मंगलवार, 6 अक्टूबर 2020

महागठबंधन की सरकार बनी तो बिहार के सबसे युवा सीएम होंगे तेजस्वी, लेकिन देश के सबसे युवा मुख्यमंत्री का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाएंगे

महागठबंधन में सीटों का बंटवारा होते-होते आखिरकार हो ही गया। पिछली बार नीतीश के पीछे खड़ी राजद इस बार ड्राइविंग सीट पर होगी। लालू यादव के छोटे लाल तेजस्वी इस बार सीएम पद का चेहरा होंगे। तेजस्वी अभी हैं तो 30 साल के, लेकिन विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के ठीक एक दिन पहले 9 नवंबर को 31 के हो जाएंगे।

तेजस्वी इस वक्त सबसे युवा सीएम उम्मीदवार हैं और अगर मुख्यमंत्री बन जाते हैं, तो बिहार के सबसे युवा सीएम भी होंगे। बिहार में अब तक सतीश प्रसाद सिंह सबसे युवा मुख्यमंत्री रहे हैं। हालांकि, वे कार्यवाहक थे और 28 जनवरी 1968 से 1 फरवरी 1968 तक ही सीएम थे। जिस वक्त सतीश प्रसाद सिंह मुख्यमंत्री बने थे, उस वक्त उनकी उम्र 32 साल थी।

हालांकि, तेजस्वी बिहार के सीएम बन जाते हैं तो भी देश के सबसे युवा सीएम का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाएंगे। इस लिस्ट में उनका नाम दूसरे नंबर पर ही रहेगा। देश के पहले युवा मुख्यमंत्री हसन फारूख थे, जो पुड्डुचेरी के सीएम रहे थे। फारूख 1967 में महज 29 साल की उम्र में सीएम बन गए थे।

सबसे युवा डिप्टी सीएम भी रह चुके हैं तेजस्वी

बात 2015 के विधानसभा चुनावों की है। भाजपा की तरफ से नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित किए जाने से नाराज होकर नीतीश कुमार ने एनडीए छोड़ दिया था। 2015 में नीतीश की जदयू, राजद और कांग्रेस के साथ महागठबंधन में शामिल हो गई। चुनाव में महागठबंधन को बहुमत मिला। राजद ने 80, जदयू ने 71 और कांग्रेस ने 27 सीटें जीतीं। नीतीश कुमार सीएम बने और तेजस्वी यादव डिप्टी सीएम।

जिस वक्त तेजस्वी यादव ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी, उससे कुछ दिन पहले ही उन्होंने अपना 26वां जन्मदिन मनाया था। राजद की मानें तो तेजस्वी यादव अब तक भारत के सबसे युवा डिप्टी सीएम हैं। हालांकि, वे ज्यादा समय तक इस पद पर नहीं रह पाए और जुलाई 2017 में नीतीश के महागठबंधन छोड़ते ही तेजस्वी को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।

क्रिकेटर बनने की इच्छा थी, आईपीएल भी खेले

9 नवंबर 1989 को जन्मे तेजस्वी यादव को कभी क्रिकेटर बनने का शौक चढ़ा था। उन्होंने रणजी ट्रॉफी का एक मैच भी खेला, जिसमें सिर्फ 20 रन ही बना सके थे। साथ ही झारखंड के लिए भी दो मैच खेल चुके हैं। इन दोनों मैचों को मिलाकर उन्होंने सिर्फ 14 रन बनाए थे।

तेजस्वी 2008, 2009, 2011 और 2012 में आईपीएल की टीम दिल्ली डेयरडेविल्स का भी हिस्सा रहे हैं। हालांकि, यहां भी कुछ खास कमाल नहीं कर सके। आखिरकार क्रिकेट छोड़कर उन्हें राजनीति में ही आना पड़ा।

सबसे कम उम्र के सीएम का रिकॉर्ड इनके नाम

युवा मुख्यमंत्री की बात हो और हसन फारूख का जिक्र न हो, ऐसा नहीं हो सकता। हसन फारूख के नाम देश के सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है, जो आज भी कायम है। फारूख महज 29 साल की उम्र में पुड्डुचेरी के मुख्यमंत्री बन गए थे। वे तीन बार यहां के मुख्यमंत्री बने थे। पहली बार 9 अप्रैल 1967 से 6 मार्च 1968 तक। दूसरी बार 17 मार्च 1969 से 3 जनवरी 1974 तक और तीसरी बार 16 मार्च 1985 से 4 मार्च 1990 तक।

6 सितंबर 1937 को जन्मे हसन फारूख तीन बार सांसद भी रह चुके हैं। 1991 में पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में मंत्री भी बने। 2010 में झारखंड के गवर्नर और 2011 में केरल के गवर्नर बने। 26 जनवरी 2012 को उनका निधन हो गया।



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Bihar Election 2020; Tejashwi Yadav Mahagathbandhan CM Face Candidate | RJD Chief Tejashwi Political Journey From Cricketer To Bihar Deputy Chief Minister (CM)


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भाजपा के मौन के बीच लोजपा के जाने से नीतीश को कितना नुकसान? कहीं ऐसा न हो कि चुनाव बाद सरकार तो एनडीए की बने, लेकिन सीएम नीतीश न हों

सब कुछ वैसा ही हो रहा है जैसी उम्मीद जताई जा रही थी। चिराग पासवान ने नीतीश पर हमले से जो शुरुआत की थी, रविवार को उसकी पूर्णाहुति हो गई। लोजपा ने घोषणा कर दी कि वह हर उस सीट पर लड़ेगी, जहां जदयू प्रत्याशी होंगे।

भाजपा ने भी इस पूरे मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं देकर मुहर ही लगा दी। मतलब चुनावी बिसात पर खेलने के लिए ‘एक और एनडीए’ को मूक सहमति दे दी। वैसे मंशा तो ‘मोदी से कोई बैर नहीं, नीतीश तेरी खैर नहीं’ वाले पोस्टर से शनिवार को ही साफ हो गई थी। मतलब एक ऐसी कहानी का प्लॉट तैयार है, जिसका क्लाइमैक्स अभी से समझा जा सकता है।

लोजपा पिछली बार 2 सीटें जीती थी, लेकिन 36 पर दूसरे और 2 पर तीसरे नंबर पर थी
अब जबकि लोजपा एनडीए से बाहर है और भाजपा-जदयू आधे-आधे पर लड़ने का फैसला कर चुके हैं, तो बहुत कुछ साफ है। लेकिन उतना भी साफ नहीं जितना दिखाई दे रहा है। पिछले चुनाव (2015) की बात करें तो भाजपा 157, जदयू 101 और लोजपा 42 सीटों पर लड़ी थी। तब भाजपा 53 सीटों पर जीती। 104 सीटें ऐसी थीं, जहां वह नम्बर 2 पर रही। आज के हालात में उसके हाथ में 121 या 122 से ऊपर सीटें नहीं हैं। ऐसे में जहां वह जदयू के साथ है वो तो ठीक, लेकिन जिन सीटों पर भाजपा खुद नहीं लड़ेगी, वहां क्या करेगी यह सोचने-समझने का विषय है।

जानकार कहते हैं कि ऐसी सीटों पर लोजपा लड़ रही होगी और पीछे से ही सही उसे भाजपा का ‘साथ’ हासिल होगा। लोजपा पिछली बार जिन 42 सीटों पर लड़ी थी उनमें से वह जीती भले ही 2 ही सीटें हो, लेकिन 36 पर दूसरे और सिर्फ 2 पर तीसरे नंबर पर रही थी। अगर इस गणित से देखें तो भाजपा की जीती और नंबर 2-3 की सीटें मिलाकर 155 होती हैं और लोजपा की जीती-हारी मिलाकर 42 हो जाती हैं। ऐसे में लोजपा का उत्साहित होना स्वाभाविक है। तब और भी ज्यादा जब बड़ा बनने को आतुर भाजपा का पीठ पर हाथ हो। यानी भाजपा और लोजपा के एक और दो नंबर को मिला दें तो ये अकेले 195 सीटों पर प्रभावित करती दिखाई देती हैं और इसमें भी भाजपा का अपर हैण्ड दिखाई देता है।

लोजपा भले ही ज्यादा सीटें न जीते, लेकिन जदयू का खेल जरूर बिगाड़ेगी
अरविन्द मोहन कहते हैं कि अगर लोजपा ज्यादा सीटें नहीं जीत सकी तो भी जदयू यानी नीतीश का काम इतना तो बिगाड़ ही देगी कि उनका उबरना आसान नहीं रह जाएगा। मतलब साफ है, लोजपा जीते या हारे, खेल नीतीश का खराब होगा और लड्डू भाजपा के हाथ होगा। फरवरी 2005 के चुनाव में भी लोजपा ने लालू राज के प्रति लोगों की नाराजगी का फायदा उठाते हुए राजद को बड़ा नुकसान पहुंचाया था। तब लालू यादव के शासन के 15 साल पूरे हुए थे और लोगों में एक स्वाभाविक नाराजगी थी।

अब नीतीश राज के 15 साल पूरे हो रहे हैं। लोजपा इस बार भी एंटी इनकम्बेंसी को कैश कराने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेगी। यह तो तय है कि नीतीश राज से स्वाभाविक रूप से नाराज एक वोटर ऐसा भी होगा जिसे तेजस्वी को देखते ही लालू राज का वह दौर याद आएगा जिसे ‘सवर्ण विरोधी’ और ‘अराजकता का प्रतीक’ बताया जाता रहा है। ऐसा वोटर अगर नीतीश को छोड़कर राजद को नहीं भी अपनाना चाहेगा तो लोजपा के रूप में उसे एक नया विकल्प दिखाई देगा। वरिष्ठ पत्रकार इन्द्र्जीत सिंह मानते हैं कि अब सवर्ण भी मानने लगा है कि लालू मंच पर जो भी बोलते रहे हों, अंदर से कभी नीतीश जैसे नहीं थे। नीतीश ने तो सब को नाराज ही किया है। दलों को भी, ‘दलपतियों’ को भी।

एनडीए से लोजपा के अलग होने पर भाजपा को 2 फायदे
आंकड़े बताते हैं कि जदयू-भाजपा गठबंधन का ज्यादा फायदा भाजपा को मिलता है। अगर भाजपा पर्याप्त सीटें निकाल ले गई और चिराग (भाजपा के बैकडोर समर्थन से) जदयू को ठीक-ठाक नुकसान पहुंचा सके तो दो सूरतें उभर सकती हैं। पहली- अगर भाजपा बड़ी पार्टी बनकर उभरी और जदयू का साथ रखना उनकी ‘नैतिक’ मजबूरी हुई तो वह ‘बड़ा भाई’ बनकर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर दावा करना चाहेगी। दूसरी- अगर लोजपा किसी तरह 30 या उससे ऊपर सीट ला पाई तो नीतीश का खेल जितना खराब होगा, भाजपा का खेल उतना ही मजबूत।

यदि त्रिशंकु विधानसभा के हालात पैदा हुए तो खेल की एक सीटी भाजपा के हाथ में ही होगी, दूसरी लोजपा के हाथ। जानकार मानते हैं कि ऐसे में भाजपा नीतीश को मुख्यमंत्री नहीं देखना चाहेगी, और लोजपा का साथ उसे तभी मिलेगा जब मुख्यमंत्री का सेहरा नीतीश के सिर पर नहीं हो। इस हालात में भी भाजपा फायदे में ही रहेगी।

वरिष्ठ पत्रकार अम्बरीश की नजर में एक तीसरा विकल्प भी है, लेकिन यह तब की बात है जब गेम प्लान इतना सटीक बैठे कि भाजपा और लोजपा मिलकर ही सरकार बनाने की स्थिति में आ जाएं और नीतीश को किनारे लगाकर थोड़े बहुत जोड़तोड़ से अपनी सरकार बना लें। राजनीति में गठबंधन धर्म एक खूबसूरत जुमला भले हो, लेकिन चुनाव पूर्व और बाद में इस धर्म को धता बताने के तमाम उदाहरण हैं। 2005 से लेकर अब तक अकेले नीतीश कुमार ही ऐसे कई उदाहरण पेश कर चुके हैं।



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Bihar Election 2020; Chirag Paswan Vs Nitish Kumar | BJP Lok Janshakti Party- NDA Alliance Break-Up May Impact JDU Party Chief Nitish Kumar


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हाथरस की घटना पर योगी आदित्यनाथ ने कहा- ठाकुरों का खून गर्म होता है, गलतियां हो जाती हैं? जानिए वायरल हो रहे स्क्रीनशॉट की सच्चाई

क्या हो रहा है वायरल: सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस दुष्कर्म मामले में आरोपियों के पक्ष में एक विवादित बयान दिया है।

दावे के साथ ‘आज तक’ न्यूज चैनल का बताकर एक बुलेटिन का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया जा रहा है। इसमें लिखा है - ठाकुरों का खून गर्म होता है, गलतियां हो जाती हैं।

और सच क्या है?

  • इंटरनेट पर अलग-अलग की वर्ड सर्च करने से भी हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली। जिससे पुष्टि होती हो कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने हाथरस मामले में आरोपियों के समर्थन में कोई बयान दिया है।
  • वायरल हो रहे बुलेटिन के स्क्रीनशॉट में ऊपर लिखे योगी के बयान और नीचे चल रहे बयान के फॉन्ट में अंतर दिख रहा है। साफ है कि किसी एक हिस्से को बाद में एडिटिंग के जरिए जोड़ा गया है।
  • जिस बुलेटिन का स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है। उसके नीचे एक ब्रेकिंग न्यूज भी चल रही है, जिसमें लिखा है- हाथरस के SP, DSP को सस्पेंड किया गया। आज तक के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर हमें इस कार्यक्रम का असली वीडियो मिला।
  • वीडियो में एक मिनट बाद वो फ्रेम आता है। जिसका स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, इस बुलेटिन में वो बयान नहीं लिखा है, जो वायरल स्क्रीनशॉट में दिख रहा है।
  • इन सबसे स्पष्ट है कि योगी आदित्यनाथ के नाम पर वायरल हो रहे फेक बयान को आज तक के स्क्रीनशॉट में एडिटिंग के जरिए जोड़ा गया है।


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Fact Check: On the Rape incident of Hathras, Yogi Adityanath said - Thakurs' blood is heated, mistakes are made? Know the truth of screenshots going viral


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पिछले 2 सीजन में मुंबई इंडियंस से एक भी मैच नहीं हारी राजस्थान रॉयल्स; यशस्वी जायसवाल और वरुण एरॉन को मिल सकता है मौका

आईपीएल के 13वें सीजन का 20वां मैच मुंबई इंडियंस (एमआई) और राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के बीच आज अबु धाबी में खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच पिछले 2 सीजन में 4 मैच खेले गए, जिसमें हर बार राजस्थान रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस को हराया। इस सीजन में राजस्थान ने अब तक 4 में से 2 मैच जीते और 2 हारे हैं। मुंबई ने 5 में से 3 मैच जीते और 2 में शिकस्त झेली है।

राजस्थान ने सीजन में अपने दोनों मुकाबले शारजाह में ही जीते हैं। पिछले दो मैच हार चुकी राजस्थान टीम में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। युवा खिलाड़ी यशस्वी जायसवाल को जोस बटलर के साथ ओपनिंग करने का मौका मिल सकता है। वहीं, तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट की जगह वरुण एरॉन या कार्तिक त्यागी को मौका मिल सकता है।

रोहित शर्मा एंड टीम शानदार फॉर्म में
कप्तान रोहित शर्मा की मुंबई इंडियंस ने शुरुआती हार के बाद शानदार वापसी की है। उसने अपने 5 मुकाबलों में से 3 मैच जीते हैं। रोहित भी शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। हार्दिक पंड्या, ईशान किशन और कीरोन पोलार्ड भी लगातार रन बना रहे हैं। वहीं, पिछले मैच में क्विंटन डिकॉक ने भी रन बनाए थे। ऐसे में इस बार राजस्थान के लिए मुंबई को हराना आसान नहीं होगा।

मुंबई की गेंदबाजी भी जबरदस्त
मुंबई की गेंदबाजी भी पुराने रंग में लौट आई है। जसप्रीत बुमराह, ट्रेंट बोल्ट और जेम्स पैटिंसन टीम के लिए विकेट निकालने में कामयाब हुए हैं। वहीं, राहुल चाहर और क्रुणाल पंड्या ने भी अपनी फिरकी में बल्लेबाजों को फंसाया है।

राजस्थान की बल्लेबाजी बटलर-सैमसन पर निर्भर
राजस्थान रॉयल्स की बल्लेबाजी कप्तान स्टीव स्मिथ, जोस बटलर और संजू सैमसन पर निर्भर है। राहुल तेवतिया और महिपाल लोमरोर ने कुछ अच्छी पारियां खेली हैं, लेकिन मुंबई के खिलाफ जीतने के लिए टॉप-3 बल्लेबाजों को रन बनाना होंगे।

गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर पर जिम्मेदारी
राजस्थान की गेंदबाजी जोफ्रा आर्चर पर निर्भर हैं। मुंबई के इन-फॉर्म बल्लेबाजों को रोकने के लिए दूसरे गेंदबाजों को भी जिम्मेदारी उठानी होगी। ऐसे में श्रेयस गोपाल और टॉम करन का रोल अहम होगा। वरुण एरॉन की वापसी से टीम की गेंदबाजी मजबूत हो सकती है।

दोनों टीम के महंगे खिलाड़ी
राजस्थान में कप्तान स्मिथ 12.50 करोड़ और संजू सैमसन 8 करोड़ रुपए कीमत के साथ सबसे महंगे प्लेयर हैं। वहीं, मुंबई में कप्तान रोहित शर्मा सबसे महंगे खिलाड़ी हैं। टीम उन्हें एक सीजन का 15 करोड़ रुपए देगी। उनके बाद टीम में हार्दिक पंड्या का नंबर आता है, उन्हें सीजन के 11 करोड़ रुपए मिलेंगे।

पिच और मौसम रिपोर्ट
अबु धाबी में मैच के दौरान आसमान साफ रहेगा। तापमान 28 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। पिच से बल्लेबाजों को मदद मिल सकती है। यहां स्लो विकेट होने के कारण स्पिनर्स को भी काफी मदद मिलेगी। शेख जायद स्टेडियम में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद करेगी। यहां हुए पिछले 44 टी-20 में पहले गेंदबाजी करने वाली टीम की जीत का सक्सेस रेट 56.81% रहा है।

  • इस मैदान पर हुए कुल टी-20: 44
  • पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती: 19
  • पहले गेंदबाजी करने वाली टीम जीती: 25
  • पहली पारी में टीम का औसत स्कोर: 137
  • दूसरी पारी में टीम का औसत स्कोर: 128

मुंबई ने सबसे ज्यादा 4 बार खिताब जीता
आईपीएल इतिहास में मुंबई ने सबसे ज्यादा 4 बार (2019, 2017, 2015, 2013) खिताब जीता है। पिछली बार उसने फाइनल में चेन्नई को 1 रन से हराया था। मुंबई ने अब तक 5 बार फाइनल खेला है। वहीं, राजस्थान ने आईपीएल का पहला सीजन अपने नाम किया था।

मुंबई का सक्सेस रेट राजस्थान से ज्यादा
लीग में मुंबई का सक्सेस रेट पंजाब से ज्यादा है। मुंबई ने आईपीएल में 192 मैच खेले हैं। इसमें उसने 112 मैच जीते और 80 हारे हैं, यानि लीग में उसका सक्सेस रेट 58.07% है। वहीं, लीग में राजस्थान का सक्सेस रेट 51.34% है। राजस्थान ने अब तक कुल 151 मैच खेले हैं। इनमें से उसने 77 जीते और 72 हारे हैं। 2 मैच बेनतीजा रहे।



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MI Vs RR Head To Head Record - Predicted Playing DREAM11 - IPL Match Preview Update | Mumbai Indians v Rajasthan Royals IPL Latest News


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टैटू गुदवाने का शौक है तो अलर्ट हो जाएं, यह हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकता है; टैटू जितना बड़ा होगा खतरा उतना ही ज्यादा हो सकता है

अगर टैटू गुदवाने का शौक है तो अलर्ट हो जाएं। यह शौक हार्ट इंजरी का खतरा बढ़ा सकता है। जर्नल ऑफ अप्लाइड फिजियोलॉजी में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक, स्किन पर टैटू होने के कारण उसमें पसीना कंट्रोल करने की क्षमता घट जाती है। इससे शरीर का तापमान बढ़ता है। यह हाइपोथर्मिया और हीट हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। रिसर्च कहती है टैटू जितना बड़ा होगा खतरा उतना ही ज्यादा हो सकता है।

इसलिए खतरा बढ़ता है
रिसर्च के मुताबिक, स्किन पसीने की मदद से शरीर का तापमान कंट्रोल करने की कोशिश करती है। इसमें मदद करती हैं शरीर में पाई जाने वाले एक्क्रिन ग्रंथियां। रिसर्च के दौरान पाया गया कि टैटू बनवाने पर स्किन पर प्रति मिनट 3 हजार पंचर करने की जरूरत होती है। इसका असर पसीना कंट्रोल करने वाली ग्रंथि पर हो सकता है।

एक अन्य रिसर्च में यह सामने आया है कि टैटू वाली स्किन में सोडियम की मात्रा अधिक पाई जाती है, जो पसीना कंट्रोल करने वाली ग्रंथि के काम में बाधा पैदा करती है।

ऐसे खतरे को पहचाना गया

  • रिसर्च में ऐसे लोगों को शामिल किया गया जिनके हाथ के ऊपरी और निचले हिस्से में टैटू बना था। इनके हाथों में कम से कम 5.6 वर्ग सेंटीमीटर का टैटू था।
  • इन लोगों के शरीर में पसीना पैदा करने के लिए परफ्यूजन सूट पहनाया गया। जिससे तापमान 120 डिग्री फॉरेनहाइट तक पहुंच जाए। रिसर्च के दौरान टैटू वाली और सामान्य स्किन की जांच की गई।
  • रिसर्चर्स ने स्किन में ब्लड सर्कुलेशन को जांचने के लिए लेजर तकनीक का प्रयोग किया। उन्होंने पाया कि स्किन पर टैटू होने पर शरीर को तापमान मेंटेन करने में मुश्किलें आती हैं।
  • टैटू के कारण पसीना कम आता है, इस वजह से शरीर का तापमान बढ़ता है। ऐसे लोगों में हाइपोथर्मिया (शरीर का तापमान सामान्य से अधिक बढ़ना) और हीट हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है।
  • यह हार्ट अटैक तब होता है जब शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार हो जाता है।


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रिसर्च में यह सामने आया है कि टैटू वाली स्किन में सोडियम की मात्रा अधिक पाई जाती है, जो पसीना कंट्रोल करने वाली ग्रंथि के काम में बाधा पैदा करती है।


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160 साल पहले आईपीसी लागू हुआ; रूस ने किया परमाणु हथियार बनाने की होड़ में शामिल होने का ऐलान

भारतीय दंड विधान यानी इंडियन पीनल कोड 1860 में 6 अक्टूबर को पारित हुआ था। उसे एक जनवरी 1861 से लागू किया गया था। हत्या से लेकर रेप तक और चोरी से लेकर मानहानि तक हर अपराध की सजा क्या होगी, इसमें ही तय किया गया है।

1837 में थॉमस मैकाले की अध्यक्षता में पहले लॉ कमीशन ने इंडियन पीनल कोड का ड्राफ्ट तैयार किया था। बार्न्स पीकॉक ने ड्राफ्ट में आवश्यक सुधार किए और लेजिस्लेटिव काउंसिल के सदस्यों ने इसे पास किया था। पीकॉक बाद में कलकत्ता हाईकोर्ट के पहले चीफ जस्टिस भी बने थे। उस समय आईपीसी को बनाने वालों के दिमाग में कहीं न कहीं गुलाम और आका वाली मानसिकता थी।

इस वजह से राजद्रोह जैसे कई सेक्शन आज भी विवादित हैं। 1860 के बाद से आईपीसी के कई सेक्शन बदले जा चुके हैं। कई बार संशोधन हुए, दहेज हत्या से लेकर कई अपराध जुड़े और कई अपराध हटे भी। इसे भारतीय कानूनों में सबसे ज्यादा डायनामिक भी कहा जा सकता है, जिसके कई सेक्शन अदालतों के दखल के बाद भी हटाए गए।

1951: रूस ने किया परमाणु हथियारों की होड़ का ऐलान

अमेरिका ने 1945 में जापान पर परमाणु हमला किया तो सोवियत संघ यानी आज का रूस बेचैन हो गया था। उसने 6 अक्टूबर 1951 को ही परमाणु हथियारों की होड़ में शामिल होने का ऐलान किया था। सोवियत संघ के प्रमुख अखबार प्रावदा में जोसेफ स्टालिन का इंटरव्यू छपा था, जिससे लोगों को पहली बार पता चला कि 1949 में परमाणु बम टेस्ट करने के बाद सोवियत संघ ने भी परमाणु बम बना लिया है।

दरअसल, परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से अमेरिका बहुत ही ज्यादा ताकतवर हो गया था। सोवियत संघ को लगा कि परमाणु हथियारों की बात उससे छुपाई गई। इससे पश्चिमी देशों और सोवियत संघ में अविश्वास पैदा हुआ और शीत युद्ध की शुरुआत हुई। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिप्री) के मुताबिक रूस के पास 6,500 से अधिक परमाणु हथियार हैं।

सोवियत संघ के ऐलान के बाद ब्रिटेन ने 3 अक्टूबर 1952 को पहली बार परमाणु बम बनाने का दावा किया। फिर चीन, इजरायल, भारत, पाकिस्तान और उत्तर कोरिया भी होड़ में शामिल हो गए। लीबिया और ईरान का परमाणु कार्यक्रम भी संदेह के घेरे में है।

2007: जैसन लुईस ने दुनिया का चक्कर पूरा किया

जैसन लुईस

अंग्रेज जैसन लुईस ने 12 जुलाई 1994 में एक्स्पीडिशन 360 नाम से ग्रीनविच, लंदन से दुनिया का चक्कर लगाने का अभियान शुरू किया था। 46,000 मील की इस यात्रा में 4,833 दिन लगे। इस दौरान उन्होंने ह्यूमन-पॉवर से चलने वाले परिवहन साधनों का ही इस्तेमाल किया, जैसे- साइकिल, रोलर ब्लेड्स और पेडल से चलने वाली बोट।

इतिहास में आज की तारीख को इन घटनाओं के लिए भी याद किया जाता हैः-

  • 1499: फ्रांस के राजा लुईस ने मिलान पर कब्जा किया।
  • 1582: ग्रेगरियन कैलेंडर लागू होने से पोलैंड, स्पेन, इटली तथा पुर्तगाल में यह दिन कैंसल हो गया।
  • 1683: 13 जर्मन परिवार जर्मनी के क्रेफेल्ड से फिलाडेल्फिया आए थे। इस दिन हर साल जर्मन अमेरिकी दिवस मनाया जाता है।
  • 1762: ब्रिटिश सैनिकों ने फिलीपींस के मनीला पर कब्जा किया।
  • 1893: मैथमेटिक्स और फिजिक्स में महत्त्वपूर्ण कार्य करने वाले भारतीय वैज्ञानिक मेघनाथ साहा का जन्म।
  • 1927ः डायलॉग और बैकग्राउंड म्युजिक से सजी पहली फीचर फिल्म ‘द जैज सिंगर’ 1927 को रिलीज हुई।
  • 1957: सोवियत संघ ने नोवाया त्रेमल्या में परमाणु परीक्षण किया।
  • 1972: मेक्सिको में ट्रेन के बेपटरी होने से 208 लोगों की मौत।
  • 1973: इजरायल पर मिस्र और सीरिया की फौजों ने दो-तरफा हमला शुरू किया।
  • 1980: गुयाना ने संविधान को अंगीकार किया।
  • 1981: मिस्र के राष्ट्रपति अनवर सादत की इस्लामिक कट्टरपंथियों ने हत्या कर दी।
  • 1983: पंजाब में राष्ट्रपति शासन लगाया गया।
  • 1987: फिजी एक गणराज्य घोषित हुआ।
  • 1995: दो स्विस वैज्ञानिकों ने पृथ्वी के सौर व्यवस्था के बाहर के ग्रह की पहली बार पहचान की।
  • 2004: नेपाल के नरेश ज्ञानेन्द्र वीर विक्रम शाह देव ने सत्ता नहीं संभालने की घोषणा की।
  • 2006: संयुक्त राष्ट्र ने लेबनान में शांति रक्षकों को बल प्रयोग का अधिकार दिया।
  • 2007: परवेज मुशर्रफ एकतरफा जीत के साथ पाकिस्तान के राष्ट्रपति बने।


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Today History for October 6th/ What Happened Today | Indian Penal Code Passed By Legislative Assembly Russia Declared To Join Nuclear Weapon Development Race


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सुशांत को शिवसेना ने चरित्रहीन बताया; JEE एडवांस का रिजल्ट आया; स्कूलों के लिए SOP जारी; हाथरस गैंगरेप पर राजनीति भारी

देश में अब तक 8 करोड़ से ज्यादा कोरोना टेस्ट किए जा चुके हैं। आईसीएमआर के मुताबिक, हर राज्य में रोजाना 10 लाख की आबादी पर 140 से ज्यादा टेस्ट हो रहे हैं, जो डब्ल्यूएचओ की मिनिमम लिमिट से करीब छह गुना है। वहीं, रविवार को मौत का आंकड़ा भी बीते 35 दिन में सबसे कम रहा। तो चलिए शुरू करते हैं मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ...

आज इन 3 इवेंट्स पर रहेगी नजर

1. अबु धाबीः आज मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स आमने-सामने होंगे। टॉस शाम 7 बजे होगा। मैच शाम साढ़े 7 बजे शुरू होगा।

2. महाराष्ट्र: रिया चक्रवर्ती की जमानत याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट फैसला सुना सकता है।

3. राजस्थान: तीसरे फेज के तहत 975 ग्राम पंचायतों के लिए वोटिंग।

अब कल की 6 महत्वपूर्ण खबरें

1. दो-तीन हफ्ते तक बच्चों का असेसमेंट नहीं होगा

केंद्र सरकार ने स्कूल खोलने के लिए सोमवार को स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रॉसिजर (SOP) जारी कर दी। इसके मुताबिक दो-तीन हफ्ते तक बच्चों का कोई असेसमेंट नहीं होगा। स्टूडेंट्स की मेंटल हेल्थ और इमोशनल सेफ्टी पर भी ध्यान देना होगा। कैम्पस में इमरजेंसी केयर टीम बनानी होगी। पैरेंट्स की सहमति से ही बच्चों को स्कूल बुलाया जाएगा।

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2. पुलिस का दावाः यूपी में दंगा भड़काने की साजिश

हाथरस में दलित युवती के साथ गैंगरेप और मौत की घटना के बाद उत्तर प्रदेश में जातीय दंगे भड़काने की साजिश का खुलासा हुआ है। यह दावा यूपी पुलिस ने इंटेलीजेंस से मिले इनपुट के आधार पर किया है। इसके मुताबिक, घटना के बाद रातों-रात एक वेबसाइट 'जस्टिस फॉर हाथरस' बनाई गई। मुख्यमंत्री योगी के गलत बयान प्रसारित किए गए, ताकि माहौल बिगड़े।

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3. शिवसेना बोली- CBI जांच में पता चला सुशांत चरित्रहीन था

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में एम्स की फॉरेंसिक रिपोर्ट सामने आने के बाद शिवसेना मुखर हो गई है। सोमवार को पार्टी के मुखपत्र सामना ने संपादकीय में सुशांत के लिए लिखा, 'सीबीआई जांच में पता चला कि सुशांत एक चरित्रहीन कलाकार था। बिहार चुनाव में प्रचार के लिए सुशांत केस को मुद्दा बनाया गया। महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस का ‘मीडिया ट्रायल’ किया गया।'

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4. आपकी ईएमआई पर क्या असर पड़ने वाला है?

सरकार ने पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में कहा कि दो करोड़ रुपए तक के कर्ज पर मोरेटोरियम पीरियड में ब्याज पर ब्याज नहीं देना पड़ेगा। केंद्र सरकार का यह प्रस्ताव होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन लेने वालों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। सुप्रीम कोर्ट 13 अक्टूबर को केंद्र सरकार के एफिडेविट पर जवाबों को सुनेगी। राहत मिलना तय है, लेकिन कितनी और कैसे? पढ़ें भास्कर एक्सप्लेनर।

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5. हाथरस में पीड़ित के लिए किसी को क्यों अफसोस नहीं?

एक कुम्हार, एक नाई, चार वाल्मीकि और करीब साठ ब्राह्मण और ठाकुर परिवार। इतना ही बड़ा है बूलगढ़ी गांव। यहां पुरुष खेतों में काम करते हैं तो महिलाएं और बेटियां घर के काम तक सीमित हैं। एक बेटी का गैंगरेप हुआ। फिर उसकी हत्या हुई। मगर गांव में किसी को अफसोस नहीं। हां, आरोपी 'निर्दोष ठाकुरों' के लिए मातम जरूर है। पढ़िए हाथरस से भास्कर की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट।

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6. JEE एडवांस के नतीजे जारी

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) दिल्ली ने JEE एडवांस 2020 परीक्षा के 7 दिन बाद इसका रिजल्ट जारी कर दिया है। आईआईटी बॉम्बे जोन के चिराग ने AIR-1 हासिल की है। चिराग के 396 में से 352 मार्क्स आए हैं। वहीं AIR- 17 हासिल करने वाली आईआईटी रुड़की जोन की कनिष्का मित्तल गर्ल टॉपर रही हैं। कनिष्का का स्कोर 315 है।

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अब 6 अक्टूबर का इतिहास

1860: इंडियन पीनल कोड 6 अक्टूबर को पारित हुआ था। उसे एक जनवरी 1861 से लागू किया गया था।

1951: रूस ने परमाणु हथियारों की होड़ में शामिल होने का ऐलान किया था।

2007: परवेज मुशर्रफ एकतरफा जीत के साथ पाकिस्तान के राष्ट्रपति बने।

आखिर में जिक्र भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का। उन्होंने आज ही के दिन 1954 में देश के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना लाने की घोषणा की थी। पढ़िए उन्हीं का एक विचार...



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Sushant was described by Shiv Sena as characterless; JEE Advanced results came out; SOP release for schools; Politics heavy on Hathras gang rape


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सोमवार, 5 अक्टूबर 2020

पुलिस का दावा- हाथरस गैंगरेप केस के बाद 'जस्टिस फॉर हाथरस' वेबसाइट बनाई गई, जातीय दंगे भड़काना चाहते थे; बाद में डिएक्टिवेट भी किया

हाथरस में दलित युवती के साथ गैंगरेप और मौत की घटना के बाद उत्तर प्रदेश में जातीय दंगे भड़काने की साजिश का खुलासा हुआ है। इंटेलीजेंस से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस का दावा है कि घटना के बाद रातों-रात एक वेबसाइट 'जस्टिस फॉर हाथरस' बनाई गई। इसके जरिए मुख्यमंत्री योगी के गलत बयान प्रसारित किए गए, ताकि माहौल बिगड़े। रविवार रात पुलिस ने वेबसाइट और इससे जुड़ी लोकेशन पर छापेमारी की। लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में केस भी दर्ज कराया गया। इसमें प्रदेश में जातीय और सांप्रदायिक उन्माद फैलाने, अफवाहों और फर्जी सूचनाओं के जरिए अशांति फैलाने करने की साजिश रचने जैसे आरोप लगाए गए हैं।

पीएफआई पर दंगा भड़काने का आरोप

वेबसाइट पर स्क्रीनशॉट में ब्रेकिंग न्यूज लिखकर मुख्यमंत्री की फोटो के साथ बाकायदा उनका फर्जी बयान जारी किया गया। ये स्क्रीनशॉट वॉट्सऐप समेत अन्य सोशल मीडिया के अकाउंट पर शनिवार को तेजी से वायरल किए गए। एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा कि पॉपुलर फ्रंट फॉर इंडिया (पीएफआई) समेत कुछ अन्य संगठन प्रदेश में माहौल बिगाड़ने की लगातार साजिश कर रहे हैं। इस मामले में उनकी भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा- जिन्हें विकास अच्छा नहीं लग रहा, वे दंगा कराना चाहते हैं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिसे विकास अच्छा नहीं लग रहा, वे देश और प्रदेश में जातीय, सांप्रदायिक दंगा भड़काना चाहते हैं, इसकी आड़ में विकास रुकेगा। दंगे की आड़ में लोगों को राजनीतिक रोटियां सेंकने का मौका मिलेगा, इसलिए नए-नए षड्यंत्र करते रहते हैं।

रविवार को आरोपियों के समर्थन में सभा हुई थी।

चौकी प्रभारी भूपेंद्र सिंह ने दर्ज कराया केस
लखनऊ के डीसीपी सोमेन वर्मा ने बताया कि चौकी प्रभारी (नरही) भूपेंद्र सिंह की शिकायत पर हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों की तलाश जारी है। साइबर सेल की टीम को भी जांच में लगाया गया है। जिस चैनल का स्क्रीनशॉट वेबसाइट पर लगाया गया, उससे भी जांच की गई। न्यूज चैनल ने इसका खंडन किया है। मुन्ना यादव नाम के बने अकाउंट से फेसबुक पर सीएम का एक फर्जी बयान पोस्ट किया गया था। इसमें सीएम की फोटो भी लगाई गई थी।

वेबसाइट बनाई गई, बाद में बंद कर दिया

पुलिस का कहना है कि साजिश में पीएफआई समेत कुछ और संगठनों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। ऐसी ही फर्जी पोस्ट वायरल कर पीड़ित की जीभ काटने, अंग भंग करने और सामूहिक दुष्कर्म से जुड़ी तमाम अफवाहें उड़ाकर प्रदेश में नफरत फैलाने की कोशिश की गई। ऐसी अफवाहें फैलाने के लिए कई वैरिफाइड सोशल मीडिया अकाउंट का भी इस्तेमाल किया गया। जांच एजेंसियां वैरिफाइड अकाउंट का भी ब्योरा तैयार कर रही हैं।

वेबसाइट को डिएक्टीवेट कर दिया गया है।

इंस्पेक्टर (हजरतगंज) अंजनी कुमार पांडेय ने बताया कि मुन्ना यादव के खिलाफ अफवाह फैलाने, धोखाधड़ी, कूट रचना, सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम, कॉपीराइट अधिनियम, सीएम की तस्वीर का गलत प्रयोग करने के साथ-साथ आइटी एक्ट और कॉपीराइट एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।

यूपी सरकार ने पीएफआई पर बैन के लिए केंद्र को लिखा था पत्र

पीएफआई संगठन के जरिए पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की आवाज को उठाने का दावा किया जाता है। इसकी स्थापना 2006 में हुई थी। दावा किया जाता है कि वर्तमान में देश के 23 राज्यों तक पीएफआई पहुंच चुका है। पिछले साल नागरिकता संशोधन कानून बनने के बाद पीएफआई पर लखनऊ समेत कई शहरों में दंगा भड़काने का आरोप लगा था। तब यूपी सरकार ने इस पर बैन लगाने के लिए केंद्र सरकार को पत्र भी लिखा था।



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रविवार को सपा कार्यकर्ताओं ने पीड़ित के गांव में हंगामा किया।


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शिवसेना ने कहा- सीबीआई जांच में पता चला सुशांत एक चरित्रहीन कलाकार था, मुंबई पुलिस की जांच पर सवाल उठाने वाले माफी मांगें

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में एम्स की फॉरेंसिक रिपोर्ट सामने आने के बाद शिवसेना मुखर हो गई है। सोमवार को पार्टी के मुखपत्र सामना ने संपादकीय में एक्टर की मौत पर सवाल उठाने वालों पर निशाना साधा। एम्स ने अपनी रिपोर्ट में इसे आत्महत्या बताया है। संपादकीय में शिवसेना ने सुशांत के लिए लिखा- 'सीबीआई जांच में पता चला कि सुशांत एक चरित्रहीन और चंचल कलाकार था।'

शिवसेना ने मामले में राजनीतिकरण का आरोप लगाया। लिखा- बिहार चुनाव में प्रचार के लिए कोई मुद्दा नहीं है। इसलिए नीतीश कुमार और वहां के नेताओं ने इस मुद्दे को उठाया। इसके लिए राज्य के पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर को वर्दी में नचाया और आखिरकार यह महाशय नीतीश कुमार की पार्टी में शामिल हो गए, जिससे उनकी खाकी वर्दी का वस्त्र हरण हो गया। मुंबई पुलिस सुशांत की जांच नहीं कर सकती इसलिए सीबीआई को बुलाओ, ऐसा चिल्लाने वाले एक सीधा-सा सवाल नहीं पूछ पाए कि 40-50 दिन से सीबीआई क्या कर रही है? सुशांत केस को भुनाकर महाविकास आघाड़ी की सरकार और मुंबई पुलिस का ‘मीडिया ट्रायल’ किया गया।

शिवसेना ने पूछा- क्या अब एम्स की रिपोर्ट को भी नकारेंगे?
सामना में एम्स की रिपोर्ट पर लिखा गया- ‘ठाकरी’ भाषा में कहें तो सुशांत आत्महत्या केस के बाद कई गुप्तेश्वरों को महाराष्ट्र द्वेष का गुप्तरोग हो गया था, लेकिन 100 दिन खुजाने के बाद भी हाथ क्या लगा? ‘एम्स’ सच्चाई बाहर लाया है। अभिनेता सुशांत ने फांसी लगाकर आत्महत्या ही की है। उसका खून नहीं हुआ है। सबूतों के साथ ऐसा सच ‘एम्स’ के डॉक्टर सुधीर गुप्ता सामने लाए हैं। डॉक्टर गुप्ता शिवसेना के स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख नहीं हैं। उनका मुंबई से संबंध भी नहीं है। डॉ. गुप्ता ‘एम्स’ के फॉरेंसिक विभाग के प्रमुख हैं। इसी ‘एम्स’ में गृह मंत्री अमित शाह उपचार के लिए भर्ती हुए और ठीक होकर घर लौटे। जिस ‘एम्स’ पर देश के गृह मंत्री को विश्वास है, उस ‘एम्स’ ने सुशांत मामले में जो रिपोर्ट दी है, उसे अंधभक्त नकारेंगे क्या?

कुत्तों की तरह भौंकने वाले चैनलों को महाराष्ट्र से माफी मांगनी चाहिए
शिवसेना ने लिखा- ‘सुशांत की दुर्भाग्यपूर्ण मौत को 110 दिन हो गए। इस दौरान मुंबई पुलिस की खूब बदनामी की गई। मुंबई पुलिस की जांच पर जिन्होंने सवाल उठाए, उन राजनेताओं को और कुत्तों की तरह भौंकने वाले चैनलों को महाराष्ट्र से माफी मांगनी चाहिए। इन सभी ने जान-बूझकर महाराष्ट्र की प्रतिष्ठा पर कलंक लगाने का प्रयास किया है। यह एक षड्यंत्र ही था। महाराष्ट्र सरकार को चाहिए कि वो उन पर मानहानि का दावा करे।’

असफलताओं के बाद ड्रग्स के रास्ते पर चला गया सुशांत
शिवसेना ने सुशांत पर भी निशाना साधा। लिखा, ‘किसी युवक की इस तरह से मौत होना बिल्कुल अच्छा नहीं है। सुशांत विफलता और निराशा से ग्रस्त था। जीवन में असफलता से वह खुद को संभाल नहीं पाया। इसी कश्मकश में उसने मादक पदार्थों का सेवन करना शुरू कर दिया और एक दिन फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। मुंबई पुलिस मामले में बड़ी बारीकी से जांच कर रही थी। मुंबई पुलिस दुनिया की सर्वोत्तम पुलिस टीम है। लेकिन, मुंबई पुलिस कुछ छिपा रही है, किसी को बचाने का प्रयास कर रही है, ऐसा धुआं उड़ाया गया। उस दौरान सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि देशभर के कई गुप्तेश्वरों का गुप्तरोग बढ़ गया।’

कंगना पर निशाना- किस बिल में छिपी है?
सामना ने कंगना को लेकर तंज कसा। लिखा- सुशांत की मौत को जिन्होंने भुनाया, मुंबई को पाकिस्तान और बाबर की उपमा दी, वह अभिनेत्री अब किस बिल में छिपी है? हाथरस में एक युवती से बलात्कार करके उसे मार डाला गया। वहां की पुलिस ने उस युवती के शरीर का अपमान करके अंधेरी रात में ही लाश को जला डाला। इस पर उस अभिनेत्री ने आंखों में ग्लिसरीन डालकर भी दो आंसू नहीं बहाए।

सामना में लिखा- सुशांत के पटना निवासी परिवार का उपयोग स्वार्थी और लंपट राजनीति करने के लिए केंद्र सरकार ने इसकी जांच जिस तेज गति से सीबीआई को दी, उसे देखते हुए ‘बुलेट ट्रेन’ की गति भी मंद पड़ गई होगी। मुंबई पुलिस ने इस मामले में जिस नैतिकता और गुप्त तरीके से जांच की, वह केवल इसलिए ताकि मृत्यु के बाद तमाशा न बने। लेकिन सीबीआई ने मुंबई आकर जब जांच शुरू की, तब पहले 24 घंटे में ही सुशांत का ‘गांजा’ और ‘चरस’ केस सामने आ गया। सीबीआई जांच में पता चला कि सुशांत एक चरित्रहीन और चंचल कलाकार था। बिहार की पुलिस को हस्तक्षेप करने दिया गया होता तो शायद सुशांत और उसके परिवार की रोज बेइज्जती होती।



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सामना दैनिक अखबार शिवसेना का मुखपत्र माना जाता और संजय राउत (दाएं) इसके कार्यकारी संपादक हैं। शिवसेना ने भाजपा, मीडिया के एक वर्ग और बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे पर निशाना साधा है।


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परीक्षा के 7 दिन बाद आईआईटी दिल्ली ने जारी किया रिजल्ट, 6 अक्टूबर से शुरू होगी देश भर के 23 IITs में एडमिशन की प्रक्रिया

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) दिल्ली ने JEE एडवांस 2020 का रिजल्ट जारी कर दिया है। 1.6 लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स ने इस परीक्षा में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। आवेदन करने वालों में 96% परीक्षा में शामिल हुए थे।

कैंडिडेट्स JEE एडवांस की ऑफिशियल वेबसाइट पर लॉग इन कर अपना स्कोर कार्ड चेक कर सकते हैं।

इन 5 स्टेप्स से चेक करें रिजल्ट

  • सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट jeeadv.ac.in पर लॉग इन करें।

  • होमपेज पर, "JEE एडवांस्ड 2020 रिजल्ट" पर क्लिक करें।

  • अब मांगी गई सभी जानकारी दर्ज करें।

  • JEE एडवांस्ड का रिजल्ट स्क्रीन पर डिस्प्ले हो जाएगा।

  • रिजल्ट डाउनलोड करें और भविष्य के लिए प्रिंट आउट लेना न भूलें।

रिजल्ट के पेज पर सीधे पहुंचने के लिए यहां क्लिक करें

IIT में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू

JEE एडवांस का रिजल्ट घोषित होने के बाद से ही देश भर के 23 IITs में एडमिशन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। JEE एडवांस के रिजल्ट के बाद IITs कटऑफ जारी करेंगे। 6 अक्टूबर से कैंडिडेट्स अपने कटऑफ स्कोर के अनुसार IITs में एडमिशन के लिए काउंसलिंग में हिस्सा ले सकते हैं। काउंसलिंग पोर्टल पर पहुंचने के लिए यहां क्लिक करें।



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IIT Delhi released the result, the process of admission in 23 IITs will start from October 6


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बीएसई सेंसेक्स में 425 और निफ्टी में 118 अंकों की तेजी, बैंकिंग और आईटी शेयरों में भी शानदार बढ़त, इंडसइंड बैंक का शेयर 5% ऊपर

सोमवार को कारोबार के पहले दिन शेयर बाजार में शानदार खरीदारी है। बीएसई 425.72 अंक ऊपर 39,122.77 पर और निफ्टी 118.10 अंक ऊपर 11,535.05 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। बाजार में आईटी और बैंकिंग शेयरों में शानदार तेजी है। इंडसइंड बैंक के शेयर में 5% से ज्यादा की बढ़त है।

स्टॉक्स अपडेट

टाटा समूह की कंपनियों में भी शानदार तेजी है। टाटा स्टील का शेयर 5% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। टीसीएस के शेयर में भी 3% से ज्यादा की बढ़त है। निफ्टी में सिप्ला और गेल के शेयरों में 1-1 फीसदी की गिरावट है। सुबह बीएसई 259.73 अंक ऊपर 38,956.78 पर और निफ्टी 70.85 अंक ऊपर 11,487.80 के स्तर पर खुला था।

गुरुवार को शेयर बाजार का हाल

गुरुवार को फाइनेंशियल, ऑटो और बैंकिंग शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली थी। इंडसइंड बैंक का शेयर 12.44% ऊपर बंद हुआ था। अंत में बीएसई सेंसेक्स 629.12 अंक ऊपर 38,697.05 पर और निफ्टी 169.40 अंक ऊपर 11,416.95 के स्तर पर बंद हुआ था। 2 अक्टूबर यानी शुक्रवार को गांधी जयंती के कारण घरेलू शेयर बाजार बंद था।

बीते हफ्ते मार्केट कैप

बीते सप्ताह घरेलू शेयर बाजारों में तेजी का माहौल रहा थी, जिसके कारण बीएसई की टॉप-10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 8 कंपनियों के मार्केट कैप में 1.45 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई थी। इसमें टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और एचडीएफसी बैंक के मार्केट कैप में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई थी। इस लिस्ट में टॉप पर रिलायंस इंडस्ट्रीज है, जिसका मार्केट कैप 15.18 लाख करोड़ रुपए है। वहीं, टीसीएस का मार्केट कैप बीते हफ्ते 37.69 हजार करोड़ रुपए बढ़कर 9.83 लाख करोड़ हो गया। बीएसई में 1308.39 अंक यानी 3.49% की तेजी दर्ज की गई। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट 156 लाख करोड़ रुपए के स्तर पर पहुंच गया।

दुनियाभर के बाजारों में रही गिरावट
शुक्रवार को ग्लोबल मार्केट में गिरावट देखने को मिली। अमेरिकी बाजार डाउ जोंस 0.48% गिरावट के साथ 134.09 अंक नीचे 27,682.80 पर बंद हुआ था। वहीं, नैस्डैक भी 2.83% नीचे 11,255.70 के स्तर पर बंद हुआ था। दूसरी तरफ, एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.96% फिसलकर 3,348.44 के स्तर पर बंद हुआ था।

यूरोपियन शेयर मार्केट में शुक्रवार को मिलाजुला असर देखने को मिला। ब्रिटेन के FTSE और फ्रांस के CAC इंडेक्स में हल्की बढ़त रही, जबकि जर्मनी और रूस के शेयर मार्केट गिरावट के साथ बंद हुए थे। एशियाई बाजारों में आज जापान का निक्केई इंडेक्स 1.22% ऊपर कारोबार कर रहा है।

09:30 AM निफ्टी आईटी इंडेक्स में 397 अंकों की तेजी है। टीसीएस का शेयर 3.39% ऊपर कारोबार कर रहा है।

आपको अगर शेयर बाजार में 15 से 20 प्रतिशत का रिटर्न चाहिए तो कुछ चुनिंदा शेयरों में दांव लगा सकते हैं। यह सभी बेहतरीन कंपनियां हैं जिनका बिजनेस बेहतरीन है। पिछले हफ्ते बीएसई सेंसेक्स ने गुरुवार को 600 अंक से ज्यादा की बढ़त हासिल की थी और बाजार में तेजी बने रहने की उम्मीद है।

09:28 AM बीएसई सेंसेक्स में शामिल 30 में से 22 कंपनियों के शेयरों में बढ़त और 8 में गिरावट है। इंडसइंड बैंक का शेयर 5.22% ऊपर कारोबार कर रहा है।

09:15 AM बीएसई 259.73 अंक ऊपर 38,956.78 पर और निफ्टी 70.85 अंक ऊपर 11,487.80 के स्तर पर खुला।

दुनियाभर के बाजारों का हाल



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BSE NSE Sensex Today | Stock Market Latest Update: October 5 Share Market, Trade BSE, Nifty, Sensex Live News Updates


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देश में टेस्टिंग का आंकड़ा 8 करोड़ के करीब, सभी राज्यों में WHO की तय लिमिट से 6 गुना जांच की जा रही; अब तक 66.22 लाख केस

भारत में कोरोना की टेस्टिंग का आंकड़ा आठ करोड़ के करीब है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) का कहना है कि हर राज्य में रोजाना 10 लाख की आबादी पर 140 से ज्यादा टेस्ट किए जा रहे हैं। ये डब्ल्यूएचओ की तय मिनिमम लिमिट से करीब छह गुना है। आईसीएमआर ने कहा कि कई राज्यों में राष्ट्रीय औसत से भी ज्यादा जांच की जा रही हैं।

देश में रविवार को कोरोना संक्रमण के 74 हजार 770 केस आए और 902 मरीजों की मौत हो गई। राहत की बात रही कि 76 हजार 713 मरीज ठीक हो गए। मौत का आंकड़ा भी बीते 35 दिन में सबसे कम रहा। इससे पहले 31 अगस्त को 816 मरीजों की मौत हुई थी। अब तक 66.22 लाख केस आ चुके हैं। 55.83 लाख संक्रमित ठीक हो चुके हैं, जबकि 1.02 लाख मरीजों की मौत हो चुकी है।

जुलाई 2021 तक देश के 25 करोड़ लोगों तक वैक्सीन पहुंचेगी: डॉ. हर्षवर्धन
केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार देश के हर एक नागरिक तक वैक्सीन पहुंचाने की तैयारियां कर रही है। इस पर एक हाई लेवल कमेटी काम कर रही है। उन्होंने कहा, ''सरकार का लक्ष्य है जुलाई 2021 तक 20-25 करोड़ भारतीयों तक कोविड-19 वैक्सीन पहुंचाई जा सके। हमारा फोकस है कि हम तब तक वैक्सीन की 40 से 50 करोड़ डोज हासिल कर सकें। इसकी प्लानिंग पर काम चल रहा है।''

पांच राज्यों का हाल
1. मध्यप्रदेश

रविवार को राज्य में संक्रमण के 1,720 नए मामले सामने आए। 2,120 लोगों को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। 35 मरीजों की मौत हो गई। राज्य में अब तक 1 लाख 35 हजार 638 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 1 लाख 13 हजार 832 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 19 हजार 372 मरीजों का इलाज चल रहा है। संक्रमण के चलते अब तक 2,434 लोग जान गंवा चुके हैं।

2. राजस्थान
रविवार को राज्य में संक्रमण के 2,184 नए मामले सामने आए, 2,090 लोग ठीक हुए और 15 संक्रमितों की मौत हो गई। अब तक 1 लाख 44 हजार 30 लोग संक्रमित हो चुके हैं। 1 लाख 21 हजार 331 मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 21 हजार 154 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है। संक्रमण के चलते 1,545 लोगों की मौत हो चुकी है।

3. बिहार
राज्य में रविवार को कोरोना के 1,261 मामले सामने आए, 1,314 लोग ठीक हो गए और 3 मरीजों की मौत हो गई। राज्य में अब तक 1 लाख 87 हजार 951 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। 1 लाख 75 हजार 109 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 11 हजार 926 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है।

4. महाराष्ट्र
राज्य में कोरोना मरीजों की संख्या 14 लाख 43 हजार 409 हो गई है। इनमें 11 लाख 49 हजार 603 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 2 लाख 55 हजार 281 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है। संक्रमण की चपेट में आने से 38 हजार 84 मरीजों की मौत हो चुकी है। रविवार को राज्य में 12,548 नए केस बढ़े, जबकि 15,048 लोग ठीक हो गए। 326 मरीजों की मौत हो गई।

5. उत्तरप्रदेश
रविवार को यूपी में 3,840 लोग संक्रमित मिले और 5,226 लोगों को ठीक होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। 52 मरीजों ने दम तोड़ दिया। 4 लाख 14 हजार 466 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 3 लाख 62 हजार 52 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 46 हजार 385 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है। कोरोना से अब तक 6,029 लोगों की मौत हो चुकी है।



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स्टूडेंट्स को रोजाना 10 जीबी मुफ्त इंटरनेट डेटा दे रही है मोदी सरकार? 6 महीने पुराना फेक मैसेज फिर हो रहा वायरल

क्या हो रहा है वायरल : सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि मोदी सरकार कोरोना काल में ऑनलाइन एजुकेशन के लिए स्टूडेंट्स को रोजाना 10 जीबी मुफ्त इंटरनेट उपलब्ध करा रही है। वायरल मैसेज के साथ एक लिंक है, स्टूडेंट्स से कहा जा रहा है कि लिंक पर क्लिक करने के बाद ही उन्हें मुफ्त डेटा मिलेगा।

मैसेज है : Due to Corona Virus Schools and Colleges have been closed and because of this, the Education of Students has been affected, So Government is providing Free Internet (10GB Per Day) to all the Students.

So that Students can complete their Education and also give Exams with the help of Internet and Online Classes.

You can fill the form to get your Free Internet Pack (10GB Per Day) from this link.

👉 https://bit.ly/Register-For-Free-Internet-10GB

🙏🙏 Request: 🙏 For the convenience of people, share this message as much as possible so that they can get the benefit of this facility.

और सच क्या है ?

  • वायरल मैसेज में लिखा है कि : कोरोनावायरस के चलते स्कूल-कॉलेज बंद हैं। जबकि गृह मंत्रालय ने अनलॉक-5 की गाइडलाइन में 15 अक्टूबर से स्कूल खोलने की अनुमति दे दी है। यूजीसी ने भी 1 नवंबर से खोलने की अनुमति दे दी है। इससे स्पष्ट होता है कि मैसेज लॉकडाउन के समय का (पुराना) है।
  • इंटरनेट पर हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली जिससे पुष्टि होती हो कि सरकार स्टूडेंट्स को मुफ्त इंटरनेट उपलब्ध करा रही है।
  • मैसेज के साथ वायरल हो रही लिंक पर क्लिक करने से जो वेबपेज खुलता है। उसके यूआरएल से ही स्पष्ट हो रहा है कि ये कोई सरकारी वेबसाइट नहीं है। सरकारी वेबसाइट के यूआरएल पर आखिर में gov.in होता है। जबकि इसमें ऐसा नहीं है।
  • एमएचआरडी और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी हमें मुफ्त इंटरनेट डेटा उपलब्ध कराए जाने से जुड़ा कोई अपडेट नहीं मिला। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक का ट्विटर हैंडल चेक करने पर ऐसी कोई घोषणा हमें नहीं मिली।
  • 6 महीने पहले भी इंटरनेट पर फ्री इंटरनेट उपलब्ध कराने का दावा करता हुआ मैसेज वायरल हुआ था। केंद्र सरकार के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पीआईबी फैक्ट चेक से इसे फेक बताया गया था।


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Fact Check: Modi government giving 10 GB free internet data to students daily? 6 month old fake message is going viral again


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कोरोना संक्रमित ट्रम्प इलाज जारी होने के बावजूद अस्पताल के बाहर नजर आए; गाड़ी में बैठकर समर्थकों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प संक्रमित होने के बावजूद कोरोनावायरस को गंभीरता से नहीं ले रहे। अपना इलाज जारी होने के बावजूद वह रविवार दोपहर वॉल्टर हीड अस्पताल के बाहर नजर आए। काली रंग की एसयूवी में ट्रम्प मास्क लगाकर पिछली सीट पर बैठे थे। उन्होंने अस्पताल के बाहर मौजूद अपने समर्थकों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। यह सबकुछ बस एक मिनट में हो गया। ऐसा करने से पहले उन्होंने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट कर इसकी जानकारी भी दी थी।
मास्क को लेकर गैर जिम्मेदारी दिखाने के कारण पहले से ही ट्रम्प से विपक्षी पार्टियां और हेल्थ एक्सपर्ट नाराज हैं। इलाज के बीच अस्पताल से बाहर निकलने पर उनकी एक बार फिर आलोचना हो रही है। विपक्षी डेमोक्रेट्स का कहना है कि ट्रम्प ने यह दिखाने की कोशिश की है कि वे संक्रमित होने के बावजूद बिल्कुल ठीक हैं।

हेल्थ एक्सपर्ट ने ट्रम्प की इस हरकत पर नाराजगी जाहिर की

वॉल्टर हीड अस्पताल के फिजिशियन डॉ जेम्स फिलिप्स ने ट्वीट किया- ट्रम्प के साथ गाड़ी में मौजूद सभी लोगों को अब 14 दिनों के लिए क्वारैंटाइन होगा। वे बीमार पड़ सकते हैं, उनकी मौत तक हो सकती है। अपनी राजनीतिक नौटंकी के लिए ट्रम्प ने दूसरे लोगों की जान को खतरा में डाला है। यह पूरी तरह से पागलपन है। राष्ट्रपति की एसयूवी न सिर्फ बुलेटप्रूफ है, बल्कि यह केमिकल हमले से बचने के लिए सील भी है। ऐसे में इसके अंदर कोरोना संक्रमण फैलने का ज्यादा खतरा है।

ट्रम्प के साथ एसयूवी में हमेशा मौजूद होते हैं सिक्रेट एजेंट्स

अमेरिकी राष्ट्रपति की गाड़ी में उनकी सुरक्षा के लिए हमेशा सिक्रेट सर्विस के एजेंट्स मौजूद होते हैं। ट्रम्प ने गाड़ी का इस्तेमाल कर और सेल्फ क्वारैंटाइन के नियमों को तोड़कर उनकी जान को खतरा में डाला है। विपक्षी पार्टी डेमोक्रेट्स का कहना है कि यह सब कुछ नहीं बल्कि चुनाव को देखते हुए ट्रम्प का एक फोटो ऑपरेशन है। इस बीच, ट्रम्प की पत्नी और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रम्प ने अपने सभी दौरे कैंसल कर दिए हैं। उन्होंने कहा है कि संक्रमण दूसरों में न फैले इसलिए उन्होंने यह फैसला किया है।

‘राष्ट्रपति हैं, इसलिए हॉस्पिटल भेजा’

ट्रम्प के अस्पताल से निकलने से पहले उनके पर्सनल फिजिशियन ने कहा था- प्रेसिडेंट बिल्कुल ठीक हैं। इलाज का असर हो रहा है। इससे हमारी टीम खुश है। अगले 24 घंटे में उनका बुखार उतर जाएगा। ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट भी नॉर्मल हो जाएगा। कोनले से जब पूछा गया कि सब ठीक था तो ट्रम्प को हॉस्पिटल लाने की जरूरत क्यों पड़ी? इस पर जवाब मिला- क्योंकि, वे अमेरिका के राष्ट्रपति हैं।

ट्रम्प शुक्रवार को संक्रमित मिले थे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और पत्नी मेलानिया ट्रम्प कोरोना शुक्रवार को पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद दोनों को क्वारैंटाइन कर दिया गया था। इससे एक दिन पहने ट्रम्प की सीनियर एडवाइजर होप हिक्स संक्रमित पाई गईं थीं। पिछले दिनों उन्होंने राष्ट्रपति के साथ कई यात्राएं की थीं। इसके बाद राष्ट्रपति और उनकी पत्नी का भी कोरोना टेस्ट किया गया था। शुक्रवार को इसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।



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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प कुछ इस तरह से रविवार दोपहर वॉल्टर हीड अस्पताल के बाहर अपने समर्थकों का अभिवादन करते नजर आए।


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