शुक्रवार, 31 जुलाई 2020

20 शहरों में देश के 49% मरीज, लेकिन टेस्ट सिर्फ 24%; इसीलिए संक्रमण दोगुना, बड़े शहरों में संक्रमण की दर 17% हुई

देश के सबसे ज्यादा कोरोना मरीजों वाले 20 शहरों में संक्रमण दर 17% हो चुकी है, जो राष्ट्रीय दर (8.7%) से दोगुनी है। यानी, देश में हर 100 टेस्ट में 8-9 मरीज मिले हैं, जबकि इन शहरों में 17 मरीज मिले हैं। कारण- टेस्ट कम होना।

इन शहरों में देश के कुल 49% मरीज हैं, जबकि देश में कुल टेस्ट में इन शहरों के मरीजों की हिस्सेदारी सिर्फ 24% है। इसीलिए, संक्रमण दर ऊंची है। लेकिन, अच्छी बात यह है कि इन शहरों में 70% मरीज ठीक हो चुके हैं। यह दर राष्ट्रीय औसत से 6% ज्यादा है। यह आंकड़ा इसलिए अहम है, क्योंकि देश में रिकवरी रेट 6% बढ़ने में 45 दिन लगे हैं। जिन शहरों में मरीज ज्यादा हैं, रिकवरी रेट भी वहीं ज्यादा है।

इसलिए बढ़ रही चिंता -

  • चिंता की बात यह कि जयपुर-जोधपुर को छोड़कर सभी शहरों में संक्रमण की दर 5% से ज्यादा। (डब्ल्यूएचओ के अनुसार, 5% से ज्यादा संक्रमण का मतलब है कि टेस्ट कम हो रहे हैं)
  • ठाणे में हर 100 टेस्ट में 40 से ज्यादा मरीज मिल रहे हैं, यह दर ब्राजील के बाद दुनिया में सबसे ज्यादा।

दुनिया में एक दिन में रिकॉर्ड 2.90 लाख नए मरीज मिले

दुनिया में कोरोनाकाल के साढ़े चार महीने में पहली बार बुधवार को एक दिन में रिकॉर्ड 2,90,393 कोरोना मरीज मिले। सबसे ज्यादा 70,869 मरीज ब्राजील और 66,921 मरीज अमेरिका में मिले। यानी दुनिया के 47.4% मरीज सिर्फ इन दो देशों में मिले हैं।

अगर इनमें भारत के 52,656 मरीज भी जोड़ दें तो यह संख्या 1,90,464 बनती है। यानी दुनिया के 66% मरीज सिर्फ ब्राजील, अमेरिका और भारत में मिलने लगे हैं। दुनिया में बुधवार को कुल 7,032 मौतें हुईं। 21 अप्रैल के बाद सिर्फ दो बार मौतों का आंकड़ा 7 हजार के ऊपर गया है।



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नई दिल्ली में कोरोना की जांच के लिए स्वाब सैंपल लेता स्वास्थ्यकर्मी।


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सबसे घातक बॉर्डर हरामीनाला तीन तरफ से सील; बीएसएफ ने राेड, फ्लड लाइट, टावर से खत्म की पाक से घुसपैठ की गुंजाइश

बीएसएफ ने गुजरात के पश्चिमी बॉर्डर की सबसे खतरनाक सीमा से पाकिस्तानी घुसपैठ को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है। अथाह दलदल वाले हरामी नाले तक जहां सुरक्षा करना मुश्किल था, उसे तीन ओर से सील कर दिया है। बीएसएफ ने 22 किलोमीटर लंबी फ्लड लाइट से लैस सड़क बना दी, जो नाले के मुहाने तक जाती है और इसी सड़क किनारे खड़े कर दिए वॉच/ओपी टॉवर और पोस्ट (बीओपी)।

चूंकि यहां दलदल से आया नहीं जा सकता, सिर्फ हरामी नाले से घुसपैठ हो सकती थी। यह 22 किमी लंबा नाला 1.5 किमी से ज्यादा चौड़ा है। चार हजार वर्ग किमी इसी दलदली क्षेत्र में है 92 किमी लंबा सर क्रीक इलाका, जिस पर पाकिस्तान अपना कब्जा बताता रहा है।

पहले लखपत पोस्ट से घुसपैठ को रोकना था बहुत मुश्किल

हरामी नाले तक जाने के लिए जवान ऑल टरेन व्हीकल, बोट और पैदल चलकर पहुंचते थे। ये सफर 25 किमी दूर लखपत कोट से शुरू होता था अन्यथा कोटेश्वर होकर आना पड़ता था। भारतीय बीओपी भी लखपत के पास ही थी। यहां से सीधी रोड कनेक्टिवटी पर काम शुरू हुआ। बिजली की लाइन बिछाई और फ्लड लाइट्स भी लगाई गईं। अब पिलर संख्या 1175 के पास नई बीओपी का निर्माण कर दिया। सड़क के छोर पर ओपी टॉवर हैं।

55 साल में 30 फीट से डेढ़ किमी चौड़ा हुआ नाला

  • 965 से पहले ये नाला 30-35 फीट चौड़ा था, अब इसका फैलाव डेढ़ किमी तक हो गया है।
  • इसका दूसरा नाला 700 मीटर और तीसरा 500 मीटर चौड़ा है। तीनों का 22 किमी लंबा चैनल।
  • क्रीक में 2 बार भारत और 2 बार पाकिस्तान में बहाव होता है।

बेपरवाह पाक रेंजर्स, हरामी नाले तक भेज रहे मछुआरे

बीएसएफ की मौजूदगी नहीं होने से पहले पाकिस्तानी आसानी से हरामी नाला में फिशिंग और घुसपैठ करते थे, लेकिन बीएसएफ ने इंटरनेशनल बॉर्डर के सहारे सब रोक दिया। हरामी नाले के होरिजेंटल व वर्टिकल दोनों प्रवाह के चैनल को सील कर दिया है। इतनी सख्ती के बावजूद पाकिस्तानी मछुआरे जीरो लाइन तक फिशिंग करने आ रहे हैं। पाकिस्तानी रेंजर्स मछुआरों को 5 से 10 दिन की अवैध पर्ची देकर भेज दिया करते हैं।

हमने हरामी नाले को तीन तरफ से सील कर दिया है

सरक्रीक इलाके में स्थित हरामी नाला सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ था। यहां से पाकिस्तानी मछुआरे घुसते थे। घुसपैठ की भी आशंका रहती थी। अब हमने यहां नाले को तीन ओर से सील कर दिया है। नाले के मुहाने तक सड़क बनाई गई है। निगरानी के लिए यहां नए निर्माण भी किए जा रहे हैं। - जीएस मलिक, आईजी, बीएसएफ गुजरात फ्रंटियर



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हरामी नाले तक जाने के लिए जवान ऑल टरेन व्हीकल, बोट और पैदल चलकर पहुंचते थे। ये सफर 25 किमी दूर लखपत कोट से शुरू होता था अन्यथा कोटेश्वर होकर आना पड़ता था।


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चुनाव में रूसी दखल के सवाल पर बचाव में दिखे जकरबर्ग, सुनवाई में स्नैक्स खाते रहे बेजोस, पिचई से पूछा-सूचनाएं चुराकर अपनी क्यों बताता है गूगल

टेक टाइटंस अमेजन, फेसबुक, गूगल और एपल के सीईओ अमेरिकी कांग्रेस में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश हुए। ये ऑनलाइन मार्केट में ताकत का बेजा इस्तेमाल, कारोबारी प्रतिस्पर्धा खत्म करने के आरोपों पर सुनवाई का सामना कर रहे हैं।

4 घंटे से ज्यादा चली सुनवाई के दौरान दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति जेफ बेजोस स्नैक्स खाते रहे। दो घंटे तक वह सवाल टालते रहे। इसी तरह सांसदों के डेटा सिक्योरिटी को लेकर तीखे सवालों पर बाकी को भी जवाब नहीं सूझा। कमेटी की जांच में पाया गया कि ये कंपनियां विस्तार के लिए प्रतिस्पर्धियों को दबा रही हैं। सभी ने दलील दी कि उन्होंने कुछ भी गैरकानूनी नहीं किया है।

5 घंटे सुनवाई: कठघरे में 360 लाख करोड़ रु. की कंपनियों के अधिकारी, सांसदों के तीखे सवालों का नहीं सूझा सीधा जवाब

  • इंस्टाग्राम खरीदने संबंधी 8 साल पुराने ईमेल पर पैनल ने घेरा

फेसबुक सीईओ मार्क जकरबर्ग 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में रूस के प्रभाव के सवाल पर बचाव की मुद्रा में दिखे। डेटा चोरी और इंस्टाग्राम खरीदने संबंधी अपने 8 साल पुराने ईमेल पर भी वह घिरे। ईमेल में कहा गया था कि फेसबुक के लिए इंस्टाग्राम बहुत ही विध्वंसकारी हो सकता है। उन्होंने कहा, फेडरल ट्रेड कमीशन ने उस डील को अपनी स्वीकृति दी थी।

  • ‘प्राइवेसी-डेटा सिक्योरिटी पर यूजर्स के हाथों में कंट्रोल दिया’

दूसरी साइटों से आइडिया-सूचनाएं चुराकर उसे अपना बताने, फिर मोटा लाभ कमाने संबंधी सवाल पर सीईओ सुंदर पिचई ने कहा, ‘गूगल सरल तरीके से उपयोगी सूचनाएं लोगों तक पहुंचाता है। प्राइवेसी-सिक्योरिटी पर हमने यूजर्स के हाथों में पूरा कंट्रोल दिया है।’ एड कंपनी से डेटा लेने के सवाल पर पिचई बोले- यूजर्स के फायदे के लिए ज्यादा से ज्यादा डेटा कलेक्ट कर रहे हैं।

  • ‘स्मार्ट फोन बिजनेस में मार्केट शेयर हासिल करना गली की लड़ाई जैसा’

एपल प्ले स्टोर पर कंपनी के खुद के पूर्ण नियंत्रण संबंधी सवाल पर सीईओ टिम कुक ने कहा, ‘सॉफ्टवेयर मार्केट में बहुत कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। डेवलपर्स के सामने भी उतनी ही प्रतिस्पर्धा है जितनी कि कस्टमर्स के लिए। मैं इसे इस तरह से समझाना चाहूंगा कि स्मार्ट फोन के बिजनेस में मार्केट शेयर हासिल करना गली की लड़ाई जैसा हो गया है।’

  • ‘गारंटी नहीं दे सकता कि पॉलिसी का उल्लंघन नहीं हुआ होगा’

कांग्रेस में पहली बार पेश हुए बेजोस से प्राइसिंग, अधिग्रहण और थर्ड पार्टी सेलर्स के डेटा इस्तेमाल पर सवाल किए गए। इस पर उन्होंने कहा, ‘डेटा इस्तेमाल रोकने को पॉलिसी है, लेकिन मैं गारंटी नहीं दे सकता कि उसका उल्लंघन नहीं हुआ।’ ज्यादातर सवालों पर जवाब था, ‘मैं इसका उत्तर नहीं दे सकता है, मुझे वो वाकया याद नहीं।’ बेजोस ने बड़ी कंपनी की पैरवी की।



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फेसबुक सीईओ मार्क जकरबर्ग 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में रूस के प्रभाव के सवाल पर बचाव की मुद्रा में दिखे। डेटा चोरी और इंस्टाग्राम खरीदने संबंधी अपने 8 साल पुराने ईमेल पर भी वह घिरे। (फाइल फोटो)


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पीले रंग में रंगी रामलला की धरती, सरयू से लेकर राम की पौड़ी तक भक्ति की धारा तेज

अयोध्या में 5 अगस्त को श्रीराम मंदिर का भूमि पूजन होगा। सरयू नदी में अपार जलराशि पूरे आवेग से बह रही है। कहते हैं कि सरयू को छोड़कर भगवान राम के समय की कोई निशानी अयोध्या में शेष नहीं है। अब जल्द श्रीराम की जन्मभूमि पर भव्य विशाल मंदिर आकार लेने लगेगा। सरयू के तट पर मौजूद नागेश्वरनाथ मंदिर में श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ को सावन का जलाभिषेक करा रहे हैं। राम की पौड़ी पर आसपास के गांवों से आए लोगों की चहल- पहल है।

गोंडा से आए केवलराम (60) ने कहा, ‘लंबे समय से कानूनी लड़ाई चल रही थी। विहिप के लोग आंदोलन कर रहे थे, लेकिन भरोसा नहीं था कि रामलला का मंदिर बन ही जाएगा। हम अपने जीवन में ही अयोध्या में रामलला का मंदिर देख सकेंगे।’इस बीच अयोध्या में ‘पेंट माई सिटी अभियान’ भी चल रहा है। अयोध्या को पीले रंग में रंगा जा रहा है। दुकानें भी पहले से ज्यादा सजी-धजी दिख रही हैं। हालांकि, मार्गों में सफाई का बहुत काम बाकी है। कुछ जगहों पर जल्दबाजी में निर्माण और मरम्मत के काम हो रहे हैं।

दीवार ही नहीं, लोग भी इन दिनों पीले कपड़ों में ज्यादा दिख रहे हैं।

अवध यूनिवर्सिटी की छात्राएं भी मदद कर रहीं

अवध यूनिवर्सिटी के फाइन आर्ट की 70 छात्राएं सजावट में सहयोग कर रही हैं। छात्राएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत रोली चंदन के तिलक और गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा से करेंगी। अयोध्या में 4 अगस्त को मठों और मंदिरों में श्रीरामचरित मानस का पाठ शुरू होगा।

इसके लिए 25 केंद्र बनाए गए हैं।भूमि पूजन के लिए मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, असम, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों की 51 नदियों से जल लाया जा रहा है। इसके अलावा देशभर के तीर्थ स्थलों से मिट्टी भी लाई जा रही है। इसमें डाक विभाग से लेकर कुछ संस्थाएं सहयोग कर रही हैं।

भूमि पूजन के प्रसाद के लिए लड्‌डू भी बनाए जा रहे हैं।

सुरक्षा: अयोध्या को 7 जोन में बांटकर जवान तैनात, नेपाल सीमा पर भी अलर्ट

अयोध्या के सीनियर एसपी दीपक कुमार ने बताया कि शहर को सात जोन में बांटकर सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। प्रवेश मार्गों पर बैरीकेडिंग कर जांच की जा रही है। होटलों, धर्मशालाओं में ठहरे लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है। भूमि पूजन स्थल पर पहुंचने के लिये दो रास्ते चिन्हित किए गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी का हेलीकॉप्टर भूमि पूजन स्थल से एक किमी दूर उतरेगा। यह रास्ता सुपर सेफ्टी जोन होगा, जिस पर एसपीजी की निगरानी रहेगी। यूपी के बलरामपुर से लगी नेपाल सीमा पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। एसपी देवरंजन वर्मा ने इसकी पुष्टि की है।

इतिहास से... अंग्रेज जज के आदेश पर 1902 में लगे थे 148 शिलापट

अयोध्या के तीर्थ स्थलों पर 148 शिलापट हैं। अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक वाईपी सिंह के मुताबिक अंग्रेज जज एडवर्ड के आदेश पर 1902 में इन्हें विवेचनी सभा ने लगवाए थे। साल 1898 में अयोध्या की बड़ी छावनी के महंत राम मनोहर प्रसाद ने तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए इन्हें लगवाना शुरू किया था। एक वर्ग ने आपत्ति जताई। कोर्ट में 3 साल केस चला। जज एडवर्ड ने महंत के पक्ष में फैसला दिया। शिलापटों को उखाड़ने पर 3 हजार रुपए का जुर्माना या तीन साल की सजा के आदेश भी दिए। शिलापटों को प्रमाण के तौर पर श्रीराम जन्मभूमि के मुकदमे में भी पेश किया गया था।

इधर अमेरिका में... जय श्री राम के जय घोष से गूंजेगा टाइम्स स्क्वैयर

अमेरिका में न्यूयॉर्क के प्रतिष्ठित टाइम्स स्क्वैयर पर 5 अगस्त को भगवान राम की भव्य तस्वीर प्रदर्शित की जाएगी। राम मंदिर के मॉडल की 3डी तस्वीरें और भूमि पूजन की तस्वीरें भी दिखाई जाएंगी। अमेरिकी-भारतीय लोक मामलों की समिति के अध्यक्ष जगदीश सेवानी ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि विशाल नैस्डैक स्क्रीन और 17 हजार वर्ग फुट की रैप-अराउंड एलईडी डिस्प्ले स्क्रीन लगाई जा रही है। कार्यक्रम में ‘जय श्री राम’ का जयघोष किया जाएगा। भारतीय समुदाय के लोग इस खास उत्सव को मनाने और मिठाइयां वितरित करने के लिए एकत्रित होंगे।



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अयोध्या में जगह-जगह दीवारों पर भगवान राम और सीता जी के चित्र बनाए जा रहे हैं।


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ट्रम्प स्कूल खोलने के लिए बोले तो शिक्षकों ने दी हड़ताल की चेतावनी, कहा- स्कूल बंद रहें

अमेरिका में 70% शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि अगर कोरोना काल के दौरान स्कूल खोले गए तो वे हड़ताल पर चले जाएंगे। ये सभी विभिन्न शिक्षक संगठनों के सदस्य हैं। इन संगठनों ने बयान जारी कर हड़ताल की चेतावनी की पुष्टि की है। ऐसा तब हो रहा है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प स्कूल खोलने पर जोर दे रहे हैं।

अमेरिकन फेडरेशन ऑफ टीचर्स के अध्यक्ष रैंडी वेनगार्टन ने कहा कि स्कूलों में कोरोना की रोकथाम के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। ज्यादातर कक्षाओं में वेंटिलेशन नहीं हैं। मास्क भी कम पड़ रहे हैं। शिक्षकों की मांग है कि ऑनलाइन पढ़ाई भी सीमित की जाना चाहिए।

उधर, एक संगठन ने स्कूल खोलने के आदेश के खिलाफ फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डीसैंटिस पर मुकदमा कर दिया है। जबकि जन शिक्षा केंद्र के प्रमुख रॉबिन लेक ने कहा कि पूरे मामले में बच्चों को मोहरा बनाकर इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी महीने हुए सर्वे में 60% अभिभावकों ने शिक्षकों की मांग का समर्थन किया है। अमेरिका में कोरोना के अब तक 45,68,375 मरीज मिले हैं। जबकि 1,53,848 मौतें हुई हैं।

ऑस्ट्रेलिया: विक्टोरिया राज्य में 723 नए मरीज, इतने देशभर में भी एक दिन में नहीं आए; मेलबर्न में सख्ती

ऑस्ट्रेलिया में विक्टोरिया राज्य कोरोना का सबसे बड़ा हॉट स्पॉट बन गया है। यहां 24 घंटे में 723 नए मरीज मिले हैं। यह सिर्फ एक राज्य का नहीं, पूरे ऑस्ट्रेलिया का एक दिन के मरीजों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। विक्टोरिया के मुख्यमंत्री डेनियल एंड्रयू ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मेलबर्न में बेहद गंभीर हालात होते जा रहे हैं। ऐसे में हमें हर दिन नए-नए इलाकों में सख्त लॉकडाउन करना पड़ रहा है।

दुनिया: इटली में 15 अक्टूबर तक इमरजेंसी बढ़ाई, उत्तर कोरिया में 696 लोगों को क्वारैंटाइन में भेजा

इटली ने 15 अक्टूबर तक स्टेट इमरजेंसी बढ़ा दी है। इटली में 31 जनवरी से स्टेट इमरजेंसी लागू है। यह इस महीने खत्म होने वाली थी। यहां अब तक 2,46,776 मरीज मिले हैं। जबकि 35,129 मौतें हुई हैं। उधर, डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि उत्तर कोरिया में अब तक 1211 लोगों का कोरोना टेस्ट किया गया है। इनमें से कोई संक्रमित नहीं मिला है। यहां अभी 696 नागरिक क्वारैंटाइन में रखे गए हैं।

- न्यूयॉर्क टाइम्स से विशेष अनुबंध के तहत



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फोटो अमेरिका के साल्ट लेक सिटी की है। यहां के स्कूलों में प्रदर्शन चल रहे हैं।


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कब्र खोदने वाले चार लोग अप्रैल से घर नहीं गए, कब्रिस्तान में ही सोते हैं, बोले- कितनी कब्रें खोदीं याद नहीं

कोरोना महामारी में गुजरात के सूरत में अब तक 1300 से ज्यादा लोगों का अंतिम संस्कार और दफन विधि हो चुकी है। श्मशान की तरह कब्रिस्तान में भी संख्या बढ़ने लगी है। मोरा भागल कब्रिस्तान में खुदाई करने वाले इब्राहिम ने बताया कि एक समय था जब पूरे दिन बैठा रहता था। कोई शव नहीं आता था। यह कोविड-19 से पहले की बात है, लेकिन कोरोना के कारण अब सांस लेने का भी वक्त नहीं मिल रहा है।

एक कब्र खोदने में 4 से 5 घंटे लग जाते हैं। एक साथ 4 या 5 तो कई बार इससे भी ज्यादा शव आ जाते हैं। इससे समय से कब्र खोदना मुश्किल होता है, इसलिए जेसीबी का उपयोग करना शुरू किया है। पहले 6 फीट की गहराई में कब्र खोदते थे। लेकिन अब कोरोना के कारण 10 फीट गहरी कब्र खोदते हैं।

बोटावाल ट्रस्ट का यह कब्रिस्तान 800 साल पुराना है। पिछले 800 सालों में जिस जगह का अभी तक उपयोग नहीं किया गया उस जगह को अब कोरोना के शव को दफन करने के लिए उपयोग में लिया जा रहा है।

कब्रिस्तान ही हमारा घर, यहीं आता है खाना; पत्नी और बच्चों से फोन पर ही बात होती है

इब्राहिम ने बताया कि हमें सीधे तौर पर कोरोना से कोई खतरा नहीं है। लेकिन एकता ट्रस्ट की टीम आती है और उनके पास कर्मचारी ज्यादा नहीं होते तो हम भी पीपीई किट पहनकर दफन-विधि में सहयोग करते हैं। हम चार लोग हैं, लेकिन एक भी व्यक्ति अप्रैल से घर नहीं गया। खाना कब्रिस्तान पर ही आ जाता है।

परिवार का कोई सदस्य आता है तो उसके साथ दूर से ही बात कर लेते हैं। बच्चों और पत्नी के साथ मोबाइल पर ही बातें होती हैं। अब तो कब्रिस्तान ही हमारा घर है, यहीं रात को सो जाते हैं। अब हमारी एक अलग दुनिया बन चुकी है। अब लगता है कि कब्रिस्तान में जो है वही सबसे सुरक्षित है, क्योंकि यहां कोई आता-जाता नहीं है।



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मोरा भागल कब्रिस्तान में खुदाई करने वाले इब्राहिम बताते हैं कि पहले दिनभर में कभी कभार कोई शव नहीं आता था लेकिन अब सांस लेने की भी फुर्सत नहीं है।


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राम मंदिर के गर्भगृह में 200 फीट गहराई में रखा जाएगा टाइम कैप्सूल, इंदिरा गांधी और नरेंद्र मोदी ऐसा पहले भी कर चुके हैं

अयोध्या में 5 अगस्त को राम मंदिर की नींव रखी जाएगी। इससे पहले राम मंदिर नींव के भीतर टाइम कैप्सूल रखे जाने को लेकर खूब चर्चा है। यह कैप्सूल क्या है? क्या ऐसा पहली बार हो रहा है? ऐसे तमाम सवाल लोगों के मन में चल रहे हैं। दरअसल, बताया जा रहा है कि राम मंदिर का इतिहास हजारों साल तक मौजूद रहे, इसके लिए मंदिर के गर्भगृह की 200 फीट गहराई में टाइम कैप्सूल रखा जाएगा।

इस टाइम कैप्सूल पर मंदिर का पूरा विवरण और इतिहास लिखा रहेगा, ताकि भविष्य में जन्मभूमि और राम मंदिर का इतिहास देखा जा सके और कोई विवाद न हो। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने मीडिया को सबसे पहले यह जानकारी दी थी।

बिहार के रहने वाले कामेश्वर चौपाल वह व्यक्ति हैं, जिन्होंने 9 नवंबर 1989 को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए आधारशिला रखी थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर निर्माण के लिए बने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में उन्हें सदस्य भी बनाया गया है।

1989 में भी भूमि के नीचे दबाया गया था ताम्र लेख
राम मंदिर के चीफ आर्किटेक्ट निखिल सोमपुरा बताते हैं कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के बाद मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा। उनके मुताबिक 200 मीटर गहराई की मिट्टी का सैंपल लिया गया था, लेकिन अभी उसकी रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट के आधार पर ही मंदिर का निर्माण करने वाली कंपनी एलएनटी नींव की खुदाई शुरू कर देगी।

  • टाइम कैप्सूल क्या होता है?

टाइम कैप्सूल एक कंटेनर की तरह होता है और हर तरह के मौसम को सहन करने की इसमें क्षमता होती है। अयोध्या में राम मंदिर के नीचे डाला जाने वाला टाइम कैप्सूल कुछ सदियों के बाद एक ऐतिहासिक दस्तावेज के रूप में जाना जाएगा। टाइम कैप्सूल को एक ऐसे ऐतिहासिक महत्व के दस्तावेज के रूप में जाना जाता है, जिसमें किसी काल की सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक स्थिति का उल्लेख हो। यह दस्तावेज ताम्र पत्र पर लिखा जाएगा।

  • टाइम कैप्सूल पर क्या लिखा जाएगा?

इस ताम्र पत्र पर मंदिर का संक्षिप्त इतिहास, शिलान्यास की तारीख, भूमिपूजन करने वाले मुख्य अतिथि, उपस्थित विशिष्टजन का नाम, निर्माण की शैली तथा वास्तुविद का नाम लिखा रहेगा। ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल के अनुसार, ताम्र लेख तैयार करने की जिम्मेदारी दिल्ली की एक कंपनी को सौंपी गई है।

1989 में भी जब राममंदिर का शिलान्यास हुआ था, तब भी एक ताम्र लेख भूमि के नीचे दबाया गया था

इस बीच, यह जानकारी भी सामने आई है कि साल 1989 में जब गर्भगृह के सामने राममंदिर का शिलान्यास हुआ था, उस वक्त भी एक ताम्र लेख भूमि के नीचे दबाया गया था। रामलला की ओर से मुकदमे की पैरवी करने वाले वकील त्रिलोकीनाथ पांडेय बताते हैं कि उस वक्त ताम्र लेख विश्व हिन्दू परिषद के महासचिव अशोक सिंहल ने तैयार कराया था। पांडेय बताते हैं कि ताम्रपत्र तांबे से बनाया जाता है, क्योंकि इस धातु में जंग नहीं लगती है। यह लेख मिट्टी में भी हजारों साल तक सुरक्षित रहेगा।

जब इंदिरा गांधी ने बनवाया टाइम कैप्सूल
भारत में पहले भी ऐसे टाइम कैप्सूल ऐतिहासिक महत्व की इमारतों की नींव में डाले जा चुके हैं। 1973 में इंदिरा गांधी सरकार ने लालकिले की नींव में ऐसा ही एक टाइम कैप्सूल डाला था। तब इसे काल-पत्र का नाम दिया गया था। उस वक्त विपक्ष के लोगों ने इंदिरा गांधी के इस कदम की काफी आलोचना की थी और आरोप लगाया था कि इस काल-पत्र में इंदिरा गांधी ने अपने परिवार का महिमामंडन किया है।

इंदिरा सरकार के काल-पत्र में क्या लिखा था, उसका राज आज तक नहीं खुल सका

  • इंदिरा गांधी की सरकार ने अतीत की अहम घटनाओं को दर्ज करने का काम इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च यानी आईसीएचआर को सौंपा था और मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज के इतिहास के प्रोफेसर एस कृष्णासामी को पूरी पाण्डुलिपि तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन यह काम पूरा होने से पहले ही विवादों में फंस गया और इंदिरा सरकार के इस काल-पत्र में क्या लिखा था, उसका राज आज तक नहीं खुल सका।
  • 1977 में कांग्रेस सत्ता से बेदखल हो गई और मोरारजी देसाई के नेतृत्व में जनता पार्टी की सरकार बनी। सरकार गठन के कुछ दिनों बाद टाइम कैप्सूल को निकाला गया, लेकिन जनता पार्टी की सरकार ने इस बात का रहस्योद्घाटन नहीं किया कि उस टाइम कैप्सूल में क्या था? बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय से मांगी गई एक जानकारी में बताया गया था कि पीएमओ को इसके बारे में कुछ भी पता नहीं है।

मोदी भी बनवा चुके हैं टाइम कैप्सूल
टाइम कैप्सूल के विवाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम भी जुड़ा रहा है। नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो 2011 में उन पर भी टाइम कैप्सूल दफनाने का विपक्ष ने आरोप लगाया था। विपक्ष का कहना था कि गांधीनगर में निर्मित महात्मा मंदिर के नीचे टाइम कैप्सूल दफनाया गया है, जिसमें मोदी ने अपनी उपलब्धियों का बखान किया है।

2017 में स्पेन में 400 साल पुराना टाइम कैप्सूल निकला था
30 नवंबर 2017 को स्पेन के बर्गोस में करीब 400 साल पुराना टाइम कैप्सूल निकला था, जो ईसा मसीह की मूर्ति के रूप में था। मूर्ति के भीतर साल 1777 के आसपास की आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक जानकारियां थीं।



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अयोध्या में 5 अगस्त को राम मंदिर की नींव रखी जाएगी। इससे पहले राम मंदिर नींव के भीतर टाइम कैप्सूल रखे जाने को लेकर खूब चर्चा है।


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2100 तक भारत में लोगों की संख्या घटकर 109 करोड़ रह जाएगी, सबसे अधिक आबादी वाले चीन में 80 साल बाद जनसंख्या आधी हो जाएगी

हाल ही में जारी की गई लैंसेट की रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया की आबादी 2064 में पीक पर होगी। इसके बाद ये घटने लगेगी। इससे पहले यूएन ने 2100 में इसके पीक पर पहुंचने का अनुमान लगाया था। रिपोर्ट के मुताबिक 2064 में दुनिया की आबादी 973 करोड़ हो जाएगी। 2100 तक ये घटकर 879 रह जाएगी। भारत दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाला देश होगा। लेकिन, उसकी आबादी 2048 के बाद घटने लगेगी।

इस ग्लोबल पॉपुलेशन प्रोजेक्शन रिपोर्ट में आने वाले 80 सालों में दुनिया की आबादी के बारे में कई तरह के फैक्ट्स हैं। जैसे- आने वाले 80 साल बाद भारत और दुनिया के अन्य देशों की आबादी कितनी होगी। कब तक बढ़ेगी और कब से घटेगी? किन देशों की आबादी तेजी से घटेगी? कौन से देश ऐसे हैं जिनकी आबादी आज की आबादी से आधी रह जाएगी?

ग्लोबल फर्टीलिटी रेट 2100 तक घटकर 1.66 हो जाएगा। भारत समेत दुनिया के उन देशों में फर्टिलिटी रेट 70% तक कम होगा जिनकी आबादी ज्यादा है। 2100 भारत की फर्टिलिटी रेट में 68% तक घट जाएगा। 138 करोड़ आबादी वाले देश भारत में 2100 तक 28% लोग कम हो जाएंगे।

सबसे ज्यादा आबादी वाले देशों में शामिल रूस, जापान, ब्राजील 2100 तक टॉप टेन से बाहर हो जाएंगे

21 करोड़ आबादी वाला देश ब्राजील आबादी के लिहाज से इस वक्त दुनिया का 6वां सबसे बड़ा देश है। 2100 में इसकी आबादी घटकर 16.5 करोड़ रह जाएगी। जापान की आबादी 80 साल में आधी से कम हो 6 करोड़ हो जाएगी और वो दुनिया में 38वें नंबर पर आ जाएगा। 2017 के बाद से रूस और जापान की आबादी लगातार घट रही है।


पाकिस्तान को छोड़कर दक्षिण एशिया के हर देश की आबादी घटेगी

2100 में पाकिस्तान को छोड़कर दक्षिण एशिया के सभी देशों की आबादी आज के मुकाबले कम होगी। भारत की आबादी आज के मुकाबले करीब 21% कम होगी तो बांग्‍लादेश में आज के मुकाबले आधे लोग रह जाएंगे। वहीं, पाकिस्तान की आबादी 80 साल बाद 16% बढ़ेगी। हालांकि, वहां पीक 2062 में आएगा। जब वहां आज के मुकाबले करीब 47% ज्यादा आबादी होगी।

2100 तक चीन की आबादी लगभग आधी हो जाएगी। भारत की आबादी 32% घटेगी। बांग्लादेश की आबादी भी करीब आधी हो जाएगी। जबकि इंडोनेशिया आबादी मामूली घटेगी। तो पाकिस्तान की बढ़ेगी। इसके बाद भी बांग्लादेश को छोड़कर, एशिया के इन पांच देशों में से चार देश विश्व के सबसे ज्यादा आबादी वाले दस देशों में अभी की तरह बने रहेंगे। पाकिस्तान इंडोनेशिया से ऊपर चला जाएगा, लेकिन एशिया के सबसे ज्यादा आबादी वाले पांच देशों की लिस्ट में कोई बदलाव नहीं होगा।


2017 में दुनिया के सबसे ज्यादा आबादी वाले 10 देशों में से चार देश जापान, रूस, बांग्लादेश, और ब्राजील 2100 में टॉप 10 से बाहर हो जाएंगे। 2100 में इनकी जगह, तंजानिया, मिस्र, इथोपिया और कांगो दुनिया के सबसे ज्यादा आबादी वाले दस देशों में होंगे। अभी कांगो की आबादी 8 करोड़ 80 लाख है। वो आबादी के लिहाज से 18वें नंबर पर है।

इथोपिया की आबादी अभी 10 करोड़ 2 लाख है जो दुनिया में 13 वें नंबर पर है,मिस्र की आबादी अभी 9 करोड़ 60 लाख है जो कि दुनिया में 14वें नंबर पर है और तंजानिया की आबादी 5 करोड़ 30 लाख है जो दुनिया में 24वें नंबर पर है। मिस्र को छोड़कर बाकी तीन देश अफ्रीका से हैं।


वर्किंग एज पॉपुलेशन मतलब 20-64 साल के उम्र के लोगों की आबादी। 2100 में भारत वर्किंग एज पॉपुलेशन में भी दुनिया में नंबर एक पर होगा। चीन की वर्किंग एज पॉपुलेशन करीब 70% घटेगी लेकिन चीन की जनसंख्या ज्यादा होने के कारण, वह 2100 में भी दुनिया में दूसरे नंबर पर बना रहेगा।

नोट- 2017 में चाइल्ड एज पॉपुलेशन और वर्किंग एज पॉपुलेशन को वर्ल्ड बैंक के मुताबिक है। जो 0-14 और 15-64 होती है। लैंटस की रिपोर्ट में इसे 0-19 और 20-65 लिया गया है। 2017 की तुलना में 2100 के प्रोजेक्शन के अंतर में थोड़ा बदलाव हो सकता है।

पहले भी रिसर्च में देखा गया है कि हर शताब्दी में, हर देश के सामने दो बार उतार-चढ़ाव आते हैं। एक बार आबादी घटती है जबकि एक ही शताब्दी में दूसरी बार आबादी बढ़ती है। जिस साल में सबसे ज्यादा होती है उसे पीक ईयर पॉपुलेशन कहा जाता है। चीन में सबसे ज्यादा आबादी अभी के दशक में बढ़ रही है।

जापान में पीक ईयर 2017 में था, स्पेन और थाईलैंड भी पीक ईयर क्रॉस कर चुके हैं। अब इस प्वाइंट से आबादी घटेगी। ग्लोबल लाइफ एक्सपेक्टेंसी 70-80 साल की होती है, इसीलिए आने वाले 50 साल से 80 साल तक इन सभी देशों में नेचुरल डेथ रेट पीक पर होगा और 2100 तक आबादी आधी हो जाएगी



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World (India) Population Projections 2100 Update | What Will Be World and India Population Be In 2100? Everything Thing You Need To Know In Latest Research


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सुशांत की मौत की सीबीआई जांच नहीं होगी, राजस्थान में वीडियो से बवाल; इन 5 राशि वालों को आज थोड़ा संभलकर रहना होगा

तारीख है 31 जुलाई और दिन है शुक्रवार का। अगर कोरोनावायरस नहीं आया होता, तो आज नई फिल्म रिलीज होती। खैर, आज हॉटस्टार पर कुणाल खेमू और रसिका दुग्गल की लूटकेस फिल्म रिलीज होगी। ये कॉमेडी फिल्म है। कोरोना के टाइम में तो देख ही सकते हैं। ये तो हो गई फिल्म की बात। अब जल्दी से कुछ खबरों से भी गुजर लेते हैं।

1. अयोध्या में क्या चल रहा है?
राम मंदिर निर्माण के लिए 5 अगस्त को भूमि पूजन होना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसमें शामिल होंगे। लेकिन, पूजन होता, उससे पहले ही यहां कोरोना पहुंच गया है।

खबर आई है कि रामलला मंदिर के प्रधान पुजारी आचार्य सतेंद्र दास के शिष्य प्रदीप दास कोरोना संक्रमित हो गए हैं। प्रदीप दास रामलला मंदिर के सहायक पुजारी भी हैं। सिर्फ पुजारी ही नहीं, बल्कि राम जन्मभूमि में तैनात 16 पुलिसवालों के भी कोरोना पॉजिटिव होने की खबर है।

हालांकि, पुजारी और पुलिसवालों के कोरोना पॉजिटिव होने की बात यहां के सीडीओ प्रथमेश कुमार खारिज कर चुके हैं।

2. राजस्थान के बवाल में नया क्या?
अब बात राजस्थान की। 20 दिन से ज्यादा हो गए, लेकिन यहां का बवाल शांत होता नहीं दिख रहा है। या तो सरकार गिरेगी? या तो बचेगी? तभी शांत होगा। खैर, इस घमासान के बीच राजस्थान विधानसभा के स्पीकर सीपी जोशी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत भी हैं। असल में ये वीडियो दोनों की बातचीत का है।

इस वायरल वीडियो में स्पीकर सीपी जोशी मुख्यमंत्री के बेटे वैभव से कह रहे हैं 'मामला टफ हो गया है।' फिर वैभव कहते हैं 'राज्यसभा के वक्त ही खबरें आ गई थीं। जिस तरह से माहौल खराब हो रहा है। इन्होंने 10 दिन राज्यसभा चुनाव के निकाले, फिर वापस।'

वैभव को सीपी जोशी जवाब देते हैं '30 आदमी निकल जाते हैं, तो आप कुछ नहीं कर सकते। हल्ला करते रहते। वो सरकार गिरा देते। अपने हिसाब से उन्होंने कॉन्टैक्ट करके करवा लिया है। बाकी दूसरे के बस की बात नहीं है।'

3. सुशांत की मौत का मामला कहां तक पहुंचा?
सुशांत सिंह राजपूत की मौत को डेढ़ महीने से ज्यादा हो गए और हर दिन इस मामले में कुछ न कुछ नया मोड़ आ ही रहा है। अब सुप्रीम कोर्ट ने सुशांत की मौत की सीबीआई जांच कराने से साफ इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में अल्का प्रिया ने पीआईएल लगाई थी और मांग की थी कि इसकी जांच सीबीआई करे। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने भी कह दिया कि पुलिस को उनका काम करने दीजिए।

उससे पहले महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने भी कहा कि इस मामले की सीबीआई जांच की जरूरत नहीं है। मुंबई पुलिस इसकी जांच में सक्षम है।

उधर सुशांत के पिता केके सिंह का कहना है कि उन्हें मुंबई में हो रही जांच पर भरोसा नहीं है। इसलिए वो चाहते हैं कि पटना पुलिस भी मामले की जांच करे।

कहा तो ये भी जा रहा है कि सुशांत ने मुंबई में आत्महत्या की थी। ऐसे में पटना में जो एफआईआर दर्ज हुई, वो जीरो एफआईआर मानी जाएगी और जांच मुंबई पुलिस ही करेगी।

4. मणिपुर में असम राइफल्स पर किसने हमला किया?
ये खबर बुरी है। दरअसल, 29 जुलाई की शाम पौन 7 बजे मणिपुर में असम राइफल्स के जवानों पर हमला हुआ। इस हमले में 3 जवान शहीद हो गए। 5 जख्मी भी हुए हैं, जिन्हें सेना के अस्पताल में भर्ती किया गया है।

ये हमला जहां हुआ है, वो जगह भारत-म्यांमार सीमा से बस 3 किमी दूर है। हमला खोंगताल में हुआ, जो मणिपुर के चंदेल जिले में पड़ता है। अब जो पता चला है, वो ये कि असम राइफल्स के 13 जवानों की टुकड़ी अपनी पोस्ट पर लौट रही थी। रास्ते में आईईडी ब्लास्ट हो गया। इसके बाद घात लगाकर बैठे उग्रवादियों ने फायरिंग कर दी।

ये हमला किसने किया? अभी तक पता नहीं चला है। हालांकि, शक है कि इस हमले के पीछे मणिपुर का लोकल्स ग्रुप पीपुल्स लिबरेशन आर्मी का हाथ हो सकता है।

5. कब होगी नेशनल स्पोर्ट्स अवॉर्ड सेरेमनी?
कोरोनावायरस का असर खेलों पर तो पड़ा और अब अवॉर्ड सेरेमनी पर भी पड़ने वाला है। एक खबर आई है कि इस साल 29 अगस्त को जो नेशनल स्पोर्ट्स अवॉर्ड सेरेमनी होनी थी, उसकी तारीख कोरोना की वजह से एक या दो महीने आगे बढ़ सकती है। हालांकि, राष्ट्रपति भवन की तरफ से अभी जवाब आना बाकी है।

29 अगस्त को हॉकी के खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती है। इसी दिन राष्ट्रीय खेल दिवस भी होता है। इसलिए इस दिन राष्ट्रपति राजीव गांधी खेल रत्न, अर्जुन, द्रोणाचार्य और ध्यानचंद अवॉर्ड देते हैं। ये सेरेमनी भी राष्ट्रपति भवन में ही होती है।

6. कैसा होगा आज का दिन?
जाते-जाते सबसे जरूरी बात कि आज का राशिफल क्या कहता है? तो आज शुक्रवार को ज्येष्ठा नक्षत्र में चंद्रमा होने से चर और इंद्र नाम के दो शुभ योग बन रहे हैं। इनका असर मेष, वृषभ, सिंह, वृश्चिक, मकर, कुंभ और मीन राशि वाले लोगों पर पड़ेगा। इसका फायदा भी है। इन 7 राशि वाले लोगों को जॉब और बिजनेस में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं।

लेकिन, अगर आपकी राशि मिथुन, कर्क, कन्या, तुला या धनु है, तो आपको आज थोड़ा संभलकर रहना होगा। क्योंकि इन 5 राशि वालों के कामकाज में रुकावटें आने की आशंका है।



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गुरुवार, 30 जुलाई 2020

ब्राजील में मरने वालों का आंकड़ा 90 हजार के पार, चीन में तीन नए केस मिले; दुनिया में अब तक 1.71 करोड़ संक्रमित

दुनिया में कोरोनावायरस से संक्रमण के अब तक 1 करोड़ 71 लाख 79 हजार 092 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 1 करोड़ 69 लाख 30 हजार 012 ठीक भी हो चुके हैं। वहीं, 6 लाख 69 हजार 982 की मौत हो चुकी है। ये आंकड़े https://ift.tt/2VnYLis के मुताबिक हैं। ब्राजील में महामारी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। यहां मरने वालों का आंकड़ा तेजी से एक लाख की तरफ बढ़ रहा है।

ब्राजील : 90 हजार से ज्यादा ने जान गंवाई
बुधवार रात जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, ब्राजील में मरने वालों की संख्या 90 हजार 188 हो गई। शुरुआती दौर में कोरोना को लेकर हर स्तर पर लापरवाही बरती गई। अब इसके दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं। हर दिन हजारों टेस्ट किए जा रहे हैं। बुधवार को ही यहां 70 हजार से ज्यादा मामले दर्ज किए गए। राष्ट्रपति बोल्सोनारो आज कोरोना को लेकर कुछ नए ऐलान कर सकते हैं।

10 देश जहां कोरोना का असर सबसे ज्यादा

देश

कितने संक्रमित कितनी मौतें कितने ठीक हुए
अमेरिका 45, 68,037 1,53,840 22,45,044
ब्राजील 25,55,518 90,188 17,87,419
भारत 15,84,384 35,003 10,21,611
रूस 8,28,990 13,667 6,20,633
द.अफ्रीका 4,59,761 7,257 2,87,313
मैक्सिको 4,02,697 44,876 2,61,457
पेरू 3,95,005 18,612 2,76,452
चिली 3,49,800 9,240 3,22,332
स्पेन 3,27,690 28,436 उपलब्ध नहीं
ब्रिटेन 3,00,692 45,878 उपलब्ध नहीं

चीन : 3 नए केस सामने आए
गुरुवार सुबह जारी सरकारी बयान के मुताबिक, चीन में तीन नए मामले सामने आए हैं। ये तीनों वे लोग हैं जो किसी दूसरे देश से चीन पहुंचे। विदेश से आने वाले कुल 2,059 लोग अब तक संक्रमित पाए जा चुके हैं। नेशनल हेल्थ कमीशन ने यह जानकारी दी है। चीन सरकार की नजर तीन राज्यों पर ज्यादा है। ये है गुआनडोंग, युन्नान और शांक्शी। इन तीनों ही राज्यों में इम्पोर्टेड केस ज्यादा मिल रहे हैं।

चीन ने कुछ दिनों पहले अमेरिका की चेंगदु स्थिल कॉन्स्युलेट को बंद कर दिया था। अब यहां कई चीनी नागरिक इसे देखने पहुंच रहे हैं। इस दौरान चेहरे पर मास्क लगाना जरूरी कर दिया गया है।

अमेरिका : डेढ़ लाख से ज्यादा की मौत
अमेरिका में मरने वालों का आंकड़ा बुधवार रात 1 लाख 50 हजार 159 हो गया। यह आंकड़ा हेल्थ मिनिस्ट्री और कोरोना टास्क फोर्स की तरफ से जारी किया गया है। कुल संक्रमितों की संख्या भी 45 लाख से ज्यादा हो चुकी है। इस बीच, खबर है कि ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन स्कूल और कॉलेज खोलने के बारे में राज्य सरकारों से बातचीत करने का प्लान बना रही है। इस बारे में औपचारिक जानकारी गुरुवार शाम तक दी जा सकती है।

यूएई : 375 नए मामले
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में महामारी के 375 नए मामले सामने आने से देश में कुल मामलों की संख्या 59,921 हो गई। यूएई के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा कि नए मरीजों की हालत स्थिर है। उनका इलाज किया जा रहा है। अब तक कुल 53,202 संक्रमित स्वस्थ हो चुके हैं। बुधवार को किसी संक्रमित की मौत नहीं हुई।

यूएई में बुधवार को 375 मामले सामने आए। सरकार का कहना है कि दूसरे देशों से आने वालों यात्रियों की वजह से खतरा ज्यादा बढ़ा। यहां सरकार ने लोगों को मास्क लगाने को कहा है। हालांकि, कुछ लोग अब भी इसका पालन नहीं कर रहे हैं।


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बुधवार को ब्राजील के सांता मार्टा स्लम एरिया में कोरोनावायरस से प्रभावित लोगों की जांच करने पहुंची साइंटिस्ट की टीम। इस टीम ने यह भी पता लगाया कि किन लोगों में संक्रमण ज्यादा घातक साबित हो रहा है और सैनिटाइजेशन की सबसे ज्यादा जरूरत किन क्षेत्रों में है।


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कांग्रेस अध्यक्ष आज पार्टी के राज्यसभा सांसदों से चर्चा करेंगी, राजस्थान के संकट समेत देश के सियासी हालात पर बात होगी

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी आज सुबह 10.30 बजे अपनी पार्टी के राज्यसभा सांसदों के साथ वर्चुअल मीटिंग करेंगी। न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और राजस्थान के सियासी संकट पर चर्चा के लिए ये बैठक बुलाई गई है। इसमें कोरोना और बेरोजगारी की स्थिति पर भी बात होगी।

राज्यसभा के नए सदस्यों के 22 जुलाई को शपथ ग्रहण के बाद यह कांग्रेस सांसदों की पहली बैठक होगी। सोनिया इससे पहले 11 जुलाई को पार्टी के लोकसभा सदस्यों से चर्चा कर चुकी हैं। उस मीटिंग में राहुल गांधी को फिर से पार्टी अध्यक्ष बनाने की मांग उठी थी। पार्टी के नेता गौरव गोगोई और मनिकम टैगोर ने यह प्रस्ताव रखा था। इससे पहले जून में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी यही मांग उठाई थी।

कांग्रेस नेता फुल टाइम प्रेसिडेंट चाहते हैं
अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर सोनिया गांधी का एक साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है। मध्यप्रदेश और राजस्थान में पार्टी के दो हाई-प्रोफाइल नेताओं की बगावत को देखते हुए कांग्रेस के नेताओं का एक गुट चाहता है कि जल्द से जल्द फुल टाइम प्रेसिडेंट की नियुक्ति हो जाए। इसके लिए वे मिलकर कांग्रेस वर्किंग कमेटी को चिट्ठी लिखने का विचार भी कर रहे हैं।

कांग्रेस नेताओं के इस ग्रुप का कहना है कि वे राहुल गांधी के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन फुल टाइम प्रेसिडेंट की नियुक्ति की जाए पार्टी पर कमांड को लेकर स्थिति साफ हो। राहुल गांधी भी अध्यक्ष बन सकते हैं, लेकिन वे ऐसा नहीं चाहते तो फिर उनकी तरफ से कोई दखल नहीं हो। पार्टी के कई नेता राहुल के दखल की वजह से नाराज हैं, क्योंकि जब भी राहुल के ऑफिस के कोई निर्देश आता है तो अक्सर स्थिति साफ नहीं होती।



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सोनिया ने 11 जुलाई को पार्टी के लोकसभा सदस्यों से चर्चा की थी। उस मीटिंग में राहुल को फिर से पार्टी अध्यक्ष बनाने की मांग उठी थी। (फाइल फोटो)


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आईपीएल से पहले भारत में ट्रेनिंग कैंप लगना मुश्किल, बीसीसीआई कॉन्ट्रैक्ट खिलाड़ियों के लिए रिस्क नहीं लेना चाहती

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) से पहले अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में भारतीय खिलाड़ियों का ट्रेनिंग कैंप लगना मुश्किल लग रहा है। सूत्रों की मानें तो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) कोरोना के बीच बड़े खिलाड़ियों को लेकर रिस्क नहीं लेना चाहता है। यह कैंप 18 अगस्त से 4 सितंबर तक लगना है, लेकिन अब तक बीसीसीआई की ओर से गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन (जीसीए) को आधिकारिक मंजूरी नहीं मिली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोटेरा स्टेडियम में पहली बार कोई टीम ट्रेनिंग करेगी। यह ट्रेनिंग बायो सिक्योर माहौल में होनी है। इस कैंप के लिए जीसीए ने तैयारी शुरू कर दी है। इस बार आईपीएल 19 सितंबर से 8 नवंबर के बीच यूएई में होगा।

खिलाड़ियों को काफी ज्यादा यात्राएं करनी होंगी
बीसीसीआई सूत्रों की मानें तो, यदि खिलाड़ियों के लिए ट्रेनिंग कैंप होता है, तो उन्हें ज्यादा यात्राएं करनी पड़ेंगी। सबसे पहले उन्हें घर से अहमदाबाद आना होगा। यहां से फिर दुबई के लिए रवाना होंगे। ऐसे में कोरोना के बीच उनके लिए खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाएगा। ऐसे में बीसीसीआई उनके लिए ज्यादा रिस्क नहीं लेना चाहता है।

मोटेरा में रेड बॉल से ट्रेनिंग करेंगे खिलाड़ी
जीसीए के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी से कहा, ‘‘कैंप को लेकर बीसीसीआई से अब तक हमें कोई औपचारिक मंजूरी नहीं मिली है। हालांकि, यह भी सोचने वाली बात है कि खिलाड़ी रेड बॉल से ट्रेनिंग क्यों करेंगे, जबकि उन्हें पूरी तरह से एक अलग फॉर्मेट में खेलना है।’’

धर्मशाला में भी कैंप लगाने पर विचार हुआ था
जीसीए से जुड़े सूत्र ने बताया कि ट्रेनिंग कैंप के लिए वेन्यू को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। लेकिन मोटेरा का नाम लगभग फाइनल हो चुका है। भारतीय टीम के कैम्प के लिए धर्मशाला के नाम पर भी विचार किया था। लेकिन मोटेरा के नए बने स्टेडियम में फैसिलिटी ज्यादा अच्छी हैं। यह स्टेडियम काफी बड़ा है। ऐसे में बायो सिक्योर माहौल में ट्रेनिंग कैंप आसानी से लगाया जा सकता है।

धोनी की टीम सबसे पहले 10 या 11 अगस्त को दुबई पहुंच सकती है
आईपीएल टीमें यूएई की डेजर्ट सिटी में खेलने के लिए तैयार हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई सुपर किंग्स सबसे पहले दुबई के लिए रवाना होगी। टीम 10 या 11 अगस्त को दुबई रवाना हो सकती है। सीएसके टीम मैनेजमेंट के सूत्रों के मुताबिक, टीम 15 अगस्त के पहले दुबई में ट्रेनिंग कैंप शुरू कर सकती है। टीम रविवार को होने वाली आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की मीटिंग के बाद चार्टर्ड प्लेन बुक कराएगी।

सीएसके के सूत्रों ने बताया, ‘‘हमारी योजना है कि पूरी स्क्वॉड 8 अगस्त के बाद कभी भी दुबई रवाना हो जाए ताकि हम दूसरा हफ्ता खत्म होने के पहले कैंप शुरू कर दें। बीसीसीआई की एसओपी के बाद हम ट्रैवल प्लान फाइनल करेंगे। मौजूदा हालात में खिलाड़ियों के लिए चार्टर्ड फ्लाइट ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।’’

कई फ्रेंचाइजी दुबई में ही ट्रेनिंग कैंप लगाएंगी
न सिर्फ सीएसके बल्कि अन्य टीमों की योजना भी लीग के दो-तीन हफ्ते पहले दुबई में ट्रेनिंग करने की है। प्रस्तावित कैंप सितंबर के पहले हफ्ते में शुरू होगा। बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि कुछ फ्रेंचाइजी दुबई में कैंप शुरू करना चाहती है। यह जरूरी भी है क्योंकि खिलाड़ी लंबे समय से खेले नहीं है। हमें फ्रेंचाइजी के इन कैंप से कोई परेशानी नहीं है। हालांकि, इस दौरान नेशनल टीम का कैंप भी है। हम बेहतर समाधान देख रहे हैं। अभी कुछ भी फाइनल नहीं हुआ है।’’

एक आईपीएल फ्रेंचाइजी ने बताया, ‘‘हम दुबई में कैंप 5 सितंबर से शुरू कर सकते हैं। हम विदेशी खिलाड़ियों के संपर्क में हैं और उन्हें ट्रेनिंग में कोई दिक्कत नहीं है।’’ अधिकतर फ्रेंचाइजी दुबई और अबु धाबी में कैंप लगाना चाहती हैं। आईसीसी एकेडमी भी उनकी पसंद है।



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महेंद्र सिंह धोनी की टीम चेन्नई सुपर किंग्स सबसे पहले 10 या 11 अगस्त को दुबई रवाना हो सकती है। 15 अगस्त के पहले ट्रेनिंग कैंप शुरू कर सकती है। -फाइल फोटो


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जिन 2 शिलाओं के लिए अशोक सिंघल ने अटल सरकार को चुनौती दी थी, उनके इस्तेमाल पर पर्दा; 18 साल से ट्रेजरी में हैं

अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन में अब सिर्फ एक हफ्ता रह गया है, लेकिन अभी तक उन दो शिलाओं को बाहर लाने की कोई पहल नहीं की गई है, जो अयोध्या प्रशासन की ट्रेजरी में 18 साल से रखी हुई हैं। इन शिलाओं के लिए विहिप के तत्कालीन अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक सिंघल और श्रीरामजन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष रामचंद्रदास परमहंस ने अटल बिहारी वाजपेयी की अगुआई वाली एनडीए सरकार को चुनौती दे दी थी।

तत्कालीन केंद्र सरकार के मना करने के बाद भी देशभर से शिलादान के लिए कारसेवक अयोध्या पहुंच रहे थे। अटल सरकार और विहिप आमने-सामने आ गई थीं। तमाम जद्दोजहद के बाद केंद्र ने पीएमओ में अयोध्या सेल के प्रभारी आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह को शिलाएं स्वीकार करने के लिए अयोध्या भेजा था।

उन्होंने 15 मार्च 2002 को अशोक सिंघल और रामचंद्र परमहंस से शिलादान स्वीकार किया था। इसे अयोध्या के डीएम को सौंप दिया गया था। श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी विमलेंद्र मोहन मिश्र ने कहा कि इन शिलाओं के बारे में फिलहाल उन्हें कोई जानकारी नहीं है, जबकि ट्रस्ट सूत्रों का कहना है कि दोनों शिलाओं को राममंदिर आंदोलन के प्रतीक के रूप में महत्व दिया जाएगा।

विहिप कार्यकर्ता और मंदिर आंदोलन से जुड़े संतोष दुबे का कहना है कि मंदिर के भूमि पूजन में इन दोनों शिलाओं को स्थान दिया जाना चाहिए, क्योंकि इनसे कारसेवकों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। सरकार उनकी भावनाओं की कद्र करे। शिलादान के कार्यक्रम से 21वीं सदी की शुरुआत में ही देश की राजनीति की दिशा तय हो गई थी।

रामभक्त अयोध्या न आएं, लाइव प्रसारण देखें: चंपत राय
मंदिर निर्माण ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने भक्तों से अपील की है कि वे 5 अगस्त को भूमि पूजन में शामिल होने के लिए व्यग्र न हों। अयोध्या न आएं। टीवी पर समारोह का लाइव प्रसारण देखें और शाम को घर पर दीपक जलाकर इसका स्वागत करें। भविष्य में उचित अवसर पर राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण यज्ञ में सभी राम भक्तों को सम्मिलित होने का अवसर मिले, यह प्रयास किया जाएगा।

पीएम की सुरक्षा: 9 जिलों के एडीजी-डीआईजी मुस्तैद
पीएम के अयोध्या दौरे पर उनकी पुख्ता सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने 9 जिलों के एडीजी और डीआईजी स्तर के अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी दी है। सभी अधिकारी 6 अगस्त तक सुरक्षा घेरे की कमान संभालेंगे। उधर, अयोध्या में लोगों ने कोरोनाकाल में प्रशासनिक पाबंदी में ढील देने की मांग की है, ताकि 3 अगस्त से दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम आयोजित किया जा सके।

राम मंदिर भूमिपूजन से जुड़ी यह खबर भी आप पढ़ सकते हैं...

1. अयोध्या में राम मंदिर भूमिपूजन को लेकर खुफिया एजेंसियां अलर्ट, 5 से 15 अगस्त तक यूपी में हाईअलर्ट रहेगा



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यह अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर का नया मॉडल है। यह दो एकड़ में बनेगा। हालाकि, पूरा परिसर 67 एकड़ में तैयार होगा।


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जिन 2 शिलाओं के लिए अशोक सिंघल ने अटल सरकार को चुनौती दी थी, उनके इस्तेमाल पर पर्दा; 18 साल से ट्रेजरी में हैं

अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन में अब सिर्फ एक हफ्ता रह गया है, लेकिन अभी तक उन दो शिलाओं को बाहर लाने की कोई पहल नहीं की गई है, जो अयोध्या प्रशासन की ट्रेजरी में 18 साल से रखी हुई हैं। इन शिलाओं के लिए विहिप के तत्कालीन अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक सिंघल और श्रीरामजन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष रामचंद्रदास परमहंस ने अटल बिहारी वाजपेयी की अगुआई वाली एनडीए सरकार को चुनौती दे दी थी।

तत्कालीन केंद्र सरकार के मना करने के बाद भी देशभर से शिलादान के लिए कारसेवक अयोध्या पहुंच रहे थे। अटल सरकार और विहिप आमने-सामने आ गई थीं। तमाम जद्दोजहद के बाद केंद्र ने पीएमओ में अयोध्या सेल के प्रभारी आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह को शिलाएं स्वीकार करने के लिए अयोध्या भेजा था।

उन्होंने 15 मार्च 2002 को अशोक सिंघल और रामचंद्र परमहंस से शिलादान स्वीकार किया था। इसे अयोध्या के डीएम को सौंप दिया गया था। श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी विमलेंद्र मोहन मिश्र ने कहा कि इन शिलाओं के बारे में फिलहाल उन्हें कोई जानकारी नहीं है, जबकि ट्रस्ट सूत्रों का कहना है कि दोनों शिलाओं को राममंदिर आंदोलन के प्रतीक के रूप में महत्व दिया जाएगा।

विहिप कार्यकर्ता और मंदिर आंदोलन से जुड़े संतोष दुबे का कहना है कि मंदिर के भूमि पूजन में इन दोनों शिलाओं को स्थान दिया जाना चाहिए, क्योंकि इनसे कारसेवकों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। सरकार उनकी भावनाओं की कद्र करे। शिलादान के कार्यक्रम से 21वीं सदी की शुरुआत में ही देश की राजनीति की दिशा तय हो गई थी।

रामभक्त अयोध्या न आएं, लाइव प्रसारण देखें: चंपत राय
मंदिर निर्माण ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने भक्तों से अपील की है कि वे 5 अगस्त को भूमि पूजन में शामिल होने के लिए व्यग्र न हों। अयोध्या न आएं। टीवी पर समारोह का लाइव प्रसारण देखें और शाम को घर पर दीपक जलाकर इसका स्वागत करें। भविष्य में उचित अवसर पर राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण यज्ञ में सभी राम भक्तों को सम्मिलित होने का अवसर मिले, यह प्रयास किया जाएगा।

पीएम की सुरक्षा: 9 जिलों के एडीजी-डीआईजी मुस्तैद
पीएम के अयोध्या दौरे पर उनकी पुख्ता सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने 9 जिलों के एडीजी और डीआईजी स्तर के अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी दी है। सभी अधिकारी 6 अगस्त तक सुरक्षा घेरे की कमान संभालेंगे। उधर, अयोध्या में लोगों ने कोरोनाकाल में प्रशासनिक पाबंदी में ढील देने की मांग की है, ताकि 3 अगस्त से दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम आयोजित किया जा सके।

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यह अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर का नया मॉडल है। यह दो एकड़ में बनेगा। हालाकि, पूरा परिसर 67 एकड़ में तैयार होगा।


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एक हफ्ते में दूसरी बार 50 हजार से ज्यादा मामले; ठीक होने वालों का आंकड़ा 10 लाख के पार; देश में अब तक 15.84 लाख केस

देश में 24 घंटे में रिकॉर्ड 52 हजार 263 मरीज बढ़े। इस हफ्ते में यह दूसरी बार है जब संक्रमितों का आंकड़ा 50 हजार के पार हुआ। इससे पहले 25 जुलाई को 50 हजार 72 मामले मिले थे। अब तक 15 लाख 84 हजार 384 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। वहीं, मरने वालों का आंकड़ा 35 हजार पार हो चुका है। देश में 10 लाख 6 हजार से ज्यादा मरीज ठीक हो चुके हैं। 5 लाख 8 हजार से ज्यादा एक्टिव मरीज हैं, यानी इनका इलाज चल रहा है। यह आंकड़े covid19india.org के मुताबिक हैं।

वहीं, महाराष्ट्र में 31 और त्रिपुरा में 4 अगस्त तक लॉकडाउन बढ़ाया गया है। त्रिपुरा के सीएम बिप्लब कुमार देब ने बुधवार को बताया कि 1200 हेल्थ वर्कर्स के जरिए एक जरूरी हेल्थ सर्वे किया जाना है। इसे पूरा करने के लिए राज्य में लॉकडाउन बढ़ाया जा रहा है।

5 राज्यों का हाल

मध्य प्रदेश: राज्य में 24 घंटे में 917 नए मामले सामने आए। इसी के साथ संक्रमितों की संख्या अब 30 हजार 134 हो गई है। इनमें 20 हजार 934 लोग ठीक हो चुके हैं जबकि 844 मरीजों की मौत हो चुकी है।

महाराष्ट्र: 24 घंटे में 9,211 नए मामले सामने आए। 298 लोगों की मौत हुई और 7 हजार 478 मरीज ठीक हो गए। मुंबई में बुधवार को 1109 नए मामले सामने आए। यहां बुधवार को इस महामारी से 60 लोगों की मौत हो गई है। शहर में दो दिन पहले तक डबलिंग रेट बढ़कर 68 दिन और रिकवरी रेट 73% होने की बात सामने आई थी।

राजस्थान: यहां 24 घंटे में 1,144 संक्रमित मिले। 10 की मौत हुई और 992 मरीज ठीक हो गए। इस बीमारी से अब तक जयपुर में 183 लोगों की मौत हो चुकी है। जोधपुर में 81, भरतपुर में 53, अजमेर में 38, बीकानेर में 36, कोटा में 33, पाली में 30, नागौर में 23 और धौलपुर में 15 मरीजों ने दम तोड़ा है। यहां अन्य राज्यों के 35 रोगियों की मौत हुई है।

बिहार: यहां बुधवार को 2328 संक्रमित मिले। 4 संक्रमितों की मौत हुई है और 1,284 ठीक हो गए। राज्य में कोरोना संक्रमण के अब तक 45,919 केस आ चुके हैं। 273 की मौत हो चुकी है और 30,504 ठीक हो चुके हैं।

उत्तर प्रदेश: यहां बीते 24 घंटे में कोरोना के 3 हजार 383 नए मामले सामने आए। इसी के साथ संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 77,334 हो गया है। इनमें 45,807 लोग ठीक भी हो चुके हैं। पिछले 24 घंटे में 33 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों की संख्या अब 1,530 हो चुकी है।



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दिल्ली के सीडब्ल्यूजी कोविड केयर सेंटर पर बुधवार को पीपीई किट पहनकर इलाज करते एक डॉक्टर। यहां अब तक 1.33 लाख से ज्यादा संक्रमित मिले हैं।


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कांग्रेस अध्यक्ष आज पार्टी के राज्यसभा सांसदों से चर्चा करेंगी, राजस्थान के संकट समेत देश के सियासी हालात पर बात होगी

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी आज सुबह 10.30 बजे अपनी पार्टी के राज्यसभा सांसदों के साथ वर्चुअल मीटिंग करेंगी। न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और राजस्थान के सियासी संकट पर चर्चा के लिए ये बैठक बुलाई गई है। इसमें कोरोना और बेरोजगारी की स्थिति पर भी बात होगी।

राज्यसभा के नए सदस्यों के 22 जुलाई को शपथ ग्रहण के बाद यह कांग्रेस सांसदों की पहली बैठक होगी। सोनिया इससे पहले 11 जुलाई को पार्टी के लोकसभा सदस्यों से चर्चा कर चुकी हैं। उस मीटिंग में राहुल गांधी को फिर से पार्टी अध्यक्ष बनाने की मांग उठी थी। पार्टी के नेता गौरव गोगोई और मनिकम टैगोर ने यह प्रस्ताव रखा था। इससे पहले जून में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी यही मांग उठाई थी।

कांग्रेस नेता फुल टाइम प्रेसिडेंट चाहते हैं
अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर सोनिया गांधी का एक साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है। मध्यप्रदेश और राजस्थान में पार्टी के दो हाई-प्रोफाइल नेताओं की बगावत को देखते हुए कांग्रेस के नेताओं का एक गुट चाहता है कि जल्द से जल्द फुल टाइम प्रेसिडेंट की नियुक्ति हो जाए। इसके लिए वे मिलकर कांग्रेस वर्किंग कमेटी को चिट्ठी लिखने का विचार भी कर रहे हैं।

कांग्रेस नेताओं के इस ग्रुप का कहना है कि वे राहुल गांधी के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन फुल टाइम प्रेसिडेंट की नियुक्ति की जाए पार्टी पर कमांड को लेकर स्थिति साफ हो। राहुल गांधी भी अध्यक्ष बन सकते हैं, लेकिन वे ऐसा नहीं चाहते तो फिर उनकी तरफ से कोई दखल नहीं हो। पार्टी के कई नेता राहुल के दखल की वजह से नाराज हैं, क्योंकि जब भी राहुल के ऑफिस के कोई निर्देश आता है तो अक्सर स्थिति साफ नहीं होती।



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सोनिया ने 11 जुलाई को पार्टी के लोकसभा सदस्यों से चर्चा की थी। उस मीटिंग में राहुल को फिर से पार्टी अध्यक्ष बनाने की मांग उठी थी। (फाइल फोटो)


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