बुधवार, 20 मई 2020

बिना वैक्सीन के वायरस को रोकने में जुटा चीन, एंटीबॉडी की मदद से वाली दवा साल के अंत तक तैयार हो जाएगी

एक चीनी वैज्ञानिक का दावा है कि वहऐसी दवा बना रहे हैं जो बिना वैक्सीन कोरोनावायरस को रोकने में सक्षम है। यह दवा साल के अंत मरीजों को उपलब्ध करा दी जाएगी। इसे बीजिंग एडवांस्ड इनोवेशन सेंटर फॉर जीनोमिक्स के डायरेक्टर सुने शी तैयार कर रहे हैं। उनका कहना है कि दवा इंसान के इम्यून सिस्टम में पैदा की गईं एंटीबॉडी का इस्तेमाल करके वायरस से लड़ती है।

जानवरों पर दवा का ट्रायल सफल रहा
दवा की जांच पेकिंग यूनिवर्सिटी में की जा रही है। शोधकर्ताओं का दावा है कि दवा कम समय में रिकवर करने के साथ मरीज में वायरस से लड़ने के लिए शॉर्ट-टर्म इम्युनिटी भी विकसित करती है। शोधकर्ता सुने शी के मुताबिक, दवा का जानवरों पर ट्रायल किया गया है जो सफल रहा है।

दवा और एंटीबॉडी मिलकर वायरस से लड़ती हैं
शोधकर्ता सुने शी का कहना है कि जब हमने एंटीबॉडी संक्रमित चूहे में इंजेक्ट की तो 5 दिन बाद वायरस 2500 गुना तेजी से घटा। इसका मतलब है कि दवा में इलाज करने की क्षमता है। शरीर का इम्यून सिस्टम न्यूट्रिलाइजिंग एंटीबॉडी का निर्माण करता है, यह दवा इन्हीं एंटीबॉडी का इस्तेमाल करके वायरस से संक्रमित कोशिकाओं को खत्म करती हैं।

कम समय में हो जाती है रिकवरी
साइंटिफिक जर्नल सेल में प्रकाशित शोध के मुताबिक, एंटीबॉडी के कारण बीमारी से रिकवर कम समय में हो जाती है। शोधकर्ता सुने शी के मुताबिक, हमारी टीम सिंगल सेल जीनोमिक्स पर काम कर रही है। यह न्यूट्रिलाइजिंग एंटीबॉडी को ढूंढने का सबसे अच्छा तरीका है।

ऑस्ट्रेलिया में होगा ट्रायल
शोधकर्ताओं के मुताबिक, जल्द ही क्लीनिकल ट्रायल शुरू होगा। चीन में कोरोना के मामले घटने की स्थिति मेंट्रायल में ऑस्ट्रेलिया में किया जाएगा। यहां सुअर पर ट्रायल होगा। एंटीबॉडी के साथ दवा का इस्तेमाल वायरस को खत्म करने में बेहतर साबित होता है। इसका इस्तेमाल एचआईवी, इबोला और मर्स के संक्रमणमें भी हुआ था।



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China is trying to stop the virus without a vaccine, the antibody-assisted drug will be ready by the end of the year


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अमेरिका में कोरोना के डर के बीच साइकिलें खरीद रहे हैं लोग; बिक्री एक महीने में 600 फीसदी बढ़ी

कोरोनोवायरस की वजह से पूरी दुनिया लगभग दो महीने तक घरों में सिमटी रही। अब जिंदगी दोबारा पटरी पर लौटने की कोशिश कर रही है, तो दुनिया पूरी तरह बदल चुकी है। अमेरिका में सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल कम करने के लिए लोग अब साइकिल की तरफ लौट रहे हैं। उनकी चिंता खुद को फिट रखने की तो है ही, भीड़भाड़ से बचने और खुद को संक्रमण से बचाने की भी है।

हालात ये हो गए हैं कि देश में साइकिलों की कमी हो गई है। दो महीने पहले जिन स्टोर्स में साइकिलें धूल खा रही थीं, वे अब खाली पड़ी हैं। ग्राहकों को अब लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

फिनिक्स, सिएटल में बिक्री तीन गुना बढ़ी

ब्रुकलिन में तो साइकिलों की बिक्री 600% तक बढ़ गई है। ज्यादातर दुकानें पहले से तीन गुना साइकिलें-बाइक बेच चुकी हैं और ग्राहकों की लंबी वेटिंग लिस्ट भी है। फिनिक्स, सिएटल में बिक्री तीन गुना बढ़ी है। वॉशिंगटन डीसी के एक रिटेलर बताते हैं- ‘अप्रैल तक तो स्टोर की सभी साइकिलें बिक चुकी थीं।’

लेजर बाइक्स की बिक्री सबसे ज्यादा 121%बढ़ी

मार्केट रिसर्च फर्म एनपीडी ग्रुप के मुताबिक मार्च में साइकिल की बिक्री तो बढ़ी ही है, रिपेयरिंग और इक्विपमेंट की बिक्री भी दोगुना हो गई है। फिटनेस बाइक की बिक्री 66%, लेजर बाइक्स की बिक्री 121%, इलेक्ट्रिक बाइक्स की बिक्री 85% और बच्चों की साइकिल की बिक्री 59% तक बढ़ गई है।

कोरोना की वजह से ग्लोबल सप्लाई चेन पर भी असर पड़ा है। ऐसे में डिमांड बढ़ने से अमेरिका साइकिलों की गंभीर कमी से जूझ रहा है।

ब्रिटेन, फ्रांस में कारों के प्रभुत्व को साइकिल से चुनौती

ब्रिटेन और फ्रांस में भी साइकिलों की बिक्री बढ़ी है। जानकारों के मुताबिक कई दशकों बाद पहली बार कारों के प्रभुत्व को साइकिल से चुनौती मिल रही है।कई जगह कारों के लिए रास्ते बंद, सिर्फ पैदल या साइकिल की मंजूरीकई राज्यों ने भीड़ कम करने के लिए अहम फैसले लिए हैं।

न्यूयॉर्क ने 322 किमी सड़कें सिर्फ पैदल और साइकिल यात्रियों के लिए रखी हैं। ओकलैंड में 10% रास्तों पर सिर्फ साइकिल वाले जा सकेंगे। सिएटल में 33 किमी का रास्ता पैदल या साइकिल वालों के लिए रिजर्व है। न्यूयॉर्क और सिएटल इन फैसलों को हमेशा के लिए लागू कर सकते हैं।



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अमेरिका में सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल कम करने के लिए लोग अब साइकिल की तरफ लौट रहे हैं।


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चीन समेत एक दर्जन से ज्यादा देशों में स्कूल शुरू हुए, कहीं हफ्ते में दो बार टेस्ट तो कहीं बिना मास्क एंट्री नहीं

दुनियाभर के कई देश लॉकडाउन हटाने या नियम आसान करनेजा रहे हैं। शुरुआत स्कूलों से हुई है। सबसे पहले चीन ने प्राइमरी स्कूल शुरू किए थे। अब तक एक दर्जन से ज्यादा देशों ने स्कूलों के दरवाजे खोल दिए हैं। इनमें अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, द.कोरिया, नीदरलैंड्स, डेनमार्क, स्विटजरलैंड, फिनलैंड, नॉर्वे और ग्रीस शामिल हैं।

चीन में तो करीब 10 करोड़ बच्चे स्कूलों में लौट आए हैं। देश के शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक यह कुल छात्रों के 40% हैं। सभी देशों में बच्चों को कोरोना से सुरक्षा देने के लिए एहितायत बरतने के साथ नए तरीके भी अपनाए जा रहे हैं।
बच्चों की रोजाना स्क्रीनिंग, हफ्ते में दो बार टेस्ट
अमेरिका के मोंटाना में खुले विलो क्रीक स्कूल में एंट्री के समय बच्चों और स्टाफ का तापमान जांचते हैं। बीजिंग और शंघाई के स्कूलों में थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य है। जर्मनी के न्यूस्ट्रेलिट्ज में हफ्ते में दो बार टेस्ट होता है। वुहान में बच्चों को स्वाब के नमूने देना पड़ते हैं। हाथ सैनिटाइज करना जरूरी है।
वाइजर कैप और मास्क बिना स्कूलों में एंट्री नहीं
फ्रांस के स्कूलों में 11 साल के बच्चों को मास्क लगाकर आने की ही अनुमति है। इससे बड़े बच्चों को वाइजर कैप (पारदर्शी स्क्रीन लगी टोपी) लगाकर स्कूल आना अनिवार्य है। चीन में खाने और जिम क्लास के अलावा मास्क उतारना मना है। निश्चित अंतराल पर हाथ धाना जरूरी है। कुछ स्कूलों में स्टाफ और बच्चों को ग्लव्स पहनने को भी कहा जा रहा है।
हफ्ते में एक ही दिन स्कूल, पार्क में क्लास
ऑस्ट्रेलिया में हफ्ते में एक ही दिन स्कूल आने का नियम रखा गया है, बाकी दिन घर पर ही पढ़ाई करनी होगी। सोशल डिस्टेंसिंग के लिए डेनमार्क के स्कूल क्लास पार्क में लगा रहे हैं, क्योंकि खचाखच भरी क्लास में यह संभव नहीं है।
पार्टिशन के जरिए सोशल डिस्टेंसिंग बरत रहे
ताइवान और नीदरलैंड्स के स्कूलों में प्लास्टिक स्क्रीन से पार्टिशन किया गया है। लंच के दौरान भी बच्चों को दूर बैठाया जाता है। या प्लास्टिक शीट से दूरी रखी जाती है। खेल के मैदानों में भी बच्चों में दूरी रखने के लिए पेंट से जगह तय कर दी गई है।
अभिवादन के नए तरीके सीख रहे बच्चे
फिनलैंड में बच्चों को हाथ मिलाने और गले मिलने की मनाही है। अभिवादन के नए तरीके सिखाए जा रहे हैं। जैसे एयर हग (गले मिलने का अभिनय) एल्बो बम्प या फिर सिर्फ हैलो कहने की सलाह दी जा रही है।



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जिन देशों में भी स्कूल खुल गए हैं। वहां बच्चों और स्टाफ की स्क्रीनिंग, सैनिटाइजेशन और मास्क लगाना अनिवार्य है।


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दुनिया के 80 में से 40 देशों ने लॉकडाउन खोला, सबसे ज्यादा 26 देश यूरोप के; 6 देश सीमाएं खोलने को भी तैयार

दुनिया के 80 देशों ने कोरोना से बचाव के लिए लॉकडाउन लगाया था। इनमें से कम से कम 40 देशों में लॉकडाउन खुल चुका है। औरा विजन समेत अन्य रिसर्च एजेंसियों की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। लॉकडाउन खोलने वाले देशों में फिर से कई उद्योग, दुकानें, बीच और अन्य स्थल खुल चुके हैं।

लॉकडाउन खोलने वाले सबसे ज्यादा 26 देश यूरोप के हैं। जबकि कोरोना प्रभावित टॉप 10 देशों में 6 देश यूरोप के ही हैं। इनके अलावा अमेरिका और एशियाई देशों में लॉकडाउन खुला है। इन देशों की सरकारों का मानना है कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए लॉकडाउन खोलना जरूरी है।

बेल्जियम, जर्मनी 15 जून से विदेशी पर्यटकों की आवाजाही शुरू करेंगे

6 देश अब सीमाएं खोलने पर भी जोर दे रहे हैं। कुछ ने इसकी तारीखों का ऐलान भी कर दिया है। जैसे बेल्जियम, जर्मनी और स्विट्जरलैंड 15 जून से विदेशी पर्यटकों को आने देने की योजना बना रहे है। इसकी घोषणा वे इस महीने के आखिरी में कर सकते हैं। ग्रीस 1 जुलाई से विदेशी पर्यटकों के लिए बॉर्डर खोलने जा रहा है।

इटली 3 जून से सीमाएं खोलेगा। नीदरलैंड्स ने कुछ देशों के यात्रियों को आने की अनुमति दी है। पोलैंड 13 जून से सीमाएं खोल सकता है। दुनिया के 195 देश कोरोना प्रभावित हैं। यहां अब तक 49,17,417 मामले आए हैं। जबकि 3,20,609 मौतें हुई हैं। चीन को छोड़ बाकी देशों ने मार्च या अप्रैल में लॉकडाउन लगाया था।

यूरोप: 10 प्रमुख देश जहां सैलून, रेस्तरां, सिनेमा और म्यूजियम खुले, उड़ानें भी शुरू

  • फ्रांस: प्राइमरी स्कूल, सैलून खुले। रेस्तरां, बार 2 जून के बाद खुलेंगे। पेरिस से लंदन जाने के लिए कुछ उड़ानें शुरू कीं।
  • स्पेन: मैड्रिड, बार्सिलोना को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में लॉकडाउन खोला। बार, रेस्तरां खुले। दोस्तों, रिश्तेदारों को 10 लोगों के समूह में मिलने, पार्टी की अनुमति दी।
  • ब्रिटेन: सरकार ने लोगों को काम पर लौटने को कहा है। निजी वाहनों से ऑफिस या कारोबार स्थल जाने की सलाह दी। ट्रेनों और अन्य सावर्जनिक स्थल पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को कहा है।
  • बेल्जियम: दुकानें, म्यूजियम खुले। 8 जून से कैफे, रेस्तरां ओर पर्यटन स्थल खोलने की तैयारी।
  • डेनमार्क: दुकानें, पार्क, रेस्तरां और कुछ होटल खुले। सावर्जनिक परिवहन सुविधाएं दोबारा शुरू हुईं। खेल गतिविधियां, थिएटर और सिनेमा 8 जून के बाद खुलेंगे।
  • फिनलैंड: ब्रिटेन जाने के लिए उड़ानें शुरू हुईं। दुकाने खुलीं। रेस्तरां, बार और सांस्कृतिक संस्थाएं 1 जून के बाद खोले जा सकेंगे।
  • जर्मनी: कुछ घरेलू उड़ानें दोबारा शुरू कीं। दुकानें, रेस्तरां खुले। होटल 25 मई से खुलेंगे। बड़े कार्यक्रम अगस्त से होंगे। राज्य लॉकडाउन पर खुद फैसला ले रहे हैं।
  • ग्रीस: उड़ानें शुरू कीं। 1 जून से ब्रिटेन के लिए सीधी उड़ान सेवा शुरू होगी। जून से मॉल, रेस्तरां, सिनेमा खुलेंगे। खेल गतिविधियां शुरू होंगी।
  • इटली: पार्क, बार, रेस्तरां, सामान्य दुकानें, म्यूजियम, चर्च खुले। जून से कुछ होटल बुकिंग के आधार पर खुलेंगे। कुछ ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं।
  • नीदरलैंड्स: दुकानें, होटल, म्यूजिक वेन्यू, म्यूजियम, सिनेमा, थिएटर खुले। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य किया। आउट डोर रेस्तरां 1 जून से खुलेंगे।

अमेरिका: 60% से ज्यादा खुला, उद्योगों में लौटे कर्मचारी

अमेरिका के 50 राज्यों में से 30 में लॉकडाउन खुल चुका है। 11 राज्यों ने क्षेत्रीय स्तर पर लॉकडाउन खोला है। 4 जिले अगले हफ्ते लॉकडाउन खाेलेंगे। यानी 60 फीसदी से ज्यादा राज्यों में लॉकडाउन खुल चुका है। यहां बीच, जिम, रिटेल दुकानें, रेस्तरां, बार, सैलून, थिएटर, उद्योग, ऑफिस, पूजा स्थल खुल रहे हैं। उधर, ओहियो समेत कई राज्यों में ऑटो प्लांट खुल गए। यहां सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कर्मचारियों को काम करने की इजाजत दी गई है। यहां अन्य उद्योग भी खुल रहे हैं।

एशिया: चीन में पर्यटकों की भीड, पाक में 5 एयरपोर्ट शुरू
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के सभी पर्यटन स्थलों में पिछले 18 दिन में 19 लाख घरेलू पर्यटक पहुंचे हैं। उधर, थाईलैंड में दुकानें, फूड कोर्ट खुल रहे हैं। बैंकाक में हर टेबल के साथ एक ही कुर्सी रखी जा रही है। टेबल भी दूर-दूर रखे जा रहे हैं। पाकिस्तान में लाहौर, कराची समेत 5 एयरपोर्ट से घरेलू विमान सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। विमानों में 50 फीसदी सीटें ही भरने की इजाजत है।

​​तस्वीर ग्रेट वॉल ऑफ चाइना की है। लॉकडाउन खुलने के बाद यहां बड़ी संख्या में पर्यटक आने लगे हैं।


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तस्वीर इटली के मिलान शहर की है। लॉकडाउन खुलने के बाद यहां लोग घूमने निकल पड़े हैं।


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कराते की यूनिवर्सिटी मेडलिस्ट हनी अनाज मांगकर कर रहीं गुजारा, मिस्टर इंडिया रहे संदीप मजबूरी में सब्जी बेचेंगे

खेलाें में विश्व स्तर पर मेडल जीतकर देश का गाैरव बढ़ाने वाले कई खिलाड़ियाें के बुलंद हाैसले लाॅकडाउन में ढीले पड़ गए हैं।ऐसे खिलाड़ियों की फिटनेस ही नहीं, आजीविका भी प्रभावित हुई है।

ट्रेनिंग देने और जिम चलाने वाले खिलाड़ी पिछले दो महीने से खाली बैठे हैं। लाॅकडाउन बढ़ने के बाद इन्हें नहीं पता कि हालात कब सही होंगे। इनमें से कुछ को परिवार की मदद लेनी पड़ रही है, तो कुछ ने दूसरा काम शुरू कर दिया है।

ऐसे ही संघर्ष कर रहे कुछ खिलाड़ियों की कहानी...

कराते:कोचिंग बंद, उधार बढ़ा, और अब अनाज मांग रहीं हनी
ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी चैम्पियनशिप में मेडल जीतने वालींहनी गुर्जर लाॅकडाउन के कारण कोचिंग नहीं दे पा रही हैं। स्कूल व कराते के सभी सेंटर बंद हैं। ग्वालियर निवासी हनी की मां दिल की बीमारी से पीड़ित हैं।पिता अचार बेचते हैं, लेकिन उनका काम भी बंद है।

थोड़ी-बहुत बचत की राशि से कुछ दिन खर्च चला। अब संस्थाओं व लाेगों से मांगकर पेट भरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मेडल जीतने के बाद काफी सम्मान मिला, लेकिन आज मुझे हाथ फैलाने पड़ रहे हैं।

हनी गुर्जर लाॅकडाउन के कारण कोचिंग नहीं दे पा रही हैं।

बाॅडी बिल्डिंग:संदीप बोले- जिम बंद, सब्जी बेचकर घर चलाऊंगा
दिव्यांग कैटेगरी में मिस्टर इंडिया रह चुके बाॅडीबिल्डर संदीप साहू का परिवार अब पूरी तरह माता-पिता पर निर्भर है। संदीप का जिम बंद है जो आजीविका का एकमात्र साधन है। उन्हें खुद को फिट रखने का संकट आ गया है। रायपुर निवासी संदीप ने नेशनल चैंपियनशिप में 13 गोल्ड मेडल जीते हैं। संदीप ने कहा-अब सब्जी बेचूंगा, जिससे घर चला सकूं।

दिव्यांग कैटेगरी में मिस्टर इंडिया रह चुके हैं बाॅडीबिल्डर संदीप साहू

शूटिंग:फर्ज नहीं भूलीं, ऑनलाइन ट्रेनिंग दे रही हैं शूटर राजकुमारी

मप्र एकेडमी की पहली अर्जुन अवॉर्डी शूटर राजकुमारी राठौर इंदौर के निजी स्कूल में शूटिंग सेंटर चलाती हैं। 17 इंटरनेशनल मेडल जीत चुकी राजकुमारी स्पोर्ट्स टीचर के तौर पर 50 स्कूली बच्चों को प्रशिक्षण देती हैं। लॉकडाउन के कारण दो माह से सैलरी नहीं मिली है। पिता और भाई की मदद से घर चला रही हैं।

राजकुमारी ने कहा मुझे सरकार से कोई मदद नहीं मिली। सरकार से अनुमति मिलने के बाद फिर से बच्चों की ट्रेनिंग शुरू करूंगी। अभी उन्हें ऑनलाइन ट्रेनिंग देती हूं।

अर्जुन अवॉर्डी शूटर राजकुमारी राठौर इंदौर के निजी स्कूल में शूटिंग का ट्रेनिंग सेंटर चलाती हैं।


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Karate's University Medalist is making a living by asking for honey, Sandeep, Mr. India, will sell vegetables under compulsion


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सैनिटाइजर का इंजेक्शन लगाने की सलाह देने वाले ट्रम्प हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन ले रहे, एक्सपर्ट बोले- ये खतरनाक है

कोरोनावायरस से बचाव के लिए कभी मजाक में सैनिटाइजर का इंजेक्शन लगाने की सलाह देने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वे बीते 10 दिनों से हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन दवा ले रहे हैं।रेस्टोरेंट प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक में ट्रम्प ने कहा कि मैं व्हाइट हाउस के डॉक्टरों की सलाह पर काेराेना से बचने के लिए पिछले डेढ़ हफ्ते से ये दवा ले रहा हूं और देखिए मैं आपके सामने बिल्कुल स्वस्थ हूं।

ट्रम्प से जब पूछा गया कि क्या व्हाइट हाउस के फिजीशियन की सलाह पर उन्होंने दवा लेना शुरू किया है, तो उन्होंने कहा कि मैंने खुद डॉ सीन कॉनले (राष्ट्रपति के निजी फिजीशियन) से अनुरोध किया था। दूसरी ओर, कई चिकित्सा विशेषज्ञों ने ट्रम्प के बयान की आलोचना करते हुए कहा है कि ऐसा करना न केवल राष्ट्रपति के लिए खतरनाक होगा, बल्कि दूसरों के लिए भी यह उदाहरण उनके स्वास्थ्य पर संकट पैदा कर सकता है।

विशेषज्ञों ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीनके इस्तेमाल को खतरनाक बताया

मिलर फैमिली हार्ट इंस्टीट्यूट के चीफ एकेडमिक अफसर डॉ. स्टीवन ई निसेन ने कहा कि इससे गंभीर परेशानियां हाे सकती हैं। वहीं, हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में प्रोफेसर डॉ. स्कॉट सोलोमन ने भी इसे घातक बताया है। वहीं कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, इस दवा से हृदय, किडनी और लीवर पर असर पड़ता है।

एफडीए भी चेतावनी दे चुका है

बता दें कि एक महीने पहले ही अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने चेतावनी दी थी कि कोरोना रोकथाम में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का इस्तेमाल नहीं किया जाए। ये दवा कोरोना मरीजों के इलाज में कितनी कारगर है, अब तक इसके ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं। ट्रम्प से पहले ब्राजील के राष्ट्रपति जैर बोलसोनारो ने भी इस दवा का समर्थन किया था।
डब्ल्यूएचओ को धमकी- स्थायी रूप से फंडिंग रोक देंगे

ट्रम्प ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को चिट्टी लिखकर चेतावनी देते हुए कहा है कि 30 दिन में संगठन में सुधार करें। वरना आपको दी जा रही फंडिंग स्थाई रूप से फ्रीज कर देंगे। हमें सदस्य बने रहने पर भी दोबारा विचार करना होगा। ट्रम्प ने कहा, हम उन्हें सालाना 45 करोड़ डॉलर (करीब 3500 करोड़ रु.) देते हैं, जिसे कम करने की योजना बनाई जा रही है।



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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ​​​​​​​रेस्टोरेंट प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक में कहा कि मैं व्हाइट हाउस के डॉक्टरों की सलाह पर काेराेना से बचने के लिए पिछले डेढ़ हफ्ते से ये दवा ले रहा हूं और पूरी तरह स्वस्थ हूं। (फाइल)


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राजस्थान की 75 लाख महिलाओं-लड़कियों को नहीं मिल रहे सैनिटरी पैड, स्कूलों में बोरियों में बंद पड़े हैं एक करोड़ पैड्स

राजस्थान में 59 दिनों से लॉकडाउन जारी है, जो 31 मई तक चलने वाला है। काेरोना से लड़ाई के बीच सबसे जरूरी चीजों जैसे- राशन और भोजन मुहैया कराने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास हो रहे हैं, पर यही तेजी महिलाओं की सबसे बड़ी जरूरत- सैनिटरी पैड्स के लिए भी जरूरी है।

राज्य सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के जरिए सैनिटरी पैड्स घर-घर पहुंचाने की पहल की है। लेकिन अब भी प्रदेश की करीब 75 लाख महिलाओं और बच्चियों में से कई इससे वंचित हैं।

कर्फ्यूग्रस्त इलाकों की महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान

सबसे ज्यादा परेशानी कर्फ्यूग्रस्त और ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को हो रही है। स्कूल-काॅलेज 64 दिनों से बंद हाेने के कारण लाखों बालिकाओं तक भी पैड्स पहुंचाना मुश्किल हो रहा है।

भास्कर ने जयपुर के 20 स्कूलों में जाकर सैनिटरी पैड्स की स्थिति जानी। इस दौरान यहां करीब एक करोड़ पैड्स कार्टन, अलमारियों और बोरियों में भरे मिले।

इन्हें सबसे ज्यादा तकलीफ

  • 50 लाख महिलाएं, जो 400 कर्फ्यूग्रस्त क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में रहती हैं।
  • 17 लाख लड़कियां, जो सरकारी स्कूलों में 6वीं से 12वीं में कक्षा में हैं।
  • 4.5 लाख लड़कियां, जो गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के परिवारों की हैं।
  • 2.8 लाख बालिकाएं, जो राजस्थान के सरकारी कॉलेजों में अध्ययनरत हैं।

इन पत्रों में भी छलका दर्द

नोट- राजस्थान सरकार इन 75 लाख से अधिक महिलाओं व लड़कियों को हर महीने निशुल्क सैनिटरी पैड देती है, पर लॉकडाउन के कारण 59 दिन से पैड नहीं बंट पाए हैं।

सैनिटरी पैड्स उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण विभिन्न जिलों की 15 से ज्यादा बेटियों ने सीएम और अफसरों को पत्र लिखकर अपनी पीड़ा बताई है। गुर्जरों का गुढ़ा गांव की कविता, गोगुंदा की सुनीता और पिंकी खटीक ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने की मांग की।

जिम्मेदार बोले- हम पैड्स पहुंचाने की तैयारी कर रहे
हम स्कूल तो नहीं खोल सकते, पर ऐसी तैयारी कर रहे हैं ताकि सैनिटरी पैड्स पहुंच जाएं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक को जिला कलेक्टर्स से बात करके ऐसा कार्यक्रम बनाने को कहा है, ताकि पैड्स पहुंचाए जा सकें।
- मंजू राजपाल, स्कूल शिक्षा सचिव

लड़कियोंको स्कूलों में पैड्स उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा सचिव को पत्र लिखा है। वितरण व्यवस्था होते ही नया स्टॉक उपलब्ध करा देंगे।
- कैलाश नारायण मीणा, निदेशक (प्रोक्योरमेंट) आरएमएसएल



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राजस्थान सरकार 75 लाख से अधिक महिलाओं व लड़कियों को हर महीने निशुल्क सैनिटरी पैड देती है, पर लॉकडाउन के कारण 59 दिन से पैड नहीं बंट पाए हैं।


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राजस्थान की 75 लाख महिलाओं-लड़कियों को नहीं मिल रहे सैनिटरी पैड, स्कूलों में बोरियों में बंद पड़े हैं एक करोड़ पैड्स

राजस्थान में 59 दिनों से लॉकडाउन जारी है, जो 31 मई तक चलने वाला है। काेरोना से लड़ाई के बीच सबसे जरूरी चीजों जैसे- राशन और भोजन मुहैया कराने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास हो रहे हैं, पर यही तेजी महिलाओं की सबसे बड़ी जरूरत- सैनिटरी पैड्स के लिए भी जरूरी है।

राज्य सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के जरिए सैनिटरी पैड्स घर-घर पहुंचाने की पहल की है। लेकिन अब भी प्रदेश की करीब 75 लाख महिलाओं और बच्चियों में से कई इससे वंचित हैं।

कर्फ्यूग्रस्त इलाकों की महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान

सबसे ज्यादा परेशानी कर्फ्यूग्रस्त और ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को हो रही है। स्कूल-काॅलेज 64 दिनों से बंद हाेने के कारण लाखों बालिकाओं तक भी पैड्स पहुंचाना मुश्किल हो रहा है।

भास्कर ने जयपुर के 20 स्कूलों में जाकर सैनिटरी पैड्स की स्थिति जानी। इस दौरान यहां करीब एक करोड़ पैड्स कार्टन, अलमारियों और बोरियों में भरे मिले।

इन्हें सबसे ज्यादा तकलीफ

  • 50 लाख महिलाएं, जो 400 कर्फ्यूग्रस्त क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में रहती हैं।
  • 17 लाख लड़कियां, जो सरकारी स्कूलों में 6वीं से 12वीं में कक्षा में हैं।
  • 4.5 लाख लड़कियां, जो गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के परिवारों की हैं।
  • 2.8 लाख बालिकाएं, जो राजस्थान के सरकारी कॉलेजों में अध्ययनरत हैं।

इन पत्रों में भी छलका दर्द

नोट- राजस्थान सरकार इन 75 लाख से अधिक महिलाओं व लड़कियों को हर महीने निशुल्क सैनिटरी पैड देती है, पर लॉकडाउन के कारण 59 दिन से पैड नहीं बंट पाए हैं।

सैनिटरी पैड्स उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण विभिन्न जिलों की 15 से ज्यादा बेटियों ने सीएम और अफसरों को पत्र लिखकर अपनी पीड़ा बताई है। गुर्जरों का गुढ़ा गांव की कविता, गोगुंदा की सुनीता और पिंकी खटीक ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने की मांग की।

जिम्मेदार बोले- हम पैड्स पहुंचाने की तैयारी कर रहे
हम स्कूल तो नहीं खोल सकते, पर ऐसी तैयारी कर रहे हैं ताकि सैनिटरी पैड्स पहुंच जाएं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक को जिला कलेक्टर्स से बात करके ऐसा कार्यक्रम बनाने को कहा है, ताकि पैड्स पहुंचाए जा सकें।
- मंजू राजपाल, स्कूल शिक्षा सचिव

लड़कियोंको स्कूलों में पैड्स उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा सचिव को पत्र लिखा है। वितरण व्यवस्था होते ही नया स्टॉक उपलब्ध करा देंगे।
- कैलाश नारायण मीणा, निदेशक (प्रोक्योरमेंट) आरएमएसएल



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राजस्थान सरकार 75 लाख से अधिक महिलाओं व लड़कियों को हर महीने निशुल्क सैनिटरी पैड देती है, पर लॉकडाउन के कारण 59 दिन से पैड नहीं बंट पाए हैं।


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मंगलवार, 19 मई 2020

अधिकारियों को 15 दिन में मूलनिवासी प्रमाणपत्र जारी करना होगा, ऐसा न करने पर उनकी तनख्वाह से 50 हजार रुपए कटेंगे

जम्मू-कश्मीर में मूल निवासी प्रमाणपत्र (डोमिसाइल सर्टिफिकेट) बनवाने का नया नियम मंगलवार को जारी हो गया। नय नियमों के मुताबिक, आवेदन करने के 15 दिन के अंदर सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाएगा। अधिकारी को तय समय में यह काम पूरा करना होगा। ऐसा नहीं करने पर उनके वेतन से 50 हजार रु. काटे जाएंगे। जम्मू कश्मीर में किसी भी श्रेणी की नौकरी के लिए यह सर्टिफिकेट देना जरूरी होगा।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने यह डोमिसाइल सर्टिफिकेट प्रोसीजर रूल्स- 2020 भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 और जम्मू कश्मीर सिविल सर्विस (डिसेंट्रललाइजेशन एंड रिक्रूटमेंट) एक्ट-2010 के तहत जारी किया है।
नए नियम में क्या है प्रावधान

  • पश्चिमी पाकिस्तानी के शरणार्थी (डब्ल्यूपीआर), सफाई कर्मचारी और जम्मू-कश्मीर के बाहर विवाहित महिलाओं के बच्चों, राहत और पुनर्वास आयुक्त द्वारा पंजीकृत किए गए दूसरे राज्यों के लोग भी डोमिसाइल प्रमाणपत्र पाने के हकदार होंगे।
  • जम्मू कश्मीर में केंद्र सरकार के विभागों ,पीएसयू, सेंट्रल यूनिवर्सिटी, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और केंद्र से मान्यता प्राप्त शोध संस्थानों में 10 साल तक सेवा देने वाले अधिकारी और उनके बच्चे भी डोमिसाइल सर्टिफिकेट ले सकेंगे।
  • जम्मू-कश्मीर में 15 साल से रह रहे लोग,सात साल तक पढ़ाई करने वाले या यहां के किसी स्कूल से10 वीं या 12 वीं की परीक्षा देने वाले और उनके बच्चों को भी डोमिसाइल सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।
  • अगर ऐसे लोग जोअपनी नौकरी, व्यापार या पेशेवर कारणों से जम्मू-कश्मीर से बाहर है उनके बच्चों को भी डोमिसाइल नागरिक माना जाएगा। किसी भी इलाके के तहसीलदार को डोमिसाइल सर्टिफिकेट जारी करने का अधिकार होगा।

पहले जम्मू-कश्मीर में क्या था नियम

2019 से पहले जम्मू कश्मीर में अपना संविधान था, जिसके मुताबिक नागरिक को परिभाषित किया गया था। इसमें किसी भी बाहरी व्यक्ति को वहां बसने का हक नहीं था। 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद370 हटाने के जिए जारी नोटिफिकेशन में राष्ट्रपति नेजम्मू-कश्मीर के संविधान सभा का नाम विधानसभा कर दिया था। पहले उसका नाम संविधान सभा इसलिए था, क्योंकि भारत की संसद की तरह ही वह कई संवैधानिक निर्णय करती थी। चाहे संसद में पारित निर्णयों को पारित करने का निर्णय हो, चाहे उसे नामंजूर करने का हो।



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जम्मू-कश्मीर में लॉकडाउन के बीच डोमिसाइल सर्टिफिकेट के लिए नए नियम जारी किए गए। अब पाकिस्तानी शरणार्थियों को भी यहां का डोमिसाइल नागरिक माना जाएगा।


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नेपाल ने नए राजनीतिक नक्शे को मंजूरी दी, भारतीय क्षेत्र कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधूरा को अपने देश का हिस्सा बताया

नेपाल ने अपने नए राजनीतिक नक्शे को मंजूरी दे दी है। इसमें तिब्बत, चीन और नेपाल से सटी सीमा पर स्थित भारतीय क्षेत्रकालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधूरा को नेपाल का हिस्सा बताया गया है। नए नक्शे में नेपाल के उत्तरी, दक्षिणी, पूर्वी और पश्चिमी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को दिखाया गया है। इन सीमाओं से सटे इलाकों की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बारे में भी बताया गया है।

नेपाल के वित्त मंत्री युबराज खाटीवाडा ने नया नक्शा जारी करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अपडेटेड नक्शे को मंत्रिपरिषद की बैठक में रखा गया, जहां इसे मंजूरी दे दी गई। इस नक्शे को सभी सरकारी दस्तावेजों पर इस्तेमाल किया जाएगा। देश के प्रतीक चिन्हों पर भी अब से यही नक्शा होगा। किताबों में यही नक्शा पढ़ाया जाएगा और आम लोग भी इसका ही इस्तेमाल करेंगे।

लिपुलेख मार्ग के उद्घाटन के बाद नेपाल ने आपत्ति जताई थी
भारत ने 8 मई को लिपुलेख-धाराचूला मार्ग का उद्घाटन किया था। नेपाल ने इसे एकतरफा फैसला बताते हुए आपत्ति जताई थी। उसका दावा है कि महाकाली नदी के पूर्व का पूरा इलाका नेपाल की सीमा में आता है। जवाब में भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि लिपुलेख हमारे सीमा क्षेत्र में आता है और लिपुलेख मार्ग से पहले भी मानसरोवर यात्रा होती रही है। हमने अब सिर्फ इसी रास्ते पर निर्माण कर तीर्थ यात्रियों, स्थानीय लोगों और कारोबारियों के लिए आवागमन को सुगम बनाया है।

भारत ने नवम्बर 2019 में जारी किया था अपना नक्शा
भारत ने अपना नया राजनीतिक नक्शा 2 नवम्बर 2019 को जारी किया था। इसे विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने सर्वेक्षण विभाग के साथ मिलकर तैयार किया है। इसमेंकालापानी, लिंपियधुरा और लिपुलेख इलाके को भारतीय क्षेत्र में बताया गया है। नेपाल ने उस समय भी इस परएेतराज जताया था। इसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने सीमा से किसी प्रकार की छेड़छाड़ से इनकार किया था। विदेश मंत्रालया ने कहा था कि नए नक्शे में नेपाल से सटी सीमा में बदलाव नहीं है। हमारा नक्शा भारत के संप्रभु क्षेत्र को दर्शाता है।
कब से और क्यों है विवाद?
नेपाल और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच 1816 में एंग्लो-नेपाल युद्ध के बाद सुगौली समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। इसमें काली नदी को भारत और नेपाल की पश्चिमी सीमा के तौर पर दर्शाया गया है। इसी के आधार पर नेपाल लिपुलेख और अन्य तीन क्षेत्र अपने अधिकार क्षेत्र में होने का दावा करता है। हालांकि,दोनों देशों के बीच सीमा को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। दोनों देशों के पास अपने-अपने नक्शे हैं जिसमें विवादित क्षेत्र उनके अधिकार क्षेत्र में दिखाया गया है।



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भारत ने 8 मई को लिपुलेख मार्ग का उद्घाटन किया था। इसके बाद नेपाल ने लिपुलेख को अपना इलाका बताते हुए इस पर आपत्ति जताई थी। अब नेपाल ने नया राजनीतिक नक्शा जारी किया है जिसमें लिपुलेख और दो अन्य क्षेत्रों को अपने देश का हिस्सा बताया है।


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बाजार खुलने की टाइमिंग सुबह 9 से 5 हुई, दिल्ली से रोडवेज बसें प्रदेश में आएंगी, फरीदाबाद में 4 पुलिसकर्मी भी हुए कोरोना संक्रमित

हरियाणा में लॉकडाउन फेज-4 का दूसरा दिन है। केंद्र सरकार की गाइडलाइन के बाद हरियाणा सरकार ने भी ढील दे दी है। प्रदेश के सभी जिलों में बाजार खुलने की टाइमिंग सुबह 9 बजे से 5 बजे तक कर दी गई है। इससे पहले बाजार सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक खुल रहे थे। इसके साथ-साथ दिल्ली से भी हरियाणा रोडवेज शुरू कर दी गई है। मंगलवार को पहले दिन रोडवेज दिल्ली से हरियाणा के अलग-अलग जिलों में पहुंचेगी। इसके लिए सोमवार को ही शैड्यूल जारी कर दिया गया था। वहीं प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 937 पहुंच गया है, जबकि इनमें से 598 मरीज ठीक होकर घर जा चुके है।

फरीदाबाद में 9 मरीज पॉजिटिव मिले

फरीदाबाद में मंगलवार को 9 मरीज पॉजिटिव मिले हैं। इसके बाद कुल मरीजों की संख्या यहां 159 हो गई है। इन मरीजों में चार पुलिस के जवान भी शामिल हैं। फरीदाबाद में लगातार मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है। हरियाणा में अब तक कोरोना से सबसे ज्यादा 6 मरीजों की मौत फरीदाबाद में ही हुई है।

बाजार: सभी तरह की दुकानें खुलेंगी

  • राज्य में बाजार पूरी तरह खुलेंगे। होटल, ढाबे और मिठाई की दुकानें भी खुलेंगी, लेकिन यहां से केवल होम डिलीवरी की छूट रहेगी।
  • दुकानों पर 5 से अधिक ग्राहक नहीं होने चाहिए। हाईवे पर टूरिस्ट काॅम्प्लेक्स भी खुलेंगे। लेकिन इन्हें केवल पैक्ड फूड ही देने की अनुमति होगी।

इंडस्ट्री: पूरे स्टाफ के साथ चलेंगे उद्योग

  • कंटेनमेंट जोन को छोड़कर पूरे हरियाणा में सभी उद्योगों को पूरे स्टाफ के साथ काम करने की इजाज़त।
  • डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में कंटेनमेंट जोन को छोड़कर बाकी सभी को काम करने की परमिशन दे दी गई है।
  • कंटेनमेंट जोन में पड़ने वाले उद्योगों को परमिशन के लिए ऑनलाइन अप्लाई करना होगा, ताकि कर्फ्यू के बाद पास के माध्यम से कार्य किया जा सके।
  • औद्योगिक क्षेत्र में कोई कोरोना मरीज मिलता है तो वहां सैनिटाइजेशन के लिए अवधि भी निर्धारित होगी।

कंस्ट्रक्शन: शत प्रतिशत छूट

  • राज्य में अब कंस्ट्रक्शन का काम गति पकड़ेगा। अब कंस्ट्रक्शन के काम के लिए परमिशन की जरूरत नहीं पड़ेगी। जितनी जरूरत होगी, उतने श्रमिक लगाए जा सकेंगे।

खेल: स्टेडियम खुलेंगे, 1 बार में 1 टीम

  • स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्श खुलेंगे। व्यक्तिगत गेम के लिए 10 खिलाड़ी व एक कोच और टीम इवेंट में 18 खिलाड़ी और 2 कोच को अनुमति होगी।
  • एक टीम जाने के बाद ही दूसरी टीम प्रवेश करेगी। हालांकि, इससे पहले कोच और खिलाड़ियों को सोशल डिस्टेंसिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी।

परिवहन: रोडवेज बसें चलेंगी

  • प्रदेश के अंदर व बाहर 19 मई से बसें चलेंगी।
  • परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि जिन रूटों पर सवारियां कम होंगी, वहां पर मिनी बसें चलाई जाएंगी।
  • दूसरे प्रदेशों के साथ मंगलवार को वार्ता होगी।
  • प्रदेश में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड से भी बसों का संचालन शुरू होगा। हर बस में 30 सवारियां बैठेंगी।
  • ऑटो-रिक्शा व टैक्सी इस पर छूट को लेकर विचार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि ऑटो व रिक्शा में एक सवारी की छूट रहेगी। टैक्सी में ड्राइवर व दो सवारी बैठ सकेंगी। टू-व्हीलर पर एक व्यक्ति ही होगा।

रजिस्ट्रियां: सुबह 9 से शाम 5 बजे तक

  • मंगलवार से समय सारिणी व संख्या में इजाफा करते हुए रजिस्ट्रियां सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक होंगी। अब कार्यदिवस पर रजिस्ट्रियां नियमित रूप से होंगी।

हरियाणा में मरीजों का आंकड़ा 937 पहुंचा

  • सबसे ज्यादा गुरुग्राम में 211, फरीदाबाद में 159, सोनीपत में 137, झज्जर में 90, नूंह में 65, अंबाला में 42, पलवल में 39, पानीपत में 38, पंचकूला में 25, जींद में 20, करनाल में 19, रोहतक में 12, रेवाड़ी में 9, सिरसा, फतेहाबाद, व यमुनानगर में 8-8, महेंद्रगढ़ में 8, हिसार में 7, भिवानी में 6, कैथल में 5, चरखी-दादरी में 4, भिवानी में 3 संक्रमित मरीज हैं। इसके अलावा, मेदांता अस्पताल गुड़गांव में 14 इटली के नागरिकों को भी भर्ती करवाया गया था, जिन्हें हरियाणा ने अपनी सूची में जोड़ा है।

  • प्रदेश में अब कुल 598 मरीज ठीक हो गए हैं। इनमें गुरुग्राम में 114, फरीदाबाद में 77, सोनीपत में 93, नूंह में 60, झज्जर में 53, अंबाला में 40, पलवल 36, पानीपत में 30, पंचकूला में 23, जींद में 15, करनाल में 9, यमुनानगर में 8, सिरसा में 6, रोहतक में 4, महेंद्रगढ़ में 4, भिवानी और हिसार में 3-3, कैथल, कुरुक्षेत्र में 2-2, चरखी दादरी, फतेहाबाद 1-1 मरीज ठीक होकर घर लौट चुका है। 14 मरीज इटली के भी ठीक हुए हैं।


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लॉकडाउन के चौथे चरण में बाजारों के साथ-साथ सड़क पर ट्रैफिक पहले की तरह नजर आने लगी है। यह तस्वीर करनाल के बाजार की है, जहां वाहनों की लंबी-लंबी कतार नजर आ रही हैं।


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प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 5236 पर पहुंची, ग्रीन जोन जिलों में बाजार खुले, आम दिनों की तरह हुआ नजारा

मध्य प्रदेश में लॉकडाउन फेज-4 की तस्वीर साफ हो गई है। ग्रीन जोन में आम दिनों की तरह बाजार खुलने लगे हैं। सुबह से सड़कों और बाजारों में भीड़-भाड़ देखी जा रही है। सोमवार रात मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता के नाम संदेश में साफ किया है कि रेड और ग्रीन जोन में जो सहूलियतें दी जा रही हैं वे फिलहाल सिर्फ 7 दिन के लिए हैं। अगर हालात काबू में रहे तो फेज-4 में दी जा रहीं रियायते लागू रहेंगी। अगर संक्रमण बढ़ता है तो समीक्षा के बाद फिर से सख्ती की जाएगी। सोमवार देर रात प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 5236 पर पहुंच गई। इसमें इंदौर के 2637 और भोपाल के 1076 मरीज हैं। कुल 252 की मौत हो चुकी है।

फेज-4 मेंऑरेंज जोन अब नहीं होगा
राज्य सरकार ने रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बदलाव कर दिया। ऑरेंज जोन अब नहीं होगा। रेड जोन में इंदौर और उज्जैन का पूरा जिला रहेगा, जबकि भोपाल की सिर्फ नगर निगम सीमा तक ही रेड जोन प्रभावी होगा। भोपाल के साथ बुरहानपुर, जबलपुर, खंडवा, देवास नगर निगम क्षेत्र और मंदसौर, नीमच, धार और कुक्षी के नगर पालिका एरिया को रेड जोन माना जाएगा। बाकी को ग्रीन जोन मानकर उसमें केंद्रीय गृह मंत्रालय की गाइडलाइन और प्रोटोकॉल के हिसाब से गतिविधियां सामान्य की जाएंगी। रेड जोन में एक सप्ताह तक बाजार बंद रहेंगे। जिले के क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप से चर्चा और समीक्षा के बाद उन्हें खोला जाएगा। मोहल्ले, एकल दुकानें, आवासीय इलाकों की दुकानें, बाजार में स्थित आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खुली रहेंगी। रेड जोन के बाहर लाइसेंस वाली शराब और भांग की दुकानें खुल सकेंगी।

यह तस्वीर गुना की है। सोमवार को भी यहां दुकानों में व्यापारी एक साथ कई ग्राहकों को अंटेंड कर रहे थे। एक छोटी कपड़े की दुकान में जब ज्यादा ग्राहक आ गए तो यातायात पुलिस के जवान ने दुकानदार को सोशल डिस्टेंसिंग के लिए कहा।

शाम 7 से सुबह 7 बजे तक प्रदेश में कर्फ्यू

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शाम 7 से सुबह 7 बजे तक प्रदेश में कर्फ्यू रहेगा और आवागमन नहीं होगा। सिर्फ जरूरी वस्तुओं के लिए आवागमन की छूट रहेगी। सभी जोन में सार्वजनिक परिवहन भी एक सप्ताह तक प्रतिबंधित रखा जाएगा। राज्य सरकार ने भी तय किया है कि रेड जोन के कंटेनमेंट क्षेत्र का दायरा बढ़ाकर उसे बफर घोषित किया जाएगा और इसके बाहर गतिविधि सामान्य की जाएगी। इसका प्रयोग फिलहाल इंदौर, भोपाल, उज्जैन और बुरहानपुर को छोड़कर किया जाएगा। इन जिलों में यदि बफर तय करना है तो जिला क्राइसिस मैनेजमेंट से चर्चा के बाद निर्णय होगा।

यह तस्वीर विदिशा की है। यहां हाईवे पर उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर जा रहे लोगों के खाने के पैकेट देते स्थानीय लोग।

इंदौर में सोमवार को 72 नए पॉजिटिव मिले
शहर में सोमवार को 72 नए पॉजिटिव मिले। 902 सैंपल की जांच में 803 निगेटिव भी आए हैं। इसके अलावा 2 मौत भी हुई हैं। आंकड़ों को देखें तो 6 से 16 मई तक नए सैंपल की संख्या 1200 से 1500 के बीच थी। फिर अचानक 17 मई को सैंपल की संख्या कम कर दी गई। पूर्व में भी 26 अप्रैल से 1 मई के बीच सैंपल की संख्या कम थी। जिसके कारण पॉजिटिव मरीजों की संख्या भी कम मिली। इसके बाद भोपाल की तर्ज पर सैंपल की संख्या में बढ़ोतरी की गई तो पॉजिटिव की संख्या भी बढ़ने लगी। विशेषज्ञ इसी बात पर जोर दे रहे हैं कि ज्यादा से ज्यादा सैंपलिंग की जाना चाहिए ताकि मरीजों की पहचान की जा सके।

क्वारैंटाइन सेंटर में 700 संदिग्ध बढ़े, आसपास के लोग दहशत में
इंदौर में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण शहर के क्वारैंटाइन सेंटरों में संदिग्धों की संख्या एक बार फिर बढ़ गई है। इस वजह से इन क्वारैंटाइन सेंटर्स और आसपास के रहवासी इलाकों में लोग डरने लगे हैं।शहर के 46 क्वारैंटाइन सेंटर में से 30 सेंटर मई की शुरुआत में खाली हो गए थे। तब इनमें करीब 600 संदिग्ध बचे थे। अब वापस सभी सेंटरों में संदिग्धों की संख्या 1300 के आसपास पहुंच चुकी है।

रेड जोन में शामिल राजधानी भोपाल की सड़कों पर आज सुबह से वाहन नजर आ रहे हैं।

भोपाल में एक दिन में मिले 59 मरीज

राजधानी में सोमवार को कोरोना के 59 नए मरीज मिले। यह एक ही दिन में मिले मरीजों का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इनमें सबसे ज्यादा 28 मरीज जहांगीराबाद क्षेत्र के हैं। भोपाल में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 1076 हो गई है। स्वास्थ्य संचालनालय के अफसरों ने बताया कि भोपाल में सोमवार देर रात आई जांच रिपोर्ट में जहांगीराबाद, मंगलवारा, अशोका गार्डन, गोविंदपुरा और छत्रसाल नगर के 40 रहवासियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसके पहले सुबह 19 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।

मंगलवार सुबह विदिशा के बाजार में उमड़ी लोगों की भीड़।

सागर: एक दिन में रिकॉर्ड 18 पॉजिटिव मिले, इनमें दो परिवार के 14

सोमवार को 18 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले। अब तक मरीजों की संख्या 39 हो गई। नए केस में सदर निवासी दो परिवार के 14 सदस्य शामिल हैं। इसमें एक परिवार के 10 और दूसरे के 4 सदस्य हैं। वहीं, तिलकगंज निवासी 1 साल की मासूम और मोतीनगर निवासी महिला भी संक्रमित पाए गए। 2 केस दोपहर में मिले थे। यहां सदर इलाके में 21 केस हैं।

ग्रीन जोन में शामिल अशोकनगर में आज सुबह से सड़कों पर चहल-पहल बढ़ गई है।

कोरोना अपडेट्स

  • इंदौर की 900 से ज्यादा इंडस्ट्री को मंजूरी मिलेगी: लॉकडा‌उन फेज- 4 में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की ओर कदम बढ़ाते हुए जिला प्रशासन ने सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र, पालदा औरअन्य जगह की 900 से ज्यादा इंडस्ट्री को मंजूरी देने की तैयारी कर ली है। इससे 10 हजार से अधिक श्रमिक फैक्ट्रीपरिसर में ही रहकर काम शुरू कर सकेंगे। कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि इसके लिएसूची बना‌ई जा रही है। इसके साथ ही 29 गांवों में रियल एस्टेट सेक्टर को पटरी पर लाने का काम शुरू हो रहा है।
  • भोपाल से आज बिहार जाएगी पहली ट्रेन :मंगलवार को पहली श्रमिक स्पेशलट्रेन हबीबगंज स्टेशन से बिहार रवाना होगी। यह ट्रेनदोपहर 3 बजे अररियालिए जाएगी।
  • हबीबगंज से ऊधमपुर के लिए चली स्पेशल ट्रेन : सोमवार शाम जम्मू के ऊधमपुर के लिए चली स्पेशल ट्रेन के आधे कोच भी नहीं भर सके। 22 डिब्बों की इस ट्रेन से 1404 में से 493 यात्री ही रवाना हुए। इसमें इंदौर से यहां पहुंचे 24 युवा भी शामिल रहे, जिन्हें बस से यहां लाया गया था। यह युवा जम्मू, श्रीनगर व पुलवामा के रहने वाले हैं, जो इंदौर में पढ़ाई के साथ पार्ट टाइम जॉब कर रहे थे।
भोपाल-विदिशा हाईवे पर प्रवासी मजदूर तीखी धूप में इस तरह से सफर करने मजबूर हैं।

राज्य में अब तक 5236 संक्रमित :
इंदौर 2565, भोपाल 1030, उज्जैन 343, जबलपुर 182, बुरहानपुर 152, खरगोन 99, धार 106, खंडबा 165, रायसेन 65, देवास 63, मंदसौर 60, ग्वालियर 65, नीमच 50, होशंगाबाद 37, मुरैना 34, बड़वानी 31, रतलाम 28, सागर 21, भिंड 19, विदिशा 15, रीवा 14, आगरमालवा 13, शाजापुर और सतना में 8-8, झाबुआ 7, टीकमढ़, छिंडवाड़ा और सीहोर में 5-5, श्योपुर और सीधी में 4-4, अलीराजपुर, अनूपपुर, हरदा, शहडोल, शिवपुरी, दतिया, बैतूल और अशोकनगर में 3-3, डिंडोरी और पन्ना में 2-2, दमोह, गुना, मंडला, सिवनी, उमरिया में एक-एक संक्रमित मिला।

252 की मौत: इंदौर 101, भोपाल 39, उज्जैन 48, जबलपुर 8, बुरहानपुर 11, खरगोन 8, खंडवा 8, देवास 5, मंदसौर 5, होशंगाबाद और रायसेन 3-3, धार 2, ग्वालियर 1, नीमच, सागर, आगरमालवा, शाजापुर, सतना, छिंदवाड़ा, सीहोर और अशोकनगर में एक-एक की मौत हुई। (स्वास्थ्य विभाग द्वारा 18 मई को जारी बुलेटिन के अनुसार)



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यह तस्वीर गुना की है। यहां लॉकडाउन में ढील मिलते ही बाजार में भीड़ देखने को मिल रही है।


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122 नए पॉजिटिव केस सामने आए, एक की मौत; जयपुर में बड़ीं संख्या में सड़कों पर निकले लोग, कई जगह बनी जाम की स्थिति

राजस्थान में मंगलवार को 122 नए पॉजिटिव केस सामने आए। इनमें डुंगरपुर में 48, पाली में 29, नागौर में 16, उदयपुर में 10, कोटा में 5, जयपुर, प्रतापगढ़, झुंझुनू में 2-2, दौसा, झालावाड़, धौलपुर, सिरोही, चूरू, टोंक, अलवर और अजमेर में 1-1 संक्रमित मिला। जिसके साथ कुल संक्रमितों का आंकड़ा 5629 पहुंच गया। साथ ही भरतपुर में एक मौत भी रिकॉर्ड की गई। जिसके बाद कुल मौतों का आंकड़ा 139 पहुंच गया।

लॉकडाउन 4.0 की गाइडलाउन जारी होने के बाद सड़कों पर निकले लोग

जयपुर में लॉकडाउन 4.0 की शुरुआत के साथ अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई। यहां पर कर्फ्यू में ढील को लेकर काफी असमंजस पैदा हो गया। लोग अपने ऑफिस के लिए निकल पड़े। जिसके बाद सड़कों पर लंबा जाम लग गया। काफी संख्या में वाहन नॉन कफ्यू एरिया से कर्फ़्यू एरिया में चले गए। इसके बाद कर्फ़्यू ग्रस्त इलाकों के अंदर मौजूद पुलिस ने चालकों को समझाइश कर वापस भेजा।

निगेटिव दो मरीजों के साथ पॉजिटिव को भी कर दिया डिस्चार्ज, 16 घंटे बाद दोबारा लाए अस्पताल
डूंगरपुर जिला अस्पताल में मेडिकल कॉलेज द्वारा बनाए कोविड-19 डेडीकेटेट अस्पताल में डॉक्टरों की गंभीर लापरवाही सामने आई है। डॉक्टरों ने रविवार रात निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद दो मरीजाें के साथ एक पॉजिटिव मरीज को भी डिस्चार्ज कर दिया। हैरानी की बात है कि सोमवार सुबह 9 बजे तक अस्पताल प्रबंधन को अपनी इस बड़ी भूल का पता तक नहीं चला। इसके बाद अानन फानन में उसे वापस लाया गया। पॉजिटिव मरीज अपने गांव में 16 घंटे रहा।

दूसरे राज्यों के लिए बसें चलाने को लेकर वार्ता जारी : गहलोत

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश के जिन क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा हुआ है उन क्षेत्रों को छोड़ कर सभी जगहों पर काॅमर्शियल एक्टिविटी शुरू की जाएंगी। अंतरराज्यीय बस परिवहन को लेकर अन्य राज्यों के साथ बातचीत चल रही है। प्रवासी मजदूर पैदल नहीं चलें, इसकी व्यवस्था भी की जा रही है। स्कूल, कॉलेज, सिनेमा हॉल या ऐसी जगह जहां ज्यादा लोग इकट्ठे होते हैं, वह अभी बंद रखने पड़ेंगे। राजस्थान में अब तक 5 लाख 80 हजार लोग बाहर से आ चुके हैं इनमें से 581 लोग कोरोना पॉजिटिव आ चुके हैं। केंद्र की ओर से जोन बनाने की जो छूट राज्यों को दी गई है उसका लाभ मिलेगा क्योंकि हर राज्य की अलग-अलग स्थिति होती है।

जोधपुर में पॉजिटिव से निगेटिव हुई महिला ने स्वस्थ बच्ची काे जन्म दिया

एमडीएमएच में कोरोना पॉजिटिव से निगेटिव हुई जालोर की 28 वर्षीय महिला ने सोमवार को 2.7 किग्रा की बच्ची को जन्म दिया। डिलीवरी सिजेरियन हुई। महिला 11 मई को जालोर में पॉजिटिव आई थी। गर्भवती होने से उसे एमडीएमएच जोधपुर रेफर किया। यहां महिला के 2 टेस्ट निगेटिव आए तो डिलीवरी कराना तय हुआ। सोमवार सुबह डॉ. संतोष खोखर, डॉ. विनीता शर्मा और डॉ. अस्मिता बानो ने सीजेरियन डिलीवरी कराई। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। डॉ. बानो ने बताया कि जब सीनियर डॉक्टरों के साथ ऑपरेशन शुरू किया तो हिम्मत मिली और सफल रहा तो बहुत अच्छा लग रहा है। ऑपरेशन में करीब आधा घंटा लगा। ऑपरेशन से पहले पूरी सेफ्टी मेजर लिए। खुद के कपड़ों के साथ छह और लेयर थी बॉडी पर, फिर ऑपरेशन किया।


जयपुर में 200 से अधिक डॉक्टर, पुलिस और नर्सेज भी प्लाज्मा देने के लिए तैयार

एसएमएस अस्पताल में जानलेवा बीमारी कोरोना का दर्द झेल रहे मरीजों को 200 से ज्यादा डॉक्टर, पुलिस और नर्सेज प्लाज्मा देने के लिए तैयार है। ट्रांसफ्यूजन मेडिसन विभाग में एंटीबॉडीज की जांच भी करा चुके है। जिन मरीजों में कोरोना खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है, उनके लिए यह थैरेपी कारगर है। इसमें एंटीबॉडी इस्तेमाल किया जाता है। किसी खास वायरस के खिलाफ शरीर में एंटीबॉडी तभी बनता है, जब इंसान उससे पीड़ित होता है।


उदयपुर में एएसपी, 80 पुलिसकर्मियों की जांच रिपोर्ट निगेटिव

घंटाघर थाना के हॉट स्पॉट हेलावाड़ी क्षेत्र में ड्यूटी देने वाले एएसपी सिटी सहित 80 पुलिसकर्मियों की कोरोना जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है। एएसपी सिटी गोपाल स्वरूप मेवाड़ा ने बताया कि हेलावाड़ी सहित उसके आस-पास हॉट स्पॉट एरिया में ड्यूटी देने वाले पुलिसकर्मियों के जांच कराने के लिए सूरजपोल थाने के सामने मेडिकल कैंप लगाया गया था। इसमें डीएसपी नेत्रपाल सिंह, राजीव जोशी, हितेश मेहता, इंस्पेक्टर संजय शर्मा, भवानी सिंह सहित घंटाघर, सूरजपोल, धानमंडी थाना और लाइन के जाब्ते ने सैंपल दिए थे।

कोटा में 7 और मरीज किए डिस्चार्ज

कोरोना को मात देकर कोटा के नए अस्पताल से 7 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। इनमें से 6 मरीजों को आलनिया स्थित क्वारेंटाइन सेंटर व 1 मरीज को घर भेजा गया है। अधीक्षक डॉ. सीएस सुशील ने बताया कि हमारे यहां से अब तक 243 मरीज डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। इनमें कोटा के अलावा बारां व झालावाड़ के मरीज भी शामिल हैं। साेमवार काे डिस्चार्ज किए गए मरीज प्रताप नगर, इंदिरा मार्किट, एक मीनार, कैथूनीपोल, बकरा मंडी, जयहिंद नगर निवासी हैं।

बीकानेर से मध्य प्रदेश के यह श्रमिक पैदल ही घर के लिए निकल पड़े।

33 में से 31 जिलों में संक्रमण पहुंचा

  • प्रदेश में संक्रमण के सबसे ज्यादा केस जयपुर में हैं। यहां 1627 (2 इटली के नागरिक) संक्रमित हैं। इसके अलावा जोधपुर में 1118 (इनमें 47 ईरान से आए), कोटा में 331, अजमेर में 257, उदयपुर में 411, टोंक में 150, चित्तौड़गढ़ में 159, नागौर में 190, भरतपुर में 129, बांसवाड़ा में 72, पाली में 161, जालौर में 97, जैसलमेर में 73 (इनमें 14 ईरान से आए), झालावाड़ में 50, झुंझुनूं में 60, भीलवाड़ा में 80, बीकानेर में 53, मरीज मिले हैं। उधर, दौसा में 39, धौलपुर में 28, अलवर में 36, चूरू में 47, राजसमंद में 53, सिरोही में 49, डूंगरपुर में 172, हनुमानगढ़ में 14, सीकर में 45, सवाई माधोपुर में 17, बाड़मेर में 33, करौली में 10, प्रतापगढ़ में 7 कोरोना मरीज मिल चुके हैं। बारां में 4 संक्रमित मिले हैं। जोधपुर में बीएसएफ के 50 जवान भी पॉजिटिव मिल चुके हैं। वहीं दूसरे राज्यों से आए 7 लोग पॉजिटिव मिले।

  • राजस्थान में कोरोना से अब तक 139 लोगों की मौत हुई है। इनमें जयपुर में 72 (जिसमें चार यूपी से), जोधपुर में 17, कोटा में 12, अजमेर में 5, भरतपुर, पाली और नागौर में 4-4, बीकानेर में 3, जालौर, करौली, अलवर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और सीकर में 2-2, उदयपुर, बांसवाड़ा, चूरू, प्रतापगढ़, सवाई माधोपुर और टोंक में 1-1 की मौत हो चुकी है।


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लॉकडाउन 4.0 में गाइडलाइन जारी होने के साथ ही मंगलवार को सड़कों पर लोगों की भीड़ नजर आई।


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सेंसेक्स 421 अंक और निफ्टी 138 पॉइंट ऊपर खुला, सोमवार को अमेरिकी बाजार डाउ जोंस 911 अंक ऊपर बंद हुआ था

सप्ताह में आज मंगलवार को कारोबार के दूसरे दिन बाजार बढ़त के साथ खुला। सेंसेक्स 421.76अंक ऊपर और निफ्टी 138.45पॉइंट ऊपर खुला। इससे पहले सोमवार को कारोबार के पहले दिन बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ था। सुबह सेंसेक्स 150.53 अंक ऊपर और निफ्टी 21.45 पॉइंट ऊपर खुला था। हालांकि, ट्रेडिंग के पहले ही मिनट में सेंसेक्स में गिरावट आ गई। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1068.75 अंक नीचे 30,028.98 पर और निफ्टी 313.60 पॉइंट नीचे 8,823.25 पर बंद हुआ था।

दुनियाभर के बाजार बढ़त के साथ बंद हुए
सोमवार को भले ही भारतीय बाजार गिरावट के साथ बंद हुए, लेकिन दुनियाभर के दूसरे बाजारों में बढ़त रही। अमेरिकी बाजार डाउ जोंस 3.85 फीसदी की बढ़त के साथ 911.95 अंक ऊपर 24,597.40 पर बंद हुआ। वहीं, अमेरिका के दूसरे बाजार नैस्डैक 2.44 फीसदी बढ़त के साथ 220.27 अंक ऊपर 9,234.83 पर बंद हुआ। दूसरी तरफ, एसएंडपी 3.15 फीसदी बढ़त के साथ 90.21 पॉइंट ऊपर 2,953.91 पर बंद हुआ। चीन का शंघाई कम्पोसिट 0.56 फीसदी बढ़त के साथ 16.01 अंक ऊपर 2,891.43 पर बंद हुआ। इधर इटली, जर्मनी, फ्रांस और कनाडा के बाजार भी बढ़त के साथ बंद हुए।

कोरोना से देश और दुनिया में मौतें
देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 1,00,328 हो गई है। इनमें 57,933 की रिपोर्ट पॉजीटिव है। वहीं 39,233 संक्रमित ठीक हो गए हैं। देश में अब तक कोरोना से मरने वालों की संख्या 3,156 हो चुकी है। ये आंकड़े covid19india.org के अनुसार हैं। दूसरी तरफ, दुनियाभर में कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 4,891,015 हो चुकी है। इनमें 320,134 की मौत हो चुकी है। अमेरिका में कोरोना से मरने वालों की संख्या 91,981 हो चुकी है।

09:56 AM सेंसेक्स 519.01 अंक ऊपर 30,547.99 पर और निफ्टी 140.65 पॉइंट ऊपर 8,963.90 पर कारोबार कर रहा है।

09:43 AM निफ्टी 50 के टॉप-10 लूजर स्टॉक्स; सबसे ज्यादा गिरावटयूनाइटेड फॉस्फोरस लिमिटेड के शेयर में है।

09:39 AM

निफ्टी 50 के टॉप-10 गेनर स्टॉक्स; सबसे ज्यादा बढ़त ओएनसीजी और भारती एयरटेल के शेयरों में है।

सरकार की तरफ से ये पैकेज अलग-अलग किस्तों में फरवरी से 17 मई के बीच ऐलान किए गए हैं। आखिरी किस्त 17 मई, यानी रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषित की।दैनिक भास्कर इसका विश्लेषण कर रहा है। ताकि आपके सामने पूरा हिसाब-किताब रख सकें और ये भी बता सकें कि इससे किसे, कितना, कब तक और किस तरह फायदा हो सकता है?

09:29 AM

बीएसई सेंसेक्स के 23 सेक्टर में से सिर्फ हेल्थकेयर सेक्टर में गिरावट है, अन्य सभी में बढ़त है।

09:27 AM

बीएसई सेंसेक्स के सभी 32 इंडेक्स आज बढ़त के साथ खुले हैं।

09:23 AM

बीएसई सेंसेक्स 30 में शामिल 26 कंपनियों के शेयरों में बढ़त और अन्य 4 में गिरावट है। भारतीएयरटेल के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त है।

09:15 AM

सेंसेक्स 339.97 अंक ऊपर 30,368.95 पर और निफ्टी 218.55 पॉइंट ऊपर 8,918.30 पर कारोबार कर रहा है।

अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद



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सोमवार को सेंसेक्स 1068 अंक नीचे 30,028 पर बंद हुआ था, जबकि आज ये 421 अंक ऊपर खुला है


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ट्रम्प की डब्ल्यूएचओ को चिट्‌ठी, 30 दिन में सुधार न होने पर फंडिंग स्थाई तौर पर फ्रीज करने की चेतावनी दी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को चिट्ट्‌ठी लिखकर चेतावनी दीहै। उन्होंने लिखा हैकि30 दिन में संगठन में सुधार करें। ऐसा न करने पर आपको दी जा रहीफंडिंग स्थाई रूप से फ्रीज कर दी जाएगी और अमेरिका संगठन कासदस्य बने रहने पर भी दोबारा विचार करेगा।

ट्रम्प नेइससे पहले व्हाइट हाउस में भी डब्ल्यूएचओ की आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘‘वे (डब्ल्यूएचओ) चीन की कठपुतली है। यह कहना बेहतर होगा कि वे चीन केंद्रित हैं। अमेरिका डब्ल्यूएचओ को सालाना 450 मिलियन डॉलर (करीब 3500 करोड़ रु.) देता है। इसे कम करने की योजना बनाई जा रही है क्योंकि हमारे साथ सही बर्ताव नहीं हुआ।’’

हर दिन हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की दवा लेता हूं: ट्रम्प
ट्रम्प ने दावाकिया कि वे कोरोना से बचने के लिए हर दिन मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन जिंक के साथलेते हैं। उन्होंने कहा मैंपिछले डेढ़ हफ्ते से हर दिन ऐसा कर रहा हूं। जब उनसे पूछा गया कि वे यह दवा क्यों ले रहे हैं तो उन्होंने कहा, ‘‘क्योंकि मैं सोचता हूं यह अच्छा है, मैंने इसके बारे में कई अच्छी कहानियां सुनी हैं।आप यह जानकर हैरान होंगे कि कई लोग खास तौर पर फ्रंटलाइन पर काम करने वाले कर्मचारी यह दवा लेते हैं।’’

‘व्हाइट हाउस के फिजीशियन ने इसके इस्तेमाल की सलाह दी’
ट्रम्प ने कहा, ‘‘व्हाइट हाउस के एक डॉक्टर ने भी कहा कि मैं यह दवा ले सकता हूं। हालांकि, पहल मैंने की थी। मैंने उनसे पूछा था किआप इस दवा के बारे में क्या सोचते हैं?उन्होंने कहा कि अगर आप चाहेंतो ले सकते हैं। अगर इससे कोई असर नहीं हुआ तब भीआप बीमार नहीं पड़ेंगे या आपकी मौत नहीं होगी। मैं हर दिन एक गोली लेता हूं। समय आने पर बंद कर दूंगा।’’

एफडीए ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन न लेनेकी चेतावनी दी थी
अमेरिकी सरकार के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने चेतावनी दी थी कि कोरोना के इलाज या इसे रोकने के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का इस्तेमाल नहीं किया जाए। एफडीए ने इसके साइडइफेक्टस को ध्यान में रखते हुए यह बात कही थी। इससे दिल से जुड़ी समस्याएं सामने आई थीं। मौजूदा नियमों के मुताबिक इसका इस्तेमाल सिर्फ इमरजेंसी में किया जा सकता है।



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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को एक बार फिर कहा कि हम डब्ल्यूएचओ की फंडिंग में कटौती की योजना बना रहे।


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