते हैं- जब नौकरी छोड़कर गांव लौटा, तो परिवार के लोग बहुत नाराज हुए। उनका कहना था कि खेती में क्या रखा है, लोग गांव छोड़कर शहर जा रहे हैं और तुम गांव लौट रहे हो। उन्हें चिंता थी कि नौकरी नहीं रहेगी, तो लड़के की शादी नहीं हो पाएगी।

खेती को बिजनेस बनाने का फैसला किया
समीर ने बताया- हमारे एरिया में अंजीर की खेती खूब होती है। हमारे घर में भी लोग अंजीर की खेती करते थे। लेकिन उतना मुनाफा नहीं हो रहा था। इसलिए मैंने खेती को सिर्फ खेती न समझकर बिजनेस बनाने का काम किया। मैंने पोस्ट प्रोडक्शन यानी प्रोसेसिंग और पैकेजिंग को लेकर काम करना शुरू किया।

समीर पांच एकड़ जमीन पर अंजीर की खेती कर रहे हैं। वे दूसरे किसानों की फसल भी खरीदकर मार्केट में सप्लाई करते हैं।

समीर ने पहली बार एक एकड़ जमीन में अंजीर की खेती शुरू की। जब फ्रूट्स तैयार हो गए तो पास के कुछ फूड मार्केट में उन्होंने बात की और फ्रेश फ्रूट्स सप्लाई करने का शुरू किया। उन्हें प्रोडक्ट सही लगा, तो सप्लाई रेगुलर कर दी। धीरे धीरे दायरा बढ़ता गया। आज उनके प्रोडक्ट्स देशभर में सुपर मार्केट्स के साथ ऑनलाइन भी मौजूद हैं। अब वे दूसरे किसानों के उत्पाद भी खरीदकर मार्केट में सप्लाई करते हैं।

अब समीर फ्रेश फ्रूट्स के साथ अंजीर से अलग-अलग फ्लेवर में जेली और जैम भी तैयार कर रहे हैं। उन्होंने अपने ब्रांड का नाम पवित्रक रखा है जो अंजीर का संस्कृत नाम है। समीर के साथ 20 लोगों की टीम काम करती है।

अंजीर की खेती कैसे करें?
समीर कहते हैं कि अंजीर की खेती के लिए सबसे जरूरी है क्लाइमेट और जमीन। यह गर्म और सूखे प्रदेश में अच्छा होता है। इसके लिए मध्यम जमीन यानी न ज्यादा कठोर और न ही ज्यादा मुलायम होनी चाहिए। साथ ही जलजमाव वाली जगह नहीं चाहिए।

अंजीर की खेती के लिए जून जुलाई का महीना काफी अच्छा होता है। इसी समय पौधरोपण करना चाहिए। एक एकड़ जमीन में करीब 300 पौधे लगाए जाते हैं। एक पौधे की कीमत 20 रुपए तक होती है। एक साल बाद इन पौधों में फल लगने शुरू हो जाते हैं। फल निकालने के बाद पौधों की देखभाल जरूरी होती है, तभी वे अगली फसल के लिए तैयार हो पाते हैं।

अंजीर जरूरी विटामिंस और मिनरल्स जैसे विटामिन A, B1 और B2, मैगनीज, पोटेशियम, मैग्नीशियम, कॉपर, आयरन और फास्फोरस से भरपूर होता है।

खेती से मुनाफा कैसे कमाएं?
समीर बताते हैं कि खेती सबसे बड़ा बिजनेस सेक्टर है। आप चाहे किसी भी फसल की खेती करें, अगर आप उत्पादन के साथ- साथ पैकेजिंग और मार्केटिंग पर काम करेंगे, डायरेक्ट सेल करेंगे तो मुनाफा होगा ही। वे कहते हैं कि पहले भी लोग अंजीर की खेती यहां करते थे, लेकिन उन्हें ज्यादा मुनाफा नहीं हो रहा था। क्योंकि वे सिर्फ प्रोडक्शन करते थे। इसके आगे का काम मिडिल मैन करते थे। मैंने इस गैप को पाट दिया।

समीर ने कहा- जो फ्रूट्स बाजार में हार्वेस्टिंग के दो या तीन दिन बाद पहुंचते थे, मैं उन्हें छोटे-छोटे पैकेट्स में एक दिन के भीतर ही पहुंचाने लगा। इससे फायदा ये हुआ कि जो पैसा बिचौलियों को मिलता था, वो मेरे हिस्से आने लगा। साथ ही ज्यादा ताजा होने के चलते भी बाजार में मेरे प्रोडक्ट की डिमांड बढ़ गई।

फ्रूट्स की प्रोसेसिंग बनी गेम चेंजर
समीर कहते हैं- कई बार कुछ फ्रूट्स बच जाते थे या दब जाते थे। इन्हें हम बाजार में नहीं बेच पाते थे। ऐसे प्रोडक्ट के लिए हमने प्रोसेसिंग का तरीका अपनाया। मेरे भाई ने फूड साइंस में इंजीनियरिंग की थी। उसने इससे जेली और जैम बनाने का सुझाव दिया। इसके बाद मैंने भी कुछ रिसर्च किया और प्रोसेसिंग के बारे में जानकारी जुटाई। फिर हमने जेली और जैम तैयार करना शुरू किया। जो आज ऑनलाइन और ऑफलाइन हर स्टोर पर उपलब्ध है। समीर के मुताबिक सिर्फ फ्रूट्स से प्रति एकड़ डेढ़ से दो लाख का मुनाफा कमाया जा सकता है।

समीर के साथ 20 लोगों की टीम काम करती हैं जो फ्रूट्स की हार्वेस्टिंग से लेकर प्रोसेसिंग और पैकेजिंग का काम करती है।

अंजीर खाने के फायदे
अंजीर जरूरी विटामिंस और मिनरल्स जैसे विटामिन A, B1 और B2, मैगनीज, पोटेशियम, मैग्नीशियम, कॉपर, आयरन और फास्फोरस से भरपूर होता है। इसमें ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड होते हैं, जो दिल की बीमारियों की रोकथाम करते हैं। इसमें मौजूद कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाता है। ये वेट लॉस, डायबिटीज कंट्रोल करने, हार्ट को हेल्दी रखने, इम्युनिटी को बढ़ाने और कैंसर की रोकथाम करने में मदद करता है।



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महाराष्ट्र के दौंड के रहने वाले समीर डॉम्बे अंजीर की खेती करते हैं। वे इसकी जेली और जैम भी तैयार कर मार्केट में सप्लाई करते हैं।


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सिर्फ 10 मिनट में तैयार हो जाएगा चटपटा रायता, ये है इसे बनाने की आसान रेसिपी



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Chopped raita will be ready in just 10 minutes, this is an easy recipe to make


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जब WHO ने मानी थी चीन के वुहान में वायरल निमोनिया फैलने की बात, बाद में यही कोविड-19 महामारी बना

आज ही के दिन ठीक एक साल पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने माना था कि चीन के वुहान में ‘वायरल निमोनिया’ फैल रहा है। यही निमोनिया बाद में कोविड-19 के रूप में जाना गया। जिसने अगले तीन महीने के अंदर पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया। 30 जनवरी 2020 को हमारे देश में कोरोना का पहला मामला सामने आया।

11 मार्च को WHO ने कोरोना को महामारी घोषित किया। तब तक भारत में कुल 71 मामले सामने आए थे। जबकि, दुनियाभर में उस वक्त तक 1 लाख 48 हजार से ज्यादा मामले आ चुके थे। अकेले चीन में 80 हजार से ज्यादा कोरोना मरीज थे।

25 मार्च को देश में लॉकडाउन लगा। तब तक भारत में 571 मामले आ चुके थे। 31 मई तक देश में लॉकडाउन लगा रहा। एक जून से अनलॉक की प्रॉसेस शुरू हुई तो देश में कोरोना के 1 लाख 90 हजार से ज्यादा केस हो चुके थे। हमारे देश में अब तक इसके 1 करोड़ 2 लाख से ज्यादा मामले आ चुके हैं। अभी 2 लाख 60 हजार से ज्यादा एक्टिव केस हैं।

अगर दुनिया की बात करें तो 8 करोड़ 24 लाख से ज्यादा मामले आ चुके हैं। जिस चीन से कोरोना शुरू हुआ था, वहां अब तक कुल 87 हजार केस ही सामने आए हैं। संक्रमित देशों की लिस्ट में चीन 81वें नंबर पर पहुंच गया है।

हाईजैक प्लेन के लिए छोड़ने पड़े थे खूंखार आतंकी

21 साल पहले आज ही के दिन भारत ने मसूद अजहर, अहमद जरगर और शेख अहमद उमर सईद नाम के तीन आतंकियों को रिहा किया था। ये रिहाई आठ दिन पहले हाईजैक किए गए एयर इंडिया के प्लेन IC-814 को छुड़वाने के लिए करनी पड़ी थी। हाईजैक के समय इस प्लेन में 178 यात्री सवार थे।

24 दिसंबर 1999 की शाम नेपाल के काठमांडू से उड़ा प्लेन भारतीय सीमा में घुसते ही करीब पांच बजे हाईजैक हो गया। अमृतसर, लाहौर और दुबई होते हुए प्लेन अफगानिस्तान के कंधार में लैंड हुआ। इसके बाद शुरू हुई आतंकियों की सरकार से बातचीत।

शुरुआत में आतंकियों की मांग थी कि भारतीय जेलों में कैद 35 आतंकियों को छोड़ा जाए और 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर कैश दिए जाएं। लेकिन, भारत उनकी मांग को तीन कैदियों की रिहाई तक कम करने में कामयाब रहा।

भारत और दुनिया में 31 दिसंबर की महत्वपूर्ण घटनाएं :

2004: ताइवान के ताइपे में ताइपे-101 नाम की दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बनी। इसकी उंचाई 508 मीटर है। 2010 में दुबई की बुर्ज खलीफा ने इसका रिकॉर्ड तोड़ा। इसकी ऊंचाई 828 मीटर है।

1999: रूस के पहले राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन ने इस्तीफा दिया। उनकी जगह व्लादिमीर पुतिन रूस के राष्ट्रपति बने। पुतिन उस वक्त प्रधानमंत्री थे।

1984: कांग्रेस की भारी जीत के बाद राजीव गांधी ने दो महीने के भीतर दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।

1956: मध्य प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री रविशंकर शुक्ल का निधन हुआ। उनके बेटे श्यामाचरण शुक्ल भी प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं।

1943: 'गांधी' फिल्म में गांधी की भूमिका निभाने वाले बेन किंग्सले का जन्म हुआ। किंग्सले के पिता रहीमतुल्ला हरजी भानजी गुजराती थे। किंग्सले का भारतीय नाम कृष्ण भानजी है।

1925: लेखक श्रीलाल शुक्ल का जन्म हुआ। वो उद्देश्यपूर्ण व्यंग्य लेखन के लिए विख्यात थे। राग दरबारी, अंगद का पांव, सूनी घाटी का सूरज उनकी अहम रचनाओं में से हैं।

1879: वैज्ञानिक थॉमस अल्वा एडिसन ने दुनिया के सामने पहली बार लाइट बल्ब का प्रदर्शन किया।

1781: अमेरिका का पहला बैंक ‘बैंक ऑफ नॉर्थ अमेरिका’ फिलाडेल्फिया में खुला।

1695: इंग्लैंड में विंडो टैक्स लगाया गया। उस वक्त जिन लोगों के घर में 10 या उससे ज्यादा खिड़कियां होती थीं। उन्हें इसके लिए टैक्स देना होता था।

1600: ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की इंग्लिश रॉयल चार्टर के जरिए पूर्वी और दक्षिण पूर्व एशिया और भारत में कारोबार के लिए स्थापना हुई।



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Today History: Aaj Ka Itihas India World 31 December Update | China Wuhan Coronavirus Viral Pneumonia, Pakistan Hijacked Indian Plane IC 814


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एक्सरसाइज और परिवार को समय देने से तनाव कम होता है, हफ्ते में 50 घंटे से ज्यादा काम घटाता है प्रोडक्टिविटी

जब आप तनाव में हों या फिर आपके पास करने के लिए कोई काम न हों, तो ऐसे वक्त में आपको क्या करना चाहिए? इसके बारे में बेस्ट सेलिंग बुक इंटेलिजेंस 2.0 और टैलेंट स्मार्ट के को-फाउंडर ट्रैविस ब्राडबेरी 10 तरीके बता रहे हैं। जिनके जरिए आप अपने तनाव को दूर कर सकते हैं और बेहतर जिंदगी जी सकते हैं। इन तरीकों को आप रेगुलर प्रैक्टिस में लाकर किसी भी जुनून का पीछा कर सकते हैं।

ट्रैविस कहते हैं कि ये तरीके हमें अपने गियर को शिफ्ट करने में मदद करते हैं। ये हमें आराम और अपने कामकाज में बदलाव का मौका भी देते हैं। इन 10 नियम का इस्तेमाल करके हम अपनी लाइफ में ज्यादा बैलेंस ला सकते हैं।

आइए 10 ग्राफिक्स के जरिए सीखते हैं तनाव कम करने और लाइफ में बैलेंस बनाने के 10 नियम-

हफ्ते में 50 घंटे से ज्यादा काम करने से प्रोडक्टिविटी घट जाती है
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की स्टडी के मुताबिक जब हम हर हफ्ते 50 घंटे से ज्यादा काम करते हैं, तो हमारी हर घंटे की प्रोडक्टिविटी घट जाती है। जब हम हफ्ते में 55 घंटे से ज्यादा काम करते हैं, तो हमारी प्रोडक्टिविटी इतना ज्यादा घट जाती है कि हम काम करने लायक नहीं बचते।



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10 powerful ways to reduce stress; reduced by chasing regular exercise and passion, understand the balance in life with 10 graphics


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2020 में एशियाई, अमेरिकी बाजारों ने दिया 16% तक रिटर्न, यूरोपीय बाजारों में निवेशकों को 12% तक नुकसान

यह साल दुनियाभर के बाजारों के लिए भारी उतार-चढ़ाव वाला रहा। मार्च सबसे बुरा रहा, क्योंकि उस महीने दुनियाभर के निवेशकों ने कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण शेयर बेचे। लॉकडाउन के कारण आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार भी थमी रही। इस वजह से अमेरिका और यूरोप के शेयर बाजारों में गिरावट के 33 साल के रिकॉर्ड टूट गए।

हालांकि, इस बीच आर्थिक गतिविधियों में तेजी के साथ बाजार का रुख भी बदला। निवेशकों ने अमेरिकी और एशियाई बाजारों से अच्छा मुनाफा कमाया, हालांकि यूरोप में उन्हें नुकसान झेलना पड़ा। ग्लोबल स्तर पर टेस्ला और अलीबाबा और भारत में अदाणी ग्रुप के शेयर काफी चर्चा में रहे।

दुनियाभर के शेयर बाजारों पर कोरोना का असर

  • तीन हफ्ते में 26% गिर गए थे अमेरिकी बाजार

S&P 500 इंडेक्स 4 से 11 मार्च के बीच 12% नीचे आया। 12 मार्च को तो इसमें 9.5% गिरावट आई थी, जो 1987 के बाद एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट रही। इंडेक्स केवल तीन हफ्तों के 16 कारोबारी दिनों में 26% फिसला था। बता दें कि इससे करीब महीने भर पहले इंडेक्स ने 19 फरवरी को 3,386 के रिकॉर्ड स्तर को छुआ था। पूरे साल में इंडेक्स ने 14% की बढ़त बनाई है।

  • यूरोपियन मार्केट में आई थी 33 साल की सबसे बड़ी गिरावट

ब्रिटेन का FTSE इंडेक्स 12 मार्च को 10% तक फिसल गया था, जो 1987 के बाद इंट्रा डे में सबसे बड़ी गिरावट थी। हालांकि, 23 मार्च के निचले स्तर से इंडेक्स अब तक 32% रिकवर कर चुका है। इसी दौरान फ्रांस और जर्मनी के शेयर बाजार भी लगभग 12% तक टूटे थे। सालाना आधार पर देखें तो जर्मनी को छोड़कर बाकी बाजारों में निवेशकों को नुकसान हुआ।

  • एशियाई बाजारों में भी रिकॉर्ड गिरावट

एशियाई बाजारों में भारत में 23 मार्च को सेंसेक्स और निफ्टी इंडेक्स रिकॉर्ड 13-13% नीचे बंद हुए थे। इससे पहले 13 मार्च को भी निफ्टी इंडेक्स में खुलते ही लोअर सर्किट लग गया था। जापान का निक्केई इंडेक्स 13 मार्च को इंट्रा डे यानी दिन के कारोबार में 10% तक फिसला था, जो बीते 30 सालों की सबसे बड़ी गिरावट रही। इससे पहले अप्रैल 1990 में ऐसी गिरावट देखने को मिली थी।

साल के चर्चित स्टॉक्स

  • टेस्ला - यह एक इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माता कंपनी है। इसके शेयर ने निवेशकों को 674% का रिटर्न दिया। शेयरों में तेजी के चलते कंपनी के को-फाउंडर एलन मस्क की नेटवर्थ इस साल 483% बढ़ गई। उनकी संपत्ति 133 अरब डॉलर बढ़कर 161 अरब डॉलर हो गई है। अब वे जेफ बेजोस के बाद दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी हैं।
  • अलीबाबा ग्रुप होल्डिंग्स - कंपनी के शेयर ने इस साल 2 जनवरी से 28 अक्टूबर के दौरान निवेशकों को 46% का रिटर्न दिया था। नवंबर में ग्रुप की फाइनेंशियल कंपनी एंट ग्रुप का दुनिया का सबसे बड़ा, 39.7 अरब डॉलर का IPO लॉन्च करने वाली थी। लेकिन कंपनी के ओनर जैक मा द्वारा चीन के रेगुलेटर्स के खिलाफ बोलने के चलते मार्केट रेगुलेटर्स ने IPO को सस्पेंड कर दिया। इसके बाद शेयर गिरने लगे। अक्टूबर के अंत से अब तक जैक मा की नेटवर्थ 11 अरब डॉलर कम हो गई। हालांकि कंपनी के शेयर ने सालभर में 11.90% का रिटर्न दिया।
  • अदाणी ग्रीन - अदाणी ग्रुप की कंपनी अदाणी ग्रीन के शेयर ने निवेशकों को 495% का रिटर्न दिया है। कंपनी ने इसी साल जून में कंपनी ने कहा था कि वह दुनिया के सबसे बड़े सोलर ऑर्डर के लिए 450 अरब रुपए का निवेश करेगी। शेयरों के दाम में इतनी तेजी के कारण अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी की नेटवर्थ दोगुनी होकर दो लाख करोड़ रुपए के पार चली गई।

भारत में FII का रिकॉर्ड निवेश
ग्लोबल मार्केट में डॉलर की घटती वैल्यू और क्वालिटी शेयरों की कम कीमत के चलते भारत में विदेशी निवेशकों (FII) ने निवेश बढ़ाया है। 2020 में 28 दिसंबर तक FII भारत में 1.64 लाख करोड़ रुपए का निवेश कर चुके हैं। यह 2019 में कुल निवेश 1.01 लाख करोड़ रुपए की तुलना में 63 हजार करोड़ रुपए अधिक है।

क्या कहते हैं मार्केट के जानकार?
अब कोरोना वैक्सीन मार्केट में आने लगी है। इसके अलावा सेंट्रल बैंक भी ब्याज दरों में राहत दे रहे हैं। अर्थव्यवस्था के प्रमुख इंडिकेटर्स भी धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहे हैं। इसलिए ज्यादातर एक्सपर्ट मानते हैं कि बाजार नए साल के शुरुआती महीनों में भी पॉजिटिव ग्रोथ के साथ ट्रेड करेंगे। यानी अभी जो तेजी का सिलसिला है, वह फिलहाल जारी रहेगा।



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Global Stock Market Performance During Coronavirus Outbreak; From US Dow Jones To FTSE Europe Market


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