रविवार, 13 सितंबर 2020

होम लोन, कार लोन पर मोरेटोरियम का लाभ लेना क्यों अच्छा आइडिया नहीं है? तीन महीने किस्त नहीं भरी तो लोन की अवधि एक साल बढ़ जाएगी

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लोन मोरेटोरियम 28 सितंबर तक बढ़ गया है। यानी 28 सितंबर तक आपने यदि अपने होम लोन और कार लोन पर किस्त नहीं चुकाई तो इससे आपकी आर्थिक सेहत यानी क्रेडिट स्कोर बेअसर रहेगा। किस्त न चुकाने पर कोई बैंक लोन को नॉन परफॉर्मिंग असेट (एनपीए) में नहीं डाल सकेंगे।

अब इससे कई लोगों के सवाल आ रहे हैं कि यह फायदेमंद होगा या नहीं? क्या मोरेटोरियम का लाभ उठाकर वे इस पैसे का कहीं और इस्तेमाल कर सकते हैं? इस पर हमने पूरा मसला समझने की कोशिश की, और यह भी जाना कि आपके फायदे में क्या रहने वाला है?

सबसे पहले, समझ लीजिए कि क्या है मोरेटोरियम?

  • कोरोना के बाद लॉकडाउन हुआ। काम-धंधे बंद हो गए। कई लोगों की नौकरियां चली गईं। ऐसे में लोन की किस्तें चुका पाना मुश्किल हो गया। तब रिजर्व बैंक ने लोन मोरेटोरियम की सहूलियत दी थी। यानी लोन पर किस्तें टाल दी गई थी।
  • आरबीआई ने पहले 31 मई 2020 तक सभी टर्म लोन्स पर किस्तों पर मोरेटोरियम दिया और फिर इस अवधि को तीन महीने और बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया था। यानी छह महीनों तक किस्त नहीं चुकाई तो भी क्रेडिट स्कोर बेअसर रहेगा।
  • अगस्त में रिजर्व बैंक ने मोरेटोरियम को और बढ़ाने से इनकार कर दिया। साथ ही कहा कि यदि अब भी किसी को दिक्कत है तो वह लोन रिस्ट्रक्चर करा सकता है। बैंकों को भी इसके लिए छूट दे दी। ताकि नए सिरे से किस्त चुकाने की प्रक्रिया तय हो सके।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया और क्यों?

  • मोरेटोरियम पर एक विवाद था। किसी लोन पर मोरेटोरियम का लाभ लेते हुए किस्त नहीं चुकाई तो उस अवधि का ब्याज मूलधन में जुड़ जाएगा। यानी अब मूलधन+ब्याज पर ब्याज लगेगा। इसी ब्याज पर ब्याज का मसला सुप्रीम कोर्ट में है।
  • सुप्रीम कोर्ट में एक और राहत मांगी गई है। याचिका में कहा गया है कि अब भी हालात सुधरे नहीं है। ऐसे में मोरेटोरियम को बढ़ाया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने इन दलीलों को सुनने के बाद ही 28 सितंबर तक मोरेटोरियम को बढ़ा दिया है।
  • केंद्र सरकार को दो हफ्ते में राहत का नया फार्मूला सुझाने को भी कहा है। इसके लिए राजीव महर्षि की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है। यह बैंकों के साथ-साथ संबंधित पक्षों से बातचीत कर अपने सुझाव केंद्र सरकार को देगी।

क्या मोरेटोरियम का फायदा उठाना सही है?

  • बैंक बाजार के सीईओ आदिल शेट्टी का कहना है कि यदि आपको कोरोना की वजह से बहुत ज्यादा तकलीफ हुई है तो यह आपके लिए राहत है। लेकिन कर्जदारों को ध्यान में रखना चाहिए कि मोरेटोरियम का लाभ उठाने से बकाया राशि पर ब्याज लगता रहेगा।
  • शेट्टी के मुताबिक, तीन महीने आपने किस्त नहीं चुकाई तो आपकी लोन चुकाने की अवधि एक साल बढ़ जाएगी। यानी यदि आपने 15 साल के लिए लोन लिया था और तीन महीने किस्त नहीं चुकाई तो अब लोन 16 साल चलता रहेगा।
  • उनका सुझाव है कि यदि आपका लोन शुरुआती दौर में है तो आपके लिए आज की राहत कल की परेशानी बन जाएगी। ऐसे में यदि आपके पास किस्त चुकाने के सभी रास्ते खत्म हो गए हैं तभी आप मोरेटोरियम का लाभ उठाएं, वरना नहीं।

तो क्या आरबीआई ने कोई राहत नहीं दी?

  • ऐसा कहना गलत होगा। आरबीआई ने लोन को रिस्ट्रक्चर करने की अनुमति सभी बैंकों को दी है। लेकिन यह भी कहा है कि जिन लोन पर कोविड-19 की वजह से प्रभाव पड़ा है, उन्हें ही दो साल की अवधि बढ़ाकर रीस्ट्रक्चरिंग की अनुमति दी जाएगी।
  • कॉर्पोरेट लोन्स को लेकर रिजर्व बैंक ने आईसीआईसीआई बैंक के पूर्व चेयरमैन केवी कामथ की अध्यक्षता में कमेटी बनाई थी ताकि कर्जदारों को रीस्ट्रक्चरिंग का लाभ देने के लिए शर्तें तय की जा सके।
  • कोविड से 15.52 लाख करोड़ रुपए का कर्ज तनाव में है। करीब 22.20 लाख करोड़ रुपए का कर्ज पहले ही एनपीए में जाने की नौबत थी। यानी बैंकों ने जितना लोन दिया है, उसमें भी 72 प्रतिशत खराब लोन की श्रेणी मे जा रहा है।

कामथ कमेटी की रिपोर्ट ने क्या सुझाया है?

  • आईसीआईसीआई डायरेक्ट रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार कमेटी ने 26 सेक्टरों की पहचान की है, जिनके लोन पर कोविड-19 का सबसे ज्यादा असर पड़ा है। इनके लोन को रीस्ट्रक्चर करने के लिए विस्तृत प्लान बनाकर सौंपा है।
  • इस एक्सपर्ट कमेटी ने हर सेक्टर के लिए कॉर्पोरेट से संबंधी रेशो की लिमिट तय की है, जैसे- ईबीआईडीटीए, डीएससीआर, करेंट रेश्यो, एडीएससीआर आदि। यह कंपनियों की कमाई और लाभ से ताल्लुक रखते हैं।
  • रिसर्च रिपोर्ट का कहना है कि इन 26 सेक्टरों को कुल 37 लाख करोड़ रुपए के लोन दिए हैं, उसमें से 15-20% की रेंज में लोन रिस्ट्रक्चर हो सकते हैं। यह कदम बैंकिंग सेक्टर के लिए भी अच्छा है, वरना ज्यादातर लोन एनपीए में डालने की नौबत आती।


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RBI EMI Moratorium Extended; Loan Moratorium News Today Update | Know How Loan Moratorium Will Impact Your Home Loan, Car Loan EMIs? All You Need To Know


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न वीडियो शूट करते आता था, न एडिट करते, रोटी बनाते हुए पहला वीडियो किया था अपलोड, अब हर माह कमाती हैं 60 से 70 हजार रुपए

ये बात मई 2017 की है। हरियाणा के दीवानी जिले के नौरंगाबाद गांव में रहने वाली बबीता परमार रोज की तरह चूल्हे पर रोटियां बना रहीं थीं लेकिन इस दिन एक नई चीज हो रही थी। देवर भाभी का रोटी बनाते हुए वीडियो बना रहा था। 10 हजार रुपए वाला फोन था। न वीडियो शूट करने का कोई नॉलेज था और न ही एडिटिंग का।

देवर रंजीत ने वीडियो शूट करके फिल्मोरा नाम के ऐप से मोबाइल से ही जैसे-तैसे वीडियो एडिट कर दिया और यूट्यूब पर अपलोड कर दिया। दो दिन बाद इस वीडियो पर दस लाख से ज्यादा व्यूज आ चुके थे। जिसने बबीता, रंजीत और पूरे घर को चौंका दिया था।

इसके बाद से शुरू हुआ बबीता परमार का सफर आज तक थमा नहीं। पिछले तीन साल में उन्होंने हर माह 60 से 70 हजार रुपए औसत कमाए। जानिए उनकी सफलता की कहानी, उनके देवर की जुबानी।

बबीता अब यूजर्स की डिमांड पर भी रेसिपी तैयार करने लगी हैं, लेकिन सबकुछ बनाती देसी तरीके से ही हैं।


रंजीत ने बताया कि मैंने यूट्यूब के बारे में बहुत सुना था लेकिन पहले हमको लगता था कि इस पर सिर्फ प्रोफेशनल लोग या कंपनियां ही वीडियो डाल सकती हैं। फिर लोगों ने बताया कि यूट्यूब पर कोई भी वीडियो अपलोड कर सकता है। मैं यूट्यूब पर खाने-पीने के वीडियो बहुत देखा करता था। भाभी को कुकिंग बहुत अच्छी आती है। मैंने उनसे कहा कि आपका कुकिंग करते हुए वीडियो बनाते हैं और यूट्यूब पर अपलोड करते हैं।

फिर हमने मई 2017 में सबसे पहले आटा गूंथने का एक वीडियो शूट किया। इसके जरिए हम बताना चाहते थे कि अच्छा आटा कैसे गूंथ सकते हैं। हालांकि, इस पर ज्यादा व्यूज नहीं आए। फिर उसी हफ्ते मैंने भाभी का रोटी बनाते हुए वीडियो शूट किया। उस समय मेरे पास कार्बन का 10 हजार रुपए वाला फोन था। न शूट करना आता था और न ही कोई दूसरे इक्विपमेंट थे। रोटी बनाने वाला वीडियो मैंने मोबाइल पर फिल्मोरा ऐप पर एडिट किया। यूट्यूब से ही इस ऐप के बारे में पता चला था।

यूट्यूब से अर्निंग के बाद बबीता ने मोबाइल, ट्राइपोड, लैपटॉप सब खरीद लिया।

एडिट करके वो वीडियो अपलोड कर दिया। दो दिन में ही उस पर एक मिलियन से ज्यादा व्यूज आ गए। इससे हमारा उत्साह बहुत ज्यादा बढ़ा। भाभी को भी बहुत खुशी हुई। फिर हम हर हफ्ते एक-एक दो-दो वीडियो बनाने लगे। पहले यही होता था कि भाभी रोजाना जो खाना बनाती थीं, मैं उसको शूट करके यूट्यूब पर डालता था। हमारा घर एकदम देसी है। चाय को छोड़कर सबकुछ चूल्हे पर ही बनता है। इसलिए वीडियो भी चूल्हे पर ही देसी तरीके से खाना बनाते हुए शूट करते थे।

बिना किसी प्रमोशन के हमारे वीडियो पर व्यूज आने लगे। 6 महीने बाद यूट्यूब ने खुद ही मेरे चैनल को मोनेटाइज कर दिया और मुझे अपने अकाउंट में पैसे भी दिखने लगे। लेकिन गांव के दोस्त कहते थे कि ये पैसे सिर्फ दिखते हैं, मिलते नहीं। लेकिन यूट्यूब ने कुछ महीनों बाद मेरे अकाउंट में 13,400 रुपए ट्रांसफर किए। ये पैसा आने के बाद हम लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं था। पूरे गांव में पता चल गया था कि हमें यूट्यूब से पैसा मिला है। घर में भी सब बहुत खुश थे।

देवर के साथ ही बबीता को पूरा परिवार वीडियो बनाने में मदद करता है। वे कहती हैं, मुझे पति का बहुत सपोर्ट मिला।

उसके बाद हमने हर महीने चार से पांच वीडियो अपलोड करना शुरू कर दिए। क्योंकि मैंने यूट्यूब पर ही देखा था कि भले ही कम वीडियो अपलोड करो लेकिन फिर लगातार करो। जैसे महीने में भले ही पांच बार करो लेकिन फिर उस पांच में गेप मत होने दो। पहले वीडियो बनाने के बाद हमारे सामने सबसे बड़ी दिक्कत उसे अपलोड करने की थी क्योंकि गांव में नेटवर्क बड़ी मुश्किल से आता था। मैं छत से या खेत से वीडियो अपलोड करता था क्योंकि वहां नेटवर्क अच्छा आता था।

यूट्यूब से पैसे आना शुरू हुए तो मैंने घर पर वाईफाई लगवा लिया। कई बार हमें यूट्यूब से महीने के दो-दो लाख रुपए भी आए तो कई बार दस-बारह हजार भी आए। हालांकि, एवरेज देखें तो पिछले तीन साल में हर माह 60 से 70 हजार रुपए महीने का एवरेज निकलता है।

अब तो शूटिंग के लिए दो कैमरे खरीद लिए। लैपटॉप खरीद लिया। ट्राइपोड भी है। भाभी को भी शूट करते आ गया। जब मैं नहीं होता, तब वो खुद ही वीडियो शूट कर लेती हैं। अब मेरा प्लान घर की छत पर ही कुछ बनाने का है, लेकिन चैनल का कंटेंट हम देसी ही रखेंगे। यही हमारी यूएसपी है। अभी हमारे चैनल Indian Girl Babita's Village पर 4 लाख 22 हजार सब्सक्राइबर हैं, हमारा टारगेट 1 मिलियन सब्सक्राइबर जोड़ने का है।

आप भी यूट्यूब पर ऐसे बना सकते हैं खुद का चैनल

एक यूट्यूब चैनल की शुरुआत करने के लिए जरूरी है कि सबसे पहले आपके पास एक एक्टिव गूगल अकाउंट हो। अगर गूगल अकाउंट नहीं है, तो आप सबसे पहले गूगल अकाउंट बना लीजिए। यूट्यूब पर गूगल अकाउंट से साइन इन करने के बाद यूट्यूब चैनल बनाने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
स्टेप- 1

यूट्यूब पर जाकर राइट साइड पर यूट्यूब अकाउंट के थंबनेल इमेज पर क्लिक करें। इसके बाद 'क्रिएट ए चैनल' विकल्प को सिलेक्ट करें।

स्टेप-2

अब यूट्यूब चैनल का नाम डालें, चैनल के नाम के लिए बेहतर होगा कि आप किसी ऐसे नाम को चुनें जिससे यह स्पष्ट हो कि आपका चैनल किससे संबंधित है।

स्टेप-3

नाम सिलेक्ट करने के बाद आपको कैटेगरी सिलेक्ट करनी होगी यानी आप किस तरह का कंटेंट पोस्ट करेंगे। इसके बाद चेक बाॅक्स पर ओके का विकल्प क्लिक करना होगा। (क्लिक करने से पहले ध्यान से नियम व शर्तें पढ़ लें)

स्टेप-4

आपका यूट्यूब चैनल बन गया है। अब आप एक नए पेज पर रीडायरेक्ट हो जाएंगे, जहां आप अपने ब्रांड से जुड़ी तस्वीरें, बैकग्राउंड आर्ट, चैनल आइकन अपलोड कर सकते हैं। इसके अलावा आप अपने चैनल के बारे में मजेदार और यूनिक डिस्क्रिपशन डाल सकते हैं।

यहां आप वो सब कुछ शेयर कर सकते हैं, जिससे ये पता चलता है कि आपका यूट्यूब चैनल किस बारे में है और आप किस तरह के कंटेंट को कब पोस्ट करना चाहते हैं। इसके अलावा बिजनेस इन्क्वायरी के लिए आप ईमेल आईडी भी शेयर कर सकते हैं। इसके बाद आप अपने चैनल में वीडियो अपलोड के विकल्प को सिलेक्ट करके कोई भी वीडियो अपलोड कर सकते हैं।



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Bhabhi cooks on the stove, Devar makes videos, 60 to 70 thousand rupees every month from YouTube


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97 हजार छात्रों के कोरोना संक्रमित होने के बाद क्या अब 2021 में ही खुलेंगे स्कूल? पड़ताल में ये दावा फेक निकला

क्या हो रहा है वायरल: सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि देश भर में 97 हजार छात्र कोविड-19 से संक्रमित हो गए हैं। इसको देखते हुए केंद्रीय शिक्षा विभाग ने निर्णय लिया है कि अब 2021 में ही स्कूल खोले जाएंगे। वायरल मैसेज के साथ न्यूज चैनल की खबर का बताकर एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया जा रहा है।

और सच क्या है?

  • सबसे पहले हमने 97,000 छात्रों के कोविड-19 से संक्रमित होने वाले दावे की सत्यता जांचनी शुरू की। गूगल पर अलग-अलग की वर्ड सर्च करने पर कुछ मीडिया रिपोर्ट सामने आईं। जिनसे पता चलता है कि 97,000 छात्रों के कोरोना संक्रमित होने की बात सच है। लेकिन, यह मामला भारत का नहीं यूनाइटेड स्टेट्स का है।
  • वायरल मैसेज में दावा किया गया है कि 97,000 छात्रों के कोरोना संक्रमित होने का आंकड़ा केंद्रीय शिक्षा विभाग ने जारी किया है। एमएचआरडी की ऑफिशियल वेबसाइट पर हमें ऐसा कोई अपडेट नहीं मिला। यहां तक कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी संक्रमित छात्रों की संख्या का अलग से कोई आंकड़ा जारी नहीं किया।
  • अब आते हैं 2021 से स्कूल खुलने वाले दावे पर। गृह मंत्रालय ने 29 अगस्त को अनलॉक-4 की गाइडलाइन जारी की थीं। इस गाइडलाइन के मुताबिक, 21 सितंबर से 9वीं से 12वीं के बच्चे टीचर्स से गाइडेंस लेने के लिए अपनी इच्छा से स्कूल जा सकेंगे।
  • दैनिक भास्कर वेबसाइट पर 21 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 9वीं से 12वीं और हायर एजुकेशनल, ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की पढ़ाई आंशिक तौर पर शुरू करने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी कर दिया है।
  • यूट्यूब पर अलग-अलग की वर्ड सर्च करने से भी हमें ऐसा कोई न्यूज बुलेटिन नहीं मिला। जिसका स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। इन सबसे स्पष्ट है कि 2020 में स्कूल न खुलने का दावा झूठा है।


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Fact Check : After 97,000 students are infected, will schools across the country open in 2021? This claim was thrown out in the investigation


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सरदार पटेल ने तय किया था- कश्मीर भारत का हिस्सा बनेगा; 91 साल पहले लाहौर जेल में भूख हड़ताल के दौरान शहीद हुए थे जतिन दास

आज का इतिहास बेहद खास है। कश्मीर भारत में रहेगा या पाकिस्तान में जाएगा? इस प्रश्न का जवाब आज ही मिला था। 91 साल पहले 1929 में महान क्रांतिकारी भगत सिंह के साथी जतिन दास ने लाहौर जेल में भूख हड़ताल के दौरान दम तोड़ दिया था। वहीं, जवाहरलाल नेहरू ने 1947 में आज ही के दिन प्रस्ताव दिया था कि 40 लाख हिंदुओं और मुसलमानों का पारस्परिक ट्रांसफर किया जाए।

सबसे पहले बात, कश्मीर की। यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे लेकर भारत और पाकिस्तान आज भी आमने-सामने रहते हैं। लॉर्ड माउंटबेटन के राजनीतिक सलाहकार रहे वीपी मेनन की किताब 'इंटिग्रेशन ऑफ द इंडिया स्टेट्स' में लिखा है कि भारत की आजादी से दो महीने पहले तक लॉर्ड माउंटबेटन ने कश्मीर के राजा महाराजा हरी सिंह से कहा था कि यदि वे पाकिस्तान के साथ जाने का फैसला करते हैं, तो भारत कोई दखल नहीं देगा।

वहीं, सरदार पटेल के राजनीतिक सचिव रहे वी. शंकर ने "माय रेमिनिसेंसेज ऑफ सरदार पटेल' में लिखा, '13 सितंबर 1947 की सुबह पटेल ने रक्षा मंत्री बलदेव सिंह को चिट्ठी लिखी कि कश्मीर चाहे तो पाकिस्तान में शामिल हो सकता है। हालांकि, उसी दिन पटेल को जब पता चला कि पाकिस्तान ने जूनागढ़ के विलय का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है, तो वे भड़क गए।

उनका कहना था कि यदि पाकिस्तान, हिंदू बहुल आबादी वाले मुस्लिम शासक के जूनागढ़ को अपना हिस्सा बना सकता है तो भारत, मुस्लिम बहुल आबादी वाले हिंदू शासक के कश्मीर को क्यों नहीं ले सकता? उस दिन से कश्मीर पटेल की प्राथमिकता बन गया था। खैर, आज की हकीकत यह है कि जूनागढ़ और कश्मीर भारत के पास है। कश्मीर के कुछ हिस्से पर जरूर पाकिस्तान का कब्जा है।

सरदार पटेल के आदेश पर हैदराबाद में सेना घुसी थी

ऑपरेशन पोलो के बाद हैदराबाद के आखिरी निजाम 25 दिसंबर 1949 को प्रधानमंत्री नेहरू और मिलिट्री गवर्नर मेजर जनरल जयंतो चौधरी के साथ निजाम के किंग कोठी पैलेस में ।

आजादी के बाद जूनागढ़ और कश्मीर के साथ-साथ एक और पेंच था हैदराबाद का। हैदराबाद का निजाम स्वतंत्रता चाहता था। उसने पाकिस्तान को 20 करोड़ रुपए का कर्जा भी दिया था। लेकिन, सरदार पटेल चाहते थे कि हैदराबाद का भारत में विलय हो। ऊपर से निजाम ने संयुक्त राष्ट्र जाने की धमकी भी दे रखी थी। सरदार पटेल के आदेश पर 13 से 18 सितंबर 1948 तक ऑपरेशन पोलो चला।

13 सितंबर को 36 हजार भारतीय सैनिक हैदराबाद में पश्चिम, दक्षिण और उत्तर से घुसे थे। भारत ने इसे पुलिस एक्शन कहा ताकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को लगे कि यह भारत का अंदरुनी मसला है। 18 सितंबर तक निजाम भारत में हैदराबाद के विलय के लिए राजी हो गया था।

जतिंद्र नाथ दास ने आजादी के लिए दे दी जान

भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत को हम शहीद दिवस के तौर पर याद करते हैं। लेकिन, उनके ही साथी थे- जतिंद्र नाथ दास, जिन्हें जतिन दा भी कहा जाता था। 27 अक्टूबर 1904 को जन्मे जतिंद्र नाथ 16 साल की उम्र में ही आजादी के आंदोलन से जुड़ गए थे। दक्षिणेश्वर बम कांड और काकोरी कांड के सिलसिले में 1925 में उन्हें गिरफ्तार किया गया था।

सबूत नहीं थे, इस वजह से मुकदमा नहीं चला, पर उन्हें नजरबंद रखा गया। लाहौर असेंबली में बम फेंकने के मामले में भगत सिंह के साथियों के साथ ही जतिन दा भी पकड़े गए थे। जेल में अव्यवस्था के खिलाफ क्रांतिकारियों ने जतिन दा के नेतृत्व में 13 जुलाई 1929 को अनशन शुरू किया। उनका अनशन खत्म करने की हर कोशिश की गई, लेकिन वे टस से मस नहीं हुए।

हड़ताल के 63वें दिन जतिन दास के कहने पर एक साथी ने ‘एकला चलो रे’ और फिर ‘वन्दे मातरम्’ गाया। यह गीत पूरा होते ही जतिन दा ने 13 सितंबर 1929 को सिर्फ 24 साल की उम्र में दुनिया से विदा ले ली।

इतिहास में आज की तारीख को इन घटनाओं के लिए भी याद किया जाता है-

  • 1791: फ्रांस के राजा लुई 14वें ने नया संविधान लागू किया।
  • 1882: एंग्लो-मिस्र युद्ध: तेल अल केबिर की लड़ाई लड़ी गई।
  • 1914ः प्रथम विश्व युद्ध: जर्मनी और फ्रांस के बीच एस्ने की लड़ाई शुरू हुई।
  • 1922: लिबिया के एल अजिजिया में धरती पर उच्चतम तापमान दर्ज किया गया। उस समय छाया में नापा गया तापमान 58 डिग्री सेल्सियस था।
  • 1923: स्पेन में सैन्य तख्ता पलट। मिगेल डे प्रिमो रिवेरा ने सत्ता संभाली और तानाशाह सरकार की स्थापना की। ट्रेड यूनियनों को 10 साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया।
  • 1947: भारतीय प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु ने 40 लाख हिंदूओं और मुसलमानों के पारस्परिक स्थानांतरण का सुझाव दिया।
  • 1948ः उप-प्रधानमंत्री वल्लभ भाई पटेल ने सेना को हैदराबाद में घुसकर कार्रवाई करने का आदेश दिया। हैदराबाद के भारत में विलय का आदेश दिया।
  • 2000: भारत के विश्वनाथन आनंद ने शेनयांन में पहला फ़िडे शतरंज विश्व कप जीता।
  • 2002: इजरायल ने फिलिस्तीन अधिकृत गाजा पट्टी पर हमला किया।
  • 2007: नासा के वैज्ञानिकों ने बृहस्‍पति से तीन गुना बड़े ग्रह का पता लगाया।
  • 2008: दिल्ली में तीन स्थानों पर 30 मिनट के अंतराल पर चार बम विस्फोट हुए। इनमें 19 लोगों की मौत और 90 से अधिक घायल।
  • 2009: चन्द्रमा पर बर्फ खोजने का इसरो-नासा का अभियान असफल हुआ।
  • 2013: तालिबान आतंकवादियों ने अफगानिस्तान के हेरात में अमेरिका के वाणिज्य दूतावास पर हमला किया।


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Sardar Patel had decided that Kashmir would become a part of India; Jatin Das was martyred during a hunger strike in Lahore jail 91 years ago


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आज होगी NEET, रिया के बाद कंगना भी ड्रग्स केस की जांच के घेरे में; वर्चुअल प्रचार में शाह से आगे निकले नीतीश

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से बॉलीवुड में शुरू हुई ड्रग्स कंट्रोवर्सी उलझती जा रही है। सचिन पायलट ने एक बार फिर अशोक गहलोत के नाम चिट्‌ठी लिखी है। टाटा संस और शापूरजी पालनजी ग्रुप भी आमने-सामने हैं। बहरहाल, शुरू करते हैं मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ...

आज इन 4 इवेंट्स पर रहेगी नजर

1. मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट के लिए NEET-UG 2020 की परीक्षा होगी। इसमें करीब 15 लाख स्टूडेंट्स शामिल होंगे। हेल्थ मिनिस्ट्री ने इसे लेकर एसओपी जारी की है।

2. प्रधानमंत्री मोदी बिहार के लिए 900 करोड़ रुपए की 3 योजनाओं का वर्चुअल शिलान्यास करेंगे। ये योजनाएं ऑयल पाइपलाइन और एलपीजी से जुड़ी हैं।

3. इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया के बीच 3 वनडे की सीरीज का दूसरा मैच मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला जाएगा। ऑस्ट्रेलिया ने पहला वनडे 19 रन से जीता था।

4. टेनिस ग्रैंड स्लैम यूएस ओपन के मेन्स सिंगल्स फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रिया के वर्ल्ड नंबर-3 डोमिनिक थिएम और जर्मनी के वर्ल्ड नंबर-7 एलेक्जेंडर ज्वेरेव आमने-सामने होंगे।

अब कल की 7 महत्वपूर्ण खबरें

1. पायलट की चिट्‌ठी गहलोत के नाम

कांग्रेस में बगावत के बाद वापसी कर चुके सचिन पायलट ने एक बार फिर सीएम अशोक गहलोत को चिट्‌ठी लिखी है। करीब 10 दिन पहले लिखी गई इस चिट्‌ठी में पायलट ने गहलोत को 2018 के चुनावी वादे की याद दिलायी है। इसमें उन्होंने नौकरियों में गुर्जर समेत 5 जातियों को 5% आरक्षण नहीं मिलने का मुद्दा उठाया है। -पढ़ें पूरी खबर

2. कंगना के खिलाफ शुरू हुई जांच

मुंबई पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल ने कंगना के खिलाफ भी ड्रग्स मामले की जांच शुरू कर दी है। इस पर कंगना ने ट्विटर पर सोमनाथ मंदिर की फोटो पोस्ट कर दी। लिखा, "क्रूरता-अन्याय कितने भी शक्तिशाली हों, जीत भक्ति की होती है, हर हर महादेव।" -पढ़ें पूरी खबर

3. पंखे और बिस्तर के बिना कट रही रिया की रातें

ड्रग्स केस में गिरफ्तार रिया को जेल में टेबल फैन मिल जाएगा। कोर्ट ने इजाजत दी है। रिया की पिछली 3 रातें पंखे-बिस्तर के बिना ही गुजरीं। फिलहाल रिया को कंबल और चादर दी गई है। इस बीच, ड्रग्स मामले में एनसीबी ने 2 लोगों को हिरासत में लिया है। -पढ़ें पूरी खबर

4. बिहार में वर्चुअल प्रचार, शाह से आगे निकले नीतीश

बिहार विधानसभा चुनाव में वर्चुअल प्रचार हावी है। गृह मंत्री अमित शाह ने 7 जून को वर्चुअल जन-संवाद किया था, जिसे अब तक 39 लाख स्क्रीन पर देखा गया। वहीं, 7 सितंबर को जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार का ‘निश्चय-संवाद’ लाइव ही 44.14 लाख स्क्रीन पर देखा गया। -पढ़ें पूरी खबर

5. टाटा संस के 2% शेयर गिरवी रखना चाहता है शापूरजी ग्रुप

टाटा संस और शापूरजी पालनजी ग्रुप एक बार फिर आमने-सामने आ गए हैं। शापूरजी ग्रुप कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट बिजनेस में नकदी के लिए टाटा संस के 2% शेयर गिरवी रखना चाहता है। इससे उसे 11 हजार करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है। इसके खिलाफ टाटा संस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। -पढ़ें पूरी खबर

6. किम जोंग ने अफसरों को दी मौत की सजा

उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने अपने पांच अफसरों को मौत की सजा दे दी। अधिकारियों ने देश की अर्थव्यवस्था पर सवाल उठाए थे। हाल ही में किम जोंग ने कोरोना की रोकथाम के लिए चीन से आने वालों को गोली मारने का आदेश दिया था। -पढ़ें पूरी खबर

7. 37% तक लुढ़कने के बाद भी रिकवर कर रहे हैं स्टॉक मार्केट

सेंसेक्स और निफ्टी-50 ही नहीं, बल्कि अमेरिका के डाउ जोंस इंडस्ट्रियल इंडेक्स और एसएंडपी 500 इंडेक्स भी 37% तक की गिरावट के बाद 6 महीने में ही अपने पुराने स्तर पर लौट रहे हैं। दूसरी ओर, 7 अगस्त को 56 हजार रुपए प्रति दस ग्राम पर पहुंचने के बाद सोना लगातार फिसल रहा है। -पढ़ें पूरी खबर

अब 13 सितंबर का इतिहास

1929: लाहौर जेल में भूख हड़ताल के 63 दिनों के बाद जतिन दास की मौत हो गई।

2002: इजरायल ने फिलिस्तीन अधिकृत गाजा पट्टी पर हमला किया।

2008: दिल्ली में तीन जगहों पर 30 मिनट के दरमियान 4 बम ब्लास्ट हुए। इनमें 19 लोगों की मौत और 90 से ज्यादा घायल हुए।

जाते-जाते जिक्र देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल का। उन्होंने 1948 में आज ही के दिन भारतीय सेना को हैदराबाद में घुसकर कार्रवाई करने और उसे भारतीय संघ के साथ मिलाने का आदेश दिया था।



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Today will be NEET, after Riya Kangana is also under investigation for drugs case; Nitish overtakes Shah in virtual publicity


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शनिवार, 12 सितंबर 2020

ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में भारत 48 वें नंबर पर, पेटेंट कराने तक में भारत बहुत कमजोर, कैसे बनेगा भारत विश्व गुरु

हाल ही में वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूआईपीओ), कॉर्नेल यूनिवर्सिटी और इनसीड बिजनेस स्कूल ने ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2020 जारी किया है। इसके अनुसार भारत पहली बार टॉप-50 में जगह बनाने में कामयाब रहा है। भारत इस सूची में 48वें स्थान पर है। टॉप पर 66.08 स्कोर के साथ स्विट्जरलैंड है, जबकि स्वीडन (62.47) दूसरे, अमेरिका (60.56) तीसरे और ब्रिटेन (59.78) चौथे स्थान पर है।

इनोवेशन इंडेक्स तय होता है इनपुट और आउटपुट के आधार पर। इनपुट का मतलब है देश रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए उससे जुड़े संसाधनों, मैनपॉवर और इंफ्रास्ट्रक्चर पर कितना खर्च कर रहा है। वहीं, आउटपुट यानी उससे देशों को इनोवेशन के तौर पर क्या नया मिल रहा है और कितने प्रोजेक्ट पेटेंट हो रहे हैं।

पेटेंट कराने में पिछड़ रहा है भारत

  • ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक को-ऑपरेशन और डेवलपमेंट के अनुसार भारत आरएंडडी यानी रिसर्च और डेवलपमेंट पर अपनी जीडीपी का सिर्फ 0.7% खर्च करता है। वहीं, जापान (3.2%), अमेरिका (2.8%) और चीन (2.1%) का शेयर ज्यादा होता है।
  • साइंस और टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के आंकड़ों के मुताबिक 2005 से 2018 के बीच भारत में 80% पेटेंट विदेशी कंपनियों या लोगों ने फाइल किए। देश में जितने पेटेंट फाइल हुए उसमें 45% हिस्सेदारी अमेरिका, जापान और जर्मनी के रिसर्चर्स की है।

पड़ोसियों से बेहतर है स्थिति भारत की

चीन को छोड़कर हम पड़ोसियों से बेहतर स्थिति में है। ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में चीन 11वें नंबर पर है। चीन से हमारे 18.25 अंक कम है और इसकी वजह से रैंकिंग में 37 पायदान पीछे हैं। इस रैंकिंग में नेपाल (24.35) 95वें, पाकिस्तान (22.31) 107वें और बांग्लादेश (20.3) 116वें नंबर पर है।

टेक्नोलॉजी और मार्केट में रैंकिंग बेहतर

अलग-अलग सेक्टर में रैंकिंग देखें तो टेक्नोलॉजी और मार्केट में भारत की रैंकिंग 27वीं और 31वीं है। दोनों ही क्षेत्रों में भारत में आरएंडडी हो रही है। लेकिन इंस्टिट्यूशंस जैसे महत्वपूर्ण सेक्टर में हम 61वें नंबर पर हैं। इसमें ही यूनिवर्सिटी, कॉलेज और संस्थानों में रिसर्च के लिए भारत बहुत कम खर्च कर रहा है। ह्यूमन कैपिटल और रिसर्च में हम 60वें नंबर पर हैं। रिसर्च एंड डेवलपमेंट के क्षेत्र में आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर ध्यान कम दिया जा रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर में हमारी हालत और भी खराब है और रैंकिंग में 75वें स्थान पर हैं। क्रिएटिव आउटपुट और बिजनेस के क्षेत्र में भी हम 55वें और 64वें नंबर पर हैं।

आईसीटी हार्डवेयर पर सबसे ज्यादा खर्च

पूरी दुनिया में रिसर्च एंड डेवलपमेंट के क्षेत्र में जितना खर्च हो रहा है, उसका 23.5% खर्च अकेले आईसीटी हार्डवेयर और इलेक्ट्रॉनिक्स पर हो रहा है। दुनिया इन्फॉर्मेशन और कम्युनिकेशन टूल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स के रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर सबसे ज्यादा खर्च कर रही है। फार्मेसी और बायोटेक्नोलॉजी यानी दवाइयों पर 19%, ऑटोमोबाइल पर 15.6%, सॉफ्टवेयर और आईसीटी सेवाओं पर 14.4% और इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग और ट्रांसपोर्टेशन पर 3.8% खर्च हो रहा है।



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Global Innovation Index | India ranks number 48 in the Global Innovation Index: China ranks 11 Switzerland Ranks 1st India ranks number 48 in the Global Innovation Index, India is very weak even on the patent front, 8 out of 10 patents in India are foreign.


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मोदी ने आवास योजना के तहत घरों का वर्चुअल उद्घाटन किया, कहा- कोरोना के बावजूद 125 की जगह 45 से 60 दिन में घर बनवाए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत बने 1.75 लाख घरों का उद्घाटन किया। इस योजना के तहत घर पाने वाले तीन लोगों से मोदी ने बात भी की। इनमें धार जिले के सरदारपुर गांव के गुलाब सिंह, सिंगरौली जिले के प्यारेलाल यादव और ग्वालियर जिले के नरेंद्र नामदेव शामिल हैं।

गृह प्रवेश के दौरान प्रधानमंत्री से बातचीत करते ग्रामीण।

कोरोना की रुकावटों के बावजूद 18 लाख घर तैयार किए
मोदी ने कहा, "प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक घर बनाने में औसतन 125 दिन लगते हैं, लेकिन कोरोना के समय में इस योजना के तहत घरों को सिर्फ 45 से 60 दिन में ही बनाकर तैयार कर दिया गया। आपदा को अवसर में बदलने का ये सबसे अच्छा उदाहरण है। कोरोना काल में तमाम रुकावटों के बीच देशभर में 18 लाख घरों का काम पूरा किया गया। पहले गरीब सरकार के पीछे दौड़ता था, अब सरकार लोगों के पास जा रही।"

'कोरोना नहीं होता तो आपकी खुशी में शामिल होने आपके घर आता'
प्रधानमंत्री ने घर पाने वाले लोगों से कहा, "इस बार आपकी दीवाली और दूसरे त्योहारों की खुशियां कुछ और ही होंगी। कोरोनाकाल नहीं होता तो आज आपके जीवन की इतनी बड़ी खुशी में शामिल होने के लिए आपके घर का एक सदस्य, आपका प्रधान सेवक आपके बीच होता। आज का कार्यक्रम मध्य प्रदेश समेत देश के सभी बेघर साथियों को एक विश्वास देने वाला पल है। जिनका अब तक घर नहीं, एक दिन उनका भी घर बनेगा, उनका भी सपना पूरा होगा।"

गांव के लोगों ने मिलकर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाया। सभी गांव वालों ने मिलकर मदद की।

इस योजना के तहत 12 हजार गांवों में घर तैयार किए गए हैं। प्रधानमंत्री ने 2022 तक सभी परिवारों को उनका अपना घर होने का लक्ष्य रखा है। सरकार को उम्मीद है कि मार्च 2022 तक 2 करोड़ घर बनकर तैयार हो जाएंगे।

परिजनों और गांव वालों के साथ मिलकर काम करने से मजदूरी बच गई।

प्रधानमंत्री का 70वां जन्मदिन सेवा सप्ताह के तौर पर मनाया जाएगा
भाजपा 17 सितंबर को मोदी के 70वें जन्मदिन को सेवा सप्ताह के रूप में मनाएगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने गरीबों की योजनाएं बंद कर दीं और उनके लिए मंजूर 2 लाख 43 हजार घर लौटाकर गरीबों के सिर से छत छीन ली थी। अब उन्हें पक्के घर का सुख मिलेगा।



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मोदी ने कहा कि एक घर बनाने में औसतन 125 दिन लगते हैं, लेकिन 45 से 60 दिन में ही बनाकर तैयार कर दिए।


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एक्टर ने अपनी मां के नाम पर स्कॉलरशिप का ऐलान किया, गरीब बच्चों की पढ़ाई से खाने और रहने तक का खर्च उठाएंगे

लॉकडाउन के दौरान हजारों प्रवासी मजदूरों और देश के अलग-अलग हिस्सों में फंसे लोगों को घर पहुंचाने वाले सोनू सूद अब गरीब बच्चों की मदद करेंगे। उन्होंने अपनी मां सरोज सूद के नाम पर एक स्कॉलरशिप शुरू की है, जो गरीब बच्चों को उनकी पढ़ाई के लिए दी जाएगी।

कैसे आया आइडिया?

एक बातचीत में सोनू ने बताया- बीते कुछ महीनों के दौरान मैंने देखा कि तंगी में जिंदगी गुजार रहे लोगों को अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए बहुत स्ट्रगल करना पड़ रहा है। कुछ के पास ऑनलाइन क्लासेस अटेंड करने के लिए फोन नहीं हैं। कुछ के पास फीस भरने के पैसे नहीं हैं। इसलिए मैंने अपनी मां प्रोफेसर सरोज सूद के नाम से स्कॉलरशिप शुरू करने के लिए देशभर की यूनिवर्सिटीज से टाईअप किया।

मुफ्त शिक्षा देती थीं सरोज

सोनू आगे कहते हैं- मां मोंगा (पंजाब) में मुफ्त शिक्षा दिया करती थीं। उन्होंने मुझसे कहा था कि मैं उनके काम को आगे लाकर जाऊं। मुझे लगा कि इसका सही समय यही (लॉकडाउन और कोरोना के बाद) है।"

किसे मिलेगी स्कॉलरशिप?

सोनू सूद की यह स्कॉलरशिप मेडिसिन, इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स एंड ऑटो-मोशन साइबर सिक्युरिटीज, डाटा साइंस, फैशन और बिजनेस स्टडीज जैसे कोर्स के लिए मिलेगी।

क्या होना चाहिए सालाना इनकम

सोनू कहते हैं, "ऐसे परिवारों से आने वाले स्टूडेंट्स, जिनकी सालाना इनकम दो लाख रुपए से कम है, वे स्कॉलरशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं। शर्त सिर्फ एक ही है कि उनका एकेडमिक रिकॉर्ड अच्छा होना चाहिए। उनके सभी खर्चे, जैसे कि कोर्स और होस्टल की फीस और खाने तक की जिम्मेदारी हम उठाएंगे।"



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सोनू सूद की इस स्कॉलरशिप के जरिए गरीब बच्चों को उच्च शिक्षा हासिल करने में मदद मिलेगी।


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एक्ट्रेस की पिछली 3 रातें बिना पंखे के गुजरीं, जमीन पर चटाई बिछाकर सोती हैं; आज हाईकोर्ट में जमानत की अपील कर सकती हैं

ड्रग्स मामले में गिरफ्तार रिया चक्रवर्ती का जेल में आज चौथा दिन है। सूत्रों के मुताबिक उनकी बीती 3 रातें बिना पंखे के गुजरीं। हालांकि, बताया जा रहा है कि रिया को जल्द टेबल फैन मिल जाएगा, कोर्ट ने इसकी इजाजत दे दी है। उनकी सेल में बेड भी नहीं है, इसलिए जमीन पर चटाई बिछाकर सोती हैं। एक्ट्रेस को अभी एक कंबल और बेडशीट दी गई है, लेकिन तकिया नहीं मिला है।

रिया को हल्दी वाला दूध दिया गया
रिया की सेल के बाहर 3 शिफ्टों में 2 कांस्टेबल 24 घंटे पहरा दे रहे हैं। जेल अधिकारियों ने बताया कि कोरोनावायरस के संक्रमण के चलते कैदियों को इम्युनिटी बढ़ाने के लिए हल्दी वाला दूध दिया जा रहा है। भायखला जेल में पिछले कुछ महीनों में कोरोना के कई मामले सामने आए हैं।

मुंबई-गोवा में नारकोटिक्स ब्यूरो के छापे, 2 लोग हिरासत में लिए
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने ड्रग्स केस में गिरफ्तार आरोपियों के बयानों के आधार पर मुंबई और गोवा में 5 जगहों पर छापेमारी कर 2 लोगों को हिरासत में लिया है। कार्रवाई अभी भी चल रही है।

रिया ने ड्रग्स एंगल में 3 बड़े सेलेब्रिटीज के नाम लिए- रिपोर्ट
अंग्रेजी न्यूज चैनल टाइम्स नाउ ने ड्रग्स कनेक्शन में रिया के हवाले से एक्ट्रेस सारा अली खान, रकुलप्रीत सिंह और डिजाइनर सिमोन खंबाटा के नामों का खुलासा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक तीनों का ड्रग्स कनेक्शन है और ये ऐसी पार्टीज में शामिल होती थीं, जिनमें ड्रग्स यूज किया जाता था। एनसीबी अब इनके ख‍िलाफ सबूत जुटाकर समन भेजेगी।



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फोटो बुधवार की है। उस दिन रिया को एनसीबी ऑफिस से भायखला जेल में शिफ्ट किया गया था।


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कर्नाटक के इस गांव में बच्चे स्कूल नहीं जा सकते तो खुद उनके घर पहुंच रहा है स्कूल, हर दिन ढाई घंटे लगती है क्लास

कर्नाटक के गुलबर्गा जिले में एक गांव है ओकली। शहर से 40 किमी दूर बसे इस गांव में करीब 4500 लोग रहते हैं, ज्यादातर लोग खेती-किसानी का काम करते हैं। पूरे गांव में एक ही सरकारी स्कूल है जहां 200 से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं। कुछ बच्चे पास के दूसरे गांवों से भी यहां पढ़ने आते हैं। कोरोना के चलते जब स्कूल बंद हुआ तो यहां के बच्चों की पढ़ाई बंद हो गई। उनके पास स्मार्टफोन और इंटरनेट की भी सुविधा नहीं थी कि वे ऑनलाइन पढ़ सकें।

स्कूल के प्रिंसिपल सिद्धरमप्पा बिरादर कहते हैं कि स्कूल बंद होने के चलते बच्चे दिनभर इधर- उधर घूमते रहते थे। उनके घर वालों ने बताया कि वे पहले का पढ़ा हुआ भी भूलते जा रहे हैं। इसके बाद हमने स्कूल के शिक्षकों के साथ बैठक की और तय किया कि अगर बच्चे स्कूल नहीं आ सकते तो हम स्कूल को ही बच्चों तक लेकर जाएंगे।

बच्चों को छोटे- छोटे ग्रुप्स में बांट दिया गया। हर ग्रुप में 20-25 बच्चों को रखा गया ताकि सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन रह सके। बच्चों को मास्क और साफ- सफाई से जुड़ी चीजें भी दी गईं।

गुरुबसप्पा रक्कासगी, ओकली के सरकारी स्कूल में अंग्रेजी पढ़ाते हैं। कहते हैं, 'कोरोना संक्रमण के चलते बच्चे स्कूल नहीं आ सकते थे। इसलिए हमने तय किया कि हम लोग ही बच्चों तक जाएंगे। हमने गांव में बच्चों के माता-पिता और वहां के स्थानीय नेताओं को बुलाया और कहा कि हम बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए ओपन स्पेस की जरूरत होगी, हम खुले में ही बच्चों को पढ़ाएंगे। गांव वाले संक्रमण को लेकर डरे हुए थे, लेकिन बच्चों की पढ़ाई नहीं होने से भी परेशान थे। उन्होंने सहमति दे दी और जगह भी मुहैया करा दी।

कुछ ही हफ्तों में ओकली में 8 कम्युनिटी स्कूल खुल गए। कुछ मंदिर में, कुछ कम्युनिटी हॉल के बरामदे में तो कुछ खुले आसमान के नीचे। बच्चों को छोटे- छोटे ग्रुप्स में बांट दिया गया। हर ग्रुप में 20-25 बच्चों को रखा गया ताकि सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन रह सके। बच्चों को मास्क और साफ- सफाई से जुड़ी चीजें भी दी गई। हर दिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक पढ़ाई होती है।

रक्कासगी कहते हैं कि हमारे पास न तो किताबें थीं, न ही ब्लैक बोर्ड था। इसलिए हमने तय किया कि कहानी और कविता के जरिए पढ़ाएंगे। हम उन्हें कहानी सुनाते हैं और उसके आधार पर वे अपना पाठ याद करते हैं। बच्चे भी इस तरीके को पसंद कर रहे हैं। उन्हें कहानी के साथ ऐसी और भी एक्टिविटीज कराई जाती हैं, जिससे उनका मन लगता रहे और वे आसानी से सीखते भी रहें।

ओकली गांव के इस मॉडल को अब दूसरे गांव के लोग भी अपना रहे हैं। इतना ही नहीं सरकार भी अब इस मॉडल को आगे बढ़ाने में दिलचस्पी दिखा रही है। कुछ दिन पहले प्रदेश के शिक्षा मंत्री एस सुरेश ने स्कूल के प्रिंसिपल को बुलाकर उनके काम की तारीफ की थी। हाल ही में शिक्षा विभाग ने भी निर्देश जारी कर दूसरे स्कूलों को भी इस मॉडल को अपनाने को कहा है।

टीचर खेल-खेल में बच्चों को पढ़ाई भी करवा रहे हैं। बच्चे आसानी से समझ सकें, इसलिए एक्टिविटीज पर फोकस किया जाता है।

सैकेंडरी एजुकेशन के डायरेक्टर कृष्णा एस करिचनवर कहते हैं, 'हमने हर स्कूल में टीचर्स से तीन तरह की क्लास तैयार करने को कहा है। एक जिसमें छात्रों के पास किसी तरह की टेक्नोलॉजी की सुविधा नहीं है। दूसरी जिसमें बच्चों के पास स्मार्टफोन तो है, लेकिन इंटरनेट नहीं है और तीसरी जिसमें बच्चों के पास सभी सुविधाएं हैं। इनमें से जिन बच्चों के पास स्मार्टफोन या इंटरनेट की सुविधा नहीं हैं, उनके घर हफ्ते में कम से कम एक बार शिक्षकों को जाना है या उन्हें किसी खुली जगह पर बुलाकर पढ़ाना है।

एक टीचर कहते हैं कि छात्रों को ऑनलाइन एजुकेशन से भले इंगेज किया जा सकता है, लेकिन ठीक तरह से पढ़ाया और समझाया नहीं जा सकता। इसलिए मैंने अपने घर में ही एक छोटा सा स्कूल और लाइब्रेरी खोल दी है। जहां बच्चे आकर पढ़ाई करते हैं।

वे कहते हैं कि हमने बच्चों को किताबी नॉलेज से अलग हटकर प्रैक्टिकल के तौर पर भी कुछ चीजें सिखाना शुरू किया है। हम बच्चों को टास्क देते हैं कि वे अपने पिता का इंटरव्यू लें, उनसे पूछें कि वे कौन- कौन सी फसलों की खेती करते हैं, कब बुआई और कटाई करते हैं, कितनी बार फर्टिलाइजर इस्तेमाल करते हैं। बच्चे इंटरव्यू के बाद रिपोर्ट तैयार करते हैं। इससे उनकी रिसर्च स्किल डेवलप हो रही है, उनकी राइटिंग भी बेहतर हो रही है।

एनएसओ की एक रिपोर्ट के मुताबिक कर्नाटक में 90 फीसदी घरों में कम्प्यूटर नहीं है, जबकि 81 फीसदी घरों में इंटरनेट की सुविधा नहीं है। ऐसे में इस नई पहल से उन बच्चों को फायदा हो रहा है, जिनके पास तकनीकी सुविधाएं नहीं हैं।

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कर्नाटक के गुलबर्गा जिले के ओकली गांव में बच्चों के पास स्मार्टफोन की सुविधा नहीं है। इसलिए स्कूल के शिक्षक बच्चों के घर जाकर उन्हें छोटे- छोटे ग्रुप्स में बांटकर पढ़ा रहे हैं।


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हैकर की मदद लेने के लिए यूजर 5000 रुपए तक खर्च कर रहे, प्ले स्टोर की तुलना में ज्यादा एडवांस स्टेज मिल रहीं

(अनूप मिश्रा) चीन से तनाव के बीच भारत सरकार ने 2 सितंबर को पबजी समेत 118 मोबाइल एप्लीकेशन पर प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन सूरत में पबजी खेलने वाले अलग-अलग तरीकों से अपने मोबाइल में इस गेम को इंस्टॉल कर रहे हैं। इसके लिए बाकायदा मोटी रकम भी खर्च कर रहे हैं। दरअसल, कई लोग हैकर के जरिए इस गेम को डाउनलोड करवा रहे हैं। इस गेम को डाउनलोड करने के लिए पांच हजार रुपए तक रकम भी खर्च कर रहे हैं।

चिंता की बात यह है कि गेम को अब सीधे चाइना के एप स्टोर से डाउनलोड किया जा रहा है। इससे देश की सुरक्षा को तो खतरा है ही साथ ही निजी डेटा गलत हाथों में जाने की आशंका बढ़ गई है। दूसरी ओर गेम को डाउनलोड के बाद अब फाइनल स्टेज तक जाया जा सकता है, जिसे पबजी गेम की दुनिया में डेथ वारंट कहा जाता है जबकि प्ले स्टोर से डाउनलोड होने पर यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी।

पबजी डाउनलोड करके हैकर कर रहे मोटी कमाई

पबजी पर पाबंदी लगते ही हैकरों की कमाई बढ़ गई है। एक-एक यूजर से पांच-पांच हजार रुपए वसूले जा रहे हैं। दरअसल, बैन लगने के बाद गेम को प्ले स्टाेर से इसे डाउनलोड नहीं किया जा सकता है। ऐसे में इस गेम को खेलने वाले मोटी रकम भी खर्च करने को तैयार हैं। यही नहीं वह सोशल मीडिया के जरिए अपनी मार्केटिंग भी कर रहे हैं ताकि अधिक से अधिक कमाई कर सकें।

अपडेट वर्जन डाउनलोड करके दे रहे हैं हैकर

प्ले स्टोर के माध्यम से जो पबजी गेम डाउनलोड किया जाता था, उसमें चार से पांच स्टेज तक ही खेलने की सुविधा होती थी, लेकिन हैकर जो पबजी गेम डाउनलोड करके दे रहे हैं, उसमें काफी एडवांस फीचर हैं। साथ ही फाइनल स्टेज तक गेम खेलने की सुविधा मौजूद है। फाइनल स्टेज जो कि कंकर स्टेज है जिसे गेम खेलने वालों की भाषा में डेथ वारंट कहा जाता है।

पबजी गेम को लेकर सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाकर दी जा रही है जानकारी

पबजी गेम को बचाए रखने को तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक ग्रुप भी बनाया गया है। इसे ‘पबजी गेम के दीवाने’ नाम दिया गया है। इस प्लेटफार्म पर गेम से जुड़ी कई जानकारी शेयर की जा रही है। यदि किसी यूजर का गेम डिलीट हो जाता है या गेम को लेकर कोई परेशानी होती है तो यह ग्रुप तुरंत उसका सॉल्यूशन निकालकर देता है।

  • पबजी खेलने वाले कई लोग केवल इस गेम को बचाने के लिए नया मोबाइल खरीद रहे हैं , ताकि नए मोबाइल में पबजी गेम को सुरक्षित रखा जा सके।

गलत हाथों में जा रहा आपका निजी डेटा: सायबर एक्सपर्ट

साइबर एक्सपर्ट स्नेहल वकील ने बताया कि हैकरों के माध्यम से गेम डाउनलोड करना काफी खतरनाक है। यह देश की सुरक्षा के लिहाज से भी ठीक नहीं है। आपका निजी डेटा सीधे तौर पर गलत हाथों में जा रहा है। आपका फोटो से लेकर आपका आईडी तक देश के खिलाफ इस्तेमाल किया जा सकता है।



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पबजी चाइना के एप स्टोर से डाउनलोड किया जा रहा है। इससे देश की सुरक्षा को तो खतरा है ही साथ ही निजी डेटा गलत हाथों में जाने की आशंका बढ़ गई है।


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हैकर की मदद लेने के लिए यूजर 5000 रुपए तक खर्च कर रहे, प्ले स्टोर की तुलना में ज्यादा एडवांस स्टेज मिल रहीं

(अनूप मिश्रा) चीन से तनाव के बीच भारत सरकार ने 2 सितंबर को पबजी समेत 118 मोबाइल एप्लीकेशन पर प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन सूरत में पबजी खेलने वाले अलग-अलग तरीकों से अपने मोबाइल में इस गेम को इंस्टॉल कर रहे हैं। इसके लिए बाकायदा मोटी रकम भी खर्च कर रहे हैं। दरअसल, कई लोग हैकर के जरिए इस गेम को डाउनलोड करवा रहे हैं। इस गेम को डाउनलोड करने के लिए पांच हजार रुपए तक रकम भी खर्च कर रहे हैं।

चिंता की बात यह है कि गेम को अब सीधे चाइना के एप स्टोर से डाउनलोड किया जा रहा है। इससे देश की सुरक्षा को तो खतरा है ही साथ ही निजी डेटा गलत हाथों में जाने की आशंका बढ़ गई है। दूसरी ओर गेम को डाउनलोड के बाद अब फाइनल स्टेज तक जाया जा सकता है, जिसे पबजी गेम की दुनिया में डेथ वारंट कहा जाता है जबकि प्ले स्टोर से डाउनलोड होने पर यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी।

पबजी डाउनलोड करके हैकर कर रहे मोटी कमाई

पबजी पर पाबंदी लगते ही हैकरों की कमाई बढ़ गई है। एक-एक यूजर से पांच-पांच हजार रुपए वसूले जा रहे हैं। दरअसल, बैन लगने के बाद गेम को प्ले स्टाेर से इसे डाउनलोड नहीं किया जा सकता है। ऐसे में इस गेम को खेलने वाले मोटी रकम भी खर्च करने को तैयार हैं। यही नहीं वह सोशल मीडिया के जरिए अपनी मार्केटिंग भी कर रहे हैं ताकि अधिक से अधिक कमाई कर सकें।

अपडेट वर्जन डाउनलोड करके दे रहे हैं हैकर

प्ले स्टोर के माध्यम से जो पबजी गेम डाउनलोड किया जाता था, उसमें चार से पांच स्टेज तक ही खेलने की सुविधा होती थी, लेकिन हैकर जो पबजी गेम डाउनलोड करके दे रहे हैं, उसमें काफी एडवांस फीचर हैं। साथ ही फाइनल स्टेज तक गेम खेलने की सुविधा मौजूद है। फाइनल स्टेज जो कि कंकर स्टेज है जिसे गेम खेलने वालों की भाषा में डेथ वारंट कहा जाता है।

पबजी गेम को लेकर सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाकर दी जा रही है जानकारी

पबजी गेम को बचाए रखने को तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक ग्रुप भी बनाया गया है। इसे ‘पबजी गेम के दीवाने’ नाम दिया गया है। इस प्लेटफार्म पर गेम से जुड़ी कई जानकारी शेयर की जा रही है। यदि किसी यूजर का गेम डिलीट हो जाता है या गेम को लेकर कोई परेशानी होती है तो यह ग्रुप तुरंत उसका सॉल्यूशन निकालकर देता है।

  • पबजी खेलने वाले कई लोग केवल इस गेम को बचाने के लिए नया मोबाइल खरीद रहे हैं , ताकि नए मोबाइल में पबजी गेम को सुरक्षित रखा जा सके।

गलत हाथों में जा रहा आपका निजी डेटा: सायबर एक्सपर्ट

साइबर एक्सपर्ट स्नेहल वकील ने बताया कि हैकरों के माध्यम से गेम डाउनलोड करना काफी खतरनाक है। यह देश की सुरक्षा के लिहाज से भी ठीक नहीं है। आपका निजी डेटा सीधे तौर पर गलत हाथों में जा रहा है। आपका फोटो से लेकर आपका आईडी तक देश के खिलाफ इस्तेमाल किया जा सकता है।



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24 घंटे में रिकॉर्ड 97 हजार मरीज बढ़े, 81 हजार ठीक भी हुए; डीसीजीआई ने नए मरीजों पर वैक्सीन का ट्रायल रोका; देश में अब तक 46.57 लाख केस

देश में कोरोना मरीजों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। अब तक 46 लाख 57 हजार 379 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। शुक्रवार को 24 घंटे में रिकॉर्ड 97 हजार 654 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। एक दिन में मिले संक्रमितों का यह आंकड़ा सबसे ज्यादा है। इसके पहले गुरुवार को 96 हजार 760 नए मरीज मिले थे।

इस बीच, राहत की बात है कि मरीजों के ठीक होने की रफ्तार भी तेज होने लगी है। शुक्रवार को रिकॉर्ड 81 हजार 455 लोगों को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। एक दिन में ठीक होने वालों की ये सबसे ज्यादा संख्या है। इससे पहले 8 सितंबर को 74 हजार 607 लोग ठीक हुए थे। इसी के साथ ठीक होने वालों की संख्या अब 36 लाख 21 हजार 438 हो गई है।

संक्रमण के चलते अब तक 77 हजार 506 लोग जान गंवा चुके हैं। इनमें 1202 मरीजों की मौत शुक्रवार हो हुई थी। अभी 9 लाख 57 हजार 787 मरीज ऐसे हैं जिनका इलाज चल रहा है। ये मरीज या तो होम आइसोलेशन में हैं या फिर अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें करीब 9 हजार मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

नए मरीज पर ट्रायल नहीं कर सकेगा सीरम इंस्टीट्यूट
ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने कोरोना वैक्सीन के फेज-2 और 3 के ट्रायल में किसी नए मरीज की भर्ती पर रोक लगा दी है। शुक्रवार को डीसीजीआई ने इसके लिए आदेश जारी कर दिया। अगले आदेश तक ट्रायल के लिए किसी नए मरीज की भर्ती न की जाए। इस नोटिस के जवाब में सीरम इंस्टीट्यूट ने कहा कि जब तक वैक्सीन की सुरक्षा की स्थिति साफ नहीं होती है, तब तक किसी नए मरीज पर ट्रायल नहीं किया जाएगा।

फोटो दिल्ली के कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन की है। यहां ट्रेन को सैनिटाइज करता सफाईकर्मी। दिल्ली में अब तक 2.09 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं।

कोरोना अपडेट्स

  • पंजाब सरकार ने नीट 2020 को देखते हुए 13 सितंबर को लॉकडाउन में छूट का ऐलान किया है। हालांकि, इस दौरान गैर-जरूरी दुकानें बंद रखने का आदेश है।
  • केंद्रीय रेल राज्य मंत्री सुरेश अगाड़ी की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उन्होंने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी।
  • मुंबई की मेयर किशोरी किशोर पेडनेकर भी संक्रमित हो गई हैं। उन्होंने ट्वीट किया, ''मैंने अपना कोविड-19 टेस्ट कराया और उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। डॉक्टर की सलाह पर मैं होम क्वारैंटाइन में हूं। मेरे संपर्क में आने वाले सभी लोगों से मैं अपील करती हूं कि वो या तो अपना टेस्ट करवा लें या फिर होम आइसोलेशन में चले जाएं।''
  • इलाहाबाद हाईकोर्ट में 14 और 15 सितंबर को कोई भी ज्यूडिशियल और एडमिनिस्ट्रेटिव काम नहीं होंगे। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह फैसला लिया गया। इन दो दिनों में पूरे परिसर को सैनिटाइज कराया जाएगा।

पांच राज्यों का हाल

1. मध्यप्रदेश :

राज्य में शुक्रवार को 2,240 नए मामले सामने आए। इसी के साथ संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 83 हजार 619 पहुंच गया है। पिछले 24 घंटे में यहां 30 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों की संख्या अब 1,691 हो गई है। 62 हजार 936 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 18 हजार 992 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है।

2. राजस्थान :

राज्य में शुक्रवार को कोरोना के 1,660 नए मामले सामने आए। इसके बाद कुल पॉजिटिव केस का आंकड़ा 99 हजार 36 पहुंच गया। वहीं, 15 लोगों की मौत हो गई। इनमें राजसमंद, सीकर और बीकानेर में 2-2, बांसवाड़ा, बारां, धौलपुर, जोधपुर, कोटा, सिरोही, अजमेर, जयपुर और उदयपुर में 1-1 की मौत हो गई।

मरने वालों की संख्या अब 1,207 हो चुकी है। इनमें जयपुर में सबसे ज्यादा 294 मरीजों की मौत हुई। इसके अलावा जोधपुर में 117, कोटा में 87, बीकानेर में 88, भरतपुर में 73, अजमेर में 82, पाली में 48, नागौर में 44, उदयपुर में 33, धौलपुर में 22 और सिरोही में 15 मरीजों की जान गई है।

3. बिहार :

राज्य में शुक्रवार को 1,710 नए मरीज मिले। अब तक 1 लाख 55 हजार 445 लोग संक्रमित पाए जा चुके हैं। राहत की बात है कि इनमें 1 लाख 39 हजार 458 लोग ठीक भी हो चुके हैं, जबकि 15 हजार 189 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है। 797 लोगों ने संक्रमण के चलते अपनी जान गंवा दी।

4. महाराष्ट्र :

राज्य में मरीजों का आंकड़ा 10 लाख के पार हो गया है। 24 घंटे के अंदर यहां 24 हजार 886 नए मरीज बढ़े। इसी के साथ संक्रमितों की संख्या अब 10 लाख 15 हजार 681 हो गई है। राहत की बात है कि इनमें 7 लाख 15 हजार 23 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 2 लाख 71 हजार 566 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है। 28 हजार 724 लोगों की मौत हो चुकी है।

उधर, मुंबई की महापौर किशोरी पेडनेकर की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई है। उन्होंने ट्वीट कर यह जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट किया, '' मैंने अपना कोविड-19 टेस्ट कराया और उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। डॉक्टर की सलाह पर मैं होम क्वारैंटाइन में हूं। मेरे संपर्क में आने वाले सभी लोगों से मैं अपील करती हूं कि वो या तो अपना टेस्ट करवा लें या फिर होम आइसोलेशन में चले जाएं।''

5. उत्तर प्रदेश :

राज्य में लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को कोरोना के सात हजार से अधिक पॉजिटिव केस सामने आए हैं। पिछले 24 घंटे के अंदर रिकॉर्ड 7,103 नए मरीज बढ़े हैं। इससे पहले गुरुवार को 7 हजार 42 पॉजिटिव केस सामने आए थे। इसके बाद प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव का आंकड़ा 2.99 लाख पहुंच गया है। राहत की बात है कि इनमें अब तक 2.27 लाख केस इलाज के बाद कोरोना मुक्त हो चुके हैं। शुक्रवार को सरकार ने ऑन डिमांड कोविड टेस्ट कराने की छूट दी है।



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