बुधवार, 7 अक्टूबर 2020

गुरु गोविंद सिंह का शहीदी दिवस; 61 साल पहले चांद के अंधेरे हिस्से की पहली तस्वीर और 2001 में अफगानिस्तान पर हमला

सिखों के दसवें और अंतिम गुरु गुरु गोविंद सिंह जी ऐसे वीर संत थे, जिनकी मिसाल दुनिया के इतिहास में कम ही मिलती है। उन्होंने मुगलों के जुल्म के सामने कभी भी घुटने नहीं टेके और सिखों को खालसा पंथ की स्थापना की। आज उनका शहीदी दिवस है। 1708 में 7 अक्टूबर को वे मुगलों से लड़ाई में शहीद हुए।

वाहे गुरु जी का खालसा, वाहे गुरु जी की फतेह और सवा लाख से एक लड़ाऊं, चिड़ियन ते मैं बाज तुड़ाऊं, तबै गुरु गोबिंद सिंह नाम कहाऊं जैसे वाक्य गुरु गोविंद सिंह की वीरता को बयां करते हैं। 15वीं सदी में गुरु नानक ने सिख पंथ की स्थापना की। गोविंद सिंह जी के पिता गुरु तेग बहादुर भी इस पंथ के गुरु थे।

गुरु गोविंद सिंह ने 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की थी। आनंदपुर साहिब में वैशाखी के अवसर पर एक धर्मसभा के दौरान उन्होंने पंच प्यारों को चुना। उनके ही निर्देश पर सिखों के लिए खालसा पंथ के प्रतीक के तौर पर केश, कंघा, कृपाण, कच्छ और कड़ा अनिवार्य हुआ।

2001: अफगानिस्तान में युद्ध शुरू हुआ

अफगानिस्तान में तालिबान और अल-कायदा के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक शुरू हुई थी।

जब तालिबान ने 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन के हैंडओवर से मना कर दिया तो अमेरिकी और ब्रिटिश सेनाओं ने 7 अक्टूबर 2001 को अफगानिस्तान में अल-कायदा और तालिबान ठिकानों को निशाना बनाया। एयरस्ट्राइक शुरू हुई और इस मिशन को नाम दिया- ऑपरेशन एंड्यूरिंग फ्रीडम। यह हमले ग्लोबल वॉर ऑन टेरर का हिस्सा थे।

1959: चांद के अंधेरे हिस्से की पहली झलक मिली

चांद के अंधेरे हिस्से को दिखाने वाली यह है पहली तस्वीर। इसे लूना-3 ने 1959 में खींचा था।

सोवियत स्पेसक्राफ्ट लूना 3 ने पहली बार चांद के दूर वाले हिस्से की तस्वीर 7 अक्टूबर 1959 को ली। इन तस्वीरों की मदद से ही एस्ट्रोनॉमर्स चांद के अंधेरे हिस्से का एटलस बना सके थे। यह तस्वीरें उन हिस्सों की हैं, जो पृथ्वी से नहीं दिखते। चांद का मूवमेंट कुछ इस तरह का है कि अलग-अलग समय में भी पृथ्वी से सिर्फ 59% हिस्सा ही दिखता है।

इतिहास में आज की तारीख को इन घटनाओं के लिए भी याद किया जाता है..

  • 1586ः मुगल सेना ने कश्मीर में प्रवेश किया।
  • 1702ः मार्लबोरो के नेतृत्व में ब्रिटिश और डच सैनिकों पर कब्जा किया।
  • 1714ः नीदरलैंड्स के अल्कमार में बीयर पर टैक्स लगने के कारण लोगों ने दंगा किया।
  • 1737ः बंगाल में 20 हजार छोटे जहाज के समुद्र में 40 फीट नीचे डूब गए। इस हादसे में तीन लाख लोगों की मौत ​हुई।
  • 1780ः अमेरिकी मिलिशिया ने ब्रिटिश सेना को किंग्स माउंटेन, दक्षिण कैरोलिना के पास हराया गया।
  • 1886ः स्पेन ने क्यूबा की गुलामी समाप्त की।
  • 1916ः सिडनी के तारोंगा शहर में एक चिड़ियाघर बनाया गया, जिसमें जानवरों के लिए कोई पिंजरा नहीं था।
  • 1942ः अमेरिका और ब्रिटिश सरकार ने संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की घोषणा की।
  • 1949ः पूर्वी जर्मनी, डेमोक्रेटिक सरकार के अस्तित्व में आने के साथ एक अलग देश बना।
  • 1950: मदर टेरेसा को वेटिकन से कलकत्ता में नन के मिशनरीज ऑफ चैरिटी ऑर्डर बनाने की इजाजत मिली।
  • 1952ः चंडीगढ़ को पंजाब की राजधानी बनाया गया।
  • 1977ः तत्कालीन सोवियत रूस ने चौथे संविधान को शामिल किया।
  • 1987ः सिख राष्ट्रवादियों ने भारत से खालिस्तान की स्वतंत्रता की घोषणा की।
  • 1992ः भारत में रैपिड एक्शन फोर्स की स्थापना की गई। इसका गठन सांप्रदायिक दंगों में सहानुभूति के साथ निपटने के लिए एक एक्सपर्टाइज फोर्स के तौर पर हुआ।
  • 2000ः जापान में मानव क्लोनिंग दंडनीय अपराध घोषित हुआ।
  • 2008ः टाटा के चेयरमैन रतन टाटा ने कहा कि नैनो प्रोजेक्ट के लिए कंपनी ने गुजरात में 1,100 एकड़ जमीन हासिल कर ली है।
  • 2009ः भारतवंशी वेंकटरमन रामाकृष्णन, याले प्रोफेसर थॉमस स्टेट्ज और इजरायली अदा योनाथ को रसायन का नोबेल देने की घोषणा हुई।


आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
Today History for October 7th/ What Happened Today | Guru Gobind Singh Murdered | First Image of Darker Side Of Moon Captured By Luna-3 | US, British Forces Begun Airstrike on Afghanistan


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3d7rGxX
https://ift.tt/36HFz4S

2 मीटर की तुलना में 1 मीटर की दूरी पर कोरोना संक्रमण का रिस्क 10 गुना ज्यादा, कम वेंटिलेशन वाली जगहों पर सिर्फ डिस्टेंसिंग से काम नहीं चलेगा

कोरोनावायरस से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग बेहद जरूरी है। पर क्या आपको पता है कि कितनी दूरी वायरस से बचने के लिए जरूरी है। इसे लेकर पहले दिन से ही वैज्ञानिकों के मत अलग-अलग रहे हैं। अब एक्सपर्ट्स सोशल डिस्टेंसिंग के लिए नया फॉर्मूला दे रहे हैं। उनका कहना है कि 2 मीटर की दूरी 1 मीटर से 10 गुना तक ज्यादा सुरक्षित है। इसके अलावा छोटी और कम वेंटिलेशन वाली जगहों पर सिर्फ सोशल डिस्टेंसिंग ही काफी नहीं है।

सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर हेल्थ एजेंसियां क्या कहती हैं?

  • WHO द्वारा गठित एक आयोग ने कोरोना के ट्रांसमिशन में फिजिकल डिस्टेंसिंग को लेकर अध्ययन किया। इसमें पता चला कि 1 मीटर से कम की फिजिकल डिस्टेंसिंग में ट्रांसमिशन का रिस्क 12.8% है, जबकि एक मीटर तक में 2.6% है।
  • ब्रिटेन के साइंटिफिक एडवाइजरी ग्रुप के एक अध्ययन के मुताबिक, 2 मीटर की दूरी की तुलना में 1 मीटर की दूरी पर ट्रांसमिशन का रिस्क में 2 से 10 गुना ज्यादा रहता है।
  • एक्सपर्ट्स WHO की आलोचना करते हुए कहते हैं कि उसे आयोग ने पुरानी स्टडी के तथ्यों को ही अपने निष्कर्ष के तौर पर दुनिया के सामने रख दिया। लगभग यही नियम सार्स और मार्स वायरस के दौरान भी इस्तेमाल किया गया था।

सिर्फ डिस्टेंसिंग से ही काम नहीं चलेगा

  • छोटी और कम वेंटिलेशन वाली जगहों पर हवा के बाहर न पाने की वजह से ब्रीदिंग ड्रॉपलेट्स के ट्रांसमिशन का रिस्क ज्यादा रहता है। ऐसी जगहों पर डिस्टेंसिंग के साथ-साथ मास्क लगाना बेहद जरूरी होता है।
  • खुली और बड़ी जगहों पर कम से कम एक मीटर की दूरी बनानी ही चाहिए। हालांकि, दो मीटर की दूरी ज्यादा सेफ है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि दो मीटर की दूरी में ट्रांसमिशन होने की संभावना सिर्फ 1% है।

जानिए कहां से आई सोशल डिस्टेंसिंग थ्योरी?

बोलने और खांसने में किस साइज के ड्रॉपलेट्स निकलते हैं और कितनी दूर तक ट्रांसमिट हो सकते हैं। इस बात का अध्ययन पहली बार 1897 में किया गया था, लेकिन तब उतने संसाधन मौजूद नहीं थे। इसलिए 1942 में इसका विजुअल डॉक्यूमेंटेशन पेश किया गया। ये विजुअल तभी का है। स्रोत-बीजीएम
ड्रॉपलेट्स के ट्रांसमिशन के अध्ययन के आधार पर 1942 में बनाया गया विजुअल प्रजेंटेशन। स्रोत-बीजीएम

जगह पर ट्रांसमिशन का कितना रिस्क?

एक छोटे और चारों तरफ से बंद कमरे में डिस्टेंसिंग ज्यादा करनी होगी। आप जहां भी हैं उस कमरे या हॉल की साइज और वेंटिलेशन पर भी फिजिकल डिस्टेंसिंग की दूरी निर्भर करती है। लो रिस्क और मीडियम रिस्क वाली जगहों पर 1 मीटर की फिजिकल डिस्टेंसिंग तो रखनी ही चाहिए।

पर हाई रिस्क वाली जगहों पर 2 मीटर या उससे ज्यादा की दूरी बनानी है। रिसर्च एजेंसी द बीएमजे ने अलग-अलग जगहों को हाई रिस्क, मीडियम रिस्क और लो रिस्क में बांटा है। आइए जानते हैं कि कहां रिस्क का लेवल क्या है?



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
Physical distancing is a very old rule; How much physical distention is to be kept in this stage depends on different places.


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2F7Ji0l
https://ift.tt/2SAcUX8

सात निश्चय या साथ निश्चय, किस पर भरोसा करें सुशासन बाबू? अब तो ‘दो NDA’ भी चुनाव लड़ रहे

चिराग पासवान ने ‘सात निश्चय’ को लेकर नीतीश कुमार पर हमले की जो शुरुआत की थी, उसे रविवार को पूर्णाहुति दे दी। खींचतान की अटकलों के बीच आखिरकार जदयू-भाजपा गठबंधन यानी एनडीए की सीट शेयरिंग का फार्मूला भी मंगलवार को सामने आ गया। जदयू 122 और भाजपा 121 सीटों पर लड़ेगी। दोनों अपने-अपने खाते के सहयोगियों को इसी में एडजस्ट करेंगे।

चिराग के हमले और जदयू से अलगाव, पर भाजपा का दोस्त बने रहने के मुखर ऐलान के बाद कुछ असहज होते नीतीश को आखिर भाजपा ने मनाया और बात साथ में प्रेस कांफ्रेंस करने तक पहुंची। इस बीच, भाजपा कई चरणों में कभी नीतीश को मनाती, तो कभी सफाई देती दिखी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को तो नीतीश को मनाने के लिए एक ऐसी प्रेस कांफ्रेंस करनी पड़ी, जिसमें वे 44 सेकंड में 5 बार नीतीश कुमार के नेतृत्व में आस्था जताते दिखे। यानी सब ने देखा कि ‘लोजपा की एक चाल’ ने भाजपा को फिलहाल तो परेशान कर ही दिया है। या शायद दिखा तो वह ऐसा ही रही है।

बिहार चुनाव 2020 में जमीन पर अब तक माहौल बना हो या नहीं, आम बिहारी मानस में यह सवाल जरूर गुलाटी मारने लगा था कि चुनाव बाद क्या होगा? कम से कम बीते 3-4 दिनों में ये सवाल ज्यादा उठा। बिहारी मानस मान रहा है कि अब जो भी होगा, कुछ नया होगा। चिराग से निकली लपट और भाजपा के मूक समर्थन में बस उसे उस कल की एक झलक दिखी है। इसे लेकर आम आदमी भी सोच रहा है और राजनीतिक विश्लेषक भी। अतीत में झांकें तो इस आने वाले कल की जमीन उसी खाद-पानी से तैयार हुई है, जिसका इस्तेमाल खुद नीतीश कुमार लम्बे समय से खुलकर करते आ रहे हैं।

चिराग ने जो बवंडर मचाया है, उसकी धुरी भी स्वाभाविक रूप से सरकार नहीं, नीतीश कुमार हैं। सरकार में तो ‘सब’ थे। सवाल सिर्फ नीतीश कुमार से हुआ है! सवाल सीधा उनके सात निश्चय पर उठा है। बनते-बिगड़ते गठबंधन और उससे उपजे भविष्य को देखने के लिए हमें ‘सात निश्चय’ बनाम ‘साथ निश्चय’ के सूत्र से इस पूरे घटनाक्रम को समझना होगा। यह अनायास नहीं था कि इसी सात निश्चय पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए चिराग ने मंगलवार को फिर ठीक उस वक्त ट्वीट किया, जब नीतीश पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे।

ताजा राजनीतिक उलटफेर इसी ‘सात’ और ‘साथ’ के इर्दगिर्द है। सात के चक्कर में साथ को भुला दिया गया और ये साथ वाली भूल बार-बार हुई। ‘सात निश्चय’ तो ठीक थे, लेकिन ‘साथ’ निभाने में हर कदम पर चूक हुई। ‘सात’ आप भले पकड़े रहे हों, ‘साथ’ को आपने कभी नहीं पकड़ा। पकड़ा भी तो उसमें वह मजबूती नहीं थी। पकड़ बार-बार फिसली। साथ की पहली शर्त ही मुलायमियत होती है। वह शर्त भी भुला दी गई। ‘मजबूत साथ’ में शर्त नहीं हुआ करती। शर्तों के साथ कोई 'साथ' मजबूत नहीं होता, यह भी नहीं याद रहा।

बिहार के बीते 15 साल का इतिहास गवाह है कि शर्तें हमेशा नीतीश कुमार की ही चलीं। पूर्व एनडीए के साथ वाली सरकार रही हो, लालू प्रसाद के साथ वाली सरकार या फिर 9 माह में किनारे फेंक दिए गये मांझी के साथ वाली सरकार। शर्तें तो इस बार भी नीतीश की ही रही हैं, भले ही कई बार उन्हें खामोशी अख्तियार करनी पड़ी हो। चली तो अभी तक नीतीश की ही। इस हद तक चली कि चुनावी माहौल बनने के पहले जून में ही अमित शाह को नीतीश के ही नेतृत्व में चुनाव लड़ने का ‘मन से अप्रिय’ फैसला लेना पड़ा।

आसान शब्दों में कहें तो ‘साथ’ को लेकर जो अनिश्चय कभी नीतीश ने पैदा किया था, आज वही खुद नीतीश पर ही मंडराने लगा है। भाजपा लाख सफाई दे, लेकिन चिराग के बयान और उसके पूर्व जारी पोस्टर पर उसने जो चुप्पी साधी, उसमें कई सवाल तो छिपे ही हैं। इन हालात ने कई नये सवाल उठाए हैं। पहले और अब में अंतर सिर्फ इतना ही आया है कि पहले आप साथ पर भरोसा नहीं करते थे, अ‍ब आपके सहयोगियों ने भी ‘साथ’ पर भरोसा करना छोड़ दिया है।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
Bihar Election 2020: Nitish Kumar Sushasan Babu Vs Chirag Paswan | Here's Bihar NDA JDU Seat Sharing Latest News


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/30AKH79
https://ift.tt/33BK27t

30 साल से तीन बाहुबलियों का राज, कभी बूथों को लूटने घोड़े से आते थे अपराधी; बाहुबल इतना कि जेल से ही चुनाव जीत जाते हैं

पटना जिले की मोकामा सीट। बाहुबली अनंत सिंह यहां से विधायक हैं। वो पहले जदयू में थे, लेकिन 2015 में निर्दलीय जीते। इस बार राजद के टिकट पर मैदान में उतरेंगे। इस सीट की एक खास बात ये भी है कि पिछले 30 साल से यहां बाहुबली ही जीत रहे हैं। यहां के मौजूदा विधायक अनंत सिंह अभी जेल में हैं और वहीं से चुनाव लड़ेंगे।

बाहुबलियों की जीत का सिलसिला 1990 में शुरू हुआ। उसके बाद से अब तक यहां 7 चुनाव हुए। इस दौरान तीन अलग-अलग नेता इस सीट से विधायक बने। तीनों ही बाहुबली। आइये एक-एक करके इन तीनों के बारे में जानते हैं...

1990 से 2000 : दिलीप सिंह का दौर

80 के दशक में मोकामा में कांग्रेस के एक नेता हुआ करते थे। नाम था श्याम सुंदर सिंह धीरज। श्याम सुंदर 1980 और 1985 में मोकामा से विधायक चुने गए। इन्हीं के लिए काम करते थे दिलीप सिंह, अनंत सिंह के बड़े भाई। अनंत सिंह ने राजनीति में अपनी पैठ बनाने के लिए बड़े भाई दिलीप को राजनीति में उतारा। 1985 के चुनाव में दिलीप सिंह श्याम सुंदर के खिलाफ निर्दलीय खड़े हुए। हालांकि, इस चुनाव में दिलीप सिंह 2,678 वोटों से हार गए।

1990 के चुनाव में दिलीप सिंह फिर खड़े हुए, लेकिन इस बार जनता दल के टिकट पर। इस बार उन्होंने श्याम सुंदर को 22 हजार से ज्यादा वोटों से हरा दिया। 1995 में भी जनता दल के टिकट पर दिलीप सिंह जीते।

मोकामा के शंकरबाग टोला के रहने वाले शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता अजय कुमार बताते हैं कि टाल क्षेत्र में बूथों को लूटने के लिए घोड़े पर सवार होकर अपराधी आया करते थे। 1990 से पहले तक ये सिलसिला जारी रहा। उस वक्त दिलीप सिंह श्याम सुंदर सिंह के लिए काम करते थे। विधानसभा चुनाव में पंडारक ब्लॉक के तहत कई बूथों को लूट लिया जाता था। करीब 5 हजार वोटों को उन्होंने कैप्चर कर लिया था।

2000 से 2005 : सूरजभान सिंह का दौर

2000 में विधानसभा चुनाव हुए। इस चुनाव में दिलीप सिंह निर्दलीय उम्मीदवार सूरजभान सिंह से हार गए। सूरजभान सिंह उर्फ सुरजा भी बाहुबली थे। जिस तरह से दिलीप श्याम सुंदर के लिए काम करते थे, उसी तरह से सूरज दिलीप सिंह के लिए काम करते थे।

अजय कुमार बताते हैं, सूरजभान अपराध की दुनिया में बड़ा नाम बन चुके थे। उनके ऊपर हत्या, लूट और रंगदारी के कई केस थे। रेलवे टेंडर के खेल में भी माहिर थे।

कहा जाता है कि दिलीप सिंह से गच्चा मिलने के बाद श्याम सुंदर सिंह को भी एक ऐसे शख्स की जरूरत थी, जो दिलीप को टक्कर दे सके और उसके लिए रास्ता बना सके। श्याम सुंदर की नजर दिलीप के लिए काम करने वाले सूरजभान पर पड़ी। लेकिन, सूरज ने भी श्याम सुंदर को गच्चा दे दिया और खुद ही विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया।

अजय कुमार याद करते हुए बताते हैं, 1998 में पुलिस ने सूरजभान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 2000 का चुनाव उन्होंने जेल से ही निर्दलीय लड़ा। वो बताते हैं कि नॉमिनेशन के वक्त बाढ़ में करीब 40 हजार लोगों की भीड़ जुटी थी। उस चुनाव में दिलीप सिंह को सूरजभान के हाथों हार मिली थी।

2004 के लोकसभा चुनाव के वक्त सूरजभान सिंह लोजपा में शामिल हो गए और बलिया से चुनाव लड़कर संसद पहुंचे। सूरजभान फिलहाल हत्या के मामले में जेल में सजा काट रहे हैं। उनकी पत्नी वीणा देवी मुंगेर लोकसभा सीट से सांसद रह चुकी हैं।

2005 से अब तक: अनंत सिंह का दौर

2000 के चुनावों में भाई की हार के बाद 2005 के चुनाव में अनंत सिंह खुद राजनीति में आए। फरवरी 2005 में अनंत सिंह पहली बार यहां से जदयू के टिकट से चुने गए। दूसरी बार अक्टूबर 2005 में भी जदयू से ही जीते। 2010 में भी जदयू से ही जीते।

लेकिन, 2015 का चुनाव उन्होंने निर्दलीय लड़ा और जीता। उस वक्त अनंत सिंह जेल में ही थे और जेल से ही उन्होंने चुनाव लड़ा। अभी भो वो जेल में ही हैं और इस बार का चुनाव भी जेल से ही लड़ेंगे।

2004 के लोकसभा चुनाव के वक्त नीतीश कुमार बाढ़ से लड़ रहे थे, तब अनंत सिंह ने एक चुनावी रैली में उन्हें चांदी के सिक्कों से तुलवा दिया था। अनंत सिंह अपनी शौक और सनक के लिए जाने जाते हैं। शौक ऐसे हैं कि घर पर ही हाथी-अजगर पाल रखे हैं। उन्हें घोड़ों का भी शौक है। कहते हैं कि अगर इन्हें कोई घोड़ा पसंद आ जाए, तो उसे खरीदे बिना चैन नहीं लेते।

कहा जाता है कि एक बार अनंत सिंह को एक मर्सिडीज पसंद आ गई। तो उन्होंने उस आदमी पर दबाव बनाकर पहले तो मर्सिडीज ली और फिर मनमाने तरीके से उसका इस्तेमाल किया। (अनंत सिंह के बारे में और ज्यादा जानने के लिए यहां क्लिक करें)



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
Bihar Election 2020; Patna Mokama Bahubali MLA Update | From Anant Kumar Singh To Dilip Singh, Surajbhan Singh - All You Need To Know


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3nnycph
https://ift.tt/34x9IB7

बेटा भाजपा से लड़ा था तो पिता ने ही हरवा दिया, 10 साल बाद राजद से टिकट दिलवाया है; इस बार चुनाव में दमखम दिखाएंगे ये ‘लाल’

आखिरकार बिहार में गठबंधनों में बंटवारा हो ही गया। कौन कहां से लड़ेगा, एनडीए ने तो ये भी तय कर लिया है। टिकट भी बंटने लगे हैं। और हर बार की तरह इस बार भी परिवारों का भी खास ख्याल रखा जा रहा है। किसी का बेटा, किसी की बेटी तो किसी की पत्नी को टिकट बंटने शुरू हो गए हैं। ऐसे कुछ रसूखदार परिवारों को टिकट मिल भी गए हैं। आइए जानते हैं बिहार के कुछ ऐसे ही परिवार और उनकी राजनीति को...

जयप्रकाश नारायण यादव की बेटी राजनीति में नई
आरजेडी ने लालू यादव के बेहद करीबी नेता जयप्रकाश नारायण यादव की बेटी दिव्या प्रकाश को टिकट दिया है। वे तारापुर से चुनाव लड़ेंगी। दिव्या प्रकाश की खुद की कोई राजनीतिक पहचान तो नहीं है, लेकिन पिता की हैसियत का फायदा उन्हें मिला है। जयप्रकाश नारायण यादव केन्द्र में जल संसाधन मंत्री रह चुके हैं और बिहार सरकार में भी शिक्षा जैसे विभाग के चर्चित मंत्री रहे। बांका, जमुई, मुंगेर की राजनीति को खूब प्रभावित करते रहे हैं।

बेटे सुधाकर को चुनाव हराने में पिता की थी बड़ी भूमिका
राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे सुधाकर सिंह को राजद ने टिकट दिया है। वो रामगढ़ से चुनाव लड़ेंगे। इस सीट से कई बार जगदानंद चुनाव जीत चुके हैं। जगदानंद सिंह अपने ही किस्म के नेता हैं और वे अपनी छवि का खासा ख्याल रखते हैं। साल 2009 में अपने बेटे को टिकट देने का विरोध जगदानंद सिंह ने किया था। तब बेटे ने बगावत करते हुए भाजपा का कमल थाम लिया। जगदानंद हिले नहीं और उन्होंने राजद के लिए चुनाव प्रचार किया। बेटा चुनाव हार गया। इस बार जगदानंद सिंह ने बेटे को टिकट देने पर कोई विरोध नहीं किया है। अब जगदानंद सिंह बेटे के लिए प्रचार भी कर सकते हैं और बतौर राजद प्रदेश अध्यक्ष, बेटे को जिताना उनके लिए जरूरी भी होगा।

जगदानंद सिंह रसूख वाले नेता रहे हैं। जल संसाधन विभाग हो या वन विभाग उनका अपना अनुशासन रहा है। वो सांसद भी रहे। जगदानंद सिंह ने जब बेटे को टिकट देने का विरोध किया था, तब यह बात सामने आई थी कि वो लालू प्रसाद को वंशवाद नहीं अपनाने का मैसेज दे रहे हैं और दूसरा यह कि बेटे को टिकट जगदानंद सिंह की वजह से नहीं, उसकी अपनी पहचान से मिले। अ‍ब लालू प्रसाद को इससे क्या और कितना मैसेज गया यह तो खूब दिखा। हां, जगदानंद सिंह के बेटे सुधाकर ने राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में पहचान जरूर बनाई।

राहुल तिवारी को दादा-पिता से मिली विरासत, चुनाव जीते
शिवानंद तिवारी के बेटे राहुल तिवारी को शाहपुर से राजद ने टिकट दिया है। वो यहां से सिटिंग एमएलए हैं। शिवानंद तिवारी, पहले नीतीश कुमार के साथ रहे और अब लालू प्रसाद के साथ हैं। पिछली बार जब राजद ने राहुल तिवारी को टिकट दिया था, तब पहली बार राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में उनका नाम लोगों ने सुना था। शिवानंद तिवारी छात्र जीवन में लालू प्रसाद के साथ रहे, बल्कि लालू प्रसाद को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका रही। इसलिए लालू प्रसाद हों या नीतीश कुमार, दोनों शिवानंद को सम्मान देते हैं। राहुल तिवारी के दादा रामानंद तिवारी भी सांसद-विधायक रह चुके थे। इसलिए राहुल तिवारी की राजनीति की विरासत मजबूत है।

कांति सिंह, लालू की खास रहीं, अब बेटे को टिकट मिला
कांति सिंह के बेटे ऋषि सिंह को राजद ने ओबरा से टिकट दिया है। कांति सिंह, लालू प्रसाद के नजदीकी नेताओं में गिनी जाती रही हैं। विधानसभा चुनाव से लेकर लोकसभा चुनाव तक जीतने वाली महिला नेत्री हैं। वो राज्य में मंत्री रहीं और फिर केन्द्र में भी। इसलिए राजद के अंदर उनका रसूख है। इसका फायदा बेटे को मिला है।

बाहुबली अजय यादव की पत्नी और अब बेटे को टिकट
कुंती देवी के बेटे अजय यादव को भी राजद ने टिकट दिया है। अजय के पिता राजेन्द्र यादव बाहुबली विधायक थे। बाद में यहां से कुंती देवी को टिकट दिया गया और वे विधायक बनीं। इनके बेटे अजय यादव अतरी से चुनाव लड़ेंगे। यानी पिता और मां की ताकत का फायदा अजय यादव को मिलेगा।

श्रेयसी सिंह की अपनी अलग पहचान भी है
ऐसा नहीं है कि नेताओं के रसूख का लाभ सिर्फ राजद ही लेने में लगा है। भाजपा ने स्वर्गीय दिग्विजय सिंह और पुतुल सिंह की बेटी को जमुई से टिकट दिया है। बेटी श्रेयसी सिंह राजनीति में खुद कभी नहीं रही। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर की निशानेबाज है। इस नाते उनका नाम लोगों में जाना-पहचाना है। उन्होंने पिता और मां से अलग हटकर अपनी छवि बनाई। पिता दिग्विजय सिंह केन्द्र में मंत्री रहे और मां पुतुल सिंह सांसद रहीं। दिग्विजय सिंह के संबंध देश के बड़े नेताओं से बहुत अच्छे थे और इस लिहाज से बड़े नेता परिवार की बेटी हैं श्रेयसी सिंह।

पिछले चुनाव में भी राजनीतिक परिवारों से उतरे थे उम्मीदवार

भाजपाः राणा रणधीर सिंह पूर्व सांसद सीताराम सिंह के बेटे हैं। पिछले चुनाव में राणा ने भाजपा के टिकट से राजद के शिवाजी राय को हराया था। विवेक ठाकुर भाजपा के उपाध्यक्ष सीपी ठाकुर के बेटे हैं, जो राजद के शंभूनाथ यादव से हार गए थे। बांकीपुर से विधायक नितिन नवीन भी भाजपा नेता रहे नवीन किशोर सिन्हा के बेटे हैं। भाजपा नेता गंगा प्रसाद के बेटे संजीव चौरसिया, मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित सारस्वत, छेदी पासवान के बेटे रवि पासवान समेत इस फेहरिस्त में कई नाम हैं।

जदयूः मंत्री महेश्वर हजारी पूर्व विधायक रामसेवक हजारी के बेटे हैं। जदयू में शामिल तीन विधायक चंद्रिका राय, जयवर्धन यादव और फराज फातमी भी वंशवाद का हिस्सा हैं। चंद्रिका राय पूर्व मुख्यमंत्री दरोगा प्रसाद राय के बेटे हैं, जयवर्धन यादव स्व. राम लखन सिंह यादव के पोते हैं और फराज फातमी पूर्व केंद्रीय मंत्री एएएम फातमी के बेटे हैं। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष अशोक चौधरी कांग्रेस नेता रहे महावीर चौधरी के बेटे हैं।

राजदः पार्टी के मुखिया लालू प्रसाद यादव के दो बेटे हैं और दोनों ने ही पिछले चुनाव से राजनीति में कदम रखा। बड़े बेटे तेजप्रताप महुआ से और छोटे बेटे तेजस्वी राघोपुर से जीते थे। वहीं, पिछले साल लोकसभा चुनाव में लालू की बेटी मीसा भारती भी खड़ी हुई थीं, लेकिन हार गई थीं।

कांग्रेसः बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष मदन मोहन झा पूर्व मंत्री नागेंद्र झा के बेटे हैं। वहीं, कार्यकारी अध्यक्ष अशोक कुमार पूर्व मंत्री बालेश्वर राम के बेटे हैं। विधायक भावना झा कांग्रेस नेता रहे युगेश्वर झा की बेटी हैं। विधायक राजेश कुमार दिलकेश्वर राम के बेटे हैं।

लोजपाः रामविलास पासवान की राजनीति भी परिवारवाद की राजनीति पर केंद्रित है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान रामविलास के बेटे हैं। प्रिंस राज रामविलास के भतीजे हैं। वहीं, पिछली बार रामविलास पासवान के भाई पशुपति पारस अपने गढ़ अलौली से राजद के चंदन कुमार से हार गए थे।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
Nepotism In Bihar Election 2020 Update | Jayaprakash Narayan Yadav Daughter Divya Prakash (Tarapur), RJD Bahubali MLA Ajay Yadav Wife and Shivanand Tiwari's son Rahul


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3jG6guk
https://ift.tt/36DeU9m

स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन अब खुद करेंगे सुशांत सुसाइड केस की जांच? जानिए क्या है इस दावे का सच

क्या हो रहा है वायरल : सोशल मीडिया के साथ कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया जा रहा है कि अब सुशांत केस की जांच खुद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन सिंह करेंगे। 3 दिन पहले ही एम्स के पैनल ने अपनी रिपोर्ट में हत्या की आशंका से इनकार किया है। अब इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री से जुड़े दावे को सोशल मीडिया पर लोग सच मानकर शेयर कर रहे हैं।

रिपब्लिक भारत के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए बुलेटिन में भी ये दावा किया गया है। बुलेट 100 नाम के कार्यक्रम का जो वीडियो यूट्यूब पर अपलोड किया गया है, उसकी हेडिंग है - Sushant Case की खुद Dr. Harshvardhan करेंगे जांच

और सच क्या है?

  • रिपब्लिक भारत के अलावा हमें किसी भी अन्य न्यूज प्लेटफॉर्म पर ऐसी खबर नहीं मिली। जिससे दावे की पुष्टि होती हो।
  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन सिंह का ऑफिशियल ट्विटर हैंडल चेक करने पर पता चला कि वे खुद इस दावे को फेक बता चुके हैं।
  • स्वास्थ्य मंत्री के ट्वीट का हिंदी अनुवाद है : मीडिया के एक हिस्से में किया जा रहा ये दावा गलत है कि मैं सुशांत केस की जांच खुद की निगरानी में करा रहा हूं। न मैंने इस संबंध में किसी से बात की है। न ही किसी मामले की जांच करने की पेशकश की। किसी भी अप्रमाणिक बयान पर विश्वास करने से बचिए।
  • स्पष्ट है कि डॉ. हर्षवर्धन सिंह ने सुशांत केस की जांच खुद करने वाला बयान नहीं दिया है। सोशल मीडिया और रिपब्लिक भारत चैनल की खबर में किया जा रहा दावा फर्जी है।


आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
Fact Check: Health Minister Dr. Harshvardhan will now investigate Sushant Suicide Case himself? The claim being made in the news channel 'Republic Bharat' report is fake


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/36KtAnn
https://ift.tt/2SyYnuY

देश में 40% ड्राइवर्स के आंखों की रोशनी ठीक नहीं, यह 81% तक रोड एक्सीडेंट की वजह बन सकती है, 12 राज्यों के 15 हजार ड्राइवर्स पर हुआ सर्वे

ड्राइवर की आंखों की रोशनी कमजोर होती है तो एक्सीडेंट का खतरा ज्यादा होता है। देश के 12 राज्यों में 15 हजार ड्राइवर्स पर हुआ सर्वे यही कहता है। एनजीओ 'मिशन फॉर विजन' के एक सर्वे के मुताबिक, देश में 40 फीसदी ड्राइवर्स की आंखों की रोशनी ठीक नहीं। यह 81 फीसदी तक रोड एक्सीडेंट की वजह बन सकता है।

देश में आंखों की रोशनी और ड्राइविंग के बीच कनेक्शन को समझाने के लिए हाल ही में एनजीओ की ओर से वर्चुअल इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें आंखों के जुड़े अलग-अलग संस्थानों ने अपनी राय रखी। एनजीओ के डेवलपमेंट हेड सबित्रा कुंडू कहते हैं, यह सर्वे 2019 से 2020 के बीच किया गया है। यह एनजीओ देश में ब्लाइंडनेस खत्म करने के लिए काम करने के लिए काम करता है।

68 % ट्रक ड्राइवर्स ने कभी आंखों की जांच नहीं कराई
कॉन्फ्रेंस में विजन स्प्रिंग (इंडिया) के डायरेक्टर अंशू तनेजा ने कहा, देश में रोड एक्सीडेंट के मामलों में आंखों की रोशनी कम होने का बड़ा रोल है। हमने इसे समझने के लिए एक अलग स्टडी की। इसमें देश के 30 हजार ट्रक ड्राइवर्स को शामिल किया। रिसर्च में सामने आया कि 68 फीसदी ट्रक ड्राइवर्स ने कभी आंखों की जांच नहीं कराई। इनमें से 60 फीसदी को चश्मे की जरूरत थी।

देश में 80% सड़क हादसे की वजह आई प्रॉब्लम
अंशू तनेजा कहते हैं, देश में सड़कों पर होने वाली 80 फीसदी मौतों की वजह आई प्रॉब्लम्स हैं। इनमें भी 26 फीसदी तक कॉमर्शियल वाहनों को चलाने वाले ड्राइवर शामिल हैं। हर चार में से एक ड्राइवर 20 से 30 मीटर की दूरी पर बना साइनबोर्ड नहीं देख पाता। ड्राइवर्स के आंखों की जांच अनिवार्य तौर पर की जानी चाहिए।

2018 में 10.35 लाख लोगों की मौत रोड एक्सीडेंट में हुई
विजन इम्पैक्ट इंस्टीट्यूट के मैनेजर क्रिस्टन ग्रॉस कहते हैं, 2018 में दुनियाभर में 10.35 लाख लोगों की मौत रोड एक्सीडेंट में हुई और 5 करोड़ लोग घायल हुए। इनमें 90 फीसदी निम्न और मध्यम आय वाले देशों से थे। 11 फीसदी भारत से थे। रोड ट्रैफिक एक्सीडेंट में सबसे ज्यादा मौत 15 से 29 साल वालों की हुई।

दुनियाभर के 1 फीसदी वाहन भारत में

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की रिपोर्ट कहती है, दुनिया में जितने भी वाहन हैं, उसका 1 फीसदी भारत में हैं। दुनियाभर में होने वाले रोड एक्सीडेंट के 6 फीसदी मामले भारत में सामने आते हैं। बेंगलुरू के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस की एक रिसर्च कहती है, देश में 81 फीसदी ड्राइवर्स में आंखों से जुड़ी कोई न कोई एक समस्या जरूर होती है। इनमें 30 फीसदी ड्राइवर इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ ऑप्थेल्मोलॉजिस्ट की सेफ्टी गाइडलाइन का पालन नहीं करते।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
Drivers with poor eyesight have 81 percent road crash involvement rate says Mission for Vision survey


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/33Buq3F
https://ift.tt/3iA1qNR

गुरु गोविंद सिंह का शहीदी दिवस; 61 साल पहले चांद के अंधेरे हिस्से की पहली तस्वीर और 2001 में अफगानिस्तान पर हमला

सिखों के दसवें और अंतिम गुरु गुरु गोविंद सिंह जी ऐसे वीर संत थे, जिनकी मिसाल दुनिया के इतिहास में कम ही मिलती है। उन्होंने मुगलों के जुल्म के सामने कभी भी घुटने नहीं टेके और सिखों को खालसा पंथ की स्थापना की। आज उनका शहीदी दिवस है। 1708 में 7 अक्टूबर को वे मुगलों से लड़ाई में शहीद हुए।

वाहे गुरु जी का खालसा, वाहे गुरु जी की फतेह और सवा लाख से एक लड़ाऊं, चिड़ियन ते मैं बाज तुड़ाऊं, तबै गुरु गोबिंद सिंह नाम कहाऊं जैसे वाक्य गुरु गोविंद सिंह की वीरता को बयां करते हैं। 15वीं सदी में गुरु नानक ने सिख पंथ की स्थापना की। गोविंद सिंह जी के पिता गुरु तेग बहादुर भी इस पंथ के गुरु थे।

गुरु गोविंद सिंह ने 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की थी। आनंदपुर साहिब में वैशाखी के अवसर पर एक धर्मसभा के दौरान उन्होंने पंच प्यारों को चुना। उनके ही निर्देश पर सिखों के लिए खालसा पंथ के प्रतीक के तौर पर केश, कंघा, कृपाण, कच्छ और कड़ा अनिवार्य हुआ।

2001: अफगानिस्तान में युद्ध शुरू हुआ

अफगानिस्तान में तालिबान और अल-कायदा के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक शुरू हुई थी।

जब तालिबान ने 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन के हैंडओवर से मना कर दिया तो अमेरिकी और ब्रिटिश सेनाओं ने 7 अक्टूबर 2001 को अफगानिस्तान में अल-कायदा और तालिबान ठिकानों को निशाना बनाया। एयरस्ट्राइक शुरू हुई और इस मिशन को नाम दिया- ऑपरेशन एंड्यूरिंग फ्रीडम। यह हमले ग्लोबल वॉर ऑन टेरर का हिस्सा थे।

1959: चांद के अंधेरे हिस्से की पहली झलक मिली

चांद के अंधेरे हिस्से को दिखाने वाली यह है पहली तस्वीर। इसे लूना-3 ने 1959 में खींचा था।

सोवियत स्पेसक्राफ्ट लूना 3 ने पहली बार चांद के दूर वाले हिस्से की तस्वीर 7 अक्टूबर 1959 को ली। इन तस्वीरों की मदद से ही एस्ट्रोनॉमर्स चांद के अंधेरे हिस्से का एटलस बना सके थे। यह तस्वीरें उन हिस्सों की हैं, जो पृथ्वी से नहीं दिखते। चांद का मूवमेंट कुछ इस तरह का है कि अलग-अलग समय में भी पृथ्वी से सिर्फ 59% हिस्सा ही दिखता है।

इतिहास में आज की तारीख को इन घटनाओं के लिए भी याद किया जाता है..

  • 1586ः मुगल सेना ने कश्मीर में प्रवेश किया।
  • 1702ः मार्लबोरो के नेतृत्व में ब्रिटिश और डच सैनिकों पर कब्जा किया।
  • 1714ः नीदरलैंड्स के अल्कमार में बीयर पर टैक्स लगने के कारण लोगों ने दंगा किया।
  • 1737ः बंगाल में 20 हजार छोटे जहाज के समुद्र में 40 फीट नीचे डूब गए। इस हादसे में तीन लाख लोगों की मौत ​हुई।
  • 1780ः अमेरिकी मिलिशिया ने ब्रिटिश सेना को किंग्स माउंटेन, दक्षिण कैरोलिना के पास हराया गया।
  • 1886ः स्पेन ने क्यूबा की गुलामी समाप्त की।
  • 1916ः सिडनी के तारोंगा शहर में एक चिड़ियाघर बनाया गया, जिसमें जानवरों के लिए कोई पिंजरा नहीं था।
  • 1942ः अमेरिका और ब्रिटिश सरकार ने संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की घोषणा की।
  • 1949ः पूर्वी जर्मनी, डेमोक्रेटिक सरकार के अस्तित्व में आने के साथ एक अलग देश बना।
  • 1950: मदर टेरेसा को वेटिकन से कलकत्ता में नन के मिशनरीज ऑफ चैरिटी ऑर्डर बनाने की इजाजत मिली।
  • 1952ः चंडीगढ़ को पंजाब की राजधानी बनाया गया।
  • 1977ः तत्कालीन सोवियत रूस ने चौथे संविधान को शामिल किया।
  • 1987ः सिख राष्ट्रवादियों ने भारत से खालिस्तान की स्वतंत्रता की घोषणा की।
  • 1992ः भारत में रैपिड एक्शन फोर्स की स्थापना की गई। इसका गठन सांप्रदायिक दंगों में सहानुभूति के साथ निपटने के लिए एक एक्सपर्टाइज फोर्स के तौर पर हुआ।
  • 2000ः जापान में मानव क्लोनिंग दंडनीय अपराध घोषित हुआ।
  • 2008ः टाटा के चेयरमैन रतन टाटा ने कहा कि नैनो प्रोजेक्ट के लिए कंपनी ने गुजरात में 1,100 एकड़ जमीन हासिल कर ली है।
  • 2009ः भारतवंशी वेंकटरमन रामाकृष्णन, याले प्रोफेसर थॉमस स्टेट्ज और इजरायली अदा योनाथ को रसायन का नोबेल देने की घोषणा हुई।


आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
Today History for October 7th/ What Happened Today | Guru Gobind Singh Murdered | First Image of Darker Side Of Moon Captured By Luna-3 | US, British Forces Begun Airstrike on Afghanistan


from Dainik Bhaskar /national/news/today-history-october-7th-guru-gobind-singh-murdered-first-image-of-darker-side-of-moon-captured-by-luna-3-127788690.html
https://ift.tt/34LGYoH

रिया की जमानत पर फैसला आज; बिहार में लोजपा पर भाजपा सख्त और मास्क को ठुकराते ट्रम्प के आगे कोरोना का हर नियम छोटा

2020 के लिए फिजिक्स का नोबेल पुरस्कार रोजर पेनरोज, रीनहार्ड गेंजेल और एंड्रिया गेज को दिया जाएगा। वहीं, हाथरस गैंगरेप मामले में यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को जो फोरेंसिक रिपोर्ट सौंपी, उसमें रेप के सबूत नहीं मिलने का जिक्र है। चीफ जस्टिस ने कहा- यह घटना भयावह और असाधारण थी। बहरहाल, शुरू करते हैं मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ...

आज इन 3 इवेंट्स पर रहेगी नजर

1. IPL में सीजन का 21वां मैच चेन्नई और कोलकाता के बीच अबु धाबी में शाम साढ़े सात बजे से खेला जाएगा। टॉस शाम सात बजे होगा।

2. ड्रग्स केस में गिरफ्तार रिया की जमानत अर्जी पर बॉम्बे हाईकोर्ट फैसला सुनाएगी।

3. एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने अनुराग कश्यप पर यौन शोषण के आरोप लगाने वाली एक्ट्रेस पायल घोष पर एक करोड़ 10 लाख रुपए का मानहानि का केस किया। इस पर आज बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई।

अब कल की 7 महत्वपूर्ण खबरें

1. हाथरस केस की अगले हफ्ते सुनवाई, सरकारी रिपोर्ट में रेप के सबूत नहीं

हाथरस मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। यूपी सरकार ने कोर्ट में फोरेंसिक रिपोर्ट सौंपी। इसमें रेप के सबूत नहीं मिलने का जिक्र है। वहीं, चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने कहा, "हाथरस की घटना भयानक और चौंकाने वाली थी। हम नहीं चाहते कि बार-बार दलीलें दोहराई जाएं। यह असाधारण मामला है। हम सुनिश्चित करेंगे कि जांच सही तरीके से हो।"

-पढ़ें पूरी खबर

2. रिया की जमानत पर हाईकोर्ट का फैसला आज

मंगलवार को मुंबई की सेशन कोर्ट ने एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती की न्यायिक हिरासत 14 दिन और बढ़ा दी। ड्रग्स केस में गिरफ्तार रिया की जमानत अर्जी पर बॉम्बे हाईकोर्ट आज फैसला सुना सकती है। एक्ट्रेस ने लोअर कोर्ट से 2 बार अर्जी खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में अपील की थी। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने रिया को 8 सितंबर को गिरफ्तार किया था।

-पढ़ें पूरी खबर

3. बिहार एनडीए में वही रहेगा, जो नीतीश को नेता मानेगा: भाजपा

भाजपा और जदयू की जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम नीतीश कुमार ने बताया कि जदयू के जिम्मे 122 सीटें दी गई हैं। हम पार्टी को इसी में 7 सीटें दी हैं। भाजपा के खाते में 121 सीटें हैं और वीआईपी को इन्हीं सीटों में से हिस्सा दिया जाएगा। वहीं, लोजपा के सवाल पर सुशील मोदी ने कहा- बिहार एनडीए में वही रहेगा, जो नीतीश जी को एनडीए का नेता स्वीकार करेगा।

-पढ़ें पूरी खबर

4. ट्रैक्टर चलाकर पहुंचे राहुल को पुलिस ने रोका

कृषि कानूनों का विरोध कर रही कांग्रेस की ट्रैक्टर रैली मंगलवार को हरियाणा बॉर्डर पर पहुंची। राहुल गांधी ट्रैक्टर चलाकर पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उनकी रैली को रोक दिया। यहां धक्का-मुक्की भी हुई और राहुल धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि जब तक जाने नहीं दिया जाता, वो एक घंटे, 5 घंटे, 24 घंटे, 100 घंटे, एक हजार घंटे या 5 हजार घंटे इंतजार करेंगे। बाद में राहुल को 100 कार्यकर्ताओं के साथ जाने की मंजूरी मिली।

-पढ़ें पूरी खबर

5. व्हाइट हाउस पहुंचते ही ट्रम्प ने मास्क हटाया

तीन दिन पहले कोरोना पॉजिटिव पाए गए डोनाल्ड ट्रम्प इलाज के बाद सोमवार रात हॉस्पिटल से व्हाइट हाउस पहुंचे। उन्होंने कहा- कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है। हालांकि, उनके डॉक्टर ने कहा है कि राष्ट्रपति को सेहत का बहुत ध्यान रखना होगा, क्योंकि खतरा टला नहीं है। व्हाइट हाउस में ट्रम्प ने मास्क भी हटा दिया। राष्ट्रपति ट्रम्प समेत 15 अफसर और सांसद संक्रमित पाए गए हैं। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, ट्रम्प कोरोना के हर नियम को तोड़ रहे हैं और गलत पब्लिक मैसेज दे रहे हैं।

-पढ़ें पूरी खबर

6. चाय बेचना शुरू की, अब सालाना 1.8 करोड़ रु कमा रहे

दिल्ली के रहने वाले जगदीश कुमार न्यूजीलैंड में हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में काम कर रहे थे। लाखों में सैलरी थी। 15 साल तक उन्होंने यहां काम किया। फिर लगा कि बस बहुत हो गया, अब अपने वतन लौटना चाहिए। 2018 में वे भारत आ गए। यहां आकर उन्होंने NRI चायवाला शुरु किया। आज उनके पास चाय की 45 वैरायटी हैं। इससे सालाना वे 1.8 करोड़ रु कमा रहे हैं।

-पढ़ें पूरी खबर

7. 15 अक्टूबर से खुलेंगे मल्टीप्लेक्स, SOP जारी

मल्टीप्लेक्स खोलने के लिए सरकार ने मंगलवार को स्डैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रॉसिजर (SOP)जारी की। कंटेनमेंट जोन को छोड़कर बाकी इलाकों में 15 अक्टूबर से 50% कैपेसिटी के साथ मल्टीप्लेक्स और सिनेमा हॉल शुरू किए जा सकेंगे। दो लोगों के बीच की सीट खाली रखनी होगी। कोरोना अवेयरनेस पर फिल्म दिखाना भी जरूरी होगा। हर शो के बाद पूरा हॉल सैनिटाइज होगा।

-पढ़ें पूरी खबर

अब 7 अक्टूबर का इतिहास

1919: गांधीजी की 'नवजीवन' पत्रिका प्रकाशित।

1942: अमेरिका और ब्रिटिश सरकार ने संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की घोषणा की।

1952: चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी बना।

आखिर में जिक्र मदर टेरेसा का। उन्होंने आज ही के दिन 1950 में कोलकाता में मिशनरीज ऑफ चैरिटी की स्थापना की थी। पढ़िए उन्हीं की एक बात...



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
Riya's bail decision today; Every rule of corona shortened in front of Trump by BJP tough and rejecting mask on LJP in Bihar


from Dainik Bhaskar /national/news/riyas-bail-decision-today-every-rule-of-corona-shortened-in-front-of-trump-by-bjp-tough-and-rejecting-mask-on-ljp-in-bihar-127788675.html
https://ift.tt/3jDFxPe

मंगलवार, 6 अक्टूबर 2020

दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर क्वारैंटाइन मुहर लगाने के बाद कांग्रेस नेता के हाथ पर फफोले आए, दर्द और खुजली भी हुई

दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर क्वारैंटाइन करने के लिए लगाई गई मुहर (सील) से कांग्रेस नेता मधु याक्षी गौड़ के हाथ पर फफोले पड़ गए। यही नहीं, हाथ में दर्द और खुजली भी शुरू हो गई। गौड़ ने नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी से इसकी शिकायत की। उन्होंने सोमवार को ट्वीट किया- हरदीप सिंह पुरी जी, दिल्ली एयरपोर्ट पर स्टांपिंग के लिए इस्तेमाल हो रही इंक में मौजूद केमिकल पर गौर करें। कल एयरपोर्ट पर मेरे हाथ पर मुहर लगाई गई थी, इसके बाद से ही दर्द और खुजली हो रही है। अब मेरा हाथ कुछ इस तरह नजर आ रहा है।

गौड़ ने ट्विटर पर अपने हाथ की दो तस्वीरें भी पोस्ट की। केंद्रीय हरदीप सिंह पुरी ने गौड़ के ट्वीट का जवाब दिया- ‘इस ओर ध्यान दिलाने के लिए आपका शुक्रिया। मैंने इसके बारे में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के सीएमडी से बात की है।’ शिकायत के बाद दिल्ली एयरपोर्ट के अधिकारी तुरंत एक्शन में आए। एक अफसर के मुताबिक, अब एयरपोर्ट पर इंक के फ्रेश बैच का इस्तेमाल किया जा रहा है।

विदेश से लौटने वालों के लिए 7 दिनों का इंस्टीट्यूशनल क्वारैंटाइन जरूरी

कोरोना नियमों के मुताबिक, विदेश यात्रा करने वाले सभी लोगों को 7 दिन तक इंस्टीट्यूशनल क्वारैंटाइन और उसके बाद सात दिन तक होम क्वारैंटाइन में रहना जरूरी है। हालांकि, यात्रा से 96 घंटे पहले कोविड निगेटिव सर्टिफिकेट लेने वाले लोगों को इंस्टीट्यूशनल क्वारैंटाइन से छूट दी गई है। सभी एयरपोर्ट्स पर होम क्वारैंटाइन में भेजे जाने वाले लोगों के हाथ पर मुहर लगाई जाती है। इसके लिए ऐसी स्याही का इस्तेमाल होता है, जिसे आसानी से नहीं मिटाया जा सके।

डीआईएल ने अफसोस जाहिर किया

दिल्ली एयरपोर्ट का मैनेजमेंट जीएमआर ग्रुप की अगुआई वाली दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआईएल) करती है। कांग्रेस नेता के ट्वीट पर डीआईएल ने कहा- आपको हुई असुविधा के लिए हमें अफसोस है। स्टांपिंग के लिए नहीं मिटने वाली स्याही का इस्तेमाल होता है। हमने इस मामले के बारे में दिल्ली सरकार के अधिकारियों को जानकारी दे दी है। दिल्ली एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, घरेलू यात्रा करने वाले लोगों के लिए भी सात दिनों का क्वारैंटाइन जरूरी है। हालांकि, उनके हाथ पर मुहर नहीं लगाई जाती।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
यह फोटो कांग्रेस नेता मधु याक्षी गाैड़ ने ट्वीट किया। इसमें साफ देखा जा सकता है कि मुहर लगाने के बाद उनके हाथ की क्या हालत हुई।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/33w4FSh
https://ift.tt/33Auq3K

बीएसई सेंसेक्स 39,200 और निफ्टी 11,500 के स्तर पर, ऑटो और बैंकिंग शेयरों में भी तेजी,टाटा मोटर्स का शेयर 5% ऊपर

हफ्ते में कारोबार के दूसरे दिन में शानदार तेजी है। बीएसई 277.83 अंक ऊपर 39,251.53 पर और निफ्टी 79.20 अंक ऊपर 11,582.55 पर पर कारोबार कर रहा है। बाजार में बैंकिंग और ऑटो शेयरों में खरीदारी है। निफ्टी बैंक इंडेक्स में 218 अंकों की बढ़त है। आरबीएल बैंक के शेयर में 2% से ज्यादा की तेजी है।

स्टॉक्स अपडेट

निफ्टी में टाटा मोटर्स का शेयर 5% ऊपर कारोबार कर रहा है। एचडीएफसी और अदानी पोर्ट के शेयरों में क्रमश: 4 और 3 फीसदी बढ़त है। जबकि आईटी स्टॉक्स विप्रो और इंफोसिस के शेयरों में 1-1 फीसदी की गिरावट है। सुबह बीएसई 362.64 अंक ऊपर 39,336.34 पर और निफ्टी 100.1 अंक ऊपर 11,603.45 के स्तर पर खुला।

सोमवार को बाजार का हाल
कल बाजार में आईटी और मेटल के शेयर शानदार बढ़त के साथ बंद हुए थे। इसमें निफ्टी आईटी इंडेक्स 698 अंकों की तेजी के साथ 20,809 के स्तर पर बंद हुआ था। विप्रो और टीसीएस के शेयरों में भी 7-7% से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली थी। अंत में बीएसई 276.65 अंक ऊपर 38,973.70 पर और निफ्टी 86.40 अंक ऊपर 11,503.35 के स्तर पर बंद हुआ था।

दुनियाभर के बाजारों में रही बढ़त
सोमवार को ग्लोबल मार्केट में अच्छी बढ़त देखने को मिली। अमेरिकी बाजार डाउ जोंस 1.68% की बढ़त के साथ 465.83 अंक ऊपर 28,148.60 पर बंद हुआ था। वहीं, नैस्डैक भी 2.25% ऊपर 11,509.10 के स्तर पर बंद हुआ था। एसएंडपी 500 इंडेक्स 1.80% की बढ़त के साथ 3,408.62 अंकों पर बंद हुआ था।

यूरोपियन शेयर मार्केट में भी सोमवार को खरीदारी देखने को मिली। ब्रिटेन के FTSE, फ्रांस के CAC , जर्मनी DAX और रूस MICEX इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। एशियाई बाजारों में आज जापान का निक्केई इंडेक्स 155 अंकों की बढ़त है, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट 0.20% नीचे कारोबार कर रहा है।

09:38 AM बीएसई ऑटो इंडेक्स में शामिल 15 ऑटो कंपनियों में से 14 में बढ़त है। इंडेक्स में केवल अमारा राजा बैट्री के शेयर में % की गिरावट है।

09:30 AM निफ्टी-50 इंडेक्स में टॉप गेनर स्टॉक्स; टाटा मोटर्स का शेयर 4% ऊपर कारोबार कर रहा है।

सोर्स - एनएसई

09:26 AM बीएसई सेंसेक्स में शामिल 30 में से 24 कंपनियों के शेयरों में बढ़त, जबकि 6 कंपनियों के शेयरों में गिरावट है। एचडीएफसी का शेयर 4% ऊपर कारोबार कर रहा है।

सोर्स -बीएसई

09:15 AM बीएसई 362.64 अंक ऊपर 39,336.34 पर और निफ्टी 100.1 अंक ऊपर 11,603.45 के स्तर पर खुला।

दुनियाभर के बाजारों का हाल



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
BSE NSE Sensex Today | Stock Market Latest Update: October 6 Share Market, Trade BSE, Nifty, Sensex Live News Updates


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/33B7QIB
https://ift.tt/3iDI0Yy

दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर क्वारैंटाइन मुहर लगाने के बाद कांग्रेस नेता के हाथ पर फफोले आए, दर्द और खुजली भी हुई

दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर क्वारैंटाइन करने के लिए लगाई गई मुहर (सील) से कांग्रेस नेता मधु याक्षी गौड़ के हाथ पर फफोले पड़ गए। यही नहीं, हाथ में दर्द और खुजली भी शुरू हो गई। गौड़ ने नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी से इसकी शिकायत की। उन्होंने सोमवार को ट्वीट किया- हरदीप सिंह पुरी जी, दिल्ली एयरपोर्ट पर स्टांपिंग के लिए इस्तेमाल हो रही इंक में मौजूद केमिकल पर गौर करें। कल एयरपोर्ट पर मेरे हाथ पर मुहर लगाई गई थी, इसके बाद से ही दर्द और खुजली हो रही है। अब मेरा हाथ कुछ इस तरह नजर आ रहा है।

गौड़ ने ट्विटर पर अपने हाथ की दो तस्वीरें भी पोस्ट की। केंद्रीय हरदीप सिंह पुरी ने गौड़ के ट्वीट का जवाब दिया- ‘इस ओर ध्यान दिलाने के लिए आपका शुक्रिया। मैंने इसके बारे में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के सीएमडी से बात की है।’ शिकायत के बाद दिल्ली एयरपोर्ट के अधिकारी तुरंत एक्शन में आए। एक अफसर के मुताबिक, अब एयरपोर्ट पर इंक के फ्रेश बैच का इस्तेमाल किया जा रहा है।

विदेश से लौटने वालों के लिए 7 दिनों का इंस्टीट्यूशनल क्वारैंटाइन जरूरी

कोरोना नियमों के मुताबिक, विदेश यात्रा करने वाले सभी लोगों को 7 दिन तक इंस्टीट्यूशनल क्वारैंटाइन और उसके बाद सात दिन तक होम क्वारैंटाइन में रहना जरूरी है। हालांकि, यात्रा से 96 घंटे पहले कोविड निगेटिव सर्टिफिकेट लेने वाले लोगों को इंस्टीट्यूशनल क्वारैंटाइन से छूट दी गई है। सभी एयरपोर्ट्स पर होम क्वारैंटाइन में भेजे जाने वाले लोगों के हाथ पर मुहर लगाई जाती है। इसके लिए ऐसी स्याही का इस्तेमाल होता है, जिसे आसानी से नहीं मिटाया जा सके।

डीआईएल ने अफसोस जाहिर किया

दिल्ली एयरपोर्ट का मैनेजमेंट जीएमआर ग्रुप की अगुआई वाली दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआईएल) करती है। कांग्रेस नेता के ट्वीट पर डीआईएल ने कहा- आपको हुई असुविधा के लिए हमें अफसोस है। स्टांपिंग के लिए नहीं मिटने वाली स्याही का इस्तेमाल होता है। हमने इस मामले के बारे में दिल्ली सरकार के अधिकारियों को जानकारी दे दी है। दिल्ली एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, घरेलू यात्रा करने वाले लोगों के लिए भी सात दिनों का क्वारैंटाइन जरूरी है। हालांकि, उनके हाथ पर मुहर नहीं लगाई जाती।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
यह फोटो कांग्रेस नेता मधु याक्षी गाैड़ ने ट्वीट किया। इसमें साफ देखा जा सकता है कि मुहर लगाने के बाद उनके हाथ की क्या हालत हुई।


from Dainik Bhaskar /national/news/blisters-pain-and-itching-began-on-the-arm-to-seal-for-quarantine-at-delhi-international-airport-127785591.html
https://ift.tt/30F0LF0

हॉस्पिटल से व्हाइट हाउस लौटे ट्रम्प, बाहर निकलते ही मास्क हटाया, कहा- कोरोना से डरने की जरूरत नहीं; दूसरी प्रेसिडेंशियल डिबेट में हिस्सा ले सकते हैं

तीन दिन पहले कोरोना पॉजिटिव पाए गए डोनाल्ड ट्रम्प इलाज के बाद सोमवार रात हॉस्पिटल से व्हाइट हाउस पहुंच गए। उन्होंने कहा- कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है। हालांकि, उनके डॉक्टर ने कहा है कि राष्ट्रपति को सेहत का बहुत ध्यान रखना होगा। क्योंकि, खतरा टला नहीं है। व्हाइट हाउस में ट्रम्प ने मास्क भी हटा दिया।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ट्रम्प 15 अक्टूबर को होने वाली दूसरी प्रेसिडेंशियल डिबेट में हिस्सा ले सकते हैं। हालांकि, व्हाइट हाउस की तरफ से अब तक इसकी औपचारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई है।

इलाज जारी रहेगा
तीन दिन बाद ट्रम्प व्हाइट हाउस पहुंचे। यहां उनके पर्सनल डॉक्टर सीन कोनले ने कहा- खतरा अभी टला नहीं है। राष्ट्रपति को जरूरी सावधानियां रखनी होंगी। उनका इलाज जारी रहेगा। हॉस्पिटल से ट्रम्प सूट और मास्क में निकले। मीडिया की तरफ देखकर हाथ हिलाया। मीडिया ने दूर से सवाल पूछने की कोशिश की। लेकिन, उन्होंने सिर्फ शुक्रिया-शुक्रिया कहा। खास बात ये है कि इस दौरान उन्होंने अपना मास्क भी हटा दिया। हॉस्पिटल से निकलकर वे अपने ऑफिशियल हेलिकॉप्टर मरीन वन में बैठे और 10 मिनट में व्हाइट हाउस पहुंच गए।

लोगों ने लाइव देखा
ट्रम्प को बिना मास्क के व्हाइट हाउस में जाते वक्त लोगों ने टीवी पर इसे लाइव देखा। राष्ट्रपति के डॉक्टर सीन कोनले ने कई मुश्किल सवालों के जवाब देने से इनकार कर दिया। जैसे कि कि ट्रम्प के फेफड़ों की क्या स्थिति है। और सबसे बड़ा सवाल कि क्या राष्ट्रपति की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। इतना जरूर कहा कि राष्ट्रपति को एंटी वायरल ड्रग रेमडेसिविर का आखिरी डोज दिया गया है, इलाज जारी रहेगा। सप्ताह के आखिर तक कई चीजों का इंतजार करना होगा। लेकिन, फिलहाल हमने राहत की सांस ली है।

खतरा टला नहीं
कोनले ने साफ कर दिया कि राष्ट्रपति की सेहत की लगातार निगरानी की जा रही है और खतरा पूरी तरह टला नहीं है। ट्रम्प की प्रेस सेक्रेटरी कैली मैक्केनी भी पॉजिटिव हो चुकी हैं। ट्रम्प ने हॉस्पिटल से निकलने से पहले कहा- कोविड-19 से डरने की जरूरत नहीं है। इसको अपनी जिंदगी पर हावी न होने दें। बाद में एक वीडियो भी पोस्ट किया। कहा- एक बात तय है। कोरोना को अपनी जिंदगी पर हावी न होने दें। आप आसानी से इसे हरा सकते हैं।

प्रेसिडेंशियल डिबेट में हिस्सा लेंगे
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ट्रम्प 15 अक्टूबर को होने वाली दूसरी प्रेसिडेंशियल डिबेट में हिस्सा जरूर लेंगे। इसके लिए उन्होंने तैयारी भी शुरू कर दी है। उनके कैम्पेन मैनेजर रायन नोब्स ने कहा- ट्रम्प दूसरी बहस में शिरकत करेंगे। मुझे इस बारे में जानकारी दी गई है। उनकी कैम्पेन टीम को इस बारे में कमिशन ऑफ डिबेट यानी सीपीडी को इस बारे में जानकारी देनी होगी। आधिकारिक घोषणा बाद में की जाएगी।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
Donald Trump Returns to White House after receive treatment for Covid-19 | Here's Latest US Election 2020 News From The New York Times


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/36zdInk
https://ift.tt/30yi9ef

वहां जाकर बड़का-बड़का नेता लोग भी अपना मत्था टेकते हैं ...ई जो गिरिराज, रविशंकर, सुशील मोदी हैं न, वहां भुइयां में बैठते हैं

ये पटना का वीरचंद पटेल पथ है... दोपहर के 12:30 बजे हैं। इस पथ की कुछ अलग खासियत है। बिहार की सभी प्रमुख सियासी पार्टियों के मुख्यालय यहीं पर हैं। यानी भाजपा, राजद, जदयू, रालोसपा, राकांपा आदि...। माना जाता है कि विधानसभा का रास्ता इस वीरचंद पटेल पथ से गुजरे बिना पूरा नहीं हो सकता। इसी सड़क पर राजद कार्यालय के ठीक सामने रायजी की लिट्टी-चोखा वाली दुकान है। दुकान पर वक्त के साथ मैले पड़ चुके दो स्टीकर लगे हैं। इनपर लिखा है- नालंदा की मशहूर लिट्टी-चोखा की दुकान। रेट 25 रुपए में दो पीस घी के साथ और 20 रुपए में दो पीस बिना घी के।

इस पथ की एक खासियत और भी है। सामने राजद, तो बाईं ओर जदयू और दाईं ओर भाजपा ऑफिस होने की वजह से यह दुकान कुछ-कुछ सर्वदलीय राजनीतिक जमावड़ा जैसी ज्यादा लगती है। हर दल के अमूमन हर नेता और कार्यकर्ता का यह प्रिय ठिकाना है। गेट के अंदर जाकर अपनी बात पहुंचाने में सफल और विफल दोनों ही तरह के लोग यहां मिलेंगे। कभी अपनी खुशी का इजहार करते तो कभी अपनी भड़ास निकालते हुए। कभी-कभी तो सभी दल वाले यहां एक-दूसरे का कंधा इस्तेमाल करते दिख जाते हैं।

तो रायजी की लिट्टी आज भी पक रही है। कुछ लोग इंतजार कर रहे हैं। इस इंतजार में जो बेसब्री है, उसने अंदर का ताप बढ़ा दिया है। एक नेताजी बोले हैं- ‘का रायजी, आपकी लिट्टियों में अंदर मने आग सुलग रही है... मने आंच ही नहीं है... कब पकेगा लिट्टी जी। कब से इंतजार कर रहे हैं। एकदम पार्टी सबन क टिकस हो गइल बा। बुझाते नइखे कि चुनाव तक भी टिकट फाइनल होई कि नहीं।’

तत्काल तीखा प्रतिवाद हुआ है... ये बख्तियारपुर के राजेश हैं। जोरदार आवाज में बोले- 'लागत आ कि गलत पार्टी चुन लिए हैं जी। अभियो मौका है...देख लीजिये, राय जी की लिट्टी की आंच को दोष काहे दे रहे हैं। इनका चूल्हा भी दुरुस्त है, गोइठा भी... आंच की तो बाते न कीजिये।’ राय जी मुस्करा के रह गये हैं।

लिट्टी की पहली खेप तैयार हो चुकी है। गोइठा की धीमी आंच पर जिस तरह लिट्टी अंदर तक पक चुकी है, बातें भी धीमे-धीमे पकने लगी हैं।

लिट्टी को अपने अंदाज में बीच से फोड़ चुके एक नेता नुमा सज्जन बोले- ‘का हो राय जी, एमे घी एतना कम काहे बा। अरे जेतना घी डलब ओतने दुकनिया गमकी, नहीं त... (एक पार्टी का नाम) जैसन हाल तोहरो हो जाई...’।

एक दूसरा स्वर... अबकी हमार नेतवा के टिकट मिल जाई नु त बहुते काम ठीक हो जाई... नेताजी के लिबास से लग रहा है कि वो असल वाले नेता जी तो नहीं ही हैं। जरूर किसी के साथ पटना पहुंचे हैं। पटनिया भाषा में इन्हें ‘लटकन’ कहा जाता है। भाषा से लग रहा है सासाराम की तरफ के होंगे और जरूर किसी नेता की भीड़ का हिस्सा बन कर आए हैं। बात अभी थमी नहीं है। बोले- ‘अबकी त अशोकवे पूरा गेम खराब कर देले बा, ना त उ सीट प आरजेडीय के हक रहे...’ उनके साथ आया कार्यकर्ता बोल पड़ा- ‘सब तेजस्वीए नु तय करतारे, तब हमनी के नेता जी त मजबूत बाड़े...’

लिट्टी की पहली खेप खत्म हो चुकी है, लेकिन दूसरी खेप पकने को तैयार है। मेरे साथ खड़े मनीष बोले- 'काश कि पुरनका नेतवन सब भी इसी तरह बैकअप ले के चलता तो राजनीति में ऐसी क्राइसिस न होती।' लिट्टी के लिए भीड़ भी बढ़ने लगी है। अचानक रायजी की तेज आवाज आई... 'अरे महेंदरा, ई आग बुता जाएगा नु... इसमें बैगन काहे नहीं रखता है रे... लड़का देखने से तो माइनर लगा... लेकिन चूल्हे पर बैगन बहुत सलीके से रखने लगा है...।'

कुर्ते पर कमल वाला बैच लगाए कुछ नेता आ चुके हैं। एक के कंधे पर गेरुए रंग का गमछा भी है। बगल वाली दुकान से तुलसी और पान मसाला मांगा गया... गमछे से आवाज आई, जानते हैं भइया, सब लोग दिल्ली चल गए हैं... अब यहां कोई नहीं है... हम लोग बेकारे यहां बइठले हैं... तभी गुटखा वाला नेता बोला- 'पगला गये हैं का जी! हम लोग भी चले जाएंगे तब तो खेले सब बिगड़ जाएगा ...अरे अध्यक्षे जी न गए हैं, बाकी त इहे हैं। सब लोग के प्रणाम कर लेना है। तुमको पता है विजय निकेतन (आरएसएस) से भी सीट फाइनल होगा।'

मेरे मुंह से अचानक निकल गया, अब भाजपा में आरएसएस का कहां चलता है। बातचीत में एक अपरिचित एंट्री देख सब चुप हो गए। मुझे भी अपनी चूक का अहसास हो चुका था। आश्चर्य से मेरी ओर देखते हुए इशारों में ही जैसे पूछा हो- आप कौन?

मैंने कहा- मैं तो लिट्टी-चोखा खाने आया हूं। सुने हैं बड़ा बढ़िया लिट्टी खिलाता है।

गेरुआ गमछे वाले ने कहा- 'लिट्टी खाने आए हैं त लिट्टीये न खाया जाए भाई जी...। आरएसएस के ताकत के बारे आप क्या जानिएगा! आपको पता भी है, वहां जाकर बड़का बड़का नेता लोग भी अपना मत्था टेकते हैं ...ई जो गिरिराज सिंह, रवि शंकर, सुशील मोदी हैं ना, वहां जाकर भुइयां में बैठते हैं।' बात आगे बढ़ती कि अचानक लिट्टी उनके सामने रख दी गई। सब अपने हिस्से की लिट्टी खाने में मगन हो गये। मैंने भी धीरे से रास्ता पकड़ लिया।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
Patna (Bihar) Assembly Election 2020 Latest Update | What Patna Voters Of Have To Say On Giriraj Singh, Ravi Shankar, Sushil Modi Tejashwi Yadav Politics


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3d4LHVS
https://ift.tt/2GmTYJc

'दो सौ रुपए रोज कमाता हूं, बच्चे को फोन दिलाऊंगा तो खिलाऊंगा क्या', मुंबई से लेकर छोटे से गांव तक एक जैसी कहानियां

'मैं दिनभर दिहाड़ी करके दो सौ रुपए कमा पाता हूं। उसमें भी काम कभी मिलता है तो कभी नहीं मिलता। अभी सोयाबीन का काम चल रहा है, इसलिए दिहाड़ी मिल रही है। महीने का पांच-छ हजार रुपए बमुश्किल कमा पाता हूं। अब इसमें परिवार का पेट भरूं कि बच्चे को स्मार्टफोन दिलवाऊं'। यह पीड़ा है मप्र के धार जिले के चंदोदिया गांव में रहने वाले सोहन मुनिया की। जब हम उनसे बात कर रहे थे, तब वो खेत में ही काम कर रहे थे। सुबह 9 बजे दिहाड़ी के लिए निकल जाते हैं। शाम 7 बजे तक घर पहुंचते हैं। आपके घर में स्मार्टफोन नहीं है तो बच्चा पढ़ाई कैसे कर रहा है? ये पूछने पर बोले, किताबें हैं, उससे वो खुद ही पढ़ता रहता है। बीच-बीच में गांव में सर लोग आते हैं, वो बच्चों को कहीं इकट्ठा करके पढ़ाते हैं। अब स्मार्टफोन तो गांव में गिने-चुने बच्चों के पास ही है। इसलिए ऑनलाइन तो कोई पढ़ नहीं पा रहा।

यह सिर्फ एक बानगी है। लॉकडाउन के बाद से ऑनलाइन पढ़ाई तो करवाई जा रही है लेकिन गरीबों के बच्चों को यह भी हासिल नहीं हो पा रही और यह हालात सिर्फ गांव में ही नहीं हैं बल्कि मुंबई जैसे शहर में भी हैं। रेंसी लियोन 7वीं क्लास की स्टूडेंट हैं। वो धारावी में रहती हैं। वही धारावी जो एशिया की सबसे बड़ा स्लम कही जाती है। रेंसी को एक ट्रस्ट के जरिए वडाला के औक्सिलियम कॉन्वेंट हाईस्कूल में एडमिशन मिल गया था, लेकिन जब से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हुई है, तब से उन्हें पढ़ाई में भयंकर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उनके पास स्मार्टफोन नहीं है।

धारावी में इस कमरे में रहती हैं रेंसी। उनकी मां कहती हैं, अभी तो किराया भी नहीं दे पा रहे, ऐसे में स्मार्टफोन कैसे खरीदें।

रेंसी अपनी मां महिमा के साथ रहती हैं। लॉकडाउन के पहले तक महिमा साफ-सफाई का काम करने इधर-उधर जाया करती थीं। इसी से होने वाली कमाई से वो किराया भरती थीं और अपनी बच्ची की परवरिश कर रहीं थीं, लेकिन लॉकडाउन के बाद से उनका काम छिन गया तो कमाई बंद हो गई। महिमा तो अभी अपने घर का किराया ही नहीं दे पा रहीं। कहती हैं, लोग जो राशन बांटते हैं उससे महीनेभर खाते हैं, अब बेटी को स्मार्टफोन कैसे दिलवाऊं? फिर रेंसी पढ़ाई कैसे कर रही है? इस पर रेंसी ने बताया कि, वो अपनी एक फ्रेंड के घर जाती है पढ़ने। उसके पास स्मार्टफोन है। वॉट्सऐप ग्रुप में जो कंटेंट आता है, वो नोट कर लेती है। सुबह साढ़े सात बजे से दोपहर बारह बजे तक दोस्त के घर ही रहती है। रेंसी और अनिल की ही तरह बीजलपुर की शर्मीली भी स्मार्टफोन न होने के चलते पढ़ाई नहीं कर पा रही। शर्मीली के पिता भंवर सिंह कहते हैं, हमारे गांव में जो स्कूल है, उसके टीचर आते रहते हैं, वो बच्चों को दूर-दूर बैठाकर पढ़ाते हैं। गांव में बहुत कम बच्चों के पास स्मार्टफोन है इसलिए उससे तो कम ही पढ़ाई कर पा रहे हैं।

एनसीईआरटी के सर्वे में भी यह सामने आ चुका है कि 27 फीसदी बच्चों के पास न स्मार्टफोन है और न ही लैपटॉप।

धार के सहायक परियोजना समन्वयक कमल सिंह ठाकुर ने कहा, भोपाल से रोज ऑनलाइन पढ़ाई का कंटेंट वॉट्सऐप ग्रुप में आता है। इसे ही शिक्षकों के जरिए बच्चों तक सर्कुलेट किया जाता है लेकिन ये सच है कि गांव में अधिकांश बच्चों के पास स्मार्टफोन ही नहीं है, ऐसे में वो इसका फायदा नहीं उठा पा रहे। हालांकि हमारा स्टाफ एक-एक, दो-दो दिन में गांव में पहुंचकर बच्चों की पढ़ाई में मदद कर रहा है। कई बार किसी बच्चे के पास फोन होता है तो उसे कहते हैं कि ग्रुप में चार-पांच बच्चे एकसाथ पढ़ लो, ताकि सभी को स्टडी मटेरियल मिल जाए।

एनसीईआरटी के सर्वे ने कहा, 27 फीसदी के पास स्मार्टफोन नहीं...

31 फीसदी बच्चों ने कहा कि, वे ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान फोकस नहीं कर पाते।

बच्चों के पास स्मार्टफोन न होने की पुष्टि एनसीईआरटी का सर्वे भी करता है। इसके मुताबिक, करीब 27 फीसदी बच्चे ऐसे हैं, जिनके पास न स्मार्टफोन है, न लैपटॉप। वहीं 28 फीसदी स्टूडेंट्स और पेरेंट्स ने बिजली को ऑनलाइन पढ़ाई में सबसे बड़ी बाधा बताया। इस सर्वे में 34 हजार लोग शामिल थे। जिनमें पैरेंट्स, टीचर्स और प्रिंसिपल की राय भी ली गई थी। वहीं चाइल्ड राइट्स के लिए काम करने वाले एनजीओ स्माइल फाउंडेशन ने 42, 831 स्टूडेंट्स के बीच सर्वे करवाया था, इसमें पता चला था कि 56 परसेंट बच्चों के पास पढ़ने के लिए स्मार्टफोन नहीं है।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, देश में 35 करोड़ से ज्यादा स्टूडेंट्स हैं, लेकिन इनमें से कितनों के पास डिजिटल डिवाइस और इंटरनेट की सुविधा है, इसकी कोई जानकारी नहीं है। यह सर्वे 23 राज्यों में 16 से 18 अप्रैल के बीच किया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली में ही करीब 16 लाख स्टूडेंट्स ऐसे हैं, जिनके पास पढ़ाई के लिए स्मार्टफोन या इंटरनेट की सुविधा नहीं।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
धारावी में रहने वाली रेंसी कहती हैं अभी वो अपनी दोस्त के साथ उसके स्मार्टफोन से पढ़ाई करती हैं। मेरे पास भी स्मार्टफोन है, लेकिन वो खराब है और रिपेयर करवाने के पैसे नहीं हैं।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2GrHhfW
https://ift.tt/2GsUt4l

पिछले 24 घंटे में 59 हजार 893 मरीज बढ़े, 76 हजार 657 लोग स्वस्थ भी हो गए; देश में अब तक 66.82 लाख केस

देश में कोरोना को लेकर अच्छी खबर आ रही है। पिछले 24 घंटे में 59 हजार 893 मरीज बढ़े तो 76 हजार 657 लोग स्वस्थ भी हो गए। इसके साथ देश में मरीजों की संख्या बढ़कर 66 लाख 82 हजार 073 हो गई है। ये आंकड़े covid19india.org के मुताबिक हैं।

उधर, पिछले 26 दिनों में एक्टिव केस सबसे निचले स्तर पर आ गया है। 10.17 लाख से घटकर ये 9.19 लाख पहुंच गया है। मतलब देश में अभी 9 लाख 18 हजार 429 मरीज ऐसे हैं, जिनका इलाज चल रहा है।

पांच राज्यों का हाल

1. मध्यप्रदेश
राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या में कमी आई है। सोमवार को राज्य में 1460 और भोपाल में 170 नए संक्रमित सामने आए। एक दिन पहले रविवार को भोपाल में 1720 संक्रमित बढ़े थे। इस तरह से अक्टूबर में लगातार संक्रमितों की संख्या में कमी आ रही है।
खास बात यह है कि अब प्रदेश में संक्रमण दर भी कम हो रही है। यह घटकर 6 प्रतिशत पर पहुंच गई। सोमवार को 24.1 हजार टेस्ट हुए। इसके साथ राज्य में अब तक कुल 22.3 लाख टेस्ट हो चुके हैं।

2. राजस्थान
राज्य में सबसे ज्यादा मरीज जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अलवर, अजमेर और भीलवाड़ा में मिल रहे हैं। इन छह जिलों में 70% रोगी सिर्फ यहीं मिल रहे हैं। बाकी 27 जिलों में कुल मात्र 30% रोगी आ रहे हैं।

सोमवार को राज्य में 2165 नए रोगी मिले। इनमें 1499 रोगी अकेले जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अलवर, अजमेर और भीलवाड़ा के हैं। बाकी 27 जिलों में कुल रोगी 666 ही हैं। इसी तरह सोमवार को 14 मौतें हुईं, इनमें से 50% मौतें यानी 7 केवल इन्हीं छह जिलों में हुईं।

3. बिहार
राज्य में मरीजों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। सोमवार को 909 नए मरीज मिले। वहीं, 87.8 हजार लोगों का कोरोना टेस्ट हुए। इस तरह राज्य में 77.9 लाख टेस्ट किए जा चुके हैं। पॉजिटिविटी रेट 2.4% हो गया है। अक्टूबर महीने में एक से तीन अक्टूबर तक सिर्फ 11 मौतें हुईं, वहीं सिर्फ 5 अक्टूबर को 9 लोगों ने दम तोड़ा।

4. महाराष्ट्र
राज्य में सोमवार को 10 हजार 244 लोग संक्रमित मिले और 12 हजार 982 मरीजों को इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। अब तक 14 लाख 53 हजार 653 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें 2 लाख 52 हजार 277 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है जबकि 11 लाख 62 हजार 585 लोग ठीक हो चुके हैं।

5. उत्तरप्रदेश
रविवार को राज्य में 2,971 नए मामले सामने आए और 4,269 लोग ठीक होकर अपने घर गए। अब तक 4 लाख 17 हजार 437 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें अभी 45 हजार 24 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 3 लाख 66 हजार 321 लोग ठीक हो चुके हैं। अब तक 6,092 मरीज जान गंवा चुके हैं।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
Coronavirus Outbreak India Cases LIVE Updates; Maharashtra Pune Madhya Pradesh Indore Rajasthan Uttar Pradesh Haryana Punjab Bihar Novel Corona (COVID 19) Death Toll India Today Mumbai Delhi Coronavirus News


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/34IbsrF
https://ift.tt/2F8kBRs

Popular Post