बुधवार, 16 सितंबर 2020

सीरम इंस्टीट्यूट को ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन का ट्रायल दोबारा शुरू करने की मंजूरी मिली; देश में अब तक 50.18 लाख केस

पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन के ट्रायल की अनुमति मिल गई है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने मंगलवार देर रात मंजूरी दी। दरअसल, ब्रिटेन में इस वैक्सीन के ट्रायल में शामिल एक व्यक्ति की तबीयत खराब होने के बाद ट्रायल रोक दिया था। अब वहां फिर से ट्रायल शुरू हो गया। इस घटना के बाद भारत में भी ड्रग कंट्रोलर ने 11 सितंबर को ट्रायल रोक दिया था।

सीरम इंस्टीट्यूट के मुताबिक, 'देश में फिलहाल दूसरे और तीसरे फेज के ट्रायल हो रहा है।' दुनिया में इस वैक्सीन का ट्रायल तीसरे चरण में पहुंच गया है। इसमें 50 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए हैं। ट्रायल के बाद सुरक्षा और असर के डेटा को मंजूरी दिलाने का काम बचेगा।

उधर, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के डीजी प्रोफेसर बलराम भार्गव ने बताया है कि देश में 3 वैक्सीन क्लीनिकल ट्रायल के स्टेज में हैं। कैडिला और भारत बायोटेक के फेज-1 के ट्रायल पूरे हो गए हैं। सीरम इंस्टीट्यूट ने फेज-2 पूरा कर लिया है। फेज-3 में 1500 मरीजों पर ट्रायल शुरू कर देगा।

देश में मरीजों की संख्या 50 लाख के पार
देश में कोरोना मरीजों का आंकड़ा मंगलवार को 50 लाख के पार कर गया। अब तक 50 लाख 18 हजार 34 लोग संक्रमित पाए जा चुके हैं। पिछले 24 घंटे के अंदर 91 हजार 96 नए मरीज बढ़े। ये आंकड़े covid19india के मुताबिक हैं।

कोरोना अपडेट्स

  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार सुबह अपने आंकड़े जारी किए। इसके मुताबिक, मंगलवार को 90 हजार 123 मरीज मिले और 1290 लोगों की मौत हो गई। इसके साथ देश में कुल संक्रमितों की संख्या 50 लाख 20 हजार 360 हो गई है। इनमें 39 लाख 42 हजार 361 मरीज ठीक हो चुके हैं। 9 लाख 95 हजार 933 एक्टिव मरीज हैं। वहीं, अब तक कुल 82 हजार 66 लोगों की जान जा चुकी है।
  • इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने बुधवार को बताया कि 15 सितंबर को 11 लाख 16 हजार 842 टेस्ट किए गए। अब तक 5 करोड़ 94 लाख 29 हजार 115 सैंपल की जांच की गई है।

पांच राज्यों का हाल

1. मध्यप्रदेश
सितंबर के 15 दिनों में कोरोना संक्रमण के जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, वो डरावने हैं। राज्य में अब हर दिन औसत 2100 नए केस मिल रहे हैं, जबकि अगस्त में यह आंकड़ा 1300 का था। राज्य में पांच दिन में 11 हजार 674 नए संक्रमित बढ़ चुके हैं। संक्रमण दर 11% से ऊपर बनी हुई है। यदि ऐसी ही स्थिति रही तो आगे हर महीने 55 हजार से ज्यादा नए मामले आएंगे। सितंबर में ही 15 दिन में 27 हजार 563 संक्रमित बढ़ गए हैं। जबकि पूरे अगस्त में यह संख्या 32 हजार थी।

भोपाल में बीते 15 दिन से रोजाना औसतन 216 नए मरीज मिल रहे हैं, जो पूरे अगस्त में हर दिन 140 ही थे। उधर, पुराने शहर हनुमानगंज, जुमेराती, जनकपुरी के थोक किराना बाजार अब शाम 7 बजे बंद कर दिए जाएंगे। अब तक इन थोक बाजार की दुकानें रात 10-11 बजे तक बंद होती थीं।

2. राजस्थान
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, 'आज कोरोना हर व्यक्ति की लड़ाई बन गया है। अगर हर व्यक्ति 4 हफ्ते तक मास्क लगाने का फैसला कर ले तो इससे निजात मिल सकती है।' उधर, सरकार ने राज्य के निजी अस्पतालों और निजी लैब में कोरोना जांच की फीस 2200 रुपए से घटाकर 1200 रुपए कर दी है। इसके साथ निजी लैब और निजी अस्पतालों में अब देश की सबसे सस्ती कोरोना जांच होगी, क्योंकि यूपी और महाराष्ट्र की निजी लैब में यह जांच 1600 से 1900 रुपए में होती है।

3. बिहार
राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार ने बताया कि राज्य का रिकवरी रेट 90 से ज्यादा हो गया है, जो राष्ट्रीय औसत से करीब 13% है। उधर, एडीजी (मुख्यालय) जितेन्द्र कुमार ने बताया कि अनलॉक-4 के तहत जारी गाइडलाइन के उल्लंघन के आरोप में पिछले 24 घंटे में 464 वाहन जब्त किये गये। 13 लाख रुपया जुर्माना वसूला गया। पिछले 24 घंटे में मास्क नहीं पहनने वाले 4 हजार 364 व्यक्तियों से 2 लाख 18 हजार रुपए वसूले गए।

4. महाराष्ट्र
राज्य में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 11 लाख के करीब पहुंच गया है। पिछले 24 घंटे में यहां 20 हजार 482 नए मामले बढ़े। अब तक 10 लाख 97 हजार 856 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। इनमें 7 लाख 75 हजार 273 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 2 लाख 91 हजार 797 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है। 30 हजार 409 लोग संक्रमण के चलते अपनी जान गंवा चुके हैं।

5. उत्तर प्रदेश
प्रदेश में मंगलवार को 24 घंटे के अंदर 6,895 नए पॉजिटिव केस बढ़े तो रिकॉर्ड 113 संक्रमितों की मौत हुई है। राहत की बात है कि एक दिन में 6,680 मरीज ठीक भी हुए हैं। वहीं, मंगलवार को लखनऊ कैंट से भाजपा विधायक सुरेश चंद्र तिवारी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उनका होम आइसोलेशन में इलाज चल रहा है। अभी राज्य में 67 हजार 335 एक्टिव मरीज हैं, यानी इनका इलाज चल रहा है। 2 लाख 52 हजार 97 लोग ठीक हो चुके हैं। 4,606 लोगों की मौत हो चुकी है।



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ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका ने पिछले दिनों ब्रिटेन में इस वैक्सीन के ट्रायल में शामिल एक व्यक्ति की तबीयत खराब होने के बाद ट्रायल रोक दिया गया था। हालांकि, अब फिर शुरू हो गया है। - फाइल फोटो


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रक्षा मंत्री आज राज्यसभा में भी चीन के मुद्दे पर बोलेंगे; प्रवासियों की सुरक्षा पर सरकार बोली- फेक न्यूज की वजह से भगदड़ मची थी

कोरोना के बीच संसद के पहले सत्र (मानसून) का आज तीसरा दिन है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज राज्यसभा में भारत-चीन सीमा विवाद पर बयान देंगे। सदन की कार्यवाही 9 बजे शुरू हो जाएगी। इससे पहले मंगलवार को राजनाथ ने लोकसभा में भी सीमा विवाद पर अपनी बात रखी थी। उधर, प्रवासियों के मुद्दे पर सरकार ने कहा कि लॉकडाउन में फेक न्यूज की वजह से मजदूरों में भगदड़ मची थी।

मानसून सत्र के दूसरे दिन क्या-क्या हुआ?

रक्षा मंत्री ने कहा- चीन ने एलएसी पर गोला-बारूद जमा किया, हम भी तैयार
राजनाथ ने लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर चल रहे तनाव के बारे में लोकसभा में जानकारी दी। उन्होंने कहा, "अभी की स्थिति के मुताबिक, चीन ने एलएसी और अरुणाचल से लगे अंदरुनी इलाकों में बड़ी संख्या में सैनिक और गोला-बारूद जमा कर रखे हैं। पूर्वी लद्दाख के गोगरा, कोंगका ला, पैंगॉन्ग सो झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारे पर तनाव वाले कई इलाके हैं। इन इलाकों में हमारी सेना भी जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तैयारी के साथ तैनात है।"

हालांकि, विपक्ष सीमा विवाद के मुद्दे पर बहस की मांग कर रहा है। कांग्रेस ने बोलने का मौका नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को लोकसभा से वॉकआउट भी किया था। चीन की घुसपैठ के मुद्दे पर राज्यसभा में चर्चा के लिए कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा ने शॉर्ट ड्यूरेशन नोटिस भी दिया है।

गृह मंत्रालय ने कहा- अफवाहों की वजह से प्रवासियों में भगदड़ मची थी
मानसून सत्र के पहले दिन यानी सोमवार को एक सवाल के जवाब में सरकार ने कहा था कि लॉकडाउन में घर लौटते वक्त हादसों में कितने प्रवासी मजदूर मारे गए, इसका कोई आंकड़ा नहीं है। प्रवासियों से ही जुड़े एक दूसरे सवाल के जवाब में मंगलवार को कहा कि मार्च में लॉकडाउन के वक्त फेक न्यूज के चलते बड़ी संख्या में प्रवासियों का मूवमेंट हुआ था।

तृणमूल कांग्रेस की सांसद माला रॉय ने लोकसभा में लिखित में सवाल पूछा था कि 25 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा से पहले सरकार ने प्रवासियों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए और हजारों मजदूर घरों को लौटने को मजबूर क्यों हुए? इस पर गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने जवाब दिया कि फेक न्यूज के चलते लोगों के मन में खाने-पाने की चीजों की सप्लाई और दूसरी जरूरी सुविधाओं को लेकर चिंता थी, इसलिए भगदड़ मची थी।

बॉलीवुड का ड्रग्स विवाद भी संसद पहुंचा
अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से बॉलीवुड में उठा ड्रग्स विवाद अब संसद में भी बड़ी बहस में बदलता दिखाई दे रहा है। भाजपा सांसद रवि किशन ने सोमवार को लोकसभा में कहा था कि फिल्म इंडस्ट्री में ड्रग्स का शिकंजा कस चुका है। इस पर राज्यसभा में सपा सांसद जया बच्चन ने मंगलवार को कहा, "बॉलीवुड से जुड़े कुछ लोगों को उस थाली में छेद नहीं करना चाहिए, जिससे उनका पेट भरता है।"



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चीन के मुद्दे पर कांग्रेस बहस की मांग कर रही है। इस मांग की तख्ती लिए कांग्रेस सांसद ने संसद के बाहर प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने मंगलवार को लोकसभा से वॉकआउट भी किया था।


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टिकटॉक के बाद इंस्टा रील्स का मार्केट भी खत्म! 15 सेकंड्स के वीडियो बनाने के लिए यूट्यूब लाया अपना शॉर्ट्स

दुनिया के सबसे बड़े यूजर जेनरेटेड वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब ने शॉर्ट वीडियो बनाने वाले प्लेटफॉर्म्स को चुनौती देने का फैसला किया है। एनालिस्ट की माने तो टिकटॉक के भारत में बैन होने के बाद इंस्टाग्राम रील्स समेत जितने भी प्लेटफॉर्म आए थे, उनके लिए यूट्यूब के सामने टिकना ही बड़ी चुनौती होगी।

सबसे पहले बात करते हैं यूट्यूब और शॉर्ट वीडियो से उसके रिश्ते की। यूट्यूब की शुरुआत ही 2005 में 18 सेकंड के वीडियो 'मी एट द ज़ू' से हुई थी। इसके बाद चार्ली बिट माय फिंगर लोगों को इतना पसंद आया कि 'वायरल वीडियो' नाम की खोज करनी पड़ी। आइए जानते हैं कि क्या है नई सर्विस और आप इसका इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं-

सबसे पहले, क्या है यूट्यूब शॉर्ट्स?

  • यूट्यूब ने अपना शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म YouTube Shorts लॉन्च किया है। इसके लिए अलग से कोई ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है। बल्कि, यह उसी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है, जिसका इस्तेमाल आप करते आए हैं।
  • यूट्यूब शॉर्ट्स पर दो तरह के वीडियो अपलोड हो सकेंगे। 1. नए कैमरा टूल्स का इस्तेमाल करते हुए 15 सेकंड्स के वीडियो बना सकेंगे। 2. यदि कैमरा टूल्स को एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं तो 60 सेकंड्स तक के वर्टिकल वीडियो अपलोड कर उनके टाइटल और डिस्क्रिप्शन में #Shorts लिखना होगा। इससे उन्हें पहचाना जाएगा।
  • यह शॉर्ट्स वीडियो यूट्यूब के होम पेज पर, शॉर्ट्स वीडियो शेल्फ में दिखेंगे। यह यूट्यूब ऐप में और भी कई जगहों पर दिखेंगे। यूट्यूब 60 सेकंड तक के वर्टिकल वीडियो भी हाइलाइट करेगा। इस समय शॉर्ट्स का बीटा वर्जन है यानी यह अपडेट हो रहा है।

आपको कैसे पता चलेगा कि शॉर्ट्स कैमरा अपडेट मिला है या नहीं?

  • यदि आपके पास शॉर्ट्स कैमरे का एक्सेस है तो आप तुरंत यूट्यूब ऐप से शॉर्ट वर्टिकल वीडियो बना सकते हैं। आपके पास एक्सेस आया है या नहीं, यह देखने के लिए आपको यह करना होगा-
  • YouTube ऐप खोलें। '+' आइकन (या iOS में वीडियो कैमरा आइकन) दबाएं
  • 'वीडियो' सिलेक्ट करें
  • यदि 'शॉर्ट्स वीडियो बनाएं' दिखता है, तो इसका मतलब कि आपके पास शॉर्ट्स कैमरे का एक्सेस है। आप अपना पहला शॉर्ट्स वीडियो बना सकते हैं।

यदि शॉर्ट्स कैमरे का एक्सेस नहीं है तो क्या करें?

  • अगर आपको अब तक शॉर्ट्स कैमरे का एक्सेस नहीं मिला है, तब भी आप अपने वर्टिकल वीडियो अपलोड कर सकते हैं, लेकिन यह 60 सेकंड से छोटे होने चाहिए। ऐसे वीडियो को अपलोड करने के बाद टाइटल और डिस्क्रिप्शन में #Shorts का इस्तेमाल जरूर करें।
  • आपको हमेशा ऐसा नहीं करना पड़ेगा। कुछ समय में आप तक भी यूट्यूब शॉर्ट्स का अपडेट पहुंच जाएगा। उसके बाद आप भी शॉर्ट्स कैमरा टूल्स का इस्तेमाल कर सकेंगे।

अब, इंस्टाग्राम रील्स का क्या होगा?

  • टिकटॉक बैन होने के बाद भारत में कई शॉर्ट वीडियो प्लेटफार्म आए। इसमें प्रमुख था- इंस्टाग्राम का रील्स। यूट्यूब के शॉर्ट्स के आने के बाद इंस्टाग्राम रील्स पर किस तरह और कितने वीडियो बनेंगे, यह देखना दिलचस्प रहेगा।
  • इंस्टाग्राम रील्स के लिए अलग से ऐप डाउन लोड करने की जरूरत नहीं है। रील्स में भी 15 सेकंड तक का वीडियो बनता है। इस वीडियो को इंस्टा स्टोरी या फीड पर पोस्ट कर सकते हैं।
  • रील्स आपको एआर इफेक्ट और म्युजिक का इस्तेमाल कर एडिटिंग का विकल्प देता है। वीडियो का स्पीड कंट्रोल और टिकटॉक का 'Duet' फीचर भी इसमें है।

यूट्यूब के आने से मार्केट में क्या पोजिशन बनेगी?

  • भारत में तकरीबन 60 करोड़ स्मार्टफोन है, जो अगले साल तक 75 करोड़ का आंकड़ा पार कर सकते हैं। स्टैटिस्टा के आंकड़ों को देखें तो भारत में 90% यूजर एंड्रॉइड फोन का इस्तेमाल करते हैं। यानी 55 करोड़ लोगों के पास एंड्रॉइड फोन है। उनके पास यूट्यूब इन-बिल्ट है। यह टिकटॉक के 20 करोड़ और इंस्टाग्राम के 10 करोड़ एक्टिव यूजर्स से कई गुना ज्यादा है।


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YouTube Shorts 15-Second Videos Vs TikTok Facebook | What is YouTube Short? All You Need To Know Youtube Video Platform


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जिंदगी की समस्याओं को आइडिया मानकर उन्हें अवसर में बदलें, शायद वही आपके लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है

मैं देश भर से ऐसे लोगों की कहानियां ढूंढती हूं, जिन्होंने जीवन में कोई बड़ा काम किया हो। एक नई सोच से नई कंपनी शुरू की हो या फिर सोसायटी में बदलाव लाने की ठान ली हो। मतलब सीधा रास्ता सामने होते हुए भी उन्होंने टेढ़ा रास्ता चुना। क्या ऐसे लोग एकदम अलग हैं? अब एक सिम्पल-सा सीन देख लीजिए। आपके घर खाने में अक्सर प्याज डलती है। प्याज काटते हुए आपकी मम्मी के आंसू बहते हैं। फिर प्याज फ्राइ करने में उनका खून-पसीना लगता है। ये देखकर आप परेशान होते हैं। भुने हुए प्याज के बिना खाने में मजा नहीं, मगर कोई बेहतर तरीका नहीं हो सकता?

आपने इंटरनेट पर सर्च किया और पता चला कि ‘फ्राइड अनियन’ नाम का एक प्रोडक्ट है, पर अपने इंडिया के सुपरमार्केट में नहीं मिलता। तो फिर दिमाग में आया कि मेरी मम्मी की तरह हजारों औरतें प्याज भून-भूनकर परेशान हैं। क्यों ना इंडिया में ऐसा प्रोडक्ट इंट्रोड्यूस किया जाए? और वो भी अपने टेस्ट के हिसाब से।

तो बस, शुरू हो गए अपने ही किचन में एक बड़ी कड़ाही और खूब सारे तेल के साथ। काफी ट्रायल और एरर के बाद एक अच्छा प्रोडक्ट डेवलप हुआ। एक दुकान ने ट्रायल बेसिस पर बेचा, लोगों को पसंद आया। मगर शहर के कोने-कोने में पहुंचाने के लिए स्टाफ और केपिटल की जरूरत होती है। और वो क्षमता हमारे छोटे से बिजनेस में थी नहीं।

लेकिन हार नहीं मानी। सबसे ज्यादा तादाद में भुना प्याज कौन इस्तेमाल करता है? जनाब, ये तो रेस्तरां वालों का रोज का स्टैंडर्ड है। तो हमने सोचा, ऐसे एक रेस्तरां को अपने प्याज का कमाल दिखाएं। मुंबई में कैफे ब्रिटानिया धनसाक और बैरी पुलाव जैसी पारसी डिशेस के लिए फेमस है। तो बस, हमने अपने बेस्ट प्रोडक्ट उन्हें भिजवा दिए ट्राय करने के लिए।

कैफे ब्रिटानिया के मालिक मि. कोहिनूर ने एक नजर मारी और कहा, ऐसा प्याज हमें नहीं चलेगा। सोचिए, कितनी निराशा होगी सुनकर। मगर कोहिनूर साहब अच्छे इंसान थे। उन्होंने कहा, आओ हम बताते हैं इसको सही तरीके से कैसा करना है। शिष्य तैयार और एक बेहतर प्रोडक्ट के साथ उसे रेस्तरां से बल्क ऑर्डर मिलने लगे।

ये कोई मनगढ़ंत कहानी नहीं हैं, एक रियल लाइफ स्टोरी है। जिसके किरदार हैं सत्यजीत रॉय और उनकी कंपनी का नाम है ईजीके फूड्स। आज वो एक बड़े स्केल की फैक्ट्री चला रहे हैं, जिसकी मासिक क्षमता सौ टन की है। नामी शेफ हरपाल सिंह सोखी आज उनके ब्रांड एम्बेसडर हैं। उनकी कंपनी को इन्वेस्टमेंट भी मिला है और आगे और भी प्लान हैं।

आइडिया एकदम सिम्पल। अपने घर में एक प्रॉब्लम का अहसास हुआ और उसी को अवसर में बदल दिया। क्या आपकी लाइफ में भी कोई प्रॉब्लम है? शायद वही आपके लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है। हां, ये रास्ता कोई आसान नहीं। सत्यजीत खुद कहते हैं कि उन्होंने एक नहीं, दो नहीं, पांच आइडियाज ट्राय किए। तब जाकर उन्हें छठवीं बार में सक्सेस मिली।

कहते हैं हाथी की चमड़ी मोटी होती है, इसी तरह जीवन में आगे बढ़ने के लिए हमें भी होना पड़ेगा। जब आप किसी काम में फेल होते हैं, तो सबसे ज्यादा चोट लगती है लोगों की बातों से। अब दूसरों को आपकी असफलता से क्या लेना-देना, मगर छोटी सोच के इंसान सिर्फ बातों का मजा लेते हैं। करने और मरने का जोश तो उनमें है नहीं। तो उनको बोलने दीजिए।

अगर आपका मन आत्मविश्वास से भरा हुआ है, तो कई असर नहीं पड़ेगा। सक्सेस के लिए किस्मत का भी साथ होना चाहिए। इसका ये मतलब नहीं कि आप मेहनत न करें और किस्मत के भरोसे बैठ जाएं। किस्मत सिर्फ उनकी खुलती है, जो जोश से, दिल से और दिमाग से अपने काम में लगे रहते हैं। समस्या की कमी नहीं, कोई भी चुन लें। अवसर शायद आपके दरवाजे पर खटखटा रहा हो। दुनिया की चिल्लम-चिल्ली से दूर रहें, नहीं तो सुनाई नहीं देगा। (ये लेखिका के अपने विचार हैं)



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रश्मि बंसल, लेखिका और स्पीकर


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अंधविश्वास और कट्‌टरता के आलोचक रहे अग्निवेश अपने प्रगतिवादी विचारों की वजह से हमेशा कुछ संगठनों के निशानों पर रहे

मैंने स्वामी अग्निवेश को पहली बार तब सुना था, जब मैं जिनेवा में शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त के कार्यालय में काम कर रहा था। वे वहां पर दासता के समकालीन तरीकों पर बने कार्यदल के समक्ष संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग में गवाही देने आए थे। अब यह कार्यदल और उच्चायोग अस्तित्व में नहीं है।

भगवा कपड़े और पगड़ी पहने अग्निवेश की प्रभावी उपस्थिति और उनके तीखे भाषण के साथ ही उनकी जलती हुई आंखें बिना फ्रेम वाले चश्मे पहने लोगों को बेचैन कर रही थीं। जिन्होंने भी जिनेवा में उन्हें एक्शन में सुना, वे उन्हें भूल नहीं सके। पिछले सप्ताह शुक्रवार को करीब 81 साल की उम्र में उनका निधन हुआ। वह कई लोगों के लिए एक रहस्य थे। जन्म से ब्राह्मण अग्निवेश की परवरिश उनके दादा ने की, जो एक रियासत के दीवान थे। लेकिन, उन्होंने अपनी पहचान सीमांत व दबे-कुचले लोगों के साथ बनाई।

एक हिंदू साधु जिसने 30 साल में संन्यास ले लिया था, उन्हें आखिर तक हिंदुत्व के कुछ स्वयंभू समर्थक निशाना बनाते रहे। वे एक राजनेता रहे, विधायक रहे और प्रदेश में कैबिनेट मंत्री भी रहे। पिछले कई दशकों तक उन्होंने कोई राजनीतिक पद नहीं लिया था। वह एक आर्य समाजी थे, जो उसकी अंतरराष्ट्रीय संस्था के एक दशक तक प्रमुख भी रहे। बाद में खुद की आर्य सभा के गठन के लिए वह उससे अलग हो गए। 2008 में इसकी पितृ संस्था ने उन्हें निष्कासित कर दिया।

वे ऐसे व्यक्ति थे जो भारतीय मुद्दों और चिंताओं के लिए प्रतिबद्ध थे और उनकी एक व्यापक अंतरराष्ट्रीय पहचान भी थी। वे 1994 से 2004 तक दासता के समकालीन प्रकार पर संयुक्त राष्ट्र वॉलेंटरी ट्रस्ट फंड के अध्यक्ष रहे। वे कुल मिलाकर एक ऐसे भारतीय थे, जो जन्म से आंध्र प्रदेश के थे, छत्तीसगढ़ में बड़े हुए, हरियाणा में विधायक बने और जिन्हें पूरा देश जानता था। इस सबसे ऊपर वह एक सामाजिक कार्यकर्ता थे। मंत्री रहते हुए भी बंधुआ मजदूर मुक्ति मोर्चा के माध्यम से बंधुआ मजदूरी के खिलाफ उनके प्रयासों की वजह से काफी सफलता मिली।

81 साल पहले वेपा श्याम राव के रूप में जन्मे स्वामी अग्निवेश तमाम विवादों को समेटे होने के बावजूद भारतीय सार्वजनिक जीवन के सर्वाधिक असाधारण व्यक्तियों में याद किए जाएंगे। यह मेरा सौभाग्य था कि करीब 12 साल पहले राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश के समय से ही मैं उन्हें जानता रहा। उन्होंने 1980 के दशक के बाद कभी परंपरागत चुनावी राजनीति नहीं की और वोट की छद्म लोकप्रियता के लिए कोई पद हासिल नहीं किया। लेकिन, इसके बावजूद वह उस मुद्दे के लिए अथक अभियान चलाते रहे, जिसे वह उचित समझते थे।

वह व्यक्ति जिसके पास कानून और कॉमर्स की डिग्री थी व जिसने कभी उस व्यक्ति के जूनियर के रूप में प्रैक्टिस की थी, जो बाद में देश के मुख्य न्यायाधीश बने, उसने अपनी सारी जिंदगी अन्यायपूर्ण कानूनों को चुनौती देने और उन्हें बदलवाने की कोशिश में लगा दी। कुछ मामलों में उन्हें सफलता भी मिली। जैसे कि बंधुआ मजदूरी निवारण कानून। वे अनेक तरीकों से सती प्रथा पर रोक के लिए बने कानून के भी आध्यात्मिक प्रणेता रहे।

एक धार्मिक और आध्यात्मिक विचारक स्वामी अग्निवेश ने अपने हिंदुत्व का परिणय अपने सामाजिक विश्वासों के साथ कर दिया था और वे इसे वैदिक समाजवाद कहते थे। बाल दासता से लेकर, कन्या भ्रूण हत्या जैसे मुद्दों के खिलाफ उनके अथक आंदोलन देशभर में चलते रहे। इस प्रक्रिया में उन पर हुए हमलों में वे बाल-बाल बचे। झारखंड में तो वह भीड़ का शिकार होते-होते बचे थे।

आंदोलनों की वजह से वे कई बार जेल भी गए। उन्हें अनेक बार गिरफ्तार किया गया, लेकिन न तो कभी आरोपित किया गया, न ही सजा मिली। उन्हें एक बार तो 14 महीने तक जेल में रहना पड़ा। उन्होंने फरवरी 2011 में माओवादियों द्वारा अपहृत पांच पुलिस वालों को छुड़ाने में भी मदद की थी।

हाल के वर्षों में वे धार्मिक सहिष्णुता और अंतर धार्मिक समरसता की प्रशंसनीय आवाज थे। वे अनेक अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस्लाम और मुस्लिम समुदाय को समझने का आह्वान कर चुके थे। उन्होंने आतंकवाद पर होने वाले जनसंवाद में भी दखल दिया था। उनका साफ कहना था कि कुछ लोगों के गलत कामों की वजह से पूरे समुदाय को आरोपित करना गलत है।

कई बार तो वे अपने सिद्धांतों को इतनी चरम भाषा में कहते थे कि मुझ जैसे अनेक उदारवादी भी उनका समर्थन करने में कठिनाई महसूस करते थे। वे कहते थे- ‘मैं अपने, यह कहने के लिए कि अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा आतंकवादी है, शब्दों को बदल नहीं सकता। इस्लाम और कुरान को बदनाम करना आतंकवाद का सबसे खराब रूप है।

अंधविश्वास और कट्टरता के आलोचक रहे अग्निवेश उनके प्रगतिवादी विचारों की वजह से कुछ संगठनों के निशानों पर रहे। इसके बावजूद स्वामी अग्निवेश वह व्यक्ति थे, जिन्होंने अपना जीवन, समय और ऊर्जा अपने सपनों के पीछे लगा दी। मैं उन्हें याद करूंगा। ओम शांति! (ये लेखक के अपने विचार हैं)



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शशि थरूर, पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद


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रक्षा मंत्री आज राज्यसभा में भी चीन के मुद्दे पर बोलेंगे; प्रवासियों की सुरक्षा पर सरकार बोली- फेक न्यूज की वजह से भगदड़ मची थी

कोरोना के बीच संसद के पहले सत्र (मानसून) का आज तीसरा दिन है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज राज्यसभा में भारत-चीन सीमा विवाद पर बयान देंगे। सदन की कार्यवाही 9 बजे शुरू हो जाएगी। इससे पहले मंगलवार को राजनाथ ने लोकसभा में भी सीमा विवाद पर अपनी बात रखी थी। उधर, प्रवासियों के मुद्दे पर सरकार ने कहा कि लॉकडाउन में फेक न्यूज की वजह से मजदूरों में भगदड़ मची थी।

मानसून सत्र के दूसरे दिन क्या-क्या हुआ?

रक्षा मंत्री ने कहा- चीन ने एलएसी पर गोला-बारूद जमा किया, हम भी तैयार
राजनाथ ने लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर चल रहे तनाव के बारे में लोकसभा में जानकारी दी। उन्होंने कहा, "अभी की स्थिति के मुताबिक, चीन ने एलएसी और अरुणाचल से लगे अंदरुनी इलाकों में बड़ी संख्या में सैनिक और गोला-बारूद जमा कर रखे हैं। पूर्वी लद्दाख के गोगरा, कोंगका ला, पैंगॉन्ग सो झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारे पर तनाव वाले कई इलाके हैं। इन इलाकों में हमारी सेना भी जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तैयारी के साथ तैनात है।"

हालांकि, विपक्ष सीमा विवाद के मुद्दे पर बहस की मांग कर रहा है। कांग्रेस ने बोलने का मौका नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को लोकसभा से वॉकआउट भी किया था। चीन की घुसपैठ के मुद्दे पर राज्यसभा में चर्चा के लिए कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा ने शॉर्ट ड्यूरेशन नोटिस भी दिया है।

गृह मंत्रालय ने कहा- अफवाहों की वजह से प्रवासियों में भगदड़ मची थी
मानसून सत्र के पहले दिन यानी सोमवार को एक सवाल के जवाब में सरकार ने कहा था कि लॉकडाउन में घर लौटते वक्त हादसों में कितने प्रवासी मजदूर मारे गए, इसका कोई आंकड़ा नहीं है। प्रवासियों से ही जुड़े एक दूसरे सवाल के जवाब में मंगलवार को कहा कि मार्च में लॉकडाउन के वक्त फेक न्यूज के चलते बड़ी संख्या में प्रवासियों का मूवमेंट हुआ था।

तृणमूल कांग्रेस की सांसद माला रॉय ने लोकसभा में लिखित में सवाल पूछा था कि 25 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा से पहले सरकार ने प्रवासियों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए और हजारों मजदूर घरों को लौटने को मजबूर क्यों हुए? इस पर गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने जवाब दिया कि फेक न्यूज के चलते लोगों के मन में खाने-पाने की चीजों की सप्लाई और दूसरी जरूरी सुविधाओं को लेकर चिंता थी, इसलिए भगदड़ मची थी।

बॉलीवुड का ड्रग्स विवाद भी संसद पहुंचा
अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से बॉलीवुड में उठा ड्रग्स विवाद अब संसद में भी बड़ी बहस में बदलता दिखाई दे रहा है। भाजपा सांसद रवि किशन ने सोमवार को लोकसभा में कहा था कि फिल्म इंडस्ट्री में ड्रग्स का शिकंजा कस चुका है। इस पर राज्यसभा में सपा सांसद जया बच्चन ने मंगलवार को कहा, "बॉलीवुड से जुड़े कुछ लोगों को उस थाली में छेद नहीं करना चाहिए, जिससे उनका पेट भरता है।"



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चीन के मुद्दे पर कांग्रेस बहस की मांग कर रही है। इस मांग की तख्ती लिए कांग्रेस सांसद ने संसद के बाहर प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने मंगलवार को लोकसभा से वॉकआउट भी किया था।


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देश की राजधानी में रहने वाले 42 प्रतिशत लोगों का महीने का खर्च 10 हजार रुपए से भी कम

राजधानी में रहने वाले 42.59 प्रतिशत लोगों का मासिक खर्च 10 हजार रुपए से कम है। वहीं, 50 हजार से अधिक खर्च करने वाले लोग 1.66 प्रतिशत है। यह जानकारी दिल्ली सरकार के सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण की फाइल रिपोर्ट में सामने आई है।

यह सर्वेक्षण दिल्ली सरकार ने नवंबर 2018 से नवंबर 2019 के बीच कराया। यह रिपोर्ट 20.05 लाख घरो और 1.02 करोड़ जनता के सर्वे पर तैयार की गई। रिपोर्ट के अनुसार 10 से 25 हजार रुपए खर्च करने वाले लोगों की संख्या 47.31 प्रतिशत है। 25 से 50 हजार खर्च करने वाले लोग 8.44 प्रतिशत लोग हैं।

21 प्रतिशत घरों में कम्प्यूटर/लैपटॉप

राजधानी में सिर्फ 21.27 प्रतिशत घरों में कंप्यूटर/लैपटॉप है। इसमें से 80.12 प्रतिशत घर में ही इंटरनेट कनेक्शन का उपयोग होता है। सर्वे के अनुसार दिल्ली में 93.83 प्रतिशत के पास मोबाइल फोन है। वहीं 2.32 प्रतिशत के पास मोबाइल और लैंडलाइन दोनों फोन उपलब्ध है।

एनडीएमसी में सबसे अधिक किराएदार

दिल्ली में 66.63 % के पास अपना मकान है, जबकि 32.38 किराए पर रहते हैं। सबसे ज्यादा किराएदार एनडीएमसी में करीब 62 % हैं। वहीं, सबसे अधिक अपना मकान रखने वालों की आबादी शाहदरा जिले में है, जो 76.37 प्रतिशत है। पूर्वी निगम क्षेत्र में 29.33%, उत्तरी में 29.82% और दक्षिणी में 38.01 % किराए के मकान में रहते है।

एक प्रतिशत खुले में शौच जाते हैं

रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में अभी भी करीब एक प्रतिशत लोग खुले में शौच करते हैं। सर्वे के अनुसार दिल्ली के 93.34 प्रतिशत घरों के परिसर में शौचालय उपलब्ध है। घर के परिसर में शौचालय की सुविधा सबसे ज्यादा साउथ वेस्ट जिले में 98.22 प्रतिशत है।

82 % के घर तक पीने का पानी पहुंचता

82 प्रतिशत लोगों के घर तक पानी पहुंचता है। दिल्ली में 70.98 प्रतिशत को नल से घर के अंदर पानी मिलता है। दिल्ली में 18.6 प्रतिशत लोगों को अभी भी नल से पानी नहीं पहुंच पाया है। 7.76 प्रतिशत बॉटल से पानी मंगाते है। 4.42 प्रतिशत को ट्यूबवेल का पानी मिलता है। 5.04 प्रतिशत को टैंकर से पानी सप्लाई होती है।

40.78 प्रतिशत घरों में राशन कार्ड

सर्वे के अनुसार खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 40.78 प्रतिशत घरों को राशन कार्ड जारी किया है। इनमें से 85.98 प्रतिशत ही राशन कार्ड से राशन लेते है। सबसे ज्यादा उत्तर-पूर्व दिल्ली के राशनकार्ड धारी राशन दुकान से राशन लेते है। इनका प्रतिशत 90.74 है।

6.59 प्रतिशत के पास कोई वाहन नहीं

सर्वेक्षण के अनुसार दिल्ली में 6.59 प्रतिशत लोगों के पास कोई वाहन नहीं है। दिल्ली में 51.78 प्रतिशत लोगों के दो पहिया या चार पहिया वाहन है। इसमें से 40.35 प्रतिशत के पास दोपहिया है। वहीं 4.34 प्रतिशत के पास चार पहिया वाहन है। 6.59 प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जिनके पास दोनों वाहन मौजूद है।



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फाइल फोटो


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कंगना का जया से सवाल- आपका बेटा फांसी लगा लेता तो...? हफ्ते भर में आलू-प्याज दोगुना महंगा; चीनी सरहद पर इस बार मामला कुछ तो अलग है

सुशांत की मौत के बाद से शुरू हुए ड्रग्स विवाद पर बॉलीवुड बंटा हुआ है। चीन बॉर्डर पर भी हालात सामान्य नहीं हैं, तो शुरू करते हैं आज का मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ...

आज आपके काम की 3 खबरें...

1. इंडिगो की भोपाल-कोलकाता और भोपाल-लखनऊ फ्लाइट शुरू होगी।
2. वंदे भारत मिशन के तहत एयर इंडिया की कोलकाता-लंदन डायरेक्ट फ्लाइट शुरू होगी।
3. चंडीगढ़ से पंजाब और हरियाणा के लिए 50% यात्रियों के साथ बस सर्विस की शुरुआत होगी।

आज ये 2 राजनीतिक कार्यक्रम

  1. बिहार चुनाव के मद्देनजर लोजपा प्रमुख चिराग पासवान ने अपने सांसदों की बैठक बुलाई है। इसमें तय होगा कि क्या लोजपा बिहार की 243 में से 143 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
  2. मध्यप्रदेश में सीएम शिवराज सिंह चौहान अन्न उत्सव की शुरुआत करेंगे। इसके तहत प्रदेशभर में 37 लाख लोगों को राशन बांटा जाएगा।

अब कल की 7 महत्वपूर्ण खबरें

1. जया बच्चन से भिड़ गईं कंगना

भाजपा सांसद रवि किशन ने सोमवार को लोकसभा में बयान दिया था कि फिल्म इंडस्ट्री में ड्रग्स पैठ बना चुका है। इस पर मंगलवार को सपा सांसद जया बच्चन ने राज्यसभा में कहा, ‘आप जिस थाली में खाते हैं, उसमें छेद नहीं कर सकते।’ इस पर रवि किशन की प्रतिक्रिया बाद में आई, कंगना ने पहले बयान दिया। वे जया से बोलीं- आपका बेटा फंदे पर झूला होता तो भी क्या आप यही बयान देतीं? -पढ़ें पूरी खबर

2. आलू-प्याज दोगुना महंगा

दिल्ली में मंगलवार को प्याज का थोक भाव 40-45 रुपए किलो हो गया। हफ्ते भर पहले यह 15-20 रुपए प्रति किलो था। दिल्ली समेत आसपास के शहरों में रिटेल में इसका रेट 60 से 80 रुपए किलो है। आलू थोक में 26 रुपए किलो, तो रिटेल में 35-40 रुपए किलो मिल रहा है। पिछले हफ्ते इसका थोक भाव 15 रुपए प्रति किलो था। -पढ़ें पूरी खबर

3. फेसबुक, वॉट्सऐप और जूम पर सरकार नहीं करेगी तांक-झांक?

टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई को लगता है कि फेसबुक, वॉट्सऐप, टेलीग्राम समेत सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के लिए रेगुलेशन बनाने की कोई जरूरत नहीं है। यानी इन प्लेटफॉर्म्स पर यूजर को जो करना है, करने दो। सरकार को तांक-झांक नहीं करनी चाहिए। ट्राई की इन सिफारिशों पर सरकार को फैसला लेना है। इन सिफारिशों से टेलीकॉम ऑपरेटर नाराज हैं। -पढ़ें पूरी खबर

4. जेईई टॉपर लड़की की कहानी

इंजीनियरिंग की ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (JEE) की टॉपर्स लिस्ट में लड़कियों की मौजूदगी नहीं होने के मिथक को 17 साल की तनुजा चक्कू ने तोड़ दिया है। 2020 के JEE Main के रिजल्ट में 24 टॉपर्स की लिस्ट में तेलंगाना की रहने वाली तनुजा अकेली लड़की हैं, जिन्होंने 100 पर्सेंटाइल हासिल किए हैं। -पढ़ें पूरी खबर

5. चीन पर सरकार का बयान

चीन के साथ ताजा विवाद पर सरकार ने पहली बार संसद में बयान दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में कहा कि चीन ने एलएसी और अंदरूनी इलाकों में भारी तादाद में सेना के जवानों की तैनाती की है और गोला-बारूद जमा किया है। हमने भी जवाबी कदम उठाए हैं। इस बार हालात पहले से काफी अलग हैं। -पढ़ें पूरी खबर

6. IPL के टॉप रिकॉर्ड्स

आईपीएल यूएई में 19 सितंबर से शुरू हो रहा है। पिछले 12 सीजन में भारतीयों ने कई दिलचस्प रिकॉर्ड बनाए हैं। जैसे- लीग के सबसे महंगे खिलाड़ी विराट कोहली ने सबसे ज्यादा 5412 रन बनाए हैं। हरभजन सिंह ने सबसे ज्यादा 1249 डॉट बॉल्स फेंकी हैं। -पढ़ें पूरी खबर

7. शुक्र ग्रह पर एलियन!

शुक्र ग्रह पर एलियन होने के संकेत मिले हैं। वैज्ञानिकों ने इसे दूसरे ग्रहों पर जीवन की तलाश में अब तक की सबसे अहम खोज बताया है। शुक्र ग्रह के एसिटिक बादलों में फॉस्फीन गैस मिली है। यह बायोलॉजिकल प्रोसेस से पैदा होती है। इसी वजह से सोलर सिस्टम में एलियन होने की संभावना फिर जाग गई है। -पढ़ें पूरी खबर

अब 16 सितंबर का इतिहास

1920: न्यूयॉर्क में वॉल स्ट्रीट पर बम ब्लास्ट में 38 लोग मारे गए। अब तक पता नहीं चला कि ब्लास्ट किसने कराया।

1978: ईरान के तबास इलाके में 7.7 तीव्रता का भूकंप आया था। 20 हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे।

1994: यूएन ने इंटरनेशनल डे फॉर द प्रिवेंशन ऑफ द ओजोन लेयर की शुरुआत की।

आखिर में बात कवि श्यामलाल गुप्त की, जिनका आज ही के दिन जन्म हुआ था। इनका लिखा गीत ‘झण्डा ऊंचा रहे हमारा’ बेहद लोकप्रिय हुआ। पढ़ें, इस लोकप्रिय गीत के बोल...



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Morning News Brief 16 september 2020 Kangana's question to jaya bachchan Potato-onion rate doubled in a week


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ओजोन परत बचाने साथ आए थे 24 देश; 1995 से मनने लगा ओजोन प्रिवेंशन डे; 100 साल पहले वॉल स्ट्रीट पर हुआ था बम विस्फोट

हर साल यूनाइटेड नेशंस की ओर से 16 सितंबर को इंटरनेशनल डे फॉर द प्रिवेंशन ऑफ द ओजोन लेयर मनाया जाता है। यह इवेंट 1987 के मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल की याद दिलाता है, जिसे 24 देशों ने साथ आकर बनाया था। मॉन्ट्रियल में इन देशों ने दुनिया से कहा था कि ओजोन परत को बर्बाद करना बंद करें। इसमें ऐसे पदार्थों का इस्तेमाल बंद करने का वचन लिया गया था, जिससे ओज़ोन परत को नुकसान पहुंचता है। 19 दिसंबर 1994 को यूएन की जनरल असेंबली ने 16 सितंबर को ओजोन लेयर के बचाव के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाने का फैसला किया। पहला ओजोन डे 16 सितंबर 1995 को मनाया गया था।

कोरोनावायरस को काबू करने के लिए चार महीने का सख्त लॉकडाउन था। कुछ सख्त नियम आज भी लागू हैं। इस वजह से प्रदूषण के स्तर में गिरावट आई और इससे ओजोन डे का महत्व और बढ़ गया है। देहरादून की पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज यूनिवर्सिटी ने अध्ययन में पाया कि लॉकडाउन की वजह से ओजोन को नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थों की कमी रही और इससे ओजोन की परत की क्वॉलिटी में 1.5 से दो गुना तक मजबूती आई है।

वॉल स्ट्रीट पर बम धमाके में 38 की मौत

  • बात 1920 की है। न्यूयॉर्क में वॉल स्ट्रीट पर बम विस्फोट हुआ था और इसमें 38 लोग मारे गए थे। यह उस समय तक अमेरिकी धरती पर किया गया सबसे भयानक हमला था। अब तक यह पता नहीं चल सका है कि उस बम ब्लास्ट के लिए कौन जिम्मेदार था और उसने यह हमला क्यों किया था।

जनरल मोटर्स कॉर्पोरेशन की शुरुआत

  • आज हम जिस कंपनी को जीएम (GM) के ट्रेडमार्क से जानते हैं, उसकी शुरुआत आज ही के दिन 1908 में फ्लिंट, मिशिगन में विलियम सी. ड्युरंट और चार्ल्स स्टुअर्ट मॉट ने की थी। यह दुनिया की सबसे बड़ी कार और ट्रक बनाने वाली कंपनियों में से एक है। कंपनी ने शेवरले, हमर जैसी कारें बनाकर दुनिया के सामने पेश की है।

मलेशिया बना था आज ही के दिन

  • 1963 में फेडरेशन ऑफ मलय में उत्तरी बोर्नेयो, सबाह, सारावाक और सिंगापुर मिलकर मलेशिया बना था। यह बात अलग है कि यह एसोसिएशन ज्यादा टिका नहीं। दो साल में ही सिंगापुर ने इस व्यवस्था को छोड़ दिया।

लेबनान में 3000 लोगों की हत्या

  • लेबनान में 1982 में राइट-विंग ग्रुप के सदस्यों ने बेरूत के रिफ्यूजी कैम्प में रह रहे करीब 3000 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। यह नरसंहार सबरा और शतिला के फिलिस्तीनी रिफ्यूजी कैम्पों में हुआ था। इसमें लेबनीज क्रिश्चियन फैलान्गिस्ट मिलिशिया शामिल था।

आज के दिन को देश और दुनिया में हुई इन घटनाओं के लिए भी जाना जाता है-

  • 1810ः निगवेल हिदाल्गो ने स्पेन से मैक्सिको की आज़ादी के लिए संघर्ष शुरू किया।
  • 1821ः मैक्सिको की स्वतंत्रता को मान्यता मिली।
  • 1975ः केप वर्डे, मोजाम्बिक, साओ टोमे और प्रिंसिप संयुक्त राष्ट्र में शामिल हुए।
  • 1975ः पापुआ न्यू गिनी ने आस्ट्रेलिया से स्वतंत्रता हासिल की।
  • 1978: ईरान के तबास इलाके में 7.7 तीव्रता का भूकंप आया था। 20 हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे।
  • 1978ः जनरल जिया उल हक़ पाकिस्तान के राष्ट्रपति चुने गए।
  • 1986: दक्षिण अफ्रीका में सोने की खदान में फंसने से सैकड़ों लोगों की मौत।
  • 2007ः वन टू गो एयरलांइस का विमान थाईलैंड में दुर्घटनाग्रस्त, 89 लोगों की मौत।
  • 2013ः वाशिंगटन में एक बंदूकधारी ने नौसेना के शिविर में 12 लोगों की गोली मारकर हत्या की।
  • 2014ः इस्लामिक स्टेट ने सीरियाई कुर्दिश लड़ाकों के खिलाफ युद्ध छेड़ा।

जन्मदिन:

  • 1893: श्यामलाल गुप्त, कवि (गुप्त ने विजयी विश्व तिरंगा प्यारा गीत लिखा)
  • 1916: एम.एस. सुब्बालक्ष्मी, भारतीय अभिनेत्री और गायिका (भारत रत्न से सम्मानित)
  • 1932: नोबल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक रोनाल्ड रॉस (मलेरिया मच्छरों से होता है यह बताया)
  • 1971: प्रसून जोशी, गीतकार, सेंसर बोर्ड यानी सीबीएफसी (केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड) के प्रमुख हैं


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Today History for August 26th/ What Happened Today | International Day for the Preservation of the Ozone Layer 2020 | Sensor Board Chief Prasoon Joshi Birthday| Wall Street Blast in 1920


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इखलाक के परिवार ने कहा- मुस्लिम होने के चलते बेटे का हाथ काटा गया, दूसरे पक्ष ने लगाया यौन शोषण का आरोप

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक मुस्लिम बहुल मोहल्ला है - ननौता। इसी मोहल्ले में 28 साल के इखलाक सलमानी का परिवार रहता है। वही, इखलाक जो 24 अगस्त की सुबह ननौता से करीब 100 किलोमीटर दूर पानीपत में, एक रेलवे ट्रैक के पास अधमरी हालत में मिला था, सिर पर से खून निकल रहा था और दाहिना हाथ कटा हुआ था।

इखलाख के बड़े भाई इतराम सलमानी ने बताया कि अगस्त में वो काम की तलाश में पानीपत गया। 23 अगस्त की रात वो एक पार्क में बैठा हुआ था तो कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की। आधी रात को उसे प्यास लगी तो उसने जिस घर का दरवाजा खटखटाया, वो उन्हीं लोगों का था, जिन्होंने कुछ घंटे पहले उसकी पिटाई की थी। उन लोगों ने उसे घर के अंदर खींच लिया, उसकी पहचान पूछी और फिर से पिटाई की। इसके बाद आरी मशीन से उसका दाहिना हाथ काट दिया जिस पर ‘786’ का टैटू बना हुआ था।

इसी मोहल्ले में इखलाक का परिवार रहता है। यहां से पानीपत करीब 100 किमी है, जहां वह अधमरी अवस्था में मिला था।

हालांकि, इखलाक ने 10 सितंबर को एफआईआर में जो बयान दर्ज कराया है, उसमें धर्म पूछकर मारपीट करने या 786 देखकर हाथ काटने की बात नहीं है। इसको लेकर जब हमने सलमान से पूछा तो उन्होंने पुलिस पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि मेरे भाई के साथ पहचान पूछकर मारपीट हुई, उसका दाहिना हाथ आरी से काट गया। लेकिन पुलिस ने आधा-अधूरा बयान दर्ज किया। हमें पढ़कर भी नहीं सुनाया। जबरदस्ती बयान पर साइन करवा लिया और उसी आधार पर तहरीर ले ली।

इस मामले में जीरो एफआईआर पानीपत रेलवे पुलिस ने दर्ज की है। जब हमने ज़बरदस्ती बयान पर साइन करवाने, बयान पढ़कर नहीं सुनाने और आधी-अधूरी बात लिखने जैसे गंभीर आरोपों के बारे में रेलवे पुलिस थाना, पानीपत के इंचार्ज राजकुमार से बात की तो उन्होंने कहा, ' देखो जी। पुलिस पर तो कोई कभी भी आरोप लगा सकता है, लेकिन हमारे SI ने वही लिखा, जो उन्होंने बताया। पार्क वाली बात उन्होंने तब नहीं बताई थी। धर्म पूछकर मारपीट हुई या ‘786’ देखकर हाथ काटा गया, ये भी उन्होंने तब नहीं बताया। अब वो ये सब कह रहे हैं। तब कहते तो बाकी बातों की तरह, तो ये सब भी बयान में दर्ज होता। हम क्यों बदलने लगें उनका बयान?”

इतना ही नहीं, इस मामले में उस परिवार ने भी इखलाक सलमानी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है, जिस पर हाथ काटने और मारपीट करने का आरोप है। परिवार की तरफ से दर्ज एफआईआर के मुताबिक इखलाक ने 23 और 24 अगस्त की दरमियानी रात परिवार के एक नाबालिग लड़के के साथ यौन उत्पीड़न किया। परिवार ने लड़के को बचाया, लेकिन इखलाक रेलवे ट्रैक की ओर भागने में कामयाब रहा। पुलिस ने इस बयान के आधार पर इखलाक के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

दोनों ही मामले पानीपत के चांदनीबाग थाने में दर्ज हैं और जिसकी जांच स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम कर रही है। इस एसआईटी के मुखिया हैं डीएसपी पानीपत (मुख्यालय) सतीश वत्स। जब हमने उनसे दोनों मामलों में हो रही जांच के बारे में पूछा तो वो बोले, “दोनों तरफ से मामले दर्ज हैं। हम इखलाक के ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं। उसका बयान लिया जाएगा। इसके बाद ही जांच सही दिशा में बढ़ पाएगी।

13 सितंबर को हमने रेलवे ट्रैक के पास सघन जांच की थी। हमें एक कटा हुआ हाथ मिला है। हमें शक है कि ये इखलाक का हाथ है, लेकिन पक्के तौर पर डीएनए टेस्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। इसके आगे सतीश वत्स कुछ भी कहने से इनकार कर देते हैं। उनके मुताबिक, जांच के बीच में किसी सवाल का जवाब देना उचित नहीं है।

10 सितंबर को इखलाक के परिवार ने पानीपत रेलवे पुलिस में मामला दर्ज कराया था।

लेकिन, इस पूरे मामले को गौर से देखें तो पुलिस, इखलाक के परिवार और जिन्होंने उस पर नाबालिग बच्चे के साथ यौन शोषण का आरोप लगाया है, उन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 24 अगस्त की सुबह जब रेलवे ट्रैक के पास घायल अवस्था में इखलाक मिला तो उसके बाद पुलिस ने इलाके की तत्काल जांच क्यों नहीं की गई? और कटे हुए हाथ को क्यों नहीं बरामद किया गया? इखलाक ने जिस घर में आरी से हाथ काटने की बात कही, उसकी जांच क्यों नहीं हुई? उसे सील क्यों नहीं किया गया?

इखलाक के बड़े भाई इतराम सलमानी के बयान और पुलिस द्वारा दर्ज किए गए बयान में अंतर क्यों है? अगर पुलिस ने आधा-अधूरा बयान दर्ज किया या बिना पढ़कर सुनाए बयान पर साइन करवा लिया, तो उन्होंने इसके बारे में पहले क्यों कुछ नहीं कहा? जिस परिवार ने इखलाक पर अपने नाबालिग बच्चे के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया है, उसने 23 अगस्त की रात की घटना के बारे में मामला दर्ज करवाने के लिए 10 सितंबर तक इंतजार क्यों किया?

पक्के तौर पर तो कुछ भी नहीं कहा सकता, लेकिन पानीपत में इस घटना को लेकर एक तीसरी थ्योरी भी घूम रही है। इस थ्योरी के मुताबिक मामला प्रेम प्रसंग का है। पहचान जाहिर न करने की शर्त पर एक स्थानीय पत्रकार कहते हैं, “जी ये मामला वैसा है नहीं, जैसा दोनों पक्ष बता रहे हैं। ना तो इसमें लड़का है और ना ही धार्मिक एंगल। समूचे पानीपत में चर्चा है कि पार्क में परिवार के लोगों ने इखलाक और एक लड़की को साथ देखा था। इसी के बाद उसकी पिटाई हुई। शायद हाथ भी काट दिया हो।”



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24 अगस्त की सुबह यूपी के ननौता से करीब 100 किलोमीटर दूर पानीपत में, इखलाक एक रेलवे ट्रैक के पास अधमरी हालत में मिला था।


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हल्के नीले रंग की ओजोन गैस की सुरक्षा छतरी न रहे तो इंसानी जीवन खत्म कर देंगी सूरज की किरणें, लॉकडाउन में इसका सबसे गहरा घाव भर गया

इंसानों को कई जानलेवा बीमारियों से बचाने वाली ओजोन लेयर के लिए लॉकडाउन राहत वाला समय कहा जा सकता है। देश में लॉकडाउन का जो असर हुआ, उसका एक बड़ा फायदा ओजोन लेयर को भी मिला है।

एनसीबीआई जर्नल में प्रकाशित भारतीय वैज्ञानिकों की रिसर्च कहती है, दुनिया के कुछ देशों में 23 जनवरी से लॉकडाउन लगने के बाद प्रदूषण में 35 फीसदी की कमी और नाइट्रोजन ऑक्साइड में 60 फीसदी की गिरावट आई है। इसी दौरान ओजोन लेयर को नुकसान पहुंचाने वाले कार्बन का उत्सर्जन भी 1.5 से 2 फीसदी तक घटा और कार्बन डाई ऑक्साइड का लेवल भी कम हुआ। ये सभी ऐसे फैक्टर हैं, जो ओजोन लेयर को नुकसान पहुंचाते हैं।

इसी साल अप्रैल महीने की शुरुआत में ओजोन लेयर पर बना सबसे बड़ा छेद अपने आप ठीक होने की खबर भी आई। वैज्ञानिकों ने पुष्टि कि आर्कटिक के ऊपर बना दस लाख वर्ग किलोमीटर की परिधि वाला छेद बंद हो गया है।

सूर्य की खतरनाक पराबैंगनी किरणों को रोकने वाली इस लेयर को कोरोनाकाल में कितनी राहत मिली है, इस पर पूरी रिपोर्ट आनी बाकी है। पर्यावरणविद् शम्स परवेज के मुताबिक, लॉकडाउन के दौरान ओजोन लेयर को नुकसान पहुंचाने वाले कार्बन और दूसरी गैसों का उत्सर्जन 50 फीसदी तक घटा, जिसका पॉजिटिव इफेक्ट आने वाले समय में दिख सकता है। इस दौरान एयर ट्रैफिक 80 तक कम हुआ है, जो फिलहाल अच्छे संकेत रहे हैं। आज वर्ल्ड ओजोन डे है, इस मौके पर जानिए यह क्यों जरूरी है और क्या बढ़ते तापमान का असर इस पर पड़ेगा....

खबर से पहले ओजोन लेयर के बारे में ये 5 बातें समझें

1. ओजोन लेयर क्या है?
ओजोन लेयर दो तरह की होती है। एक फायदेमंद है और दूसरी नुकसानदेह।

  • फायदे वाली ओजोन लेयर : ओजोन एक ऐसी पर्त है, जो सूर्य की ओर से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों को सोखकर रोकने का काम करती हैं। ओजोन परत पृथ्वी के वातावरण के समताप मंडल के निचले हिस्से में में मौजूद है। सामान्य भाषा में समझें तो यह पराबैंगनी किरणों को छानकर पृथ्वी तक भेजती है। इसकी खोज 1957 में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रो. गॉर्डन डोब्सन ने की थी।
  • नुकसान वाली ओजोन लेयर : यह ओजोन गैस की लेयर हमारे ब्रीदिंग लेवल (सांस लेने के स्तर पर) पर होती है, जो नुकसान पहुंचाती है। यह गाड़ियों और फैक्ट्री से निकलने वाले धुएं में मौजूद नाइट्रोजन ऑक्साइड से बनती है। यह कार्सिनोजेनिक होती है, जो कैंसर का कारण बन सकती है। हवा की जांच करके इसके स्तर को समझा जाता है।

1. ओजोन लेयर में छेद होने का मतलब क्या है?
इस लेयर में छेद होने पर सूर्य की पराबैंगनी किरणें सीधे धरती तक पहुंचेंगी। ये किरणें स्किन कैंसर, मलेरिया, मोतियाबिंद और संक्रमक रोगों का खतरा बढ़ाती हैं। अगर ओजोन लेयर का दायरा 1 फीसदी भी घटता है और 2 फीसदी तक पराबैंगनी किरणें इंसानों तक पहुंचती हैं तो बीमारियों का खतरा काफी हद तक बढ़ सकता है।

3. क्यों इस लेयर को पहुंच रहा नुकसान?

  • ऐसे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट और स्प्रे का इस्तेमाल हो रहा जिसमें क्लोरोफ्लोरो कार्बन पाए जाते हैं। ये ओजोन लेयर को नुकसान पहुंचाते हैं।
  • स्मोक टेस्ट के मानकों पर न खरे उतरने वाले वाहनों से निकलता धुआं। इसमें कार्बन अधिक पाया जाता जो क्षरण का कारण बनता है।
  • फसल कटाई के बाद बचे हुए हिस्सों को जलाने से निकलने वाला कार्बन स्थिति को और बिगाड़ रहा है।
  • इसके अलावा प्लास्टिक व रबड़ के टायर और कचरे को जलाने से भी इस लेयर को नुकसान पहुंच रहा है।
  • अधिक नमी वाला कोयला जलाने पर सबसे बुरा असर पड़ रहा है।

4. ओजोन को नुकसान पहुंचाने वाले कण बनते कैसे हैं?

  • वातावरण में नाइट्रोजन ऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन जब सूर्य की किरणों के साथ रिएक्शन करते हैं तो ओजोन प्रदूषक कणों का निर्माण होता है।
  • वाहनों और फैक्ट्रियों से निकलने वाली कार्बन-मोनो-ऑक्साइड व दूसरी गैसों की रासायनिक क्रिया भी ओजोन प्रदूषक कणों की मात्रा को बढ़ाती हैं।
  • वैज्ञानिकों के मुताबिक, 8 घंटे के औसत में ओजोन प्रदूषक की मात्रा 100 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए।
ओजोन लेयर को सुरक्षित रखने के लिए दुनियाभर के कई देशों के बीच हुए मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल को दिखाती तस्वीर। साभार : सोशल मीडिया

5. कैसे शुरू हुई वर्ल्ड ओजोन डे की शुरुआत
ओजोन परत में हो रहे क्षरण को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने पहल की। कनाडा के मॉन्ट्रियल में 16 सितंबर, 1987 को कई देशों के बीच एक समझौता हुआ, जिसे मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल कहा जाता है। इसकी शुरुआत 1 जनवरी, 1989 को हुई। इस प्रोटोकॉल का लक्ष्य वर्ष 2050 तक ओजोन परत को नुकसान पहुंचाने वाले रसायनों को कंट्रोल करना था। प्रोटोकॉल के मुताबिक, यह भी तय किया गया कि ओजोन परत को नष्ट करने वाले क्लोरोफ्लोरो कार्बन जैसी गैसों के उत्पादन और उपयोग को सीमित किया जाएगा। इसमें भारत भी शामिल था। इस साल वर्ल्ड ओजोन डे की थीम है 'ओजोन फॉर लाइफ' यानी धरती पर जीवन के लिए इसका होना जरूरी है।

इंसानों को नुकसान पहुंचाने वाली ओजोन गैस घटी या बढ़ी?
6 महीने के लॉकडाउन में 50 फीसदी से अधिक प्रदूषण का स्तर घटा है, लेकिन ओजोन गैस का स्तर सिर्फ 20 फीसदी तक ही कम हुआ है। इसका स्तर इतना ही क्यों हुआ इसके जवाब में शम्स परवेज कहते हैं, लॉकडाउन के दौरान जगहों को सैनेटाइज करने में लिए सोडियम हायपो-क्लोराइड का इस्तेमाल हुआ। इससे ब्रीदिंग लेवल पर बनने वाली ओजोन गैस का स्तर उतना नहीं गिरा, जितना गिरना चाहिए था।

दुनिया का तापमान बढ़ रहा है, इसका ओजोन लेयर पर क्या असर पड़ेगा

दुनिया में बढ़ता तापमान और इस लेयर के बीच कोई संबंध नहीं है। वायुमंडल का तापमान तब बढ़ता है, जब प्रदूषण के कारण पर्यावरण में मौजूद कण सूरज की गर्मी को अवशोषित करते हैं। इनमें सबसे ज्यादा कार्बन होते हैं। साउथ एशियाई देशों में प्रदूषण अधिक होने के कारण तापमान और भी बढ़ रहा है।



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ओजोन परत बचाने साथ आए थे 24 देश; 1995 से मनने लगा ओजोन प्रिवेंशन डे; 100 साल पहले वॉल स्ट्रीट पर हुआ था बम विस्फोट

हर साल यूनाइटेड नेशंस की ओर से 16 सितंबर को इंटरनेशनल डे फॉर द प्रिवेंशन ऑफ द ओजोन लेयर मनाया जाता है। यह इवेंट 1987 के मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल की याद दिलाता है, जिसे 24 देशों ने साथ आकर बनाया था। मॉन्ट्रियल में इन देशों ने दुनिया से कहा था कि ओजोन परत को बर्बाद करना बंद करें। इसमें ऐसे पदार्थों का इस्तेमाल बंद करने का वचन लिया गया था, जिससे ओज़ोन परत को नुकसान पहुंचता है। 19 दिसंबर 1994 को यूएन की जनरल असेंबली ने 16 सितंबर को ओजोन लेयर के बचाव के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाने का फैसला किया। पहला ओजोन डे 16 सितंबर 1995 को मनाया गया था।

कोरोनावायरस को काबू करने के लिए चार महीने का सख्त लॉकडाउन था। कुछ सख्त नियम आज भी लागू हैं। इस वजह से प्रदूषण के स्तर में गिरावट आई और इससे ओजोन डे का महत्व और बढ़ गया है। देहरादून की पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज यूनिवर्सिटी ने अध्ययन में पाया कि लॉकडाउन की वजह से ओजोन को नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थों की कमी रही और इससे ओजोन की परत की क्वॉलिटी में 1.5 से दो गुना तक मजबूती आई है।

वॉल स्ट्रीट पर बम धमाके में 38 की मौत

  • बात 1920 की है। न्यूयॉर्क में वॉल स्ट्रीट पर बम विस्फोट हुआ था और इसमें 38 लोग मारे गए थे। यह उस समय तक अमेरिकी धरती पर किया गया सबसे भयानक हमला था। अब तक यह पता नहीं चल सका है कि उस बम ब्लास्ट के लिए कौन जिम्मेदार था और उसने यह हमला क्यों किया था।

जनरल मोटर्स कॉर्पोरेशन की शुरुआत

  • आज हम जिस कंपनी को जीएम (GM) के ट्रेडमार्क से जानते हैं, उसकी शुरुआत आज ही के दिन 1908 में फ्लिंट, मिशिगन में विलियम सी. ड्युरंट और चार्ल्स स्टुअर्ट मॉट ने की थी। यह दुनिया की सबसे बड़ी कार और ट्रक बनाने वाली कंपनियों में से एक है। कंपनी ने शेवरले, हमर जैसी कारें बनाकर दुनिया के सामने पेश की है।

मलेशिया बना था आज ही के दिन

  • 1963 में फेडरेशन ऑफ मलय में उत्तरी बोर्नेयो, सबाह, सारावाक और सिंगापुर मिलकर मलेशिया बना था। यह बात अलग है कि यह एसोसिएशन ज्यादा टिका नहीं। दो साल में ही सिंगापुर ने इस व्यवस्था को छोड़ दिया।

लेबनान में 3000 लोगों की हत्या

  • लेबनान में 1982 में राइट-विंग ग्रुप के सदस्यों ने बेरूत के रिफ्यूजी कैम्प में रह रहे करीब 3000 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। यह नरसंहार सबरा और शतिला के फिलिस्तीनी रिफ्यूजी कैम्पों में हुआ था। इसमें लेबनीज क्रिश्चियन फैलान्गिस्ट मिलिशिया शामिल था।

आज के दिन को देश और दुनिया में हुई इन घटनाओं के लिए भी जाना जाता है-

  • 1810ः निगवेल हिदाल्गो ने स्पेन से मैक्सिको की आज़ादी के लिए संघर्ष शुरू किया।
  • 1821ः मैक्सिको की स्वतंत्रता को मान्यता मिली।
  • 1975ः केप वर्डे, मोजाम्बिक, साओ टोमे और प्रिंसिप संयुक्त राष्ट्र में शामिल हुए।
  • 1975ः पापुआ न्यू गिनी ने आस्ट्रेलिया से स्वतंत्रता हासिल की।
  • 1978: ईरान के तबास इलाके में 7.7 तीव्रता का भूकंप आया था। 20 हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे।
  • 1978ः जनरल जिया उल हक़ पाकिस्तान के राष्ट्रपति चुने गए।
  • 1986: दक्षिण अफ्रीका में सोने की खदान में फंसने से सैकड़ों लोगों की मौत।
  • 2007ः वन टू गो एयरलांइस का विमान थाईलैंड में दुर्घटनाग्रस्त, 89 लोगों की मौत।
  • 2013ः वाशिंगटन में एक बंदूकधारी ने नौसेना के शिविर में 12 लोगों की गोली मारकर हत्या की।
  • 2014ः इस्लामिक स्टेट ने सीरियाई कुर्दिश लड़ाकों के खिलाफ युद्ध छेड़ा।

जन्मदिन:

  • 1893: श्यामलाल गुप्त, कवि (गुप्त ने विजयी विश्व तिरंगा प्यारा गीत लिखा)
  • 1916: एम.एस. सुब्बालक्ष्मी, भारतीय अभिनेत्री और गायिका (भारत रत्न से सम्मानित)
  • 1932: नोबल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक रोनाल्ड रॉस (मलेरिया मच्छरों से होता है यह बताया)
  • 1971: प्रसून जोशी, गीतकार, सेंसर बोर्ड यानी सीबीएफसी (केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड) के प्रमुख हैं


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Today History for August 26th/ What Happened Today | International Day for the Preservation of the Ozone Layer 2020 | Sensor Board Chief Prasoon Joshi Birthday| Wall Street Blast in 1920


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कंगना का जया से सवाल- आपका बेटा फांसी लगा लेता तो...? हफ्ते भर में आलू-प्याज दोगुना महंगा; चीनी सरहद पर इस बार मामला कुछ तो अलग है

सुशांत की मौत के बाद से शुरू हुए ड्रग्स विवाद पर बॉलीवुड बंटा हुआ है। चीन बॉर्डर पर भी हालात सामान्य नहीं हैं, तो शुरू करते हैं आज का मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ...

आज आपके काम की 3 खबरें...

1. इंडिगो की भोपाल-कोलकाता और भोपाल-लखनऊ फ्लाइट शुरू होगी।
2. वंदे भारत मिशन के तहत एयर इंडिया की कोलकाता-लंदन डायरेक्ट फ्लाइट शुरू होगी।
3. चंडीगढ़ से पंजाब और हरियाणा के लिए 50% यात्रियों के साथ बस सर्विस की शुरुआत होगी।

आज ये 2 राजनीतिक कार्यक्रम

  1. बिहार चुनाव के मद्देनजर लोजपा प्रमुख चिराग पासवान ने अपने सांसदों की बैठक बुलाई है। इसमें तय होगा कि क्या लोजपा बिहार की 243 में से 143 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
  2. मध्यप्रदेश में सीएम शिवराज सिंह चौहान अन्न उत्सव की शुरुआत करेंगे। इसके तहत प्रदेशभर में 37 लाख लोगों को राशन बांटा जाएगा।

अब कल की 7 महत्वपूर्ण खबरें

1. जया बच्चन से भिड़ गईं कंगना

भाजपा सांसद रवि किशन ने सोमवार को लोकसभा में बयान दिया था कि फिल्म इंडस्ट्री में ड्रग्स पैठ बना चुका है। इस पर मंगलवार को सपा सांसद जया बच्चन ने राज्यसभा में कहा, ‘आप जिस थाली में खाते हैं, उसमें छेद नहीं कर सकते।’ इस पर रवि किशन की प्रतिक्रिया बाद में आई, कंगना ने पहले बयान दिया। वे जया से बोलीं- आपका बेटा फंदे पर झूला होता तो भी क्या आप यही बयान देतीं? -पढ़ें पूरी खबर

2. आलू-प्याज दोगुना महंगा

दिल्ली में मंगलवार को प्याज का थोक भाव 40-45 रुपए किलो हो गया। हफ्ते भर पहले यह 15-20 रुपए प्रति किलो था। दिल्ली समेत आसपास के शहरों में रिटेल में इसका रेट 60 से 80 रुपए किलो है। आलू थोक में 26 रुपए किलो, तो रिटेल में 35-40 रुपए किलो मिल रहा है। पिछले हफ्ते इसका थोक भाव 15 रुपए प्रति किलो था। -पढ़ें पूरी खबर

3. फेसबुक, वॉट्सऐप और जूम पर सरकार नहीं करेगी तांक-झांक?

टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई को लगता है कि फेसबुक, वॉट्सऐप, टेलीग्राम समेत सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के लिए रेगुलेशन बनाने की कोई जरूरत नहीं है। यानी इन प्लेटफॉर्म्स पर यूजर को जो करना है, करने दो। सरकार को तांक-झांक नहीं करनी चाहिए। ट्राई की इन सिफारिशों पर सरकार को फैसला लेना है। इन सिफारिशों से टेलीकॉम ऑपरेटर नाराज हैं। -पढ़ें पूरी खबर

4. जेईई टॉपर लड़की की कहानी

इंजीनियरिंग की ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (JEE) की टॉपर्स लिस्ट में लड़कियों की मौजूदगी नहीं होने के मिथक को 17 साल की तनुजा चक्कू ने तोड़ दिया है। 2020 के JEE Main के रिजल्ट में 24 टॉपर्स की लिस्ट में तेलंगाना की रहने वाली तनुजा अकेली लड़की हैं, जिन्होंने 100 पर्सेंटाइल हासिल किए हैं। -पढ़ें पूरी खबर

5. चीन पर सरकार का बयान

चीन के साथ ताजा विवाद पर सरकार ने पहली बार संसद में बयान दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में कहा कि चीन ने एलएसी और अंदरूनी इलाकों में भारी तादाद में सेना के जवानों की तैनाती की है और गोला-बारूद जमा किया है। हमने भी जवाबी कदम उठाए हैं। इस बार हालात पहले से काफी अलग हैं। -पढ़ें पूरी खबर

6. IPL के टॉप रिकॉर्ड्स

आईपीएल यूएई में 19 सितंबर से शुरू हो रहा है। पिछले 12 सीजन में भारतीयों ने कई दिलचस्प रिकॉर्ड बनाए हैं। जैसे- लीग के सबसे महंगे खिलाड़ी विराट कोहली ने सबसे ज्यादा 5412 रन बनाए हैं। हरभजन सिंह ने सबसे ज्यादा 1249 डॉट बॉल्स फेंकी हैं। -पढ़ें पूरी खबर

7. शुक्र ग्रह पर एलियन!

शुक्र ग्रह पर एलियन होने के संकेत मिले हैं। वैज्ञानिकों ने इसे दूसरे ग्रहों पर जीवन की तलाश में अब तक की सबसे अहम खोज बताया है। शुक्र ग्रह के एसिटिक बादलों में फॉस्फीन गैस मिली है। यह बायोलॉजिकल प्रोसेस से पैदा होती है। इसी वजह से सोलर सिस्टम में एलियन होने की संभावना फिर जाग गई है। -पढ़ें पूरी खबर

अब 16 सितंबर का इतिहास

1920: न्यूयॉर्क में वॉल स्ट्रीट पर बम ब्लास्ट में 38 लोग मारे गए। अब तक पता नहीं चला कि ब्लास्ट किसने कराया।

1978: ईरान के तबास इलाके में 7.7 तीव्रता का भूकंप आया था। 20 हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे।

1994: यूएन ने इंटरनेशनल डे फॉर द प्रिवेंशन ऑफ द ओजोन लेयर की शुरुआत की।

आखिर में बात कवि श्यामलाल गुप्त की, जिनका आज ही के दिन जन्म हुआ था। इनका लिखा गीत ‘झण्डा ऊंचा रहे हमारा’ बेहद लोकप्रिय हुआ। पढ़ें, इस लोकप्रिय गीत के बोल...



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Morning News Brief 16 september 2020 Kangana's question to jaya bachchan Potato-onion rate doubled in a week


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मंगलवार, 15 सितंबर 2020

जबलपुर में ननद और भाभी मिलकर चलाती हैं डेयरी, सालाना 2 करोड़ रु का टर्नओवर; ऑर्डर से डिलीवरी तक सबकुछ ऑनलाइन

मध्य प्रदेश के जबलपुर की वंदना अग्रवाल और डॉक्टर मोनिका अग्रवाल रिश्ते में ननद - भाभी हैं। दोनों में जबरदस्त बॉन्डिंग है, पारिवारिक भी और बिजनेस पार्टनर के तौर पर भी। दोनों मिलकर जबलपुर में डेयरी चलाती है, वो भी हाईटेक डेयरी जहां पूरा सिस्टम कैशलेश और ऑनलाइन है, डिलीवरी से लेकर मेंटेनेंस तक सबकुछ। अभी ये लोग करीब 400 घरों में दूध, पनीर और खोया सप्लाई करती हैं।

वंदना अग्रवाल ने एनवायरमेंटल साइंस से मास्टर्स किया है जबकि मोनिका अग्रवाल वेटरनरी डॉक्टर हैं। वंदना के पापा और हसबैंड दोनों वेटरनरी डॉक्टर हैं। यानी परिवार में तीन लोग वेटरनरी डॉक्टर हैं, इसलिए पशुओं से लगाव होना स्वभाविक है।

वंदना कहती हैं, '2008 में मेरे बेटे की तबीयत खराब हो गई। डॉक्टर ने कहा कि बाहर का दूध नहीं पिलाना है। पैकेट वाला तो बिलकुल भी नहीं। फिर भाई ने भैंस खरीदी और हमने घर का दूध बच्चे को पिलाना शुरू किया। कुछ समय बाद पापा ने कहा कि हमें कुछ ऐसा करना चाहिए जिससे हमें भी शुद्ध दूध मिले और दूसरों को भी। हमें भी उनका सुझाव ठीक लगा। सोचा, चलो कोशिश करके देखते हैं। इसके बाद मेरे भाई ने चार भैंसों से दूध का छोटा-मोटा काम शुरू किया। तब हमने डेयरी खोलने का या इस तरह से स्टार्टअप शुरू करने के बारे में नहीं सोचा था।

अभी इनके पास 200 से ज्यादा भैंस और 10-12 गायें हैं। ये लोग 400 से ज्यादा घरों में हम दूध की सप्लाई करते हैं।

वंदना बताती हैं, ' पिछले साल भाई ने कहा कि हमें इस काम को आगे बढ़ाना चाहिए। लेकिन परेशानी यह थी कि वह अकेले इस काम को कैसे मैनेज करेगा। फिर मैंने और भाभी ने यह तय किया कि हम दोनों मिलकर बिजनेस संभालेंगे, पापा ने भी हमारा भरपूर साथ दिया। इसके बाद हमने बैंक से लोन लिया और अपनी डेयरी शुरू कर दी।

वंदना प्रोडक्ट प्रमोशन और डिलीवरी का काम संभालती हैं। कहती हैं, 'शुरुआत में कस्टमर्स तक पहुंचने का जरिया माउथ पब्लिसिटी था। जिन्हें हमारा प्रोडक्ट पसंद आता था वे इसके बारे में दूसरों को भी बताते थे। फिर हमने पोस्टर्स चिपकाए और पम्फलेट बांटे, अखबार में इश्तेहार भी दिया। इस तरह धीरे-धीरे हमारे कस्टमर्स बढ़ते गए। साथ ही हमारे यहां पशुओं की संख्या भी बढ़ती गई। अभी हमारे पास 200 से ज्यादा भैंस और 10-12 गायें हैं। 400 से ज्यादा घरों में हम दूध की सप्लाई करते हैं। सालाना 2 करोड़ रुपए का टर्नओवर है। 25 लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं।

वंदना बताती हैं कि गाय और भैंस का दूध निकालने के बाद उसे अलग- अलग कंटेनर में स्टोर करते हैं। इसके बाद उसकी क्वालिटी की जांच करते हैं।

वंदना की भाभी मोनिका अग्रवाल प्रोडक्ट की क्वालिटी, पशुओं की देखभाल और अकाउंट मेंटेन करने का काम करती हैं। कहती हैं, ' एक डॉक्टर होने के नाते मैं पशुओं के स्वास्थ्य के साथ - साथ उनके दूध की क्वालिटी की भी जांच करती हूं। अगर किसी पशु की तबीयत खराब है या दूध में किसी तरह की दिक्कत है, तो हम उसे अलग आइसोलेट कर लेते हैं। सिर्फ स्वस्थ पशुओं के दूध को ही कस्टमर्स तक पहुंचाते हैं, किसी भी परिस्थिति में हम क्वालिटी से कॉम्प्रोमाइज नहीं करते हैं। यही हमारी ताकत है, यूएसपी है।

कैसे तैयार करते हैं प्रोडक्ट

वंदना बताती हैं कि गाय और भैंस के दूध को अलग- अलग कंटेनर में स्टोर करते हैं। इसके बाद दूध की क्वालिटी की जांच करते हैं। फिर इसे ठंडा करने के लिए बल्क मिल्क कूलर यानी बीएमसी में डालते है। वहां से दूध पैकिंग यूनिट में जाता हैं, जहां उसकी पैकिंग होती है। इसी तरह हम लोग पनीर और खोया भी तैयार करते हैं।

एप्प की मदद से ऑर्डर , डिलीवरी और पेमेंट
वंदना बताती हैं कि हमने दूध और दूसरे प्रोडक्ट की सप्लाई के लिए एक एप्प बनवाया है। 24K milk नाम से यह एप्प गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध हैं। इसे डाउनलोड करने के बाद अपना अकाउंट क्रिएट करना होता है। उसके बाद ऑनलाइन वॉलेट में कुछ अमाउंट ऐड करना होता है।

इसके साथ ही सभी कस्टमर्स को हमने मिल्क स्मार्ट कार्ड दिया है, जिसपर क्यूआर कोर्ड लगा है। जब दूध डिलीवरी करने वाला उनके घर जाता है तो मोबाइल से उनके कार्ड को स्कैन करता है। कार्ड स्कैन करते ही उसके वॉलेट से पैसे कट जाते हैं।

वंदना कहती हैं, ' अगर किसी कस्टमर को किसी दिन दूध नहीं चाहिए तो उसे हमें फोन करने की जरूरत नहीं है। वह एप्प पर अपना वैकेशन डाल सकता है। इतना ही नहीं अगर उसे एक्स्ट्रा दूध या कोई और प्रोडक्ट चाहिए तो उसे भी एप्प के जरिए वह बता सकता है। अगले दिन जब डिलीवरी बॉय उनके घर जाएगा तो दूध के साथ दूसरा प्रोडक्ट भी साथ लेते जाएगा।

दूध की सप्लाई के लिए इन्होंने स्पेशल वैन रखा है। जिसमें दूध को ठंडा रखने की भी व्यवस्था है ताकि गर्मी के चलते दूध खराब नहीं हो।

वो कहती हैं कि सबकुछ कैशलेश और ऑनलाइन होने की वजह से हिसाब- किताब रखने में भी आसानी होती है। रोज का हिसाब, किसको कब-कब कितने का प्रोडक्ट दिया और कब किसकी छुट्टी रही, सबकुछ ऑन रिकॉर्ड होता है।इसके साथ ही जो लोग हमारे रेगुलर कस्टमर नहीं हैं, वे भी हमें फोन करके ऑर्डर कर सकते हैं। हमारे डिलीवरी बॉय के पास एक्सट्रा स्मार्टकार्ड होता है जिससे वे स्कैन कर उन्हें दूध दे देते हैं।

वंदना बताती हैं कि कोरोना के टाइम ऑनलाइन सिस्टम होने का बहुत फायदा हुआ। हमने अपने कस्टमर के घर के दरवाजे या दीवार पर क्यूआर कोर्ड चस्पा कर दिया था। हम उनके यहां दूध रखते थे और हमारे डिलीवरी करने वाले अपने फोन से क्यूआर कोर्ड स्कैन कर लेते थे।

बाहर से चारा खरीदने की जरूरत नहीं होती, गोबर से तैयार करते हैं खाद

वंदना कहती हैं, ' हमें पशुओं के लिए बाहर से चारा खरीदने की जरूरत नहीं होती है। हम अपने फार्म पर ही उनके लिए चारा उगाते हैं और उनके खाने की चीजें तैयार करते हैं। पशुओं के गोबर से हम लोग खाद तैयार करते हैं और आसपास के किसानों को बेच देते हैं। आगे हम गोबर गैस का प्लांट भी लगाने वाले हैं।

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मध्य प्रदेश के जबलपुर की वंदना अग्रवाल और डॉ. मोनिका अग्रवाल डेयरी चलाती हैं। एक साल पहले उन्होंने इसकी शुरुआत की थी। आज 400 उनके कस्टमर्स हैं, 200 से ज्यादा पशु हैं।


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चीन की पूर्व वायरोलॉजिस्ट का दावा- वुहान की सरकारी लैब से ही निकला कोरोनावायरस; ट्रम्प ने भी यही आरोप लगाया था

चीन की एक महिला डॉक्टर ने दावा किया है कि कोरोनावायरस वुहान की सरकारी लैब से निकला था। डॉक्टर लि मेंग यान के मुताबिक, वे वुहान की उसी सरकारी लैब में निमोनिया पर रिसर्च कर रहीं थीं, जहां से कोरोनावायरस निकला। यान ने वही बात दोहराई है जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कई महीनों से कहते आ रहे हैं। ट्रम्प ने मई में कहा था- हम सही वक्त पर दुनिया के सबूत रखेंगे कि कोरोना वुहान के लैब से ही निकला है और यह चीन की साजिश है।

मेरे पास वुहान के सबूत मौजूद
ब्रिटेन के एक टीवी टॉक शो में यान ने कहा- इस बात के साइंटिफिक एविडेंस यानी वैज्ञानिक प्रमाण हैं कि कोरोनावायरस वुहान के सरकारी लैब से ही निकला। मैं यह साबित भी कर सकती हूं। इसे जानबूझकर तैयार किया गया। वुहान ही इस वायरस का एपिसेंटर था। दुनिया को धोखा देने के लिए इस साजिश को छिपाने की भी कोशिश की गई।

कौन हैं डॉक्टर मेंग
डॉक्टर लि मेंग यान बीजिंग की रहने वाली है। पेशे से वॉयरोलॉजिस्ट और इम्युनोलॉजिस्ट हैं। वे हॉन्गकॉन्ग में भी रह चुकी हैं। वहां से अमेरिका आ गईं। यान ने कहा- जब कोरोनावायरस फैलने लगा तो मैंने इसकी जानकारी अपने अफसर को दी। खास बात ये है कि वो अफसर डब्ल्यूएचओ में कन्सलटेंट भी हैं, लेकिन मेरी बात को उन्होंने अनसुना कर दिया। हर किसी ने मुझे चुप रहने को कहा। मुझसे यहां तक कहा गया कि अगर इस बारे में मुंह खोला तो मुझे गायब कर दिया जाएगा।

अमेरिकी दावे पर मुहर
अमेरिका ने चीन पर आरोप लगाया था कि चीन वुहान लैब का सच छिपा रहा है। इसमें डब्ल्यूएचओ भी मदद कर रहा है। ट्रम्प ने तो डब्ल्यूएचओ की फंडिंग पर ही रोक लगा दी। यह अब भी जारी है। यान का दावा है कि शी जिनपिंग सरकार की इस हरकत को दुनिया के सामने लाने के लिए उन्होंने चीनी मूल के एक अमेरिकी यूट्यूबर से संपर्क किया था। यान के मुताबिक, वुहान का यह लैब चीनी सेना के अधिकार में आता है।

यान ने कहा कि वे जल्द ही चीन की इस साजिश के बारे में सबूत भी पेश करेंगी। वे इस बारे में एक रिपोर्ट तैयार कर रही हैं।

कोरोना पर चीन की साजिश की आप ये खबर भी पढ़ सकते हैं...

वुहान में कोरोना के सबूत से छेड़छाड़:चीनी प्रोफेसर ने कहा- महामारी को लेकर जानकारी छिपाई गई, जांचकर्ताओं के जाने से पहले ही मार्केट साफ कर दिया गया था



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चीन की रहने वाली डॉक्टर लि मेंग यान ने दावा किया है कि कोरोनावायरस वुहान की लैब से ही निकला। इसे वहीं तैयार किया गया था। मेंग हॉन्गकॉन्ग के रास्ते अमेरिका पहुंची हैं। (फाइल)


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घट रहा है इंजीनियरिंग के प्रति आकर्षण, 2015 से लगातार घट रहे हैं एआईसीटीई कॉलेजों में एनरोलमेंट

भारत में हर साल लाखों लोग इंजीनियरिंग की डिग्री लेकर कॉलेज से निकलते हैं, लेकिन ज्यादातर रोजगार योग्य नहीं होते और नौकरी हासिल नहीं कर पाते। नेशनल एम्पलॉयबिलीटी रिपोर्ट 2019 के मुताबिक 80 प्रतिशत छात्रों को नौकरी नहीं मिल पाती। बेरोजगारी के चलते इंजीनियर बनने के बाद भी छात्र चौकीदारी करने को तैयार दिखाई देते हैं। इससे इंजीनियरिंग के डिग्री के प्रति पिछले कुछ वर्षों में आकर्षण कम हुआ है।

  • ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन के मुताबिक 2018-19 में इंजीनियरिंग के यूजी कोर्स में 37.70 लाख एनरोलमेंट हुए। भारत में 2010 से 2015 के बीच आईटी इंडस्ट्री के बूम पर होने से देश में सैकड़ो इंजीनियरिंग कॉलेज खुले। लेकिन 2015 से हर साल हजारों इंजीनियरिंग सीटें खाली हैं। ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) के मुताबिक 2019 में 15 लाख सीटों में से 10 लाख सीटें खाली थी। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह अनस्किल्ड इंजीनियर्स हैं।

  • कंप्यूटर साइंस के प्रोफेसर प्रभात अग्रहरि का कहना है कि इंडस्ट्री में बहुत तेजी से ऑटोमेशन बढ़ रहा है, जिससे कम लोगों में बेहतर काम हो जाता है। इसके अलावा भारत में इंजीनियर्स की डिग्री लेने वालों की संख्या डिमांड से चार गुना ज्यादा है। कुछ कॉलेजों में इंजीनियरिंग की पढ़ाई ही नहीं कराई जाती। सरकार भी मॉनिटरिंग और इंस्पेक्शन के नाम पर औपचारिकता पूरी करती है। इससे कॉलेजों में सुधार नहीं हो रहा है।

भारत सरकार का क्वालिटी इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने वर्ल्ड बैंक के साथ मिलकर अप्रैल 2017 से टेक्निकल एजुकेशन का इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम शुरू किया था। यह प्रोजेक्ट कम इनकम वाले राज्यों पर फोकस के साथ शुरू हुआ था। बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, सिक्किम और त्रिपुरा के साथ ही दो केंद्रशासित प्रदेशों में यह लागू हुआ था। तीन साल तक वर्ल्ड बैंक से टीचरों का खर्च उठाया गया, उसके बाद यह जिम्मेदारी राज्यों को दी गई थी। राज्यों में पहले से मौजूद इंजीनियरिंग संस्थानों में टेक्निकल एजुकेशन की क्वालिटी सुधारने के लिए टीईक्यूआईपी प्रोग्राम के तीन चरण शुरू किए गए थे।

इस प्रोजेक्ट के तीसरे चरण में अप्रैल 2017 में 10 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के 53 इंजीनियरिंग कॉलेजों में 1,554 असिस्टेंट प्रोफेसर अपॉइंट किए गए थे। इनमें भी ज्यादातर भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (NITs) से पढ़े हुए हैं। शुरुआत में तीन साल के लिए इन्हें अनुबंध पर रखा गया। इनका कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा है। इसके रिन्युअल को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ है। इन टीचर्स ने प्रदर्शन किया तो 6 महीने के लिए कार्यकाल बढ़ा दिया। राज्यों ने अब तक कोई निर्णय नहीं लिया है।

इस प्रोग्राम के तहत पढ़ा रहे टीचरों में 38% एमटेक हैं, 37% ऐसे हैं जो पीएचडी कर रहे हैं, 22% टीचर पीएचडी हैं और 3% पोस्ट डाक्टरेट हैं।



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Engineers Day today |Poor Quality Engineering Colleges in the Country | More than 50% of the Colleges have no Permanent Teachers | Private Colleges are Low Quality


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61 साल पहले बना दूरदर्शन, भारत रत्न विश्वेश्वरैया का जन्मदिन जिसे हम इंजीनियर्स डे के तौर पर मनाते हैं

भारत में टीवी और दूरदर्शन का इतिहास एक-सा है। 15 सितंबर 1959 को दिल्ली में दूरदर्शन की शुरुआत हुई। तब यह टेस्टिंग फेज में था। नाम दिया गया था टेलीविजन इंडिया। 1975 में दूरदर्शन नाम रखा गया। भले ही टीवी आज बुद्धू बक्सा बन गया हो और इस पर चौबीसों घंटे दुनिया तमाम के चैनल नजर आते हैं, लेकिन हमेशा से ऐसा नहीं रहा है। जब दूरदर्शन शुरू हुआ तो सप्ताह में तीन दिन आधा-आधा घंटे प्रसारण होता था। 1965 में दूरदर्शन पर रोजाना कार्यक्रम प्रसारित होने लगे। पांच मिनट के न्यूज बुलेटिन भी शुरू हुए। लेकिन, टीवी की ग्रोथ शुरुआत में बेहद धीमी रही। 1975 तक सिर्फ सात शहरों तक पहुंच सका था। 1982 में रंगीन टीवी आए और एशियाई खेलों के प्रसारण ने तो इसकी लोकप्रियता को कई गुना बढ़ा दिया था। यहीं से टीवी का कायापलट हुआ। नए-नए प्रोग्राम बनने लगे। धीरे-धीरे सुबह और फिर दोपहर को प्रोग्राम प्रसारित होने लगे। शाम को रोज प्रसारित होने वाला कृषि दर्शन, हफ्ते में दो बार चित्रहार और रविवार को आने वाली रंगोली की लोकप्रियता की बराबरी आज का कोई प्रोग्राम नहीं कर सकता। 1966 में शुरू हुए कृषि दर्शन का योगदान देश में हरित क्रांति लाने में भी रहा है। आज 2 राष्‍ट्रीय और 11 क्षेत्रीय चैनलों के साथ दूरदर्शन के कुल 21 चैनल प्रसारित होते हैं। 14 हजार जमीनी ट्रांसमीटर और 46 स्‍टूडियो के साथ यह देश का सबसे बड़ा प्रसारणकर्ता है।

विश्वेश्वरैया का जन्मदिन यानी इंजीनियर्स डे

भारत रत्न एम विश्वेश्वरैया

मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का जन्म 15 सितंबर 1861 को कर्नाटक में कोलार जिले के चिक्काबल्लापुर तालुका में हुआ था। उनके पिता श्रीनिवास शास्त्री संस्कृत के विद्वान और आयुर्वेद चिकित्सक थे। वर्ष 1883 में इंजीनियरिंग की परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण करने वाले एम. विश्वेश्वरैया का पसंदीदा विषय सिविल इंजीनियरिंग था। करियर के आरंभिक दौर में ही एम. विश्वेश्वरैया ने कोल्हापुर, बेलगाम, धारवाड़, बीजापुर, अहमदाबाद एवं पूना समेत कई शहरों में जल आपूर्ति परियोजनाओं पर खूब काम किया था। 1909 में उन्हें मैसूर राज्य का मुख्य अभियंता नियुक्त किया गया। वह रेलवे सचिव भी थे। कृष्णराज सागर बांध के निर्माण के कारण मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का नाम पूरे विश्व में सबसे अधिक चर्चा में रहा था। बांध के स्वचलित दरवाजों की जिस तकनीक का इस्तेमाल किया, उसे यूरोप सहित विश्व के अन्य देशों ने भी अपनाया। विश्वेश्वरैया औद्योगिक विकास के समर्थक थे। वह उन शुरुआती लोगों में से एक थे, जिन्होंने बेंगलुरू स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान में धातुकर्म विभाग, वैमानिकी, औद्योगिक दहन एवं इंजीनियरिंग जैसे अनेक नए विभागों को आरंभ करने का स्वप्न देखा था। 1955 में उन्हें भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

आज ही के दिन शुरू हुआ था चीन और जापान में पहला युद्ध

चीन-जापान युद्ध 1894-95 में चीन और जापान के बीच कोरिया पर प्रशासनिक तथा सैन्य नियंत्रण को लेकर लड़ा गया था। जापान की मेइजी सेना इसमें विजयी हुई थी जिसके चलते कोरिया और ताइवान का नियंत्रण जापान के हाथ में चला गया। इस युद्ध में हार के कारण चीन को जापान के आधुनिकीकरण का लाभ समझ में आया और बाद में चिंग राजवंश के खिलाफ 1911 मे क्रांति हुई। जापान ने अपने साम्राज्यवाद का मुख्य लक्ष्य चीन को बनाया और सर्वप्रथम कोरिया में उसने चीन के साथ अपनी शक्ति का प्रयोग किया। कोरिया अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से जापान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण था। इसलिए कोरिया प्रायद्वीप में जापान की बहुत रूचि थी। चीन के मंचू सम्राटों ने 17वीं शताब्दी में कोरिया पर अधिकार कर लिया था और तभी से कोरिया चीन का अधीन प्रदेश माना जाता था। कोरिया का स्वतंत्र राजा चीन के सम्राट को अपना सबकुछ मानता था। इस तरह कोरिया का राज्य चीन के एक संरक्षित राज्य के समान था। कोरिया प्रायद्वीप में जापान का परंपरागत स्वार्थ था जो इस युद्ध का कारण बना ।

इतिहास में आज के दिन को इन घटनाओं के लिए भी याद किया जाता है......

  • 1812ः नेपोलियन के नेतृत्व में फ्रांसीसी सेना मास्को के क्रैमलिन पहुंची।
  • 1982ः लेबनान के निर्वाचित राष्ट्रपति बशीर गेमायेल की पदासीन होने के पूर्व ही बम बिस्फोट में हत्या।
  • 1916ः प्रथम विश्व युद्ध में पहली बार सोम्मे की लड़ाई में टैंक का इस्तेमाल किया गया।
  • 1948ः स्वतंत्र भारत का पहला ध्वजपोत आईएनएस दिल्ली बंबई (अब मुंबई) के बंदरगाह पर पहुंचा।
  • 1971ः हरी-भरी और शांति पूर्ण दुनिया के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध ग्रीन पीस की स्थापना की गई।
  • 1981ः वानुअतु संयुक्त राष्ट्र संघ का सदस्य बना।
  • 2001ः अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रपति को अफ़ग़ानिस्तान पर सैनिक कार्यवाही की मंजूरी दी।
  • 2002ः न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के अवसर पर भारत, चीन एवं रूस के विदेश मंत्रियों की बैठक आयोजित।
  • 2003ः सिंगापुर के मुद्दे पर विकासशील देशों के भड़क उठने से डब्ल्यूटीओ वार्ता विफल।
  • 2004ः ब्रिटिश नागरिक गुरिंदर चड्ढा को 'वुमन आफ़ द ईयर' सम्मान।


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Today History for August 20th/ What Happened Today | start of doordarshn birth of visvesvaraya sino-japan 1st war


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फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर बिन्नी बंसल से लेकर अजीम प्रेमजी और मुकेश अंबानी तक की कंपनियों की जासूसी, चीन की सरकार से जुड़ी फर्म नजर रख रही

बॉर्डर पर धोखा देने वाला चीन भारत की इकोनॉमी की भी जासूसी कर रहा है। चीन की सरकार से जुड़ी झेन्हुआ डेटा इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कंपनी भारत के टेक स्टार्पअप्स से लेकर पेमेंट और हेल्थकेयर ऐप्स तक, छोटी से लेकर बड़ी कंपनियों तक के अधिकारियों पर नजर रख रही है।

झेन्हुआ के डेटाबेस में ऐसी 1400 एंट्रीज मिली हैं। इनमें अजीम प्रेमजी की कंपनी से लेकर मुकेश अंबानी तक की कंपनियां शामिल हैं। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी पड़ताल के दूसरे हिस्से में यह खुलासा किया है।

इन बड़े लोगों की ट्रैकिंग की जा रही
टी के कुरियन, चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर, प्रेमजी इन्वेस्ट
अनीष शाह, ग्रुप सीएफओ, महिंद्रा ग्रुप
पीके एक्स थॉमस, सीटीओ, रिलायंस ब्रांड्स
ब्रायन बेड, सीईओ, रिलायंस रिटेल

इन्वेस्टिगेशन पार्ट-2 के मुताबिक रेलवे में इंटर्नशिप कर रहे इंजीनियरिंग स्टूडेंट से लेकर बड़ी-बड़ी कंपनियों के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर तक झेन्हुआ की नजर में हैं। इस लिस्ट में वेंचर कैपिटलिस्ट, एंजल इन्वेस्टर्स, देश के उभरते स्टार्टअप्स, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के फाउंडर और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर भी शामिल हैं।

नए दौर के इन एंटरप्रेन्योर पर नजर
बिन्नी बंसल, फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर
दीपेंदर गोयल, जोमैटो के फाउंडर
नंदन रेड्डी, स्विग्गी के को-फाउंडर
फाल्गुनी नायर, न्याका की को-फाउंडर
नमीत पोन्टिस, पेयू के बिजनेस हेड

डिजिटल हेल्थ और डिजिटल एजुकेशन सेक्टर की ज्यादा निगरानी
नोटबंदी के बाद से मोदी सरकार लगातार डिजिटल पेमेंट को बढ़ाने पर जोर दे रही है। लेकिन, चीन की कंपनी न सिर्फ डिजिटल पेमेंट ऐप्स बल्कि, डिजिटल हेल्थ और डिजिटल एजुकेशन सेक्टर को भी ट्रैक कर रहा है। एजुकेशन सेक्टर में ओलिव बोर्ड से लेकर बायजू रवींद्रन के बायूज ऐप तक पर नजर रखी जा रही है।

इन पेमेंट, डिलीवरी ऐप्स की भी ट्रैकिंग
पेटीएम
रेजरपे
फोनपे
पाइन लैब्स
एवेन्यूज पेमेंट
सीसी एवेन्यूज
एफएसएस पेमेंट गेटवे
बिगबास्केट
डेली बाजार
जैप फ्रेश
जोमैटो, स्विग्गी, फूड पांडा

मोदी समेत 10 हजार बड़े लोगों-संस्थाओं की जासूसी
यह खुलासा सोमवार को हुआ था कि झेन्हुआ डेटा इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी 10 हजार भारतीय लोगों और संगठनों की निगरानी कर रही है। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उनका परिवार, कई कैबिनेट मंत्री और मुख्यमंत्री शामिल हैं।



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बिन्नी बंसल (बाएं) और अजीम प्रेमजी। चीन की डेटा कंपनी प्रेमजी की वेंचर कैपिटल कंपनी प्रेमजी इन्वेस्ट के ऑफिसर को ट्रैक कर रही है।


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